Readymade garments business कैसे शुरु करें?, खतरे, निवेश, तथा जरुरी टिप्स

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किसी भी देश में तीन चीजें सबसे जरूरी होती हैं “रोटी कपड़ा और मकान”, इसी को मद्देनजर रखते हुए आज हम गारमेंट्स उद्योग के विषय में जानेंगे| 

Readymade garments बिजनेस शुरू करने के लिए हमें किन विषयों की जानकारी होनी चाहिए? रेडीमेड गारमेंट्स के व्यवसाय में क्या रिस्क हैं? और रेडीमेड गारमेंट्स व्यवसाय कैसे शुरु करें? (how to start readymade garments business) इत्यादि विषयों को जानेंगे|

नोट:- इस पोस्ट में मेरा मेन फोकस रेडीमेड गारमेंट के व्यवसाय के खतरों को बताने पर रहेगा|

परंतु इसका मतलब यह नहीं है कि मैं आपका मनोबल तोड़ना चाहता हूं|

मेरा मकसद केवल आपको readymade garments के जोखिमों से अवगत कराना है| 

जो भी मेरे मित्र यह आर्टिकल पूरा पढ़ लेंगे वह readymade garments business के खतरों को अच्छी तरह समझ जाएंगे| 

तो चलिए दोस्तों! शुरू करते हैं, हमारा आज का टॉपिक: “Readymade garments business

What are readymade garments

रेडिमेड गारमेंट्से किसे कहते हैं?: “रेडिमेड गारमेंट्स उन वस्त्रों को कहते हैं जो पहले से ही किसी स्टैंडर्ड पैटर्न के हिसाब से सिले हुए होते हैं| इन्हें आप तुरंत लेकर अपने इस्तेमाल में ला सकते हैं| पहले से बने हुए वस्त्रों को रेडीमेड गारमेंट्स कहते हैं|” 

रेडीमेड गारमेंट्स उद्योग के लिए जगह कैसे चुने?

सबसे पहले आप एक बात अच्छी तरह जान लीजिए कि readymade garments व्यवसाय को शुरू करने से पहले आपको ऐसी जगह का चुनाव करना चाहिए जहां पर मुख्य बाजार हो वह कपड़ों की दुकान के लिए बेहतर रहता है| 

यदि आप फैक्ट्री लगाना चाहते हैं तो उसके लिए जगह ज्यादा मायने नहीं रखती|

Note: मैं यह पोस्ट रेडीमेड गारमेंट्स व्यवसाय के रिटेल व्यापार तथा गार्मेंट्स एक्सपोर्ट को ध्यान में रखकर लिख रहा हूं|

मैंने readymade garments के व्यवसाय से बहुत कुछ सीखा है क्योंकि इस व्यापार ने मुझे बहुत नुकसान लगाया है|

वही सब बातें मैं आपको इस पोस्ट में बता रहा हूं ताकि आप लोग इस व्यवसाय को खोलने से पहले इन सब बातों को अपने ध्यान में रखें|

Readymade garments व्यवसाय के लिए स्टाफ कैसे चुने

एक बात आपको हमेशा ध्यान में रखनी है कि जब तक आप नए हैं, तब तक, आपका सेल्स स्टाफ आपको बेवकूफ बनाता रहेगा|

इसके लिए आपको खुद से खुद बहुत जल्दी तैयार होना होगा क्योंकि इसके अलावा आपके पास कोई और चारा भी नहीं है| 

वह अक्सर आपको माल दिलाने के नाम पर ऐसी जगह पर ले जाएंगे जहां पर उनका कमीशन बंधा होता है| 

रेडीमेड गारमेंट्स के व्यवसाय में कुछ कोड होते हैं जिनके द्वारा आपके सामने ही कमीशन मांग जाएगा और आपको पता भी नहीं चलेगा|

