वन पर्सन कंपनी कैसे बनायें? | One person company की परिभाषा, अर्थ तथा फायदे

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इस पोस्ट के माध्यम से आप जानेंगे कि One person company क्या होती है? तथा One person company कंपनी अधिनियम 2013 में इसके क्या प्रावधान है?  

दोस्तों, इस पोस्ट को शुरू करने से पहले मैं एक सवाल का जवाब देना चाहता हूं कि “लोग कंपनी क्यों बनाते हैं?” 

तो इसका जवाब है- क्योंकि प्रोपराइटरशिप फर्म के मुकाबले कंपनी की देनदारी लिमिटेड होती है या ऋण चुकाने के संदर्भ में भी इसे इस्तेमाल किया जाता है|

यानी यदि प्रोपराइटरशिप फर्म पर कोई ऐसी देनदारी आती है, जिसको वह पूरा करने की स्थिति में नहीं है तो, उसके मालिकों की निजी संपत्ति को बेच कर भी उस नुकसान को पूरा किया जा सकता है|

साथ ही साथ इसका दूसरा एक कारण भी है की लोगों का भरोसा प्रोपराइटरशिप फर्म के मुकाबले कंपनी पर ज्यादा होता है|

साथ ही साथ कंपनी को लोन मिलने में ज्यादा परेशानी नहीं होती| 

इसका अर्थ यह बिल्कुल नहीं है कि प्रोपराइटरशिप फर्म व्यापार नहीं कर पाती| आज भी एक्सपोर्ट के क्षेत्र में प्रोपराइटरशिप फर्म बहुत अच्छा कारोबार करती हैं| 

तो दोस्तों, 

जब भी अपने पहले से चल रहे व्यापार को आप बढ़ाना चाहेंगे – (चाहे वह लघु उद्योग हो या कुटीर उद्योग) -तो कंपनी बनाना उसका पहला चरण है| 

One person company meaning

एक व्यक्ति कंपनी के कानून को कंपनी एक्ट 2013 में लाया गया था| 

One person company meaning होता है- एक व्यक्ति कंपनी 

One person company का अर्थ: “वह कंपनी जिससे कि एक व्यक्ति द्वारा चलाया जा सकता है|”

कंपनी अधिनियम 2013 से पहले यह मुमकिन नहीं था| अब कोई सिंगल व्यक्ति भी चाहे तो एक कंपनी बना सकता है|  

One person company का अर्थ जान लेने के बाद आपको कंपनी क्या होती है? इसके बारे में भी जान लेना चाहिए|

इससे आपका यह कंसेप्ट One person company और भी अच्छी तरह क्लियर हो जाएगा| 

एक व्यक्ति कंपनी क्या है? (What is one person company)

चलिए! One person company का अर्थ जाने के बाद अब बारी आती है की “एक व्यक्ति कंपनी क्या है? (What is one person company?)” तथा हमें “एक व्यक्ति कंपनी की जरूरत क्यों पड़ी?” 

अधिनियम 2013 से पहले वन पर्सन कंपनी जैसी किसी कंपनी का कोई अस्तित्व नहीं था| 

सन 2013 से पहले  यदि कोई एक व्यक्ति कंपनी खोलना चाहता था तो ऐसा मुमकिन नहीं होता था, क्योंकि यदि व्यक्ति प्राइवेट लिमिटेड कंपनी खोलना चाहता था तो मिनिमम 2 लोगों के जरूरत होती थी, और यदि वह पब्लिक लिमिटेड कंपनी खोलना चाहता था तो मिनिमम 7 लोगों की जरूरत होती थी| 

अब लोग फॉर्मेलिटी के लिए अपने घर के किसी भी मेंबर को कंपनी के साथ जोड़ने लगे|

केवल इसका एक ही कारण था, क्योंकि Law एक व्यक्ति को कंपनी खोलने की इजाज़त नहीं देता था| 

