स्टार्टअप इंडिया के लाभ, योग्यता तथा योजनाएँ | Startup definition India in Hindi

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इस पोस्ट में स्टार्टअप क्या होता है? (What is startup), स्टार्टअप की परिभाषा (Startup definition India), स्टार्टअप इंडिया की पहल (Startup India initiatives), स्टार्टअप इंडिया योजना परिचय (Startup India scheme introductions), स्टार्टअप के लिए विभिन्न योजनाएँ क्या हैं? (Various schemes for startups), स्टार्टअप इंडिया योजनाओं के लाभ (Startup India schemes advantages), स्टार्टअप इंडिया योजना पात्रता (Startup India schemes eligibility), स्टार्टअप को फंड करने के तरीके (Ways to fund startup) के विषय में बताया गया है|

स्टार्टअप क्या होता है? (What is startup)

Startup एक ऐसा business होता है जिसमें goods or services को एक नई इनोवेशन के साथ मार्केट में उतारा जाता है| यह business पहले से चल रहे परंपरागत business model को फॉलो नहीं करते बल्कि, एक नई खोज के साथ अपने बिजनेस की शुरुआत करते हैं|

स्टार्ट अप इंडिया क्या है? इसके बारे में भारत की मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स द्वारा 17 फरवरी 2017 को भारत में स्टार्टअप कौन से बिजनेस कहलाएंगे? (Startup definition India), इसके बारे में बताया गया है|  

यानी कि स्टार्टअप की परिभाषा (startup definition India) बताई गई है| 

आइए! जानते हैं कि Startup definition India क्या है

स्टार्टअप की परिभाषा (Startup definition India)

1- मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स के अनुसार एक ऐसा संगठन जो कि 5 वर्ष से अधिक पुराना नहीं होना चाहिए (यानी कि एक ऐसा ऑर्गेनाइजेशन जिसको खुले हुए अभी 5 वर्ष ना हुए हों)

2- इसका वार्षिक टर्नओवर किसी भी पिछले साल में, ₹25 करोड़ से अधिक नहीं होना चाहिए

3- इस कंपनी का भारत में रजिस्ट्रेशन होना चाहिए|  

4- नवाचार (innovation) की दिशा में काम करना चाहिए

5- उत्पाद का विकास या व्यावसायीकरण (Product development or commercialization) होना चाहिए| 

6- सेवा (Services) / प्रौद्योगिकी (Technology) द्वारा संचालित प्रक्रिया या IPRs (Intellectual Property Rights) और पेटेंट द्वारा संचालित होनी चाहिए| 

यदि आप भारत में कंपनी खोलना चाहते हैं तो यह पोस्ट पढ़ें: कंपनी क्या होती है?, भारत में कैसे खोले? तथा कंपनी तथा साझेदारी में क्या अंतर होता है?

अब! आपके मन में एक प्रश्न यह भी आ रहा होगा कि आंत्रप्रेन्योर तथा बिजनेसमैन में क्या अंतर होता है?

इसे जानने के लिए आप यह पोस्ट पढ़ सकते हैं: entrepreneur vs businessman & entrepreneur meaning in hindi

स्टार्टअप इंडिया की पहल (Startup India initiatives)

सरकार ने भारत में स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए बहुत सारे कदम उठाए हैं| बहुत  सारी समस्याओं का अध्ययन करके उनके निवारण की कोशिश की है|

सरकार ने उन सभी दिक्कत हो तो तब परेशानियों को हल करने के लिए बहुत सारे काम किए हैं जिनसे स्टार्टअप इंडिया को धक्का लग सकता है|

आइए जानते हैं! वह Startup India initiatives क्या हैं

1- Simplification and handholding (सरलीकरण और हैंडहोल्डिंग)

पहले किसी भी बिजनेस को शुरू करने के लिए बहुत सारी फॉर्मेलिटी इसको पूरा करना पड़ता था| 

इसका नुकसान यह होता था कि लोग स्टार्टअप शुरू करने के बजाय नौकरी करना ज्यादा पसंद करते थे|

