Small Company क्या होती है? | स्मॉल कंपनी के फ़ायदे, परिभाषा तथा केटेगरी

921

दोस्तों,  इस पोस्ट के माध्यम से आपको Small company क्या होती है?, small company definition, कौन सी कंपनी स्मॉल कंपनी की कैटेगरी में आएगी? तथा आप किस प्रकार स्मॉल कंपनी का फायदा उठा सकते हैं? इत्यादि विषयों की जानकारी मिलेगी|

जैसा कि आपने पिछली पोस्ट कंपनी क्या होती है? में कंपनियों के प्रकार पढ़े थे| Small Company उन्हीं प्रकारों में से एक प्रकार होता है|

इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आपके Small company के India में क्या फायदे होते हैं? यह जान पाएंगे|

 तो चलिए! शुरू करते हैं! 

स्मॉल कंपनी की परिभाषा

दोस्तों, Small company एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का ही एक छोटा रूप होती है| 

कंपनी अधिनियम 2013 के अनुसार small company definition इस प्रकार दी गई है|

Small company definition: “स्मॉल कंपनी की कैटेगरी में आने के लिए दो कंडीशनस पूरी होनी चाहिए| 1- प्रदत्त पूंजी (Paid up capital) – 50 लाख रुपए से ज्यादा नहीं होनी चाहिए| 2- कंपनी का पिछले साल का कारोबार (Turnover) 2  करोड़ रुपए से ज्यादा नहीं होना चाहिए| जो भी कंपनी इस criteria को पूरा करेगी वह स्मॉल कंपनी की कैटेगरी में आएगी|”

नोट:- यदि कोई प्राइवेट लिमिटेड कंपनी यह दोनों कंडीशन पूरी करती है तो खुद ब खुद ( Automatically) वह स्मॉल कंपनी मानी जाएगी|

यह कंडीशन वन पर्सन कंपनी  तथा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी दोनों पर लागू होगी| 

कौन सी कंपनियां स्मॉल कंपनी की कैटेगरी में नहीं आएंगी?

  • होल्डिंग कंपनी या सब्सिडिरी कंपनी को स्मॉल कंपनी नहीं माना जाएगा| 
  • जो कंपनियां, कंपनी अधिनियम 2013 के सेक्शन 8 के अंतर्गत रजिस्टर्ड हैं, उन कंपनियों को भी स्मॉल कंपनी नहीं माना जाएगा|
  • यदि कोई कंपनी किसी स्पेशल अधिनियम के अंतर्गत शासित (Governed) है तब वह कंपनी भी स्मॉल कंपनी नहीं मानी जाएगी| 

स्मॉल कंपनी के क्या फायदे होते हैं?

दोस्तों, अब आप समझ चुके हैं कि “ What is Small Company?” तो अब बात करते हैं! Small Company Benefits के बारे में!

  • Small Company को कुछ अनुपालन (certain compliances) में छूट मिलती है| 
  • किसी भी प्राइवेट कंपनी में साल में एक कैलेंडर ईयर में 4 बोर्ड मीटिंग करनी होती हैं परंतु स्मॉल कंपनी में 1 साल में एक कैलेंडर ईयर में केवल एक बोर्ड मीटिंग करनी होती है| नोट:- 2 बोर्ड मीटिंग के बीच में 90 दिनों का अंतराल आवश्यक है| 
  • जब भी किसी स्मॉल कंपनी की वार्षिक रिटर्न MCA  की आधिकारिक साइट पर अपलोड की जाती है तो उसमें केवल कंपनी सेक्रेटरी के साइन भी मान्य होते हैं| यदि स्मॉल कंपनी में कंपनी सेक्रेटरी नहीं है तो केवल एक डायरेक्टर भी साइन करके वार्षिक रिटर्न फाइल कर सकता है| 
  • स्मॉल कंपनी की बैलेंस शीट बनाते समय Cash Flow स्टेटमेंट बनाने या लगाने की जरूरत नहीं होती है|
  • ऑडिटर को एक बार नियुक्त करने के बाद उन्हें चेंज करने की कोई समय अवधि फिक्स नहीं की गई है| 
  • किसी भी स्मॉल कंपनी में अन्य कंपनियों के मुकाबले अनुपालन (Compliance) में दंड या तो बहुत कम है या फिर नहीं है| 

FAQs: Small Company

क्या स्मॉल कंपनी के लिए अलग से आवेदन करना पड़ता है?

जी नहीं, यदि आप एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनाते हैं और आप स्मॉल कंपनी की कैटेगरी में आते हैं तो  यह कंपनी खुद-ब-खुद स्मॉल कंपनी की कैटेगरी में मानी जाएगी|

स्मॉल कंपनी किसे कहते हैं?

जिसकी प्रदत्त पूंजी 50 लाख  से ऊपर ना हो तथा कारोबार 2 करोड रुपए वार्षिक से ऊपर ना हो| 

क्या कोई होल्डिंग कंपनी तथा सब्सिडरी कंपनी स्मॉल कंपनी की कैटेगरी में मानी जा सकती है?

जी नहीं, होल्डिंग कंपनी तथा सब्सिडरी कंपनी स्मॉल कंपनी की कैटेगरी में नहीं मानी जाती|

क्या कंपनी अधिनियम के सेक्शन 8 के अंतर्गत  रजिस्टर्ड कोई कंपनी स्मॉल कंपनी की कैटेगरी में मानी जा सकती है?

जी नहीं, कंपनी अधिनियम के सेक्शन-8 के अंतर्गत यदि कोई कंपनी रजिस्टर्ड है तो, वह स्मॉल कंपनी की कैटेगरी में नहीं मानी जाएगी| 

किन कंपनियों को स्मॉल कंपनी की कैटेगरी में नहीं गिना जाएगा?

1- सब्सिडिरी कंपनी या होल्डिंग कंपनी को स्मॉल कंपनी नहीं माना जाएगा|
2- वह कंपनियां जो, कंपनी अधिनियम 2013 के सेक्शन 8 के अंतर्गत रजिस्टर्ड हैं, उन कंपनियों को भी स्मॉल कंपनी नहीं माना जाएगा|
3- यदि कोई कंपनी किसी स्पेशल अधिनियम के अंतर्गत शासित (Governed) है, तब वह कंपनी भी स्मॉल कंपनी में नहीं गिनी जाएगी|

निष्कर्ष

यदि आप कोई कंपनी खोलना चाहते हैं और आप स्मॉल कंपनी की कैटेगरी में आते हैं तो आपको इसके बहुत सारे फायदे मिलेंगे| 

साथ ही इसे अवश्य देखें:

वन पर्सन कंपनी क्या होती है तथा इसका लाभ कैसे लें? 

Memorandum Of Association क्या होता है?

Perpetual succession क्या होता है?

बैंक गारंटी क्या होती है? बहुत ही आसान तरीके से समझें

यदि आपको यह पोस्ट अच्छा लगा हो तो कृपया इसे अधिक से अधिक मात्रा में शेयर अवश्य करें तथा ब्लॉग को भी सब्सक्राइब अवश्य कर लें जिससे कि आपको लेटेस्ट पोस्ट समय-समय पर मिलती रहे|

धन्यवाद

Previous articleProspectus of a company क्या होता है? | प्रस्पेक्टस कितने प्रकार के होते हैं?
Next articlePartnership firm क्या होती है? | क्या हमें पार्टनरशिप फर्म खोलनी चाहिए?
प्यारे दोस्तों, मैं नवीन कुमार एक बिज़नेस ट्रैनर हूँ| अपने इस ब्लॉग के माध्यम से मैं आपको - आयात-निर्यात व्यवसाय (Export-Import Business), व्यापार कानून (Business Laws), बिज़नेस कैसे शुरु करना है?(How to start a business), Business digital marketing, व्यापारिक सहायक उपकरण (Business accessories), Offline Marketing, Business strategy, के बारें में बताऊँगा|| साथ ही साथ मैं आपको Business Motivation भी दूंगा| मेरा सबसे पसंदीदा टॉपिक है- “ग्राहक को कैसे संतुष्ट करें?-How to convince a buyer?" मेरी तमन्ना है की कोई भी बेरोज़गार न रहे!! मेरे पास जो कुछ भी ज्ञान है वह सब मैं आपको बता दूंगा परंतु उसको ग्रहण करना केवल आपके हाथों में है| मेरी ईश्वर से प्रार्थना है की आप सब मित्र खूब तरक्की करें! धन्यवाद !!