अब सरकार को इस बात का एहसास हुआ कि यदि एक व्यक्ति कंपनी को अधिनियम में शामिल कर लिया जाए तो ज़बरदस्ती में, केवल फॉर्मेलिटी पूरी करने के लिए, जो लोग अन्य लोगों का सहारा लेते हैं, उन लोगों की समस्या का हल हो जाएगा|  

इसके बाद One person company 2013 कंपनी अधिनियम में शामिल किया गया| 

एक व्यक्ति कंपनी की परिभाषा (One person company definition)

एक व्यक्ति कंपनी की परिभाषा: “2013 कंपनी अधिनियम के अनुसार एक व्यक्ति कंपनी के बारें में Section 3(1) में यह बताया गया है कि केवल एक व्यक्ति द्वारा भी कंपनी का निर्माण किया जा सकता है, इस एक व्यक्ति द्वारा बनाई गई कंपनी को ही एक व्यक्ति कंपनी (One person company) कहा जाएगा|”

OPC में सदस्यों की मिनिमम संख्या तथा मैक्सिमम संख्या केवल एक होगी| वन पर्सन कंपनी में डायरेक्टर्स की न्यूनतम संख्या 1 तथा अधिकतम संख्या 15 हो सकती है| 

नोट:- वन पर्सन कंपनी एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी होती है परंतु इसके नाम के आगे (O.P.C.)  लिखना अनिवार्य है| 

वन पर्सन कंपनी के लिए क्या पात्रता मापदंड होने चाहिए? (OPC Eligibility Criteria)

यदि एक व्यक्ति कंपनी के नीचे दिए गए पॉइंट मिस मैच कर जाते हैं तो इसे प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में या पब्लिक कंपनी में बदलना ही पड़ेगा| 

  • यदि वन पर्सन कंपनी की Paid up capital (प्रदत्त पूँजी) 50 लाख से ऊपर चली जाए या उसका औसत सालाना कारोबार (Annual Turnover) 2 करोड़ से ऊपर चला जाए| 

यही क्राइटेरिया स्मॉल कंपनी (Small Company) के केस में भी होता है| 

इस केस में आपको 6 महीने के अंदर अंदर वन पर्सन कंपनी को Private limited company में या पब्लिक कंपनी में बदलना पड़ेगा| 

नोट:- यदि आप अपनी स्वेच्छा से अपनी वन पर्सन कंपनी को प्राइवेट लिमिटेड कंपनी, पब्लिक कंपनी में बदलना चाहते हैं तो आपको इन-कॉरपोरेशन की डेट से 2 साल तक इंतजार करना पड़ेगा| 

अब जैसा कि आपने पिछली पोस्ट कंपनी क्या होती है?  में पढ़ा होगा कि कंपनी बंद (Company Wind up) नहीं होती, चाहे कंपनी के सभी मेंबर मर जाएं | 

अब आपके दिमाग में एक प्रश्न आना अनिवार्य है|

“कि यदि वन पर्सन कंपनी का जो 1 मेंबर है वही उसका डायरेक्टर भी था और वह मर गया तो कंपनी का क्या होगा?”

तो इस प्रकार का सवाल कानून बनाने वालों के दिमाग में भी आया होगा

इसलिए ही उन्होंने इस  समस्या के निवारण हेतु इन्होंने अधिनियम में कंपनी के Memorandum of association (M.O.A.) में एक नया Clause खोला| 

इस Clause में आपको आप के बाद आप के उत्तराधिकारी का नाम लिखना अनिवार्य है|  जिसे Nominee कहा जाता है| 

अब यदि कंपनी का यह शेयर होल्डर मर जाता है या कंपनी चलाने की स्थिति में नहीं रहता तो इसके बाद नॉमिनी में जिसका नाम दिया होगा वह कंपनी को चलाएगा|

नोट:- इस नॉमिनी की सहमति भी आवश्यक है| साथ ही साथ आपको एक चीज का और ध्यान रखना है कि नॉमिनी का रोल जब तक शुरू नहीं हो सकता, जब तक आप किसी भी कॉन्ट्रैक्ट को करने के लिए लीगली अधिकारी हैं| 

अर्थात Perpetual Succession (शाश्वत उत्तराधिकार) का नियम इसमें भी लागू होता है, परंतु इसमें एक छोटा सा टेक्निकल प्वाइंट यह है कि नॉमिनी यदि चाहे तो कंपनी को बंद भी कर सकता है| 

यानी कि 2013  के अधिनियम में कंपनी खोलने का तरीका बताया गया है तो इसी अधिनियम के द्वारा ही कंपनी कैसे बंद करें यह भी बताया गया है| 

वन पर्सन कंपनी बनाने के क्या फायदे होते हैं? 

