नामीबिया से आठ चीतों को भारत लाया जा रहा है| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर 17 सितंबर को मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल में छोड़ दिया गया है|

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1-  भारत लाए जा रहे 8 चीतों में 5 मादा और 3 नर चीते शामिल हैं|

2- इनमें दो नर चीते सगे भाई हैं!

3-  दो मादा चीतों में एक-दूसरे की बहुत अच्छी दोस्त हैं और हमेशा एक दूसरे के साथ ही दिखती हैं!

4-  मध्य प्रदेश ऐसा पहला राज्य है, जो चीता स्टेट बन गया है!

5-  आजादी के बाद भारत ने जिस चीज को सबसे पहले खोया, वो था जंगल का उसेन बोल्ट 'चीता' भारत में 1948  में आखिरी चीता दिखा था, उसके बाद ये विलुप्त करार दे दिया गया!

6-  भारत में चीतों को वापस लाने वाला 'Project Cheetah' दुनिया के सबसे बड़े वाइल्ड लाइफ ट्रांसलोकेशन प्रोजेक्ट में से एक है!

7-  चीतों के भारत में वापस आने से घास के मैदानी इलाकों और खुले जंगल में पारिस्थितिकी संतुलन बनाने में मदद मिलेगी, वहीं ये जैव विविधता को भी बरकरार रखेगा!

8-  नेशनल पार्क के आसपास रहने वाले लोग चीतों से डरकर उन्हें नुकसान न पहुंचाएं, इसके लिए सरकार ने 'चीता मित्र' भी बनाए हैं!

9-  सरकार ने कुल 90 गांवों के 457 लोगों को चीता मित्र बनाया है| इनमें सबसे बड़ा नाम रमेश सिकरवार का है| वो पहले डकैत थे और अब उन्होंने चीतों की रक्षा करने की कसम खाई है!

10-  चीतों को देश आने से पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि होगी तथा रोजगार के नए अवसरों का सृजन होगा!

11-  इन चीतों को विशेष बोइंग 747 विमान से लाया जाएगा| इस एयरक्राफ्ट की खासियत यह है कि यह विमान बिना तेल रिफ्यूलरसूल कराए काफी लंबा रास्ता तय कर सकता है! 

12-  चीतों की भूख मिटाने के लिए कूनो नेशनल पार्क में 181 चीतल छोड़े गए हैं! यह चीतल प्रदेश के राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ स्थित अभ्यारण से लाए गए हैं!

13-  मध्य प्रदेश को इसलिए चुना गया क्योंकि  जैसी आबोहवा नामीबिया में होती है वैसे ही मध्य प्रदेश में है!

14-  साल 1952 में चीते को भारत में विलुप्त घोषित किया गया था!

15-   भारत में अंतिम चीते की मौत 1947 में छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में हुई थी!

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