Payment gateway क्या है? | Payment gateway process in Hindi

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अब! आपने online business करने का मन बना ही लिया है तो, Payment gateway क्या है?, Payment gateway process, Best payment gateway कौन से हैं?, पेमेंट गेटवे लेने में कितना खर्चा आता है? इत्यादि के बारे में भी जान लीजिए| 

हाँ, अगर कोई कैश देना चाहे तो यह बात अलग है! 

अब! Paytm, Phonepe, google pay आदि कई कंपनियां, UPI (Unified Payments Interface) के जरिए पेमेंट स्वीकार करती है|

वहीं यदि आप अपना बिजनेस, अपनी किसी website की मदद से चला रहे हैं तो उसमें पेमेंट गेटवे की सुविधा जरूर रखें| 

तो चलिए दोस्तों, Payment gateway process को अच्छी तरह से समझते हैं| 

Payment gateway क्या है?

पेमेंट गेटवे एक ऐसी सर्विस होती है जिसके माध्यम से भी online business में online payment ली जाती है|

इसमें पेमेंट गेटवे से मतलब है कि यदि कोई कस्टमर आपकी वेबसाइट से कोई भी प्रोडक्ट खरीदता है तो वेबसाइट पर ही क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग या यूपीआई (paytm, bheem, phonepe, etc.) के जरिए ऑनलाइन पेमेंट भी कर सकता है|

इसमें ग्राहक द्वारा दिया गया पैसा सीधे बिजनेसमैन के खाते में पहुंच जाता है|

Payment gateway एक e-commerce platform है| इसका कार्य online business, e-business (electronic business) के लिए पेमेंट को अधिकृत करना है| 

Best payment gateway कौन से हैं?

 किसी भी बिजनेस वेबसाइट के लिए पेमेंट गेटवे की सुविधा रखना बहुत ही आसान है| कई ऐसी कंपनी है जो पेमेंट गेटवे की सुविधा देती है| इनमें से कुछ best payment gateway के नाम, मैं आपको दे रहा हूं| 

  1. Paytm (paytm.com)
  2. Razorpay (razorpay.com)
  3. CCAvenue (ccavenue.com)
  4. BillDesk (billdesk.com)
  5. PayPal (paypal.com)

यदि आप अपने बिजनेस के लिए एक best payment gateway की तलाश कर रहे हैं तो, यह पेमेंट गेटवे आप ट्राई कर सकते हैं| इसके लिए आपको उनकी वेबसाइट पर जाना है, वहां पर आपको, उनके बारे में पूरी जानकारी मिल जाएगी| 

Best payment gateway के बारे में जानने के तुरंत बाद आपके दिमाग में प्रश्न आ रहा होगा कि इसमें कितना खर्च आता होगा?

तो चलिए दोस्तों, इसका भी जवाब जान लेते हैं|

Payment gateway में कितना खर्च आता है?

ज्यादातर कंपनियां पेमेंट गेटवे के लिए सेटअप की सुविधा फ्री में देती है| इसके बाद उस पेमेंट गेटवे के माध्यम से जो भी लेन-देन होता है, उस लेन-देन का 2% तक यह कंपनियां merchant (व्यापारी) से चार्ज करती है| 

यानी कि  आपको मिलने वाली पेमेंट पर 2% का एक्स्ट्रा खर्चा आएगा| यदि आपकी कुछ भी ट्रांजैक्शन नहीं होती तो आपको कुछ भी नहीं देना है| 

Payment gateway के लिए क्या डॉक्यूमेंट चाहिए?

Payment gateway service  लेने का पूरा तरीका ऑनलाइन है| इस सुविधा को लेने के लिए आपको कैंसिल चेक की स्कैन कॉपी, PAN (permanent account number), ऐड्रेस प्रूफ (वोटर कार्ड या आधार कार्ड आदि) की कॉपी कंपनी को देनी पड़ती है| 

Payment gateway मिलने में कितने दिन लगते हैं?