  • Separate Legal Entity

अब क्योंकि वन पर्सन कंपनी भी कंपनी ही होती है इसलिए इसका भी अपने मेंबर से अलग अस्तित्व होता है| यह भी अपने मेंबर से पृथक होती है| 

  • less compliance

असल में यह Sole Proprietorship का रिप्लेसमेंट होती है|

सोल प्रोपराइटरशिप में फॉर्मेलिटी बहुत ज्यादा नहीं होती| सोल प्रोपराइटरशिप आसानी से ऑपरेट किया जाने वाला बिज़नेस होता है| 

इसी को ध्यान में रखते हुए इसका जो रूप सामने आया वह वन पर्सन कंपनी के रूप में आया| 

  • Secure Personal Wealth

इसका अर्थ यह है कि वन पर्सन कंपनी एक ही आदमी डायरेक्टर होता है|

सोल प्रोपराइटरशिप एक अन ऑर्गेनाइज संगठन होता है जबकि वन पर्सन कंपनी एक ऑर्गेनाइज संगठन होता है| 

ऑर्गेनाइज संगठन होने की वजह से लोगों का इस पर विश्वास बढ़ जाता है| 

वन पर्सन कंपनी कौन बना सकता है? 

  • Natural Person

केवल प्राकृतिक व्यक्ति ही OPC  बना सकता है| 

  • Not Minor

ओ.पी.सी. बनाने वाला व्यक्ति नाबालिग नहीं होना चाहिए| 

  • Indian Citizen & Resident 

O.P.C. वही व्यक्ति खोल सकता है जो भारत का नागरिक हो तथा तथा भारत में ही रहता हो|

इसका नॉमिनी भी भारत का नागरिक होना चाहिए और इसका निवास स्थान भी भारत ही होना चाहिए| 

एक व्यक्ति कितनी ओ पी सी बना सकता है?

एक व्यक्ति केवल एक ही ओ.पी.सी. बना सकता है|

साथ ही साथ आपको एक बात और ध्यान में रखनी है कि एक नॉमिनी केवल एक ही ओपीसी में नॉमिनी बन सकता है| 

साथ ही साथ इस नॉमिनी को जरूरत पड़ने पर चेंज भी किया जा सकता है|

एक व्यक्ति कंपनी के लिए आवश्यक दस्तावेज

वन पर्सन कंपनी के लिए निम्न लिखित डॉक्युमेंट्स चाहिए

  • कंपनी का PAN कार्ड (company PAN card)
  • कंपनी का रेजिस्ट्रैशन सर्टिफिकेट (Company Registration Certificate) 
  • आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन (Articles of Association (AOA) / मेमोरैन्डम ऑफ एसोसिएशन (Memorandum of Association (MOA)
  • सभी directors के पासपोर्ट साइज़ फोटो, PAN card और Aadhar card DSC & DIN के साथ 
  • बैंक डीटेल – कैन्सल चैक या बैंक की statement
  • मुख्य आवास के प्रूफ के साथ अतिरिक्त बिज़नेस का पता (Address proof of Principal place of business and additional place of business)

अपने ऑफिस के लिए  – बिजली के बिल/ landline bill/ पानी के बिल या /  municipal रेजिस्ट्रैशन कॉपी / municipal Property tax की रसीद

किराये के ऑफिस के लिए – किराये के दस्तावेज़ (Rent agreement) और बिजली के बिल की कॉपी / Property Legal Documents

