हल्दी के फ़ायदे, प्रकार, उपयोग, औषधीय गुण – Turmeric benefits in Hindi

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विश्व के 100% Turmeric (हल्दी) के एक्सपोर्ट में 80 % एक्सपोर्ट भारत द्वारा होता है|  भारत Turmeric (हल्दी) का सबसे बड़ा निर्यातक देश है|  भारत Turmeric (हल्दी) का सबसे बड़ा उत्पादक देश है साथ ही साथ भारत Turmeric (हल्दी) का सबसे बड़ा उपभोक्ता देश है| 

Turmeric (हल्दी) एक ऐसा प्रोडक्ट है जो लगभग विश्व में हर घर की रसोई में इस्तेमाल होता है| इसलिए आप निसंकोच Turmeric (हल्दी) एक्सपोर्ट के क्षेत्र में जा सकते हैं| 

(Turmeric) हल्दी का एचएस कोड (HS CODE)- 091030 | इसमें 09 चैप्टर है| यह मसालों (condiments) की कैटेगरी के लिए इस्तेमाल किया जाता है,  10 इसकी हेडिंग है, 30 इसकी सब हेडिंग है| 

Haldi की जानकारी

  • हल्दी का वानस्पतिक नाम (Botanical Name): ” कुरकुमा लौंगा (Curcuma longa)
  • हल्दी का संस्कृत नाम: ” हरिद्रा 
  • हल्दी का इंग्लिश नाम: ” Turmeric

Turmeric (हल्दी) विभिन्न मसालों (condiment) की श्रेणी में आता है|  

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Turmeric Different Type Usage Images

Turmeric Plant Image

Turmeric Plant Image: हल्दी के पौधे की फोटो

Turmeric Tablets

Turmeric Tablets: हल्दी की गोलियाँ

Turmeric Powder: हल्दी पाउडर

Turmeric Powder: हल्दी पाउडर

Dry Turmeric Lumps: सूखी हल्दी की गांठ

Dry Turmeric Lumps: सूखी हल्दी की गांठ

Turmeric Capsule: हल्दी के कैप्सूल

Turmeric Capsule: हल्दी के कैप्सूल

Turmeric Tea: हल्दी की चाय

Turmeric Tea: हल्दी की चाय

Turmeric Tea Bags: हल्दी टी बैग्स

Turmeric Tea Bags: हल्दी टी बैग्स

Turmeric के टॉप उत्पादक देश 

साथ ही इन्हे भी अवश्य देखें: मसालों की फोटो और हिन्दी तथा इंग्लिश नाम

  • भारत 82%
  • चाइना 8% 
  • म्यांमार 4%
  • नाइजीरिया 3%
  • बांग्लादेश 3% 

हल्दी भारत के जिन राज्यों में सबसे ज्यादा होती है यदि आप इन राज्यों में रहते हैं तो आप आसानी से हल्दी निर्यात कर सकते हैं| यदि आप इन राज्यों में नहीं भी रहते तब भी आप इन राज्यों के माध्यम से आसानी से हल्दी निर्यात कर सकते हो| 

सबसे ज्यादा हल्दी एक्सपोर्ट करने वाले राज्य?

  • आंध्र प्रदेश 
  • तमिल नाडु
  • उड़ीसा
  • कर्नाटक
  • पश्चिम बंगाल
  • गुजरात
  • केरला 

भारत में सबसे ज्यादा हल्दी के उत्पादक राज्य  कौन-कौन से हैं?

  • तमिल नाडु
  • आंध्र प्रदेश 
  • पश्चिम बंगाल
  • उड़ीसा
  • कर्नाटक  
  • गुजरात
  • केरला 

हल्दी की लगभग 90 प्रकार की किस्में होती हैं| पर सात से आठ प्रकार की हल्दी सबसे ज्यादा निर्यात की जाती है|

हम सबसे ज्यादा इन्हीं किस्मों का इस्तेमाल करते हैं|  साथ ही साथ यही किस्में सबसे ज्यादा उगाई भी जाती हैं| 

साथ ही इन्हे भी अवश्य देखें: भारत का एक्सपोर्ट इंपोर्ट डाटा

हल्दी की ग्रेड और किस्में

  • सुवर्णा (Suvarna)
  • सुगंधा  (Sugandha)
  • सुदर्शना (Sudarshana)
  • प्रभा (Prabha)
  • कृष्णा (Krishna)
  • एलेप्पी (Alleppey)
  • सोनिया (Sonia)

हल्दी की फसलें उगाने का मौसम

  • जनवरी से जून हल्दी की फसल की कटाई का सीजन रहता है| 
  • जुलाई से दिसंबर तक हल्दी बुवाई का सीजन रहता है|

हल्दी में क्वालिटी चेक किस प्रकार किया जाता है?

  • बाहरी परत के द्वारा ( Extraneous Matter)
  • आंतरिक पदार्थ के द्वारा (Foreign Matter)
  • ASH W/W MAX (ISO)
  • एसिड अघुलनशील राख (Acid insoluble ash)
  • पानी की मात्रा (Maximum Water)
  • वाष्पशील तेल (volatile oil)

आप  इन टेस्ट के द्वारा हल्दी की क्वालिटी चेक करवा सकते हैं| आप National Accreditation Board for Testing and Calibration Laboratories (NABL)  के द्वारा हल्दी की टेस्टिंग करवा सकते हैं|

आपको इसकी लैबोरेटरी द्वारा टेस्टिंग रिपोर्ट भी दी जाती है| इसके माध्यम से इन सारी चीजों की टेस्टिंग की जाती है| 

आप अपने एक्सपोर्ट Buyer को यह रिपोर्ट दिखा सकते हैं जिससे कि उसे संतुष्टि हो जाए| 

