निफ्टी और सेंसेक्स क्या है? | What is Nifty and Sensex in Hindi

414

What is nifty and sensex: इस पोस्ट में हम निफ्टी और सेंसेक्स क्या है? इसके बारे में समझेंगे| साथ ही साथ यह भी समझने की कोशिश करेंगे के लोगों पर सेंसेक्स और निफ्टी का जुनून क्यों सवार रहता है? क्यों लोग सेंसेक्स और निफ्टी के बारे में हमेशा जानने का प्रयत्न करते रहते हैं? 

कभी-कभी लोगों का यह प्रश्न रहता है कि “सेंसेक्स में यदि 30 कंपनियों का संकेत देता है तो उन कंपनियों को ही फर्क पड़ना चाहिए| मेरी कंपनी के स्टॉक पर क्यों फर्क पड़ेगा?”

यदि आप शेयर मार्केट में पैसा लगाते हैं तो आपको इसका एनालिसिस करना बहुत जरूरी है| जब सेंसेक्स ऊपर चढ़ता है तो छोटी कंपनियों के शेयर भी चढ़ जाते हैं परंतु जब सेंसेक्स नीचे गिरता है तो कई बार अच्छी कंपनियों के शेयर भी गिर जाते हैं|

ग्रुप सेंटीमेंट का भी इस पर बहुत प्रभाव पड़ता है| इसी सेंटीमेंट को समझने के लिए इसका एनालिसिस करना बहुत जरूरी है! 

इसी एनालिसिस को अच्छी तरह करने के लिए सबसे पहले आपको जानना पड़ेगा कि सेंसेक्स और निफ्टी क्या है? 

इस पोस्ट में हम सेंसेक्स तथा निफ्टी का कांसेप्ट अच्छी तरह समझेंगे| 

उदाहरण:

जैसे कि किसी व्यक्ति की क्रेडिट वैल्यू जानने के लिए उसका सिबिल स्कोर चेक किया जाता है| सिबिल स्कोर में उस व्यक्ति की सारी फाइनेंशियल स्टेटमेंट आ जाती है| कितना उसने लोन लिया हुआ है?  कब उसने किस तरह की में देरी की है? इत्यादि| 

इन्हीं सब को ध्यान में रखकर उस व्यक्ति का सिबिल स्कोर बनाया जाता है| 

इसी प्रकार किसी देश की फाइनेंशियल स्थिति को जानना है तो उस देश के स्टॉक मार्केट का एनालिसिस करके यह पता लगाया जा सकता है| 

अब!  यहां पर यह प्रश्न उठता है कि भारत की इकोनॉमी के बारे में कैसे पता लगाया जाए? 

इसके लिए आपको सेंसेक्स तथा निफ्टी का एनालिसिस करना पड़ेगा| भारत में सेंसेक्स तथा निफ्टी शेयर मार्केट के दो महत्वपूर्ण इंडेक्स हैं|  

सेंसेक्स, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का महत्वपूर्ण इंडेक्स (सूचकांक) है| नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का जो महत्वपूर्ण इंडेक्स है उसे हम निफ्टी कहते हैं|

सिबिल स्कोर के बारे में जानने के लिए पढ़ें: CIBIL Score की सारी जानकारी

Sensex: इसे Sensex क्यों कहते हैं? | What is nifty and Sensex in Hindi

 सेंसेक्स की परिभाषा: “Sensitive + Index  को मिलाकर सेंसेक्स हो जाता है| यानी कि सेंसेटिव इंडेक्स की शार्ट फॉर्म को हम सेंसेक्स कहते हैं|” 

Nifty: इसे Nifty क्यों कहते हैं? | What is Sensex and nifty in Hindi

निफ्टी की परिभाषा: “National + fifty को मिलाकर निफ्टी कहा जाता है| यानी कि नेशनल फिफ्टी की शॉर्ट फॉर्म को हम निफ़्टी कहते हैं| 

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज तथा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में कितनी कंपनियां लिस्टेड है? 