Board resolution copy for authorization of signatory
Proof of appointment of authorized signatory- letter of authorization/

भारत में वन पर्सन कंपनी बनाने के लिए क्या-क्या स्टेप्स लेने पड़ेंगे

दोस्तों, अब हम बात करेंगे कि भारत में वन पर्सन कंपनी कैसे बनाएं? चलिए! शुरू करते हैं कि भारत में वन पर्सन कंपनी बनाने के लिए क्या-क्या स्टेप्स लेने पड़ेंगे

1- Digital Signature

इसके लिए आपको डिजिटल सिग्नेचर लेना अनिवार्य है|

डिजिटल सिग्नेचर के लिए आपको ऐड्रेस प्रूफ,  आधार कार्ड, पैन कार्ड,  पासपोर्ट साइज फोटो, ईमेल एड्रेस तथा एक मोबाइल चाहिए जिससे वन टाइम पासवर्ड आएगा| 

2- Director Identification Number (DIN)

यह आपको R.O.C. से MCA  कि साइट से मिलेगा 

3- Name Approval

इसके लिए आपको एक यूनिक सा नाम ढूंढ कर उसको अप्लाई करना है| इसके लिए कुछ क्राइटेरिया है|

यह जानने के लिए आप यह पोस्ट पढ़ें- कंपनी क्या होती है?

4- Memorandum & Articles Of Association

इसके लिए आपको संस्थापन प्रलेख तथा संस्था के अंतर्नियम बनाने आवश्यक है| 

5- KYC Documents

इसमें आपका के वाई सी (KYC) डॉक्यूमेंट भी लगेगा| 

6- Ownership Proof of registered office

इसके लिए आपको एक रजिस्टर्ड ऑफिस का पता तथा उसका मालिकाना हक का सबूत भी देना पड़ेगा|

यदि यह किराए का ऑफिस है तो इसमें किराए का एग्रीमेंट लगेगा| 

7- Documents Submit 

आपको यह डाक्यूमेंट्स मिनिस्ट्री ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स की साइट पर अप-लोड करने हैं| इसके बाद R.O.C. (Registrars of Companies) आपके कागज़ात की सत्यता का निरीक्षण करेगी| 

इसके बाद आपको सर्टिफ़िकेट ऑफ इन कॉरपोरेशन  जारी हो जाएगा| 

अब आप बिज़नेस करने के लिए एक One person Company में बिल्कुल तैयार हैं| 

नोट:- एक फॉर्म भरने के बाद आपको कंपनी का पैन नंबर (Permanent account number) तथा TAN (Tax Deduction and Collection Account Number) नंबर भी जारी हो जाएगा|

नोट:- जैसा की आपने पिछली पोस्ट –कंपनी क्या होती है? में पढ़ा की किसी भी कंपनी के तीन मुख्य डॉक्यूमेंट होते हैं|

1-Memorandum Of Association 2- Article of association 3- Prospectus – इसमें प्रस्पेक्टस का इस्तेमाल केवल पब्लिक लिमिटेड कंपनी में ही होता है| 

इस कार्य को करने के लिए आप MSME कि सहायता भी ले सकते हैं|

इसके लिए आपको एमएसएमई की वेबसाइट पर रिक्वेस्ट देनी है तथा उनकी टीम आपसे संपर्क करेगी और आपकी संभव सहायता  करेगी| 

एमएसएमई के बारे में जानने के लिए पढ़ें: एमएसएमई के बारे में सारी जानकारी 

चलिए दोस्तों ,

अब बात करते हैं कुछ सामान्य प्रश्न उत्तर की जिन्हें पढ़ने के बाद आपको, यदि अब भी कुछ चीज समझ में नही आई हो तो वह क्लियर हो जाएगी| 

FAQs: One person company

सोल प्रोपराइटरशिप तथा One person company में क्या फर्क होता है?

सोल प्रोपराइटरशिप में फर्म तथा व्यक्ति को एक ही माना जाता है तथा वन पर्सन कंपनी में कंपनी तथा कंपनी के स्वामी का अस्तित्व अलग-अलग माना जाता है|

One person company में कितने शेयर होल्डर होते हैं?

जैसा किसके नाम से है विदित हो जाता है कि यह एक व्यक्ति कंपनी होती है इसलिए इसका शेयर भी एक ही होता है|

कब One person company को प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में बदलना पड़ेगा?

यदि वन पर्सन कंपनी का पैड अप कैपिटल (प्रदत्त पूँजी) 50 लाख से बढ़ जाए या उसका औसत सालाना कारोबार (Annual Turnover) 2 करोड़ से बढ़ जाए|

यदि One person company का इकलौता शेयर होल्डर मर जाए तो उस कंपनी को कौन चलाएगा?

जिस भी व्यक्ति का नाम नामांकित व्यक्ति (नॉमिनी)  के रूप में दिया गया होगा वह कंपनी चलाएगा|

क्या नामांकित व्यक्ति (नॉमिनी) को One person company के स्वामी की मृत्यु के पश्चात चलाना अनिवार्य है?

जी नहीं,  वह चाहे तो अधिनियम 2013  के अनुसार कंपनी को बंद भी कर सकता है|

कंपनी अधिनियम 2013 के अनुसार One person company में न्यूनतम  तथा अधिकतम मेंबरों की संख्या कितनी निर्धारित की गई है?

ओ.पी.सी  में न्यूनतम तथा अधिकतम मेंबर्स की संख्या केवल एक ही रहेगी|

One person company में कम से कम तथा अधिक से अधिक कितने डायरेक्टर रख सकते हैं?

वन पर्सन कंपनी में कम से कम 1 तथा अधिक से अधिक 15 डायरेक्टर्स ही नियुक्त किए जा सकते हैं|

कंपनी अधिनियम 2013 के अनुसार One person company का एक नॉमिनी कितनी कंपनियों में नॉमिनी बन सकता है?

केवल एक कंपनी में ही नॉमिनी बन सकता है| 

क्या एक नाबालिग द्वारा One person company का निर्माण किया जा सकता है?

जी नहीं,  कंपनी अधिनियम 2013 के अनुसार वन पर्सन कंपनी का निर्माण एक नाबालिग द्वारा नहीं किया जा सकता| 

One person company से प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में माइग्रेट करने के लिए कितना समय इंतजार करना पड़ेगा?

कम से कम 2 साल|  या फिर पैड अप कैपिटल 50 लाख से ऊपर यह सालाना कारोबार दो करोड़ से ऊपर चला जाए तब आपको 6 महीने के अंदर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में माइग्रेशन करना पड़ेगा|

क्या विदेश में रहने वाला भारतीय नागरिक भारत में One person company का निर्माण कर सकता है? 

जी नहीं,  विदेश में रहने वाला भारतीय नागरिक वन पर्सन कंपनी का निर्माण नहीं कर सकता|

क्या विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिक का One person company में नॉमिनेशन वैलिड माना जाएगा?

जी नहीं,  जिस प्रकार वन पर्सन कंपनी का शेयर होल्डर भारतीय नागरिक के साथ-साथ भारत में ही निवास स्थान होना चाहिए|  उसी प्रकार नामित व्यक्ति का भी निवास स्थान तथा नागरिकता भारत ही होनी चाहिए|

साथ ही यह भी अवश्य पढ़ें:

कंपनी क्या होती है?, भारत में कैसे खोले?

प्राइवेट लिमिटेड कंपनी क्या होती है तथा इसके क्या फ़ायदे हैं?

स्मॉल कंपनी क्या होती है?

पब्लिक लिमिटेड कंपनी के फ़ायदे तथा नुकसान

ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन कैसे होता है तथा कितनी फीस लगती है?

दोस्तों,  उम्मीद करता हूं कि इस पोस्ट के माध्यम से आपको वन पर्सन कंपनी क्या होती है?वन पर्सन कंपनी को कैसे बना सकते हैं?, वन पर्सन कंपनी के क्या फायदे हैं? जैसे सभी सवालों के जवाब मिल गए होंगे|

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