इसके लिए सरकार ने पूरी प्रक्रिया को बहुत ज्यादा आसान बनाने की कोशिश की है| 

इस समस्या के समाधान के लिए सरकार द्वारा स्टार्टअप के लिए, अनुपालन (compliance) करने के लिए, मिलनसार, लचीली और सरलीकरण की घोषणा की गई है|

2- Startup India hub

सरकार ने स्टार्टअप को बढ़ाना के मकसद से एक ऐसे प्लेटफार्म की व्यवस्था की जिसके तहत सभी स्टार्टअप एक ही मंच पर इकट्ठे होकर, अपनी-अपनी समस्याओं का समाधान कर सकें| 

इसके लिए सरकार ने Startup India hub की शुरुआत की है|

3- Legal support and fast Patent examination

कोई भी स्टार्टअप बिजनेस ऐसा बिजनेस होता है जो पहले से मौजूद ना हो|

इनमें हमेशा कोई ना कोई नई खोज होती है| ऐसे business ideas को कोई कॉपी कर सकता है!, चुरा सकता है!, या अपना बता सकता है!

इस समस्या से निपटने के लिए IRPs (Intellectual property rights) भी लेने पड़ते हैं|  

पहले किसी भी ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन, पेटेंट कराने के लिए मैं बहुत अधिक समय लगता था| 

इसमें बहुत सारे कानूनी पचड़े भी आते थे|  इनमें से पेटेंट कराना एक सबसे बड़ी मुख्य चुनौती थी| सरकार ने इस दिक्कत को समझा और सभी स्टार्टअप्स के लिए, लीगल सपोर्ट और जल्दी पेटेंट कराने की व्यवस्था की|

ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन के बारे में जानने के लिए यह पोस्ट पढ़ें: Trademark registration कैसे होता है तथा कितनी फीस लगती है? 

4- Easy Exit

क्या आप जानते हैं? की एक कंपनी को खोलने के लिए प्रोसीजर होता है तो उसे बंद करने के लिए भी एक पूरी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है|

यदि आप नहीं जानते तो यह पोस्ट पढ़ें: कंपनी को बंद करने का क्या प्रोसीजर होता है?

उम्मीद करता हूं! 

इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आप जान गए होंगे कि किसी भी स्टार्टअप के फेल होने की स्थिति में उसको बंद करने के लिए कितनी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा|

पहले खोलने में परेशानी! फिर यदि ना चला तो, नुकसान तो हुआ ही साथ में उसे बंद करने की चुनौती!  

इस समस्या को समझ कर सरकार ने ऐसे नीतियों का निर्माण किया, जिससे कोई व्यक्ति स्टार्टअप फेल होने की स्थिति में आसानी से उससे बाहर निकल सके| 

इसके लिए उन्होंने Easy Exit का सिस्टम बनाया| 

5- Harnessing private sector for incubator setup

किसी भी स्टार्ट की शुरुआत करने के समय जो लोग उसमें शामिल हैं वह शुरुआत में कंपटीशन की स्टेज तक नहीं पहुंचे होते हैं|

कंपटीशन में पहुंचते ही वह घबरा सकते हैं|  ऐसा भी हो सकता है कि कंपटीशन के कारण उनका मनोबल टूट जाए! 

इस कारण से सरकार उन्हें एक ऐसे वातावरण में रखती है जिससे कि वह कंपटीशन से दूर रह सकें|

इन्हें जब तक सपोर्ट दी जाती है जब तक है कंपटीशन लड़ने की स्थिति में नहीं पहुंच जाते| 

6- Tax exemption

Startup की दिशा में सरकार द्वारा उठाया गया यह बहुत महत्वपूर्ण कदम है|

इसके अंतर्गत यह कहा गया है कि किसी भी स्टार्टअप को शुरुआती 3 साल तक टैक्स से छूट मिलेगी| 

स्टार्टअप इंडिया योजना परिचय (Startup India scheme introductions)