यह सारे डाक्यूमेंट्स देने के बाद कंपनी merchant की डिटेल्स को वेरीफाई करती  है| साथ ही साथ में मर्चेंट की website और उसके business से जुड़ी कुछ दूसरी डिटेल भी मांग सकती है| 

यह सब इसलिए किया जाता है कि payment gateway देने वाली कंपनी यह सुनिश्चित कर सके कि पेमेंट गेटवे का इस्तेमाल किसी गलत काम के लिए तो नहीं किया जा रहा|

इसके लिए वह KYC (Know Your Customer) भी करा सकती है| यह सारी डिटेल्स वेरीफाई होने के बाद कंपनी 1 घंटे से लेकर 7 दिन तक के समय में पेमेंट गेटवे की सुविधा दे देती है| 

पेमेंट गेटवे क्यूआर कोड 

पेमेंट गेटवे कंपनी मर्चेंट को एक क्यूआर कोड देती है| यह कोड या तो आप स्वयं अपनी वेबसाइट पर plugin के माध्यम से लगा सकते हैं|

यदि आपने वेबसाइट किसी web developer से बनवाई है तो आपको  उस वेब डेवलपर को यह क्यूआर कोड देना पड़ेगा|

इस काम के लिए web developer 5000 से ₹10,000 तक का चार्ज लेते हैं| इस code के जरिए पेमेंट गेटवे की सुविधा आपकी website पर शुरू हो जाती है|

इसके बाद website पर payment देने के ऑप्शन आने शुरू हो जाते हैं| अब! कस्टमर आपकी वेबसाइट पर ही प्रोडक्ट को सिलेक्ट करके उसकी पेमेंट भी ऑनलाइन कर सकता है| 

वेबसाइट के बारे में अधिक जानने के लिए यह पोस्ट पढ़ें: Business के लिए website कैसे बनाये?

Payment gateway से पेमेंट में क्या सावधानी रखें?

Digital payment से लेन-देन में बहुत ही सावधानी रखने की जरूरत होती है|  यदि आप की वेबसाइट पर payment gateway  की सुविधा है तो यह सुनिश्चित करने की पेमेंट गेटवे हैक ना हो| 

वैसे!  किसी भी पेमेंट गेटवे को हैक करना लगभग नामुमकिन होता है, फिर भी अपने वेब डेवलपर से बात करें कि उसने पेमेंट गेटवे की सुरक्षा के लिए कौन-कौन सी चीजें अप्लाई की है| 

यदि आप अपने दुकान पर QR CODE के जरिए पेमेंट ले रहे हैं तो ध्यान रखें कि यह क्यूआर कोड आपकी शॉप के अंदर ही हो|

दरअसल, हाल ही में धोखाधड़ी के ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिसमें क्यूआर कोड दुकान के बाहर चिपका रखे थे|

इन क्यू आर कोड के ऊपर धोखाधड़ी करने वालों ने अपने अकाउंट के QR Code बड़ी चालाकी से चिपका दिए|

जब कस्टमर दुकानदार को पेमेंट करता तो वह रकम सीधे दुकानदार के अकाउंट में ले जाकर उस धोखाधड़ी करने वाले के अकाउंट में जा रही थी|

जब दुकानदारों को इस बात का पता चला कि उनके साथ ठगी हो गई है तो, उन्होंने अपने क्यू आर कोड स्केनर अपनी दुकान के अंदर ही लगाने शुरू कर दिए|

Tip: यदि आप mobile app के जरिए किसी को पेमेंट करें तो, पहले बहुत छोटा सा अमाउंट डाल कर चेक कर लें कि वह सही अकाउंट में गया है या नहीं? 

ऑनलाइन फ्रॉड या ठगी एक आम बात हो गई है|  

अब आपके दिमाग में एक और प्रश्न आ रहा होगा कि “यदि ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार होने पर कहां शिकायत करनी चाहिए?”