मैं रेडीमेड गारमेंट्स बिज़नेस के कुछ कोड आपको बता रहा हूँ| 

जैसे:-

ग्राहक = पाऊ

अच्छा, बड़ा, अधिक बजट वाला   = लंबतर,  

हल्का, छोटा, कम बजट वाला = किश्ती

कुछ न लेने वाला  = बिलाल 

सामान खरीदना = भरना 

सुतली = 20    

छबिया = पैसे, धन

इससे बचने के लिए आपको स्टार्टिंग में थोड़ी सी रिसर्च कर लेनी चाहिए परंतु आपको यह कोड पूरे इंटरनेट पर कहीं भी नहीं मिलेंगे|

और भी कोड मैं समय आने पर अपडेट कर दूंगा|

आपको करना यह है कि इंडिया मार्ट जैसी वेबसाइट पर जाकर readymade garments के Wholesalers को ढूंढ कर उनसे बात करनी है|

नोट:- मेरे कहने का यह मतलब नहीं है कि सभी लोग एक जैसे होते हैं परंतु मुझे तो आप लोगों को सारी बात समझानी पड़ेगी 

Readymade clothing‍ business में निवेश कैसे करें

किसी भी व्यवसाय को शुरू करने से पहले आपको उसमें थोड़ा सा ही निवेश करना चाहिए| 

इसके बाद आपको डिमांड के अनुसार ही निवेश करना चाहिए|

यदि आप readymade garments का व्यवसाय खोल रहे हैं तब आपको इस चीज का बहुत ख्याल रखना है कि आपके हाथ में जो भी पैसा है उसको ठीक हिसाब से ही खर्च करें| 

यदि आप step by step चलते हैं और शुरुआत किसी प्रोपराइटरशिप फर्म,

वन पर्सन कंपनी या पार्टनरशिप फर्म  के द्वारा करते हैं तो जल्दी ही वह फर्म स्माल कंपनी में बदल जाएगी|

इसके बाद वह प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में बदल जाएगी| 

यह सब करने के लिए आपको धैर्य तथा ईमानदारी रखनी पड़ेगी| 

एक बार में ही सारा निवेश करने पर क्या हो जाएगा?

बहुत से दोस्तों के दिमाग में यह प्रश्न भी आ रहा होगा कि “यदि हम शुरुआत में अपनी सारी रकम लगा देंगे तो हमें क्या नुकसान हो जाएगा?” 

तो मैं आपको इसके कुछ महत्वपूर्ण कारण बताता हूं| 

  1. फैशन आउट माल 

क्योंकि आप readymade garments के उद्योग में नए होगे तो आप एकदम से जान नहीं पाओगे कि

इस वक्त मार्केट में किस प्रोडक्ट की डिमांड है या कौन सा फैशन चल रहा है| 

बहुत से होलसेलर अज्ञानता वश आपको ऐसा माल चिपका देंगे जो कि उनका माल बिक नहीं रहा होगा| 

उन बेचारों को यह नहीं पता होता कि यह ग्राहक भी कभी ना कभी पुराना हो जाएगा|

यदि आप इसके साथ शुरुआत में ही ऐसा कर दोगे तो इसका तो नुकसान हो गए होगा साथ ही साथ आपका भी ग्राहक आप हाथ से निकल जाएगा| 

  1. महंगा माल

शुरुआत में हर नया काम शुरू करने वाले व्यक्ति को माल महंगा मिलता है| यह एक कटु सत्य है| 

जैसे-जैसे  बंदा मार्केट में पुराना होता जाता है वैसे वैसे बहुत तेज और तर्रार होता चला जाता है|

अब उसे बिजनेस की सारी बारीकियां समझ में आने लगती हैं|

 धीरे-धीरे वह यह भी जान चुका होता है कि किस माल की कीमत कितनी होनी चाहिए? 