1- इस योजना का विशेष रूप से उद्देश्य

स्टार्टअप इंडिया स्कीम्स लाने का मकसद था की ज्यादा से ज्यादा स्टार्टअप्स आयें, ज्यादा से ज्यादा entrepreneurship स्टार्ट हो, ज्यादा से ज्यादा entreprises अस्तित्व में आए|

2- जागरूकता 

इस स्कीम का मुख्य मकसद युवाओं के अंदर जागरूकता फैलाना  है, जिससे कि ज्यादा से ज्यादा युवा जागरूक होकर उद्यमी बन सके 

3- प्रोत्साहित करना (To Motivate)

इसका मकसद केवल युवाओं को ही इस दिशा में ले जाना नहीं है बल्कि वैज्ञानिकों, प्रौद्योगविज्ञ (technologist) को भी कुछ करने के लिए प्रोत्साहित करना है|

4- सहयोग (support) 

इसका मुख्य मकसद शुरुआती दौर में सहयोग देना है, क्योंकि किसी भी बिजनेस को चलाने से ज्यादा परेशानी उसे शुरू करने में आती है| 

5- सभी समुदाय (all communities)

इसके साथ ही इसका मुख्य मकसद सभी समुदायों  तथा वर्गों को समान रूप से कुछ नया करने के लिए सहायता प्रदान करना है| 

इसमें औरतों,  पिछड़ी जातियां,  तथा अन्य जनजातियों को मुख्य रूप से शामिल किया गया है|

स्टार्टअप इंडिया योजनाओं के लाभ (Startup India schemes advantages)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा Entrepreneurship को भारत में बूस्ट देने के लिए 2016 में Startup India की शुरुआत की थी|

1- स्टार्टअप के लिए bank financing को आसान  बनाया गया है|

2- कई प्रकार के टैक्स में छूट दी गई है तथा कई अन्य प्रकार के लाभ स्टार्टअप्स को दिए गए| 

सरकार द्वारा दी जाने वाली सामान्य योजनाएं/लाभ यह हैं:

स्टार्टअप्स के लिए विभिन्न योजनाएं (Various schemes for startups)

स्टार्टअप परियोजनाओं को प्रोत्साहित करने के लिए भारत सरकार कई कदम उठा रही है।

1- No inspection (कोई निरीक्षण नहीं)

सामान्य तौर पर किसी भी कंपनी या ऑर्गेनाइजेशन को शुरू करने के बाद उन्हें बहुत सारी अथॉरिटी के द्वारा समय-समय पर इंस्पेक्शन किया जाता है| 

इस स्कीम के तहत किसी भी नए स्टार्टअप को पहले 3 साल किसी भी इंस्पेक्शन से गुजरना नहीं पड़ेगा| इसमें लेबर लॉ भी शामिल है| 

यह कुछ Labor Laws हैं:

Child labour कानून 1986 क्या है?

employees state insurance act 1948

Equal remuneration act 1976 क्या है?

न्यूनतम मजदूरी अधिनियम: 1948 क्या है? 

मजदूरी भुगतान अधिनियम: 1936 क्या है? (Payment of wages act)

workmen’s compensation act क्या है?

maternity benefit act क्या है?

इन श्रम कानूनों को पढ़ने के बाद आपको समझ आ गया होगा के मजदूरों के लिए बहुत सारे कानून बनाए गए हैं, परंतु इसके लिए इनको सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म देना पड़ेगा की आप मजदूरों के कानूनों का उल्लंघन नहीं कर रहे हैं| 

2- Registration (पंजीकरण)

सरकार द्वारा अप्रैल 2016 में एक मोबाइल ऐप तथा वेबसाईट को शुरू किया गया है, इस पोर्टल पर 1 दिन में स्टार्टअप के बिजनेस का रजिस्ट्रेशन हो जाएगा| 

बिजनेसमैन को एक ही जगह पर clearance, approvals तथा रजिस्ट्रेशन की सुविधा मिल जाती है|

3- Income tax exemption (आयकर छूट) 