हल्दी के उपयोग (Applications)

  • खाना पकाने में (food processing)
  • सौंदर्य प्रसाधन (Beauty product)
  • कपड़ों की रंगाई (Cloth Dying)
  • दवाइयों (Pharmaceuticals)
  • हर्बल प्रोडक्टस (herbal product industries)
  • औषधीय उपयोग (medicinal uses)
  • स्वास्थ्य उत्पादों (health products)

Turmeric Benefits – हल्दी के फ़ायदे

  • आर्ट अटैक का खतरा कम
  • मुंह स्वस्थ रखने के लिए 
  • घुटनों के दर्द से बचने के लिए
  •  इम्यूनिटी सिस्टम बढ़ाने के लिए
  •  कैंसर से बचने के लिए 
  • डायबिटीज़ में फायदा 
  • नींद ना आने की समस्या से बचने के लिए 
  • अल्जाइमर ( याददाश्त कमजोर होना) में फायदा 
  • स्किन के इलाज में 
  • खाने को स्वादिष्ट बनाने में
  • जड़ी बूटियों में
  • ऑर्गेनिक कलर बनाने के लिए 
  • चोट लगने पर हल्दी गुणकारी औषधि की तरह काम करती है
  • खांसी होने पर हल्दी को गुनगुने दूध में मिलाकर पीने से फायदा होता है| 
  • वजन कम करने में सहायक
  • हल्दी का दूध पीने से इम्यूनिटी पावर बढ़ती| 
  • हल्दी कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी सहायक होती है|
  • हल्दी को एंटीसेप्टिक की तरह भी इस्तेमाल कर सकते हैं|
  • पाचन तंत्र में बहुत फायदा पहुँचाती है|

हल्दी के लिए कौन से मानकों का इस्तेमाल होता है?

 Turmeric के लिए The Bureau of Indian Standards (BIS)  के दिए हुए मानकों का इस्तेमाल होता है |  यूरोपियन कंट्री के लिए The European Spice Association (ESA) के मानकों का इस्तेमाल होता है|

अमेरिका में हल्दी बेचने के लिए आपको The American Spice Trade Association (ASTA) के मानकों पर खरा उतरना पड़ेगा| 

 निर्यात में हल्दी की पैकिंग (Packing & Details)

Neat & clean टाट के बोरे ( Gunny Bags), एकदम साफ जूट के बोरे (jute sacks) में 25 किलो या 50 किलो की पैकिंग की जाती है| इन बातों पर पॉलिथीन की परत चढ़ी हुई होनी चाहिए- (It should be neat & clean with polythene laminated) ताकि यह प्रोडक्ट खराब ना हो इसके स्वाद पर भी कुछ असर ना पड़े|

ज्यादातर एक्सपोर्ट जल मार्ग द्वारा होता है इसलिए नमी के कारण प्रोडक्ट की क्वालिटी खराब हो सकती है|  एक्सपोर्टर के गोदाम से इंपोर्टर के गोदाम तक पहुंचने में समय भी थोड़ा ज्यादा लगता है|

मौसम भी परिवर्तित होते रहते हैं| इस कारण भी उत्पाद की क्वालिटी खराब हो सकती है इसलिए मसालों की पैकिंग पर विशेष ध्यान दिया जाता है| 

हल्दी के एक्सपोर्ट करने में क्या क्या डाक्यूमेंट्स लगेंगे?

  1. IEC (IMPORT EXPORT CODE)
  2. EPC (Export Promotion Council) में रेजिस्ट्रैशन – या तो Spice Board Of India में या APEDA (The Agricultural and Processed Food Products Export Development Authority ) में रजिस्ट्रेशन|
  3. Phytosanitary Certificate
  4. Global gap Certification
  5. Health Certificate

पिछले दस सालों में हल्दी की मांग का ब्योरा 

  • विश्व में हल्दी की  मांग 3.3 गुना ज्यादा बढ़ गई है|
  • भारत का हल्दी के क्षेत्र में निर्यात भी 3.50 गुना बढ़ गया है|
हल्दी के 5 टॉप आयात करने वाले देश 
  • USA (12.7%)
  • IRAN (7.4%)
  • UK (4.8%)
  • MOROCCO (4.3%)
  • GERMANY (4.1%)

हल्दी के 5 टॉप निर्यात करने वाले देश 

  • भारत (70-80%)
  • वियतनाम (6.9%)
  • इंडोनेशिया (3.8%)
  • नीदरलैंड (2.7%)
  • म्यांमार (1.9%) 
हल्दी एक्सपोर्ट करने के फायदे?
  • Duty Drawback Scheme ( 0.15%)
  • MSME (5%) INTEREST SUBVENTION 
  • MEIS SCHEME (5%)

उपरोक्त आंकड़ों के अनुसार अब आप अच्छी तरह समझ गए होंगे कि भारत मसालों के निर्यात के क्षेत्र में बहुत आगे है|  यदि आप भारत की इसी स्थिति को बनाए रखना चाहते हैं तो आप भी एक्सपोर्ट के क्षेत्र में कदम रख दीजिए|

साथ ही इन्हे भी अवश्य देखें:

मर्चेंट एक्सपोर्टर तथा मैन्युफैक्चरर एक्सपोर्टर के फ़ायदे तथा नुकसान

ड्यूटी क्रेडिट स्क्रिप क्या होती है?

लैटर आफ अंडरटेकिंग का इस्तेमाल कैसे होता है?

एक्सपोर्ट इंपोर्ट बिज़नेस कैसे शुरू करें?

आशा करता हूं आपको मेरे द्वारा दी गई जानकारी से संतुष्टि मिली होगी|

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 धन्यवाद 

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