 अब मान लीजिए कि आपने सारी पूंजी में एक बार में ही माल खरीद लिया|

अब क्योंकि आपने माल महंगा खरीदा है तो आप बेचेंगे भी उसी कीमत के हिसाब से| 

बस यही नेगेटिव पॉइंट होता है आपकी दुकानदारी का| 

यदि आपने महंगा माल खरीद कर अपना मार्जिन कम नहीं किया तो ग्राहकों को आपके माल के रेट बहुत ज्यादा लगेंगे| 

जल्द ही आपकी दुकानदारी शुरू होने से पहले ही खत्म हो जाएगी|

अब इस समस्या से मुक्ति पाने के लिए यह तो आपको अपने प्रॉफिट को छोड़ना पड़ेगा या अपनी दुकान की छवि खराब करनी पड़ेगी| 

यदि आपने थोड़ा माल खरीदा होगा तो आप बहुत ही आराम से इस समस्या से निजात पा लेंगे|

 ग्राहक ही आपको बता देगा कि यह वस्तु कहां पर कितने की मिल रही है? 

  1. वस्तु मांग (costume Demand)

इसके अनुसार मान लीजिए कि आपने चार लोगों के आइटम रखें| 

जैसे कि:-  लेडीस जींस,  जेंट्स जींस,  लेडीज टॉप,  जेंट्स शर्ट 

अब हुआ यह कि आपने जेंट्स जींस भर दी बहुत ज्यादा और आपके पास में ग्राहक ज्यादा आने लगे लेडीस जींस का|

अब होगा यह की पूंजी तो आप सारी लगा चुके हो| 

आपके पास में लेडीस जींस लाने लायक पैसे नहीं बचे|  शुरुआत में उधार आपको कोई दे नहीं रहा| 

 इसलिए मैंने कहा था कि सारी पूंजी को एक साथ निवेश ना करें| 

उम्मीद करता हूं!  यह पॉइंट आपको बिल्कुल क्लियर हो गया होगा| 

 चलिए!  आगे बढ़ते हैं| 

Readymade garments business tips

रेडीमेड गारमेंट Export business tip

एक्सपोर्ट करने के लिए सबसे बढ़िया टिप है यह है कि आपको एक्सपोर्ट करने के लिए एडवांस पेमेंट मिल जाती है| 

एक्सपोर्ट करने के लिए लिए बस आपको एक्सपोर्ट बिजनेस कैसे करें? इसके बारे में पता होना चाहिए| 

जैसे कि इनकोटर्म्स क्या होती है?कस्टम हाउस एजेंट कौन होता है?,  लेटर ऑफ क्रेडिट द्वारा पेमेंट किस प्रकार ली जाती है?, एक्सपोर्ट इंपोर्ट बिजनेस में कौन कौन से डॉक्यूमेंट लगते हैं?, इत्यादि के बारे में जान लेना चाहिए|

  • ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन

आपको अपना कोई ब्रांड नेम का ट्रेडमार्क रजिस्टर्ड करा लेना चाहिए|

इस नाम के द्वारा आप फैक्ट्रियों को अपना लोगो (Logo) देकर धीरे-धीरे बाजार में अपना एक ब्रांड खड़ा कर सकते हैं| 

इससे आपको एक फायदा और मिलेगा कि आप मार्जिन भी थोड़ा अधिक पा सकते हैं

क्योंकि आपके नाम का वह आइटम ग्राहक को दूसरी जगह नहीं मिलेगा| 

  • कैलकुलेशन करना

आपको बेसिक कैलकुलेशन की जानकारी होनी चाहिए| यह जानना अत्यंत ही आवश्यक है|

 इसे जाने बिना आपको बहुत अधिक नुकसान भी लग सकता है|

आपको रिवर्स जीएसटी कैलकुलेशन के बारे में अवश्य पता होना चाहिए| 

  • बैंकिंग 

कोई भी व्यवसाय शुरू करने से पहले आपको banking के बारे में थोड़ी बहुत नॉलेज होनी चाहिए|

जब आपका व्यापार बढ़ता जाएगा और आप इस लेवल पर पहुंच जाएंगे कि आप अपने प्रोडक्ट को निर्यात करने लगे तब आपको यह विषय पहले से पता होने चाहिए| 

यह जरूरी नहीं है कि आप एक्सपोर्ट जब ही कर सकते हैं जब आपके पास फैक्ट्री या शॉप हो|

आप शुरुआत मर्चेंट एक्सपोर्टिंग से भी कर सकते हैं| 

loan के विषय में जानने के लिए यह पोस्ट पढ़ें: Business loan कैसे मिलेगा?

