LC के सभी types के बारें में आसान तरीके से समझिए | Types of letter of credit

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इस पोस्ट के माध्यम से आप सभी Types of letter of credit के बारे में जान सकते हैं| यदि आप एक्सपोर्ट इम्पोर्ट बिज़नेस करते हैं तो आपको letter of credit के सभी types के बारे में जानना आवश्यक है| तो दोस्तों, शुरु करते हैं आज का टॉपिक “टाइप्स ऑफ लैटेर ऑफ क्रेडिट

Benefits of Knowing credit types

यदि आप एक्सपोर्ट इम्पोर्ट बिजनेस हैं तो आपको एक्सपोर्ट इम्पोर्ट बिजनेस में letter of credit के सभी टाइप्स के बारे में जानना आवश्यक है|

इन्हे जानकर आप एक्सपोर्ट इम्पोर्ट बिजनेस में अधिक लाभ उठा सकते हैं|

All letter of credit types list

Commercial Letter Of Credit

Types of letter of credit की लिस्ट में एक्सपोर्ट करने के Commercial Letter of credit सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली सबसे सिंपल लैटर ऑफ क्रेडिट का टाइप है|

कमर्शियल लैटरऑफ क्रेडिट के टाइप में सिंपल सा प्रोसेस होता है| 

  1. Buyer अपने बैंक को lc ओपन करने के लिए रिक्वेस्ट करता है| 
  2. Buyer का बैंक जिसे ओपनिंग बैंक भी कह सकते हैं वह Advising Bank  को एल सी जारी करता है| 
  3. Advising Bank लैटरऑफ क्रेडिट की ऑथेंटिसिटी चेक करके Seller  को दे देता है|
  4. Lc मिलने के बाद Seller गुड्स को शिप कर देता है| 
  5. गुड्स को शिप करने के बाद मिले डाक्यूमेंट्स को वह नॉमिनेटेड बैंक में सबमिट कर देता है| 
  6. डाक्यूमेंट्स को चेक करने के बाद बैंकों उसे पेमेंट कर देता है|

इस Process को अच्छी तरह समझने के लिए इस पोस्ट को पढ़ें – Letter of credit क्या होता है? 

Standby Letter of credit

Types of letter of credit में Commercial Letter Of Credit के प्रोसेस में आपने देखा कि जब गुड्स शिप हो जाता है तो उसके बाद seller  को उसका पेमेंट मिल जाता है परंतु Standby Letter of credit के केस में उल्टा होता है हो जाता है| 

Standby Letter of credit में  यदि किसी कॉन्ट्रैक्ट का उल्लंघन होता है तब Standby Letter of credit को खोला जाता है

या सामान्य भाषा में कहूं तो तब Standby Letter of credit अस्तित्व में आती है| 

Standby Letter of credit को कहाँ इस्तेमाल किया जाता है? 

 उदाहरण:- जब किसी Buyer को लगता है की Seller  टाइम पर goods की डिलीवरी नहीं देगा या Seller को लगता है कि Buyer टाइम पर पेमेंट नहीं करेगा

उस स्थिति में Standby Letter of credit की डिमांड की जाती है|

 और किसी भी कॉन्ट्रैक्ट (जो एल सी में  दिए हों)  का उल्लंघन होने पर Standby Letter of credit  खोल दी जाती है|

Types of letter of credit types list image
Types of letter of credit
letter of credit types | lc types को आसान तरीके से समझें

Revocable LC

Types of letter of credit की लिस्ट में अगला नंबर है Revocable LC का|

यदि आप एक्सपोर्ट इंपोर्ट बिजनेस करते हैं तो आपको Revocable LC के बारे में अच्छी तरह पता ही होना चाहिए| 

Revocable LC में Opening Bank/Issuing Bank

  • Revocable LC  की कंडीशनस को चेंज कर सकता है| 
  • कंडीशनस को Modify कर सकता है या Cancel  भी कर सकता है| 

Opening Bank/Issuing Bank उपरोक्त दिए गए कार्य Beneficiary को बिना बताए भी कर सकता है| 

Revocable LC में beneficiary को रिस्क रहता है इस कारण से UCP भी इसको एंडोर्स नहीं करता है| 

इसलिए Revocable LC को ज्यादा यूज़ नहीं किया जाता है| 

इसलिए irrevocable LC को ही इस्तेमाल किया जाता है| irrevocable LC को इस लिए इस्तेमाल किया जा सकता है

क्योंकि इसमें जितनी भी  पैसे से लेनदेन संबंधित पार्टियां इंवॉल्व होती हैं उनकी बिना परमिशन के  इसे ना तो चेंज किया जा सकता है, ना ही मॉडिफाई किया जा सकता है और ना ही कोई कंडीशन कैंसिल की जा सकती है|

 सारे LC by default  irrevocable LC ही होते हैं|  

यदि पार्टियों ने लिखित में Revocable lc को सहमति ना दी हो तो वह  irrevocable LC ही मानी जाएगी|

Unconfirmed LC

Types of letter of credit की लिस्ट में अगला नंबर है Unconfirmed LC का यह एक सामान्य प्रकार की LC  होती है|

इसमें Opening Bank/Issuing Bank को किसी दूसरे बैंक की गारंटी  नहीं देनी होती|

Confirmed LC 

कभी-कभी किसी बैंक की क्रेडिट रेटिंग कम हो या वह छोटा बैंक हो| ऐसा भी हो सकता है की वह बैंक किसी ऐसी कंट्री में ऐसे स्थान पर होता है जहां सामान्य परिस्थितियों ना हो और हमेशा बैंक के डूबने का रिस्क बना हुआ हो|

मान लो इसी प्रकार का कोई बैंक Opening Bank/Issuing Bank है तब ऐसी स्थिति में Seller किसी ऐसे बैंक की गारंटी ओपनिंग बैंक से मांग सकता है जिसकी क्रेडिट रेटिंग अच्छी हो|

इस प्रकार दूसरे बैंक द्वारा ओपनिंग बैंक  इस बात की गारंटी देता है कि

यदि Opening Bank या Buyer Default  कर जाता है तो गारंटी देने वाला बैंक वह पेमेंट देगा| 

इसलिए ही इसे Confirmed lc कहते हैं| 

इसमें एक बात और आपको ध्यान रखने योग्य है कि केवल irrevocable lc को ही Confirmed lc की मान्यता मिल सकती है| 

Transferable LC

Types of letter of credit की लिस्ट में अगला नंबर है Transferable LC का ट्रांसफरेबल एल सी में Seller अपना अधिकार किसी दूसरी पार्टी को ट्रांसफर कर सकता है|

Transferable lc में Seller LC का कुछ पार्ट या फिर पूरी एल सी को ही किसी दूसरी पार्टी को अधिकृत कर सकता है| 

साथ ही यह अवश्य देखें:

Transferable lc को कहाँ इस्तेमाल किया जाता है?

 ट्रांसफरेबल एल सी का इस्तेमाल ऐसी बड़ी कंपनियां करती हैं जो या तो अपने कुछ पार्ट्स छोटी कंपनियों से बनवाती हों| 

तब वह छोटी कंपनियां  इस Transferable lc  के द्वारा अपनी पेमेंट ले सकती हैं| 

Back to Back LC

Types of letter of credit की लिस्ट में अगला नंबर है Back to back LC का|

बैक टू बैक लैटर ऑफ क्रेडिट आपको बहुत अच्छी तरह समझने की जरूरत है|

ऐसा मैं इसलिए कह रहा हूं क्योंकि एक्सपोर्ट इंपोर्ट में जो सबसे ज्यादा ट्रेड होता है वह मर्चेंट एक्सपोर्टिंग द्वारा ही होता है| 

Back to Back LC  का इस्तेमाल वहां होता है जहां पर किसी मर्चेंट एक्सपोर्टर को किसी मैन्युफैक्चर/सप्लायर को पेमेंट देनी हो| 

इस प्रक्रिया में Seller जो कि मर्चेंट एक्सपोर्टर है|

वह अपने बैंक में अपनी LC collateral के रूप में रखकर वहां से Back to Back LC जारी करवा लेता है| 

इसके लिए मैं एक उदाहरण देता हूं जिससे आपको यह अच्छी तरह समझ में आ जाए|

मान लीजिए, एक मर्चेंट एक्सपोर्टर ने 20 लाख रुपए का एक्सपोर्ट लैटर ऑफ क्रेडिट पर किया| 