Online fraud होने पर कहां शिकायत करें?

Online fraud helpline number: 155260

यह हेल्पलाइन नंबर हफ्ते के सातों दिन 24 घंटे काम करता है| हालांकि कुछ राज्यों में यह सुबह के 10:00 बजे से लेकर शाम के 6:00 बजे तक ही चालू रहता है|

ऑनलाइन ठगी होने पर आप जितनी जल्दी शिकायत कर देंगे उतनी जल्दी आपको नुकसान होने से बच सकता है| 

केंद्र सरकार ने डिजिटल लेनदेन को सुरक्षित बनाने के लिए ही इस cyber fraud helpline की शुरुआत की है| 

इस नंबर के द्वारा दिल्ली और यूपी समेत देशभर के 14 राज्य जुड़े हुए हैं| बाकी के राज्यों में भी यह सुविधा जल्द शुरू हो जाएगी|

यह हेल्पलाइन नंबर ऐसे काम करता है?

  • यदि किसी के अकाउंट से कोई अनजान शख्स रकम निकाल ले या किसी दूसरे तरीके से ऑनलाइन फ्रॉड हो जाए तो तुरंत आपको 155260 नंबर पर कॉल करके सारी जानकारी देनी है|
  • इसके बाद इस हेल्पलाइन के डेस्क पर बैठक कर्मचारी अपराध से जुड़ी सभी डिटेल्स को एक फॉर्म के द्वारा भरवा एंगे और फिर उस फॉर्म को संबंधित जिले के साइबर क्राइम सेल को भेज दिया जाएगा|
  • चंद ही मिनटों में संबंधित जिले के अधिकारी, ट्रांजैक्शन का आधार बनने वाले बैंक में तैनात नोडल अधिकारी से संपर्क करके, उस अपराधी के बैंक अकाउंट के ट्रांजैक्शन की डिटेल निकालकर, उस अकाउंट को सीज करा देंगे| 
  • इस प्रक्रिया से पीड़ित के बैंक खाते से होने वाला ट्रांजैक्शन वहीं पर रुक जाएगा और पीड़ित भारी नुकसान होने से खुद को बचा सकता है|
  • इसके अलावा आप अपने बैंक को भी इस फ्रॉड की जानकारी अवश्य दें| 

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आपने क्या सीखा?

इस पोस्ट के माध्यम से आपने payment gateway क्या होता है, Payment gateway process किस प्रकार काम करता है?, Best payment gateway कौन सा है? इत्यादि के विषय में जाना है|

उम्मीद करता हूं आपको यह पोस्ट “Payment gateway क्या है? (Payment gateway process in Hindi)” अवश्य ही पसंद आई होगी|

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इसी प्रकार बिजनेस संबंधित नई पोस्ट में, मैं फिर मिलूंगा तब तक के लिए नमस्कार 

धन्यवाद

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प्यारे दोस्तों, मैं नवीन कुमार एक बिज़नेस ट्रैनर हूँ| अपने इस ब्लॉग के माध्यम से मैं आपको - आयात-निर्यात व्यवसाय (Export-Import Business), व्यापार कानून (Business Laws), बिज़नेस कैसे शुरु करना है?(How to start a business), Business digital marketing, व्यापारिक सहायक उपकरण (Business accessories), Offline Marketing, Business strategy, के बारें में बताऊँगा|| साथ ही साथ मैं आपको Business Motivation भी दूंगा| मेरा सबसे पसंदीदा टॉपिक है- “ग्राहक को कैसे संतुष्ट करें?-How to convince a buyer?" मेरी तमन्ना है की कोई भी बेरोज़गार न रहे!! मेरे पास जो कुछ भी ज्ञान है वह सब मैं आपको बता दूंगा परंतु उसको ग्रहण करना केवल आपके हाथों में है| मेरी ईश्वर से प्रार्थना है की आप सब मित्र खूब तरक्की करें! धन्यवाद !!