BSE में टोटल 5000 से भी ज्यादा कंपनी लिस्टेड है|

NSE में टोटल 1600 से भी ज्यादा कंपनियां लिस्टेड है| 

अब! यही से हमारे सवाल का जवाब शुरू होता है|

यदि भारत की इकोनॉमी की स्थिति को पता करना है तो एक साथ इतनी सारी कंपनियों को ट्रैक नहीं किया जा सकता| 

इसी के समाधान के लिए एक निश्चित इंडेक्स को फॉलो किया जाता है|

सेंसेक्स में टॉप 30 कंपनियां इंडेक्स होती हैं|

यानी कि मुंबई स्टॉक एक्सचेंज में जितनी भी कंपनियां लिस्टेड है, उनमें से टॉप 30 कंपनियां BSE द्वारा चुनी जाती हैं|

इन्हीं कंपनियों का यह इंडेक्स होता है| 

BSE का टॉप 30 कंपनियों को सेलेक्ट करने का तरीका क्या है? 

यह कंपनियां फ्री फ्लोट मार्केट कैपिटलाइजेशन के हिसाब से सिलेक्ट की जाती है|

इसके अंदर सभी सेक्टर्स को रिप्रेजेंट किया जाता है| 

हर सेक्टर की मार्केट लीडर कंपनियों को इसमें चुना जाता है| बड़ी-बड़ी जो कंपनियां होती हैं, उनके टर्नओवर के आधार पर उनको चुना जाता है| 

इसी प्रकार सेंसेक्स टॉप 30 कंपनियों का इंडेक्स है|

NSE का टॉप 50 कंपनियों को सेलेक्ट करने का तरीका क्या है? 

जैसे मुंबई स्टॉक एक्सचेंज में कंपनियों को सिलेक्ट किया जाता है ठीक उसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में भी 50 कंपनियों को सिलेक्ट किया जाता है|

इसी प्रकार निफ़्टी टॉप 50 कंपनियों का इंडेक्स है| 

आधार वर्ष कौन सा होगा? (What is Nifty and Sensex Base year)

आपने अक्सर सुना होगा,  “सेंसेक्स 30,000 चल रहा है, सेंसेक्स 35000 चल रहा है|” 

यहां पर दिमाग में यह प्रश्न आता है कि “यह शुरू कब हुआ था?”  “इसकी स्टार्टिंग में संख्या कितनी थी?”

इन सवालों के जवाब हमें बेस ईयर के माध्यम से ही मिलेंगे|

सेंसेक्स की शुरुआत 1978-79  से मानी जाती है|  सेंसेक्स की शुरुआत में वैल्यू 100 रखी गई थी| 

प्रकार निफ़्टी का बेस ईयर 1995-96 माना जाता है|  निफ्टी की शुरुआत 1000 बेस वैल्यू से हुई थी| 

गणना

जैसे कि:  2020 में सेंसेक्स का भाव 48000 पर पहुंच गया था|

शुरुआत में इसका भाव 100 था|

यानी कि इसकी CAGR (compound annual growth rate) निकाले तो प्रत्येक वर्ष हिसाब से 18% का रिटर्न मिला है|

नोट: यह आंकड़ा लगभग में है| 

सेंसेक्स तथा निफ्टी किसको कवर करता है? (What is Nifty and Sensex covers)

बड़े कैपिटल वाली टॉप 30 कंपनियों को सेंसेक्स कवर करता है|

निफ्टी भी बड़े कैपिटल वाली टॉप 50 कंपनियों को कवर करता है| 

सेंसेक्स तथा निफ्टी अलग-अलग सेक्टर को भी कवर करते हैं|

जैसे कि: सेंसेक्स ऑटोमोबाइल, पावर, मिड कैप, स्मॉल कैप, बैंकिंग इंडेक्स (Bankex)  इत्यादि सेक्टर को कवर करता है|

यदि आप इन क्षेत्रों में कंपनियों की परफॉर्मेंस को देखना चाहते हैं तो आपको सेंसेक्स को फॉलो करना चाहिए|

सेंसेक्स की तरह निफ्टी भी  ऑटोमोबाइल, पावर, मिड कैप, स्मॉल कैप, बैंकिंग इंडेक्स (Bankex)  इत्यादि सेक्टर को कवर करता है| 

सेंसेक्स तथा निफ्टी कि कुछ मुख्य विशेषताएं क्या है?