इस 20 लाख रुपए में उसकी बचत 4 लाख रुपए है|

उसे अपने मैन्युफैक्चरर को 16 लाख रुपए रुपए देने हैं| 

तो वह 20 लाख रुपए की अपनी Original letter of credit को Collateral की तरह अपने बैंक में रखकर वहां से एक 16 लाख रुपए की Back to Back LC  अपने मैन्युफैक्चर के लिए जारी करवा देगा| 

Red Clause LC

Types of letter of credit की लिस्ट में अगला नंबर है Red clause LC का

रेड क्लोज लैटरऑफ क्रेडिट एडवांस पेमेंट के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है| 

उदाहरण:-

 मान लो किसी एक्सपोर्टर के पास तत्काल में पेमेंट चाहिए जिससे कि वह प्रोडक्शन शुरू कर सकें|

 तब वह अपने Buyer  से एडवांस की डिमांड करता है| 20 लाख रुपए की मान लीजिए वह टोटल डील है|

तथा seller 5 लाख रुपए की एडवांस पेमेंट की demand कर रहा है|

अब इस कंडीशन में Buyer मेन लैटरऑफ क्रेडिट में यह Clause खुलवाएगा की बैंक द्वारा मुख्य लैटरऑफ क्रेडिट में से 5 लाख रुपए Seller को एडवांस दे दिए जाएं जिसके रिस्क के लिए वह स्वयं जिम्मेदार होगा|

 यह क्लॉस लाल पेन से लिखा जाता है इसलिए इसे Red Clause LC कहते हैं|

बैंक द्वारा यह तब जी जाती है जब Seller Receipt देता है| 

Green Clause letter of credit

Letter of credit types मे अगला type है- green clause letter of credit

Red clause lc की तरह ही green clause lc में भी एडवांस दिया जाता है| 

क्योंकि कुछ आइटम इस प्रकार के होते हैं जिन्हें एक्सपोर्ट करने से पहले स्टोरेज की आवश्यकता होती है तो seller स्टोरेज करने के लिए भी एडवांस की डिमांड कर सकता है|

green clause letter of credit: ” इसलिए कहते हैं क्योंकि इसमें भी रेड क्लॉज़ एल सी की तरह ही advance पेमेंट को को हरे पेन से लिखा जाता है इसीलिए इसे green clause lc कहते हैं| जब एक्सपोर्टर एक्सपोर्ट हाउस में प्रोडक्ट की स्टोरेज कराता तो उसे वहां से एक रसीद मिलती है| 

यह रसीद इस बात का सबूत होती है कि प्रोडक्ट एयरपोर्ट टर्मिनल तक आ चुका है इसलिए इसमें रिस्क भी कम रहता है| ग्रीन क्लॉज़ एल सी में हरा रंग कम खतरे को दर्शाता है “

Revolving LC

Letter of credit types मे अगला type है- Revolving LC

जब कहीं पर कोई ट्रांजैक्शन रेगुलर होती रहती है वहां पर Revolving LC का इस्तेमाल किया जाता है| 

उदाहरण:-  मान लीजिए किसी कंपनी द्वारा कोई आर्डर confirm हो गया है|

जिसमें उसे 12 महीने तक हर महीने 1000 गद्दे सप्लाई करने हैं|

 अब इस कंडीशन में Revolving LC का इस्तेमाल किया जाएगा|

क्योंकि हर महीने सेम अमाउंट की ही एल सी बनेगी इसलिए  पूरी प्रक्रिया से बचने के लिए यही Revolving LC का इस्तेमाल किया जाता है| 

एक ही LC को हर महीने इस्तेमाल कर लिया जाएगा| इसलिए इसे Revolving LC कहते हैं|

Sight LC

Letter of credit types मे अगला type है- Sight LC

साईट एल सी का मतलब है ज्यों ही LC बैंक में जमा की जाएगी Seller को अपनी पेमेंट तुरंत मिल जाएगी

{ तुरंत से तात्पर्य बैंक जब कागज चेक कर लेगा लगभग 1 हफ्ते के अंदर }

सुझाव:- यदि आप एक्सपोर्ट करते हैं तो आपको Sight LC पर ही काम करना चाहिए| 

Deferred Payment LC (or Usance LC)