  • बिज़नेस इंश्योरेंस 

यदि आपका कोई लघु उद्योग है  या चाहे आपकी कोई कंपनी है| आपको उसका इंश्योरेंस अवश्य लेना चाहिए|

जब आप एक्सपोर्ट करते हैं तब आपको मरीन इंश्योरेंस लेना पड़ता है| 

इससे आपके समुद्री जल मार्गों का जोखिम कम हो जाता है|

इसी प्रकार आपको अपने उद्योग के लिए विभिन्न प्रकार के जोखिमों के विरुद्ध इंश्योरेंस अवश्य लेना चाहिए|

 जैसे कि: फायर इंश्योरेंस, दंगे के विरुद्ध इंश्योरेंस, भूकंप के लिए इंश्योरेंस, बाढ़ के लिए इंश्योरेंस इत्यादि

  • ग्राहक

इन विषयों को मैं आपको क्रम अनुसार समझाता हूं| यह विषय सबसे महत्वपूर्ण हैं

  1. किसी भी बिजनेस की सफलता की पहली कुंजी है ग्राहक के व्यवहार को समझना|
  2. फिर उसके बाद दूसरी महत्वपूर्ण बात होती है कि प्रोडक्ट को कैसे बेचना है?
  3. इसके बाद ग्राहक को संतुष्ट करने के तरीके आपको पता होने चाहिए
  4. यदि आप इन सब विषय में कमजोर है तो आपको माल बेचने के लिए अपने स्किल्स को निखारना चाहिए|

साथ ही यह अवश्य पढ़ें: एक्सपोर्ट इंपोर्ट में लगने वाले सभी डाक्यूमेंट्स की लिस्ट

  • Fabric dying chemicals

कपड़ों को रंग करने के लिए ब्लीचिंग या डाई का इस्तेमाल किया जाता है| 

आपको ग्राहक की पसंद के हिसाब से कपड़ों के रंग चुनने चाहिए|

यदि आप इन गारमेंट्स को एक्सपोर्ट करना चाहते हैं तो आपको यह अवश्य जान लेना चाहिए कि कुछ देशों में कुछ विशेष प्रकार के ब्लीचिंग तथा डाई को बैन किया गया है|

 इसका कारण यह है कि यह ब्लीचिंग या डाई स्किन कैंसर का कारण बन सकती है| 

हमारा देश मसालों एक्सपोर्ट करने में, जूट या जूट से बनी वस्तुओं को एक्सपोर्ट करने में, सूती (कॉटन) या कॉटन से बने वस्त्रों को एक्सपोर्ट करने में अग्रणी रहता है| 

इसलिए आप बेझिझक रेडीमेड गारमेंट के व्यवसाय को चुन सकते हैं| 

चलिए! अब बात करते हैं readymade garments के व्यवसाय में क्या-क्या जोखिम हैं?

रेडीमेड गारमेंट्स के व्यवसाय के ख़तरे

इनमें से ज्यादातर ख़तरे readymade garments के रिटेल व्यवसाय से जुड़े हुए हैं| 

  • डिजाइन 

रेडीमेड गारमेंट व्यवसाय में डिजाइन सबसे बड़ी मुख्य समस्या रहती है|

जो डिजाइन आपको अच्छा लगता है अगर आपको अच्छा नहीं लगता|  डिजाइन चलते-चलते अचानक बंद हो जाता है|  

आप यह सोच कर कि “यह डिजाइन बहुत चल रहा है” आप उस डिजाइन का ज्यादा माल भर लेते हैं और वह उसके तुरंत बाद बिकना बंद हो जाता है| 