1- सेंसेक्स और निफ्टी की गणना Free float market capitalization method के द्वारा होती है| इसकी गणना के लिए टोटल मार्केट कैपिटलाइजेशन में से प्रमोटर / गवर्नमेंट होल्डिंग को माइनस कर दिया जाता है|

इनको इसलिए निकाल दिया जाता है क्योंकि इनकी खरीद-फरोख्त नहीं होती| 

2- सेंसेक्स और निफ्टी के द्वारा हर सेक्टर की टॉप लीडर कंपनियों को इंडेक्स किया जाता है| 

3- यह कोई सरकारी इंडेक्स नहीं होता| इसमें पब्लिक द्वारा खरीद-फरोख्त के आधार पर रोजाना गणना की जाती है|

इसे हम पब्लिक सेंटीमेंट भी कह सकते हैं| इसी गणना के आधार पर शेयर मार्केट रोज ऊपर-नीचे भी जाता है| 

जब शेयर मार्केट ऊपर जाता है तो ग्रीन सिग्नल देखने के लिए मिलता है| मार्केट के ऊपर जाने को बुल मार्केट कहा जाता है|

Bull Market: “शेयर मार्केट के ऊपर जाने को इसे Bull Market कहते हैं| इसे बुल मार्केट इसलिए कहते हैं क्योंकि बुल नीचे से ऊपर की तरफ फेंकता है|” 

जब शेयर मार्केट नीचे जाता है तो रेड सिग्नल देखने के लिए मिलता है| मार्केट के ऊपर जाने को Bear मार्केट कहा जाता है|

Bear Market: “शेयर मार्केट के नीचे जाने को Bear Market कहते हैं| इसे Bear Market इसलिए कहते हैं क्योंकि bear ऊपर से नीचे की तरफ मारता है|” 

शेयर मार्किट ऊपर नीचे क्यों जाता है?

मार्केट ऊपर नीचे जाने में हमेशा पब्लिक के सेंटीमेंट का रोल होता है| पब्लिक का सेंटीमेंट कंट्रोल करने के लिए कुछ चीजों को कंट्रोल करना पड़ता है|

जैसे कि:

सामाजिक राजनीतिक (socio-political)

सबसे पहले तो इसमें स्थिर राजनीति का बहुत बड़ा रोल होता है| जब भी कोई स्थिर सरकार आती है तो हमेशा शेयर मार्केट ऊपर की तरफ जाता है| 

आपको 2014 कि मोदी सरकार के समय की तो बात ज्ञात होगी| उस समय पर जब मोदी सरकार पूर्ण बहुमत के साथ अस्तित्व में आई थी तो शेयर मार्केट ऊपर चढ़ गया था| 

2004 में जब यूपीए सरकार पूर्ण बहुमत के साथ अस्तित्व में आई थी तब भी शेयर मार्केट ऊपर चढ़ गया था|

अब! यह सब क्या है! यह पब्लिक का सेंटीमेंट ही तो है!! 

साथ ही साथ यदि सत्ता में आने वाली सरकार रोजगार को बढ़ावा देने वाली है तो इससे शेयर मार्केट अवश्य ही ऊपर चढ़ता है| 

व्यापार नीतियां (Business policies)

व्यापारिक नीतियों का निश्चित तौर पर ही शेयर मार्केट के ऊपर या नीचे जाने पर बहुत अधिक प्रभाव पड़ता है|

सरकार की नीतियां इस प्रकार की होंगी जिससे बिजनेस को स्टार्ट करने में अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़े तो इससे निश्चित तौर पर शेयर मार्केट पर बहुत अधिक प्रभाव पड़ता है|

अभी हाल ही में भारत की व्यापार नीतियों में बहुत अधिक बदलाव किए गए हैं, कारण से व्यापारिक क्षेत्र में भारत का वैश्विक सूची में स्थान ऊपर आया है|  

अब बहुत सारी कंपनियां भारत में अपना कारोबार करना चाहती हैं| बहुत सारी नई कंपनियों के आने से लोगों के सेंटीमेंट में बदलाव बनाते हैं| 

अब! आप देखेंगे कि इस प्रकार के माहौल में शेयर मार्केट ऊपर जा रहा है| 

अंतरराष्ट्रीय मामले (International affairs)

आजकल सभी देश व्यापार के मामले में एक दूसरे से जुड़े हुए हैं| एक देश की इकोनॉमी नीचे जाने पर उसके साथ जुड़े देश की इकोनॉमी भी धीरे-धीरे नीचे जाने लगती है| 

इन्हीं के द्वारा एक दूसरे की तकनीक का भी आदान-प्रदान आसानी से हो जाता है| अंतरराष्ट्रीय मामलों से शेयर मार्केट में बहुत अधिक प्रभाव पड़ता है|

 मान लीजिए बिना किसी कारणवश भारत, चाइना की सभी कंपनियों को बैन कर देता है| 

अब कहीं ना कहीं विश्व की बाकी कंपनियों में यह डर भी बैठ जाएगा कि ऐसा उनके साथ भी हो सकता है|

बैन करने के विषय में मैं बता देता हूं, बिना कोई ठोस कारण हुए आप वैश्विक संधियों को नकार नहीं सकते| 

उद्योग का भविष्य (future of Industry)

जब भी मार्केट में ऐसा लगने लगता है कि इस उद्योग का भविष्य बहुत उज्जवल है तुरंत ही उस इंडस्ट्री के शेयर का रेट बढ़ जाता है|

जैसे कोरोना काल में, दवाइयों के क्षेत्र में आप ले सकते हैं| 

देश का भविष्य (Country future)

किसी भी देश का भविष्य उसके स्टॉक मार्केट को ऊपर या नीचे जाने में महत्वपूर्ण रोल अदा करता है|  

यदि लोगों की भावना किसी देश के बारे में इस प्रकार बन जाए कि उस देश की इकोनॉमी डूबने वाली है, तो कौन उसके स्टॉक मार्केट में पैसा लगाएगा? निश्चित ही कोई भी नहीं लगाएगा| 

जब भी किसी भी देश में इस प्रकार के हालात बनते हैं तो तुरंत ही स्टॉक मार्केट में बिकवाली में बहुत तेज हो जाती है तथा खरीदारी बहुत धीमी पड़ जाती है| 

जब काफी टाइम तक मार्केट नीचे रहती है तभी उसमें पैसे लगाने का सही वक्त होता है| इसका मतलब यह नहीं है कि एकदम सही आप सारे स्टॉक एक बार में खरीद लो!!

पहले मार्केट को देखो| थोड़ी सी स्टडी करो| थोड़ा-थोड़ा पैसा बहुत सारी कंपनियों के स्टॉक्स में लगाओ|

साथ ही यह अवश्य देखें:

आईपीओ क्या होता है?

IPO में निवेश की रणनीति

फाइनेंशियल मार्केट क्या होता है?

फाइनेंशियल मार्केट क्या होता है?

आपने क्या सीखा?

इस पोस्ट के द्वारा आपने निफ्टी और सेंसेक्स क्या है?(what is nifty and sensex) या सेंसेक्स और निफ्टी क्या है? (What is sensex and nifty) के बारे में सीखा

यदि आप शेयर मार्केट में काम करते हैं तो निश्चित ही आपको यह पोस्ट पसंद आई होगी|

अगली पोस्ट में मैं फिर मिलूंगा, तब तक के लिए मैं नवीन कुमार आपसे ज्यादा चाहता हूं, नमस्कार 

धन्यवाद

Previous articleशेयर बाजार की बुनियादी बातें | Basics of stock market in Hindi
Next articleफाइनेंशियल मार्केट क्या होता है? | What is financial market in Hindi
प्यारे दोस्तों, मैं नवीन कुमार एक बिज़नेस ट्रैनर हूँ| अपने इस ब्लॉग के माध्यम से मैं आपको - आयात-निर्यात व्यवसाय (Export-Import Business), व्यापार कानून (Business Laws), बिज़नेस कैसे शुरु करना है?(How to start a business), Business digital marketing, व्यापारिक सहायक उपