वित्तीय प्रबंधन के उद्देश्य क्या है? | Objectives of Financial Management in Hindi

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इस पोस्ट के मध्य से आप वित्तीय प्रबंधन के उद्देश्य क्या है? (Objectives of Financial Management in Hindi) के बारे में पढ़ेंगे!

वित्तीय प्रबंधन के उद्देश्य से क्या तात्पर्य है? (What is meant by the objective of financial management)

फाइनेंशियल मैनेजमेंट का उद्देश्य लाभ एवं व्यवसाय की परिसम्पत्तियों को बढ़ाना है|

इसमें पैसे का इस प्रकार इस्तेमाल करना बताया जाता है ताकि धन की आवश्यकता पड़ने पर हर विषय के लिए धन आराम से उपलब्ध हो जाए!

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Objectives of Financial Management
Objectives of Financial Management

Objectives of Financial Management

फाइनेंसियल मैनेजमेंट यदि किसी ऑर्गेनाइजेशन में अच्छा हो जाए तो उससे क्या-क्या फर्क पड़ता है? इन्हीं सब विषय के बारे में जानेंगे!

फाइनेंसियल मैनेजमेंट के द्वारा हमारी जितनी कैपेसिटी बनती है हम उतना लाभ कमा सकते हैं! इसके द्वारा हम नकदी का सही प्रकार से रख-रखाव कर सकते हैं!

धन के सही इस्तेमाल की जानकारी मिलती है तथा कर्ज दाताओं द्वारा दिए गए धन को सही प्रकार से तथा सही समय पर वापिस करने के बारे में सीखते हैं! 

1- मुनाफा उच्चतम सीमा तक ले जाना (Profit maximization)

प्रत्येक व्यक्ति को पता होता है कि उसके बिजनेस में मुनाफा कमाने की कितनी क्षमता है? 

मान लीजिए, आपके बिजनेस की  कमाने की क्षमता 1 करोड़ रुपए हैं, परंतु आप केवल 50 लाख रुपए तक ही कमा पाते हैं! इसका अर्थ यह है कि आपके बिजनेस में फाइनेंशियल मैनेजमेंट का अभाव है| आप अपने फाइनेंसशियल मैनेजमेंट को ठीक कर के अपने लक्ष्य की प्राप्ति कर सकते हैं! 

यदि आपके बिजनेस में फाइनेंशियल डिसीजन अच्छे होंगे तथा फाइनेंसियल मैनेजमेंट ढंग से हो जाएगा तो ऐसी स्थिति में आप अपने एक करोड़ कमाने के लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं| 

i) Financial management का मुख्य objective शेयर होल्डर्स की संपत्ति को बढ़ाना होता है! 

कंपनी जिस पैसे से चलती है उसे कैपिटल कहते हैं| किसी भी कंपनी को चलाने के लिए बहुत अधिक धन की आवश्यकता होती है इसलिए, यह धन किसी एक व्यक्ति द्वारा ना लेकर बहुत सारे source से इकट्ठा किया जाता है| इसके बहुत सारे हिस्से कर दिए जाते हैं|

इसका एक विशेष हिस्सा share कहलाता है| इन शेयर खरीदने वालों को शेयर होल्डर्स कहा जाता है, क्योंकि इन शेरहोल्डर्स का कंपनी में पैसा लगा होता है इसलिए यह कंपनी के मालिक भी होते हैं| 

कंपनी जब फायदे में होती है तो शेयर होल्डर्स को dividend के माध्यम से मुनाफा दिया जाता है! 

कंपनी के शेयर का मूल्य मुख्यतः तीन financial decisions पर आधारित होता है! 

ii) एक शेयर होल्डर को कंपनी द्वारा दो प्रकार से फायदा दिया जा सकता है|

पहला: डिविडेंड के माध्यम से

दूसरा: शेयर के प्राइस में बढ़ोतरी द्वारा 

फाइनेंसियल मैनेजमेंट में इन दोनों तरीकों पर ध्यान दिया जाता है, क्योंकि डिविडेंड तथा शेयर के प्राइस में बढ़ोतरी कंपनी की अच्छी परफॉर्मेंस पर निर्भर करती है! और किसी भी कंपनी की अच्छी परफॉर्मेंस उसके अच्छे फाइनेंशियल मैनेजमेंट पर निर्भर करती है!

iii) Financial management की importance इसलिए भी अधिक होती है क्योंकि अच्छे फाइनैन्शल डिसीजन के द्वारा लागत मूल्य प्रभावी रूप से बढ़ती है! यानी कि हमने जितना इन्वेस्टमेंट किया है उसका रिटर्न हमें बहुत अच्छा मिल जाता है! 

iv) निधियों (funds) की नियमित और सटीक आपूर्ति सुनिश्चित करना।

v) निधियों (funds) का बेहतर उपयोग सुनिश्चित (Assured) करना। जब एक बार धन प्राप्त कर लिया जाता है तो कम से कम लागत पर उसका उपयोग सही तरीके से किया जाना चाहिए!

vi) निवेश (investment) पर सुरक्षा सुनिश्चित करना।

vii) एक सुदृढ़ पूंजी (strong capital) संरचना (structure) की योजना बनाना, पूंजी की उचित व्यवस्था होनी चाहिए ताकि इक्विटी पूंजी और ऋण के बीच संतुलन बना रहे!