Letter of credit types मे अगला type है- Deferred payment LC इसे Usance LC भी कहते हैं|

Deferred Payment Letter of credit में Sight LC  की तरह तुरंत पेमेंट नहीं की जाती|

Deffered Payment LC में एक तारीख मेंशन की जाती है| उसी तारीख को Seller को पेमेंट मिलती है|

इसलिए इसे Deferred payment LC या Usance LC कहते हैं|

उदाहरण:-

Deferred Payment LC में शिपमेंट के 45 दिन बाद पेमेंट देने का clause खुला है|

तो जिस दिन भी seller गुड्स को शिप करेगा उसके 45 दिन बाद उसे पेमेंट मिलेगी|

Buyer  को Deferred Payment LC  से फायदा

Buyer के पास seller  की पेमेंट होने से पहले प्रोडक्ट पहुंच जाएगा| 

वह इसे आसानी से चेक कर सकता है तथा इसमें किसी खामी होने पर seller  से मुआवजे की डिमांड कर सकता है| परंतु है उसकी पेमेंट नहीं रोक सकता|

इसी क्रम में देखा जाए तो seller  को यही नुकसान है कि उसके पास पेमेंट आने से पहले buyer माल चेक कर सकता है|

FAQs: Types of letter of credit

सभी Type के letter of credit की लिस्ट?

Commercial Letter Of Credit, Standby Letter of credit, Revocable LC, Unconfirmed LC, Transferable LC, Back to Back LC, Red Clause LC, Green Clause LC, Revolving LC, Sight LC, Deferred Payment LC (or Usance LC)

सबसे रिस्क वाली letter of credit कौन सी है?

Revocable letter of credit सबसे रिस्क वाली एल सी है क्योंकि इसमें बैंक किसी की परमिशन के 
कुछ भी चेंज कर सकता है|

एक Seller को कौन से टाइप की letter of credit सेलेक्ट करनी चाहिए?

Irrevocable LC, Sight LC

ट्रेडिंग में सबसे ज्यादा यूज होने वाली letter of credit कौन सी है?

Back to Back LC

letter of credit कौन जारी करता है?

लैटरऑफ क्रेडिट ग्राहक का बैंक जारी करता है|

letter of credit तथा बैंक गारंटी में क्या अंतर है?

बैंक गारंटी में बैंक का दायित्व तब उत्पन्न होता है जब ग्राहक अपने वादे को पूरा नहीं कर पाता जबकि लैटर ऑफ क्रेडिट में बैंक द्वारा ट्रांजैक्शन पहले से ही तय होती है इस पॉइंट पर बैंक Seller को पेमेंट देगा|

इंटरनेशनल ट्रेड में letter of credit क्यों इस्तेमाल किया जाता है?

 इंटरनेशनल ट्रेड में लैटरऑफ क्रेडिट इसलिए इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि Buyer  तथा Seller अलग अलग कंट्री में होते हैं जिस कारण से उन्हें एक दूसरे पर विश्वास नहीं हो पाता| Buyer सोचता है कि यदि वह पेमेंट दे देगा तो उसका माल नहीं आएगा और Seller सोचता है कि यदि उसने माल भेज दिया तो उसका पैसा नहीं आएगा| इसी स्थिति से निपटने के लिए letter of credit  का इस्तेमाल किया जाता है| इससे इन दोनों पार्टियों के बीच में बैंक की इंवॉल्वमेंट हो जाती है जिससे दोनों पार्टियों का विश्वास स्थापित हो जाता है|

साथ ही यह अवश्य देखें:

प्रोडक्ट बेचने के आसान तरीके

CHA (कस्टम हाउस एजेंट) का एक्सपोर्ट इंपोर्ट बिजनेस में क्या रोल होता है?

लैटर ऑफ क्रेडिट के टर्म एंड कंडीशनस

बिल ऑफ एक्सचेंज क्या होता है?, परिभाषा, प्रकार तथा आवश्यक तत्व

इंडियन ट्रेड पोर्टल के फायदे तथा इसका आयात निर्यात में क्या फ़ायदा है?

मैंने अपने इस पोस्ट में आपको letter of credit के सभी types के बारे में अच्छी तरह समझाने की कोशिश की है|

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