स्टार्टअप की शुरुआत के 3 साल तक कोई इनकम टैक्स नहीं देना पड़ेगा| 

इसके लिए inter-ministerial board द्वारा एक सर्टिफिकेट लेना पड़ेगा, उसके बाद ही यह छूट मिल पाएगी| 

4- Capital gain tax exemption (पूंजीगत लाभ कर छूट)

इस स्टार्ट अप स्कीम के तहत शुरुआती 3 सालों तक किसी भी प्रकार का कैपिटल गैन टैक्स नहीं लगेगा| 

5- Benefit in patent and intellectual property (पेटेंट और बौद्धिक संपदा में लाभ)

अपने बिजनेस को रजिस्टर्ड कराने तथा अपने प्रोडक्ट का पेटेंट कराने में भी बहुत सारा पैसा लग जाता है| 

इस स्कीम के तहत सरकार द्वारा लगभग 80%  तक की छूट इन सब के शुल्क (fees) में मिलेगी|

ज्यादा जानने के लिए यह पोस्ट पढ़ें:

Trademark registration कैसे होता है तथा कितनी फीस लगती है?

6- Funding schemes for startups (स्टार्टअप्स के लिए फंडिंग स्कीम) 

सरकार द्वारा दस हजार करोड़ का फंड न्यू स्टार्टअप्स के लिए उपलब्ध किया गया है तथा 500 करोड़ का फंड credit guarantee scheme के तहत उपलब्ध किया गया है| 

विदेशी मदद के तहत जापान द्वारा 2 बिलियन डॉलर का इन्वेस्टमेंट इंडियन स्टार्टअप के लिए किया गया है| 

स्टार्टअप इंडिया योजना पात्रता (Startup India schemes eligibility)

1- यदि कंपनी या फर्म भारत में रजिस्टर्ड है तो वह 7 वर्ष से अधिक पुरानी नहीं होनी चाहिए तथा बायोटेक्नोलॉजी से संबंधित है तो 10 साल से पुरानी नहीं होनी चाहिए| 

2- किसी भी पिछले वित्तीय वर्ष में एनुअल टर्नओवर 25 करोड़ से ज्यादा नहीं होनी चाहिए| 

3- प्रौद्योगिकी या बौद्धिक संपदा (technology or intellectual property) द्वारा संचालित नए उत्पादों, प्रक्रियाओं, या सेवाओं (products, processes, or services) के नवाचार, विकास, परिनियोजन या व्यावसायीकरण (innovation, development, deployment or commercialization) की दिशा में काम करना है।

4- यह पहले से ही अस्तित्व में किसी व्यवसाय (existing business) को विभाजित या पुनर्निर्माण (split or rebuild) करके नहीं बनाया गया हो।

यानी कि कोई नया बिजनेस शुरू किया गया है जो कि पहले से मौजूद ना हो| 

5- इनके पास inter-ministerial board setup certificate होना चाहिए| इसके बाद ही इनको startup schemes के लाभ या छूट प्राप्त होंगी| 

6- स्टार्टअप इंडिया स्कीम का फायदा उठाने के लिए आप प्राइवेट लिमिटेड कंपनी, जिस्टर्ड पार्टनरशिप फर्म या लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप बना सकते हैं| 

स्टार्टअप को फंड करने के तरीके (Ways to fund startup)

स्टार्टअप के लिए फंड मुहैया कराने के तरीके निम्नलिखित हैं|

1- Bank Loan

इसके बारे में आप ज्यादा जानने के लिए यह पोस्ट करें: Business loan कैसे मिलेगा?

2- Bootstrapping

बिजनेस में Bootstrapping अपने स्वयं के पैसों को बिजनेस में लगाना|

जैसे की हम अपनी पर्सनल सेविंग्स जैसे की हम गुल्लक में पैसे जोड़ते हैं, उन्हे अपने बिजनेस में इस्तेमाल करना|

3- Crowdfunding

सीधे शब्दों में कहूँ तो Crowdfunding का अर्थ होता है: “लोगों के पास जा जाकर पैसे इकट्ठा करना”

अब यहाँ पर यह प्रश्न यह उठता है की “Is Online Crowdfunding Legal In India?”