इस प्रकार का नुकसान readymade garments के व्यवसाय में हमेशा लगता है|

  • रंग
  • किसी को सफेद रंग पसंद आता है, किसी को काला रंग पसंद आता है, किसी को गुलाबी रंग पसंद आता है, और आपको मैरून रंग पसंद आता है| 

आप कैसे डिसाइड करेंगे कि कौन सा रंग ज्यादा बिकेगा? रेडीमेड गारमेंट के व्यवसाय का यह एक बहुत बड़ा नेगेटिव पॉइंट है|

  • किसी कपड़े में से धोते समय कलर बहुत ज्यादा निकलता है|  वह उसके साथ में धुल रहे दूसरे कपड़ों पर भी लग सकता है| 

 रंग की गारंटी  निकलने या ना निकलने की कोई गारंटी नहीं मिलती|  अब ग्राहक तो आकर आपसे ही उलझेगा| 

  • किसी कपड़े में थोड़ी सी देर धूप में सुखाने पर भी कलर उड़ जाता है| यह सब readymade garments business करने वाले दुकानदार के सिर दर्द का विषय होते हैं| 
  • जब ग्राहक ने आपकी दुकान में खरीदारी की होगी उस वक्त आपकी दुकान में तेज लाइट जल रही होंगी| 
  • तेज रोशनी में कपड़ों का रंग और ज्यादा अच्छा लगता है|  अब जब वह ग्राहक अपने घर जाता है तो वह पाता है कि उसने तो कुछ और रंग पसंद किया था और यह कुछ और है|
  • वह आपसे बार-बार इन्हें चेंज करने की डिमांड करने लगेगा| 
  • साइज़
  • कोई लंबा,  कोई छोटा,  कोई मोटा,  कोई पतला –  परंतु आपके पास तो चुने हुए साइज ही मौजूद होते हैं!

सबसे पहले ग्राहक को रंग पसंद करवाओ| अब जब! रंग पसंद आ गया तो उसको साइज़ फिट नहीं आ रहा! 

कहने का मतलब शायद आप समझ ही गए होंगे?

क्योंकि रेडीमेड गारमेंट के व्यवसाय में जब आप होलसेल में माल खरीदेंगे तो वह सेट के अनुसार आएगा 

जैसे:-  40 साइज की शर्ट 42 साइज की शर्ट 

आपको सेट ही लेना पड़ेगा! अब आप की दुकानदारी में ऐसे ग्राहक है, जिनका साइज 40 था| 42 साइज का एक भी नहीं आया| 

 अब?  करते रहो इंतजार? 

रेडीमेड गारमेंट में मार्जिन तो है परंतु साथ ही साथ माल बहुत डैड हो जाता है| 

बहुत सी बार तो ऐसा हो जाता है कि आप बहुत सारी शर्ट खोल देते हैं फिर आप से उनकी पैकिंग नहीं हो पाती| 

  • बहुत से कपड़े धोने पर छोटे हो जाते हैं|  जिसे हम सामान्य भाषा में सिकुड़ना कहते हैं| 
  • अब यदि आपने कोई इस प्रकार का कपड़ा ग्राहक को दे दिया है जो एक बार की धुलाई में सिकुड़ गया|

 तब!! ग्राहक तो आकर आपसे ही लड़ेगा| कपड़ा सिकुड़ने की भी कोई गारंटी नहीं मिलती| 

  • दुबारा ऑर्डर (Repeat Order)

आप एक ही प्रकार का ऑर्डर दोबारा नहीं दे सकते| आप बिना सैंपल देखें फोन पर भी आर्डर नहीं दे सकते| 

आपको खुद से कलर डिजाइन देख कर ही ऑर्डर देना होगा| 

  • स्टॉक क्लियर

आपके प्रोडक्ट का स्टॉक क्लियर होने से पहले यदि कोई ग्राहक दोबारा कपड़े खरीदने के लिए आता है,

तो वह उस स्टॉक को देखकर हमेशा एक ही बात बोलता है-” यह तो वही वाले कलर और डिजाइन है|” 

अब दुकानदार को क्या करना चाहिए? उन्हें फेंक देना चाहिए!!

इस कारण से भी 20% मिनिमम स्टॉक डैड हो ही जाता है| 

  • बदलता मौसम 

अबकी बार सर्दी ज्यादा नहीं पड़ी इसलिए सर्दियों का माल कम बिका| 

अब क्या करें? इसे अगली बार उठाकर रखने के लिए जगह चाहिए जहां पर इसे चूहे ना काट दे या इसमें कोई कीड़ा ना लग जाए|

पता नहीं अगली बार यह डिजाइन चलेगा भी कि नहीं चलेगा?

इसी प्रकार देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम जब करवटें बदलता है तो रेडीमेड गारमेंट वालों का नफा नुकसान भी इससे तय होता है| 

  • कटा-फटा माल 
  • कभी कभी ऐसा हो जाता है कि जब आप आकर माल चेक करते हैं तो तुरंत ही आपको डिफेक्टिव पीस दिख जाता है| 

परंतु यदि यही डिफेक्टिव पीस आपको कुछ समय बीतने के बाद दिखता है तो इसको बदलना बहुत ही मुश्किल हो जाता है| 

कुछ  होलसेलर तो पीस बदलने से साफ ही मना कर देते हैं तो कुछ यह कह कर रखते हैं कि केवल 2 दिन के अंदर ही पीस बदला जाएगा|

अब सारा माल तुरंत चेक करना प्रैक्टिकली संभव नहीं होता है| 

  • कई लोग दूसरे प्रदेशों से खरीदारी करते हैं| 
  • जैसे कि:-  दिल्ली के गांधीनगर में पूरे भारतवर्ष से लोग रेडीमेड गारमेंट्स की खरीदारी करने आते हैं| 

यहां पर इन लोगों के रुकने की भी व्यवस्था  थोक व्यापारियों द्वारा की जाती है| 

अब यदि दूर से आए व्यक्ति का कुछ माल डिफेक्टिव निकल जाता है और वह दोबारा उस मार्केट में खरीदारी नहीं करना चाहता तो उसको नुकसान झेलना ही पड़ता है| 

साथ ही साथ वह 2 दिन के अंदर डिफेक्टिव माल चेंज नहीं करवा सकता|

  • माल कम निकलना

अक्सर रेडीमेड गारमेंट के व्यवसाय में माल कम निकलता है| 

कहने का मतलब यह है कि यदि आपने  बॉक्स पैकिंग का कुछ आइटम खरीदा है तो कई बार कोई बॉक्स खाली निकलता है|

अब!  ग्राहक के सामने यह समस्या उत्पन्न हो जाती है कि वह अपनी बात को कैसे साबित करें? कि यह बॉक्स खाली निकला है| 

  • गारमेंट्स का गंदा हो जाना

यह भी बहुत बड़ी समस्या है| यदि आपका कोई पीस (कपड़ा) बेचने के दौरान गंदा हो जाता है तो उसे बेचना बहुत ही मुश्किल हो जाता है| 

अक्सर लोग कपड़े को पकड़कर उसकी क्वालिटी का अनुभव करना चाहते हैं| यही बात वह सफेद रंग के वस्त्रों के साथ भी करते हैं| 

उनके बार-बार यह करने पर वह वस्त्र वहां से गंदा हो जाता है| 

  • प्राइस टैग का हट जाना 

आपके द्वारा खरीदे गए वस्त्र पर आप कीमत का टैग लगा कर रखते हैं| कभी कभी ऐसा हो जाता है कि यह टैग हट जाता है|

ऐसी स्थिति में बहुत कन्फ्यूजन हो जाती है कि यह किस दुकान से खरीदा गया पीस है तथा इसकी परचेसिंग वैल्यू कितनी थी? 

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उम्मीद करता हूं मेरा यह आर्टिकल आपको पसंद आया होगा और आपके काम भी आया होगा|

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