पार्टनरशिप डीड क्या होती है? | Partnership deed format

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Partnership Deed: इस पोस्ट में हम जानेंगे पार्टनरशिप डीड के बारे में| पार्टनरशिप डीड के ऊपर ही पूरी पार्टनरशिप आधारित होती है|

पार्टनरशिप डीड क्या होती है?

“पार्टनरशिप डीड (साझेदारी कार्य) एक ऐसा लिखित कानूनी दस्तावेज होता है, जो सभी भागीदारों के अधिकारों और जिम्मेदारियों के विवरण में एक व्यापार को सही ढंग से चलाने लिए एक ढांचा प्रदान करता है। इस दस्तावेज़ को कानूनी मान्यता प्राप्त होती है| इस दस्तावेज में व्यापार को चलाने के लिए दिशानिर्देश तय किए गए होते हैं| इस दस्तावेज के द्वारा बिजनेस में सह भाग्य के बीच किसी भी प्रकार की गलतफहमी संघर्ष उत्पीड़न तथा अप्रियता से बचने में मदद मिलती है| इस दस्तावेज के द्वारा किसी भी पार्टनरशिप फर्म को चलाने के लिए मार्गदर्शन मिलता है| इसके द्वारा लिए जाने वाले निर्णयों में विरोधाभास नहीं होता|” 

पार्टनरशिप डीड क्यों बनवानी चाहिए? 

आप पार्टनरशिप फर्म के बारे में तो पढ़ ही चुके हैं| जब भी 1 से ज्यादा लोग मिलकर बिजनेस करते हैं तो, कभी ना कभी बिजनेस में ऐसी परिस्थितियां आ जाती हैं जहां पर पार्टनर्स के बीच वाद विवाद बढ़ सकता है| 

मनुष्य परिस्थितियों का गुलाम होता है| परिस्थितियां जैसे चाहे वैसे आप से काम करवा सकती हैं|

आप में से बहुत से लोग मेरी इस बात से इत्तेफाक नहीं रखते होगे|

चलिए! टॉपिक शुरू करने से पहले मैं आप से कुछ सवाल पूछता हूं| जिसमें मैं अलग-अलग परिस्थितियों  के आधार पर आप से सवाल करूंगा| देखते हैं कि आप में से कितने लोग परिस्थिति के हिसाब से अपना निर्णय नहीं बदलते| 

पहला सवाल: आप एक ऐसे रेलवे ट्रैक पर खड़े हैं, जहां से दो रेलवे ट्रैक गुजरते हैं| जिस जगह पर आप खड़े हैं वहां  पर एक लीवर है| इस लीवर के द्वारा आप ट्रेन को जिस चाहे ट्रैक पर मोड़ सकते हैं| 

मेरा पहला सवाल यहां से शुरू होता है| जिस ट्रैक पर ट्रेन आ रही है ट्रैक पर 5 मजदूर काम कर रहे हैं| आपके लीवर खींचने से ट्रेन दूसरे ट्रैक पर चली जाएगी और वह सभी मजदूर बच जाएंगे| आपकी आवाज भी उन मजदूरों तक नहीं पहुंच सकती| आप अपना जवाब अपने मन में सोच कर रखें| 

दूसरा सवाल:  यदि आप खाली ट्रैक पर ट्रेन को मोड़ देते हैं तो, इस दूसरी परिस्थिति में इस खाली ट्रैक पर एक व्यक्ति खड़ा हुआ है| 

तीसरा सवाल: यदि आपका जवाब फिर भी यह था कि आप 5 लोगों को बचाने के लिए ट्रेन उस लीवर की सहायता से उस ट्रैक पर मोड़ देंगे, जहां पर एक व्यक्ति खड़ा है तो तीसरा सवाल आपके लिए है|

मान लीजिए, यह जो अकेला व्यक्ति खड़ा है, यह आपका भाई या आपका बेटा है| अब! आपके सवाल का क्या पहले वाला ही जवाब होगा| खैर छोड़िए! अगले सवाल पर चलते हैं| 

चौथा सवाल: अबकी बार जो ट्रेन आ रही है उस पर आपका भाई या बेटा खड़ा है| यदि आपको इन्हें बचाना है तो आपको लीवर दूसरी दिशा में मोड़ना पड़ेगा, जिससे कि वह ट्रेन उस ट्रैक पर चली जाएगी, जहां पर 5 मजदूर काम कर रहे हैं| अब! ऐसी स्थिति में आप क्या करेंगे| चलिए! अगले सवाल की तरफ चलते हैं| 

पाँचवा सवाल:  दूसरी वाली स्थिति में पुनः वापस चलते हैं| जिसमें आपने 5 लोगों को बचाने के लिए ट्रेन का रुख उस दिशा में मोड़ दिया था जिस पर वह अकेला व्यक्ति खड़ा था| आपने जवाब यह सोचा था कि आप 5 लोगों को बचाने के लिए इस अकेले व्यक्ति की कुर्बानी दे देंगे, तो यह सवाल आपके लिए है|

अबकी बार आप  आप एक ऐसे फ्लाईओवर पर खड़े हैं जिसके नीचे से वह ट्रेन  गुजर रही है|  आपको इसे रोकने के लिए, आपके बराबर में खड़े व्यक्ति को नीचे धक्का देना होगा| जवाब आपने सोच लिया होगा?

खैर! इन सब परिस्थितियों के द्वारा मैं यह  बताना चाह रहा था कि जब आप पार्टनरशिप या लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप जैसी फर्म खोलते हैं तो, परिस्थितियां सदैव एक से नहीं रहती|  इसलिए आपको हमेशा एक पार्टनरशिप डीड अवश्य ही बनवा लेनी चाहिए| 

इसके द्वारा आप भविष्य में छोटी-छोटी बातों पर होने वाले मनमुटाव को रोक सकते हैं|

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पार्टनरशिप डीड के अभाव में क्या हो सकता है? (In the absence of partnership deed)

जब किसी भी पार्टनरशिप फर्म को चलाने के लिए कोई डीड ही नहीं तैयार की गई होगी तो जल्दी ही उस पार्टनरशिप का अंत हो जाना तय है|

सब पार्टनर अपनी-अपनी बात मनवाने की कोशिश करेंगे| सभी पार्टनर्स को अपनी बात ही ठीक लगी| बहुत जल्दी विरोधाभास की स्थिति उत्पन्न हो सकती है| इस प्रकार की बहुत सारी बातें पार्टनरशिप डीड के अभाव में (In the absence of partnership deed) संभव है| कुछ मुख्य बिंदु बता रहा हूं|

1- कौन कितना हिस्सा देगा?

2- कौन कितना प्रॉफिट लेगा तथा नुकसान की स्थिति में किसको कितना नुकसान झेलना पड़ेगा?

3- कौन कितनी पूंजी लगाएगा? 

4- कौन पार्टनर क्या काम करेगा?

5- यदि किसी पार्टनर ने फर्म के लिए लोन लिया है तो उसके ब्याज की भरपाई किस प्रकार की जाएगी| 

6- वेतन जैसी समस्याएं| 

डीड किस प्रकार की होनी चाहिए?

मौखिक तथा लिखित दोनों प्रकार की डीड मान्य होती हैं| परंतु साला यह दी जाती है कि आप हमेशा लिखित में ही डीड बनवाएं| जिससे कि भविष्य में जरूरत पड़ने पर आप उसे सबूत की तरह इस्तेमाल कर सकें| 

इसमें सभी जरूरी विषयों को लिखना चाहिए|  पार्टनरशिप करने से पहले होने वाली सभी मीटिंग के सभी मुख्य बिंदुओं को लिखकर सभी की हस्ताक्षर द्वारा सहमति ले लेनी चाहिए| 

पार्टनरशिप डीड के नियम एवं शर्तें

अब आपके दिमाग में यह प्रश्न आ रहा होगा कि “पार्टनरशिप डीड में क्या लिखा होता है?”

इसमें सभी नियम एवं शर्तें लिखी जाती हैं|

जैसे कि:

किसको कितनी सैलरी मिलेगी?, किसको क्या काम करना पड़ेगा? इत्यादि 

ऐसे सभी बिंदुओं को लिखना चाहिए जिससे भविष्य में टकराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है| 

पार्टनरशिप डीड का प्रारूप (साझेदारी विलेख प्रारूप – Partnership deed format)

इसमें में शामिल होने वाले केवल मुख्य बिंदु ही लिख रहा हूं| अलग-अलग पार्टनरशिप के हिसाब से इसमें अन्य बिंदुओं को भी जोड़ा जा सकता है|

1- कंपनी का नाम (फर्म का नाम जो कि सभी भागीदारों द्वारा निर्धारित किया गया हो।), (कारोबार शुरू होने की तारीख)

2- फर्म के सभी रिश्तेदारों का विवरण उनके नाम के साथ| 

3- बिजनेस किस प्रकार का है?

4-  कौन कितना शेयर डालेगा तथा किसे कितना प्रॉफिट मिलेगा? (सभी भागीदारों द्वारा योगदान की गई पूंजी की राशि तथा भागीदारों के बीच लाभ के बंटवारे का अनुपात।)

5- वेतन कितना होगा? 

6- झगड़े का निपटारा कैसे होगा? 

7- फर्म की अस्तित्व अवधि।

8- कौन क्या काम करेगा? (प्रत्येक भागीदार के दायित्व, कर्तव्य और शक्ति।)

9- एक नए साथी के जुड़ने या पुराने साथी के कर्म से हटने की क्या प्रक्रिया होगी?

10- यदि कोई भागीदार दिवालिया हो जाता है तब क्या करना है? 

11- नुकसान होने की स्थिति में किसको कितना नुकसान झेलना पड़ेगा? 

12- फर्म के बंद होने की स्थिति में खातों के निपटान की  क्या प्रक्रिया अपनाई जाएगी?

पार्टनरशिप डीड खो जाए तो क्या करना चाहिए?

सबसे पहले तो मैं यह कहूंगा कि आपको अपने सभी डॉक्यूमेंट बहुत संभाल कर रखने चाहिए| इन सभी डाक्यूमेंट्स कि आप एक स्कैन कॉपी (सॉफ्ट कॉपी) अपने आपको मेल (Mail) कर लेनी चाहिए| 

पार्टनरशिप डीड आपको रजिस्टर्ड  करवानी चाहिए|

यदि ऐसी पार्टनरशिप डीड को भी जाती है तो आसानी से उसका दूसरा रिकॉर्ड निकल जाता है| इसकी स्कैन कॉपी, यदि आपके पास mail पर पड़ी होगी तो, आपको रजिस्ट्रेशन नंबर भी आसानी से पता लग जाएगा| इससे आपको इसकी डुप्लीकेट कॉपी निकलवाने में परेशानी नहीं होगी| 

इस पोस्ट के माध्यम से आपको “partnership deed” के मुख्य बिंदु के बारे में पता चला है|

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उम्मीद करता हूं आपको यह पोस्ट अच्छी लगी होगी|

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धन्यवाद

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प्यारे दोस्तों, मैं नवीन कुमार एक बिज़नेस ट्रैनर हूँ| अपने इस ब्लॉग के माध्यम से मैं आपको - आयात-निर्यात व्यवसाय (Export-Import Business), व्यापार कानून (Business Laws), बिज़नेस कैसे शुरु करना है?(How to start a business), Business digital marketing, व्यापारिक सहायक उपकरण (Business accessories), Offline Marketing, Business strategy, के बारें में बताऊँगा|| साथ ही साथ मैं आपको Business Motivation भी दूंगा| मेरा सबसे पसंदीदा टॉपिक है- “ग्राहक को कैसे संतुष्ट करें?-How to convince a buyer?" मेरी तमन्ना है की कोई भी बेरोज़गार न रहे!! मेरे पास जो कुछ भी ज्ञान है वह सब मैं आपको बता दूंगा परंतु उसको ग्रहण करना केवल आपके हाथों में है| मेरी ईश्वर से प्रार्थना है की आप सब मित्र खूब तरक्की करें! धन्यवाद !!

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