2- नकदी का रखरखाव (Maintenance of liquidity)

आपके बिजनेस में नकदी का रखरखाव ठीक प्रकार से होना चाहिए! 

आपके पास बहुत अच्छी-अच्छी मशीनरी है!, बहुत अच्छी बिल्डिंग है!, बहुत अच्छा स्टाफ है! परंतु यदि आपके पास  नकदी (Cash money) नहीं है तो, यह एक खराब फाइनेंसियल मैनेजमेंट कहलाएगा| 

यानी कि कहने का अर्थ यह है कि जरूरत के समय आपके पास नकदी ना हो परंतु आप उसे बहुत जल्दी उपलब्ध करवा सकते हो! 

3- धन का उचित उपयोग (Proper utilization of funds)

मान लीजिए, आपके पास एक लाख रुपए हैं! उसी पैसे में आपको स्टाफ को सैलरी भी देनी है, जगह का किराया भी देना है (यदि जगह किराए की है तब), अब! आपको अपने पैसे को इस हिसाब से खर्च करना चाहिए कि आप बिजनेस चलाने के लिए जरुरी धन की सभी आवश्यकताओं को पूरा कर सकें! 

जब भी financial management में अच्छे finance decision लेते हैं, ऐसे में आपके funds की जहां जरूरत है उन्हें वही खर्च करना चाहिए! जहां पर उनका खर्च करने की जरूरत नहीं लग रही वहां पर उन्हें खर्च नहीं करना चाहिए! 

i) इस फाइनेंशियल मैनेजमेंट का उद्देश्य यह होता है कि यदि आप कोई नई मशीन खरीदना चाहते हैं तो, आप ऐसी मशीन खरीदें जिससे कि आप अधिक से अधिक मुनाफा कमा सके, समय बचे, सहूलियत हो इत्यादि|

यानी कि आप जितने लागत लगाएं उससे अधिक मुनाफा कमा लें| 

4- लेनदारों के साथ वित्तीय प्रतिबद्धताओं की बैठक (Meetings of financial commitments with creditors)

इसमें यह सिखाया जाता है कि आपने जिन भी लोगों से उधार लिया है, वह आपके पास अपने पैसे की डिमांड (तकाजा) करने ना आए|

आप समय पर उनका पैसा चुका दे! उनके साथ मीटिंग अवश्य करें

i) उतना ही पैसा उधार लेना चाहिए जितना आप आसानी से चुका सकते हैं साथ ही आप उस पैसे से अच्छा मुनाफा भी कमा पाए! 

FAQs: Objectives of Financial Management

वित्तीय प्रबंधन के उद्देश्य उद्देश्य क्या है?

1- मुनाफा उच्चतम सीमा तक ले जाना (Profit maximization)
2- नकदी का रखरखाव (Maintenance of liquidity)
3- धन का उचित उपयोग (Proper utilization of funds)
4- लेनदारों के साथ वित्तीय प्रतिबद्धताओं की बैठक (Meetings of financial commitments with creditors)

वित्तीय नियोजन के दो उद्देश्य को स्पष्ट कीजिए

“वित्तीय नियोजन के कई उद्देश्य होते हैं, लेकिन इसका मुख्य उद्देश्य हमेशा वित्तीय कार्यों (financial operations) से संबन्धित होता है। वित्तीय नियोजन के दो मुख्य उद्देश्य इस प्रकार हैं:
1. वित्तीय नियोजन के अंतर्गत किसी भी कंपनी का वित्तीय प्रबंधन सम्मिलित होता है।
2. वित्तीय नियोजन के अंतर्गत कंपनी के धन संबन्धित उद्देश्यों, नीतियों आर कार्यविधियों को निर्धारित (determined) किया जाता है।”

साथ ही यह भी अवश्य देखें:

वित्तीय प्रबंधन का परिचय

विदेशी कंपनी क्या होती है 

फ्रेंचाइजी बिजनेस क्या है

कुलटिंग सर्विस बिजनेस आइडिया

उम्मीद करता हूँ, आपको यह पोस्ट “फाइनेंसियल मैनेजमेंट इन हिंदी, वित्तीय प्रबंधन के उद्देश्य क्या है? (Objectives of Financial Management in Hindi) अवश्य ही पसंद आई होगी!

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Business studies से संबंधित ऐसे ही अगली पोस्ट में, मैं फिर मिलूंगा तब तक के लिए नमस्कार 

धन्यवाद 

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