Prospectus of a company क्या होता है? | प्रस्पेक्टस कितने प्रकार के होते हैं?

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इस पोस्ट के माध्यम से आप किसी भी Prospectus of a company क्या होता है?, Prospectus of a company कितने प्रकार के होते हैंक्या सभी कंपनियां Prospectus जारी कर  सकती हैं?  इत्यादि सवालों के जवाब मिलेंगे|

दोस्तों, जैसा कि आपने पिछली पोस्ट कंपनी क्या होती है? में पढ़ा था कि कंपनी के तीन जरूरी डॉक्यूमेंटस होते हैं|

1- मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन

2- आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन 

3- प्रस्पेक्टस

नोट:- Prospects केवल पब्लिक लिमिटेड कंपनी में इस्तेमाल किया जाता है| 

वन पर्सन कंपनीप्राइवेट लिमिटेड कंपनी या स्मॉल कंपनी में इस दस्तावेज़ की जरूरत नहीं होती| 

यदि आप अपने बिज़नेस को बढ़ाना चाहते हैं तब आपको प्रोपराइटरशिप फर्म या पार्टनर शिप फर्म से एक कंपनी में परिवर्तित होना पड़ेगा| 

लोगों का भरोसा किसी भी कंपनी पर Perpetual succession (शाश्वत उत्तराधिकार) नियम के कारण ज्यादा होता है| 

Prospectus of a company meaning in Hindi

Prospects की परिभाषा बताने से पहले हम Prospectus का हिंदी अर्थ जान लेते हैं|

Prospectus meaning in Hindi: “सूची, सूचना, सूचीपत्र, कर्तव्य सूचना पत्र, प्रविवरण, विवरण पत्रिका, शेयर विवरण-पत्र, विवरण-पुस्तिका, विवरण पुस्तक, बीजक विवरणिका, उन्नति करना, पुस्तकों का सूची पत्र”

नोट:- Prospectus का सही उच्चारण प्रोस्पेक्टस नहीं प्रस्पेक्टस होता है|

यह मैंने केवल आपको ध्यान में रखने के लिए बता दिया है| मैं किसी पर कोई कटाक्ष नहीं कर रहा हूँ|

आज के समय में ज्यादातर लोग प्रोस्पेक्टस ही बोलते हैं| 

चलिए! अब बात करते हैं प्रस्पेक्टस की परिभाषा क्या होती है?

Prospectus definition in Hindi

कंपनी अधिनियम की धारा 2(36) में लिखी परिभाषा के अनुसार “Prospects से अभिप्राय एक ऐसे दस्तावेज़ से है जिसमें कंपनी की कोई सूचना, परिपत्र, विज्ञापन या अन्य दस्तावेज़ शामिल है|”

Prospects किसी भी पब्लिक लिमिटेड कंपनी का एक ऐसा दस्तावेज़ होता है जिसके द्वारा केवल पब्लिक कंपनियां अपने व्यापार को चलाने के लिए आवश्यक पूँजी (धन) एकत्रित करती हैं| 

इसके द्वारा आम जनता को  कंपनी में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया जाता है|

या यूं कहें तो किसी कंपनी में अंश, डिबेंचर, या सदस्यता लेने के लिए आमंत्रित किया जाता है|

Prospectus एक ऐसा विलेख (Deed) होता है जिसके द्वारा आम जनता को कंपनी के अंशों या ऋणपत्रों को खरीदने के लिए या कंपनी में धन लगाने के लिए आमंत्रित किया जाता है| 

नोट:- कंपनी अधिनियम 2013  के Section 2(70) कोई भी इस प्रकार का दस्तावेज़ जिसका वर्णन (Describe) या जारी (Issue) इस प्रकार से किया गया हो किया गया हो जैसे किसी Prospectus का होता है| 

कंपनी के अंशों या ऋण पत्रों को खरीदने के लिए साधारण लोगों को किया गया कोई भी विज्ञापन (Advertisement), परिपत्र (Circular), दस्तावेज़ (Document), सूचना (Notice) एक Prospectus  कहलाता है|

इस प्रकार विवरण-पत्रिका (Prospectus) जनता को कंपनी के शेयर खरीदने के लिए दिए जाने वाला आमंत्रण पत्र होता है| 

कंपनियों के अधिनियम की धारा 67(2) के अनुसार, “ जब कोई कंपनी जनता द्वारा खरीदे जाने के उद्देश्य से अपने अंशों, ऋण पत्रों को आवंटित करती है या आवंटन के लिए स्वीकृति देती है तो ऐसा प्रलेख उस कंपनी द्वारा निर्गमित  विवरण पत्रिका अर्थात Prospectus कहलाता है|” 

prospectus of a company
प्रस्पेक्ट का विज्ञापन

Prospectus का सामान्य भाषा में क्या अर्थ होता है?

प्रस्पेक्टस का अर्थ: “यह किसी भी पब्लिक कंपनी का एक ऐसा दस्तावेज़ होता है जिसके माध्यम से कंपनी धन इकट्ठा करती है”

नोट:- SEBI (The Securities and Exchange Board of India) की परमिशन के बिना Prospectus  जारी नहीं किया जा सकता|

Prospectus क्या-क्या जरूरी बातें लिखी जाती हैं?

इसमें  मैं केवल कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं को लिखूंगा| जैसे कि

  • कंपनी की सारी हिस्ट्री लिखनी होती है?
  • निर्माण कब हुआ या कब बनी?
  • कंपनी का बिज़नेस मॉडल क्या है?
  • प्रतियोगी (competitor) कौन हैं? 
  • कंपनी के पिछले 5 सालों के प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट बताना होता है-(यदि कंपनी पुरानी है) यानी बैलेंस शीट सार्वजनिक करनी होती है| 
  • कंपनी पैसा कहां से उठाने वाली है?
  • पैसा कहां लगाने वाली है? 

प्रस्पेक्टस कितने प्रकार के होते हैं? (Prospectus Types)

किसी भी कंपनी का IPO (इनीशियल पब्लिक ऑफरिंग, सार्वजनिक प्रस्ताव) या सदस्यता लेने से पहले कंपनी के प्रस्पेक्टस को भी पढ़ लेना चाहिए|

अब आपके दिमाग में यह प्रश्न आ रहा होगा की “  किसी भी कंपनी प्रस्पेक्टस कहां मिलेगा?” 

1- Deemed Prospectus – Deemed prospectus कंपनी अधिनियम 2013 के सेक्शन 25 (1) के अंतर्गत आता है| 

2- Red Herring Prospectus रेड हैरिंग प्रस्पेक्टस में ऐसी बात बताई जाती है जो निवेशक को निवेश करने से पहले अवश्य ही पता होनी चाहिए|

जैसे कंपनी मार्केट से कितना फंड इकट्ठा करना चाहती है?

किसी भी कंपनी को अपने IPO (इनीशियल पब्लिक ऑफरिंग) से पहले SEBI के सामने Red Herring Prospectus सेबी को फाइल करना अनिवार्य है|

सेबी (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड) द्वारा इस RHP (Red Herring Prospectus) का बहुत ही ध्यान पूर्वक अध्ययन किया जाता है|

किसी महत्वपूर्ण प्रश्न का जवाब मिलने के उपरांत जब से भी संतुष्ट हो जाती है तो वह क्लीनचिट दे देती है| यानि की यह कंपनी की जीवनी

3- Shelf prospectus – Shelf prospectus कंपनी अधिनियम 2013 के सेक्शन 31 के अंतर्गत आता है|

4- Abridged Prospectus

FAQs: Prospectus

Prospectus किस प्रकार की कंपनी के लिए बनाया जाता है?

पब्लिक लिमिटेड कंपनी में Prospectus  का इस्तेमाल होता है|

क्या किसी भी प्रकार की कंपनी प्रस्पेक्टस बना सकती है?

जी नहीं, पब्लिक कंपनी ही प्रस्पेक्टस बना सकती है|

पब्लिक कंपनी के अलावा अन्य कंपनियां प्रस्पेक्टस  क्यों नहीं  बना सकती?

प्रस्पेक्टस के द्वारा कंपनियां आम जनता को अपनी कंपनी में धन लगाने के लिए आमंत्रित करती हैं| आम जनता को आमंत्रित करना केवल पब्लिक कंपनी के अंदर ही हो सकता है इसलिए पब्लिक कंपनी के अलावा अन्य कंपनियां प्रस्पेक्टस  नहीं  बना सकती| 

किसी कंपनी का प्रस्पेक्टस  क्या होता है?

प्रस्पेक्टस  अंदर उस कंपनी की जानकारियाँ इस प्रकार से होती हैं कि यदि कोई उस कंपनी में निवेश करना चाहे तो वह आसानी से जान सकता है कि इस कंपनी लक्ष्य क्या है|

प्रस्पेक्टस के संदर्भ में पोटेंशियल ग्राहक का क्या अर्थ होता है?

पोटेंशियल बायर का अर्थ होता है जो किसी भी चीज को खरीदने या उसमें निवेश करने के लिए बिल्कुल तैयार है|  अतः कंपनियां अपना प्रस्पेक्टस  पोटेंशियल बायर को ध्यान में रखकर ही बनाती हैं|  इससे जो ग्राहक खरीदने  या निवेश करने की लास्ट स्टेज में होता है वह आकर्षित हो जाता है| 

कंपनी के संदर्भ में प्रस्पेक्टस किसे कहा जाएगा?

कोई भी ऐसा डॉक्यूमेंट जिससे यह आभास होता हो कि वह प्रस्पेक्टस  है उसे प्रोस्पेक्टस कहा  जाएगा| 

क्या किसी कंपनी  का नोटिस या विज्ञापन को प्रस्पेक्टस कह सकते हैं?

जी हां, किसी भी कंपनी का इस प्रकार का नोटिस जिससे यह आभास होता है कि यह प्रस्पेक्टस  है| वह प्रस्पेक्टस ही कहलाएगा| 

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