तो इसका जवाब है|

भारत सरकार ने क्राउडफंडिंग को 5 प्रकारों में वर्गीकृत किया है, और प्रत्येक की कानूनी स्थिति के बारे में स्पष्ट रूप से कहा है:

(i)- Donation / Social Lending Crowdfunding: अपेक्षित वापसी (expected return) के बिना दिया गया योगदान legal है|

(ii)- Pre-order Crowdfunding:  बाद में उत्पाद (product) प्राप्त करने के इरादे से बनाया गया, पूर्व-खरीद (pre-purchase) का एक रूप, यह भारत में legal है|

(iii)- Reward Crowdfunding: वर्तमान या भविष्य में एक वास्तविक वर्तमान प्राप्त करने के इरादे (intention) से बनाया गया हो, यह भारत में legal है|

(iv)- Debt Crowdfunding: इसमें, ऋणदाता या निवेशक (lender or investor) एक मध्यस्थ (mediator) के माध्यम से उधारकर्ताओं (borrowers) या जारीकर्ताओं से मिलते हैं। यह मध्यस्थ ऋणदाता (lender) से उधारकर्ता को unsecured loans प्रदान करने में मदद करता है, यह भारत में legal है|

(v)- Equity-based Crowdfunding: निवेशकों को ऑनलाइन अपने उद्यम में इक्विटी की पेशकश करने वाले व्यवसाय भारत में अवैध हैं|

उम्मीद करता हूँ की आपके सवाल “Is Online Crowdfunding Legal In India?” का सही जवाब आपको मिल गया होगा!

4- Government schemes

सरकार द्वारा चलाई गई विभिन्न स्कीम्स के माध्यम से पैसा एकत्रित करना| 

5- Angel investors

कोई ऐसा financer जो किसी उद्यमी के बिज़नेस आईडिया से प्रसन्न होकर उसके बिजनेस में पैसा लगाए| 

6-  Venture capital

7- Business incubators and accelerators 

8- Microfinance and NBFCs

FAQs: Startup definition India

स्टार्टअप इंडिया योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?

स्टार्टअप इंडिया योजना 2016 में शुरू की गई, स्टार्टअप इंडिया योजना मकसद स्टार्टअप को बढ़ावा देना, रोजगार के लिए धन सृजन करना है तथा उन्हे बिजनेस शुरु करने के लिए सही वातावरण उपलब्ध करवाना है। इस योजना के तहत मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण और भारत के उद्यमियों  को बढ़ावा देने के लिए कई कार्यक्रम शुरू किए हैं|

स्टार्टअप इंडिया की शुरुआत कब की गई?

स्टार्टअप इंडिया अभियान की घोषणा भारत के प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से [15 August 2015] के भाषण दौरान (नई दिल्ली) में की थी|

स्टार्टअप्स को कितने समय के लिए टैक्स में छूट मिलती है?

3 साल के लिए, परंतु इसके लिए उन्हें  inter-ministerial board द्वारा एक सर्टिफिकेट लेना पड़ेगा|

कितने साल पुराने बिजनेस को स्टार्ट अप माना जाएगा?

 भारत में रजिस्टर्ड 7 साल पुराने बिजनेस को स्टार्ट अप माना जाएगा, परंतु यदि  यह बिज़नेस बायोटेक्नोलॉजी के साथ संबंधित है तो इसे 10 साल की छूट मिलेगी|

इसके साथ ही यह भी अवश्य देखें:

Online Money कमाने के तरीके

Business के लिए website कैसे बनाये?

बिना website बनाये कैसे online business करें?

फ्री में Business का Online promotion कैसे करें?

दोस्तों उम्मीद करता हूं आपको यह पोस्ट “startup definition India” पसंद आई होगी| 

अगली पोस्ट में फिर मिलेंगे तब तक के लिए नमस्कार,

धन्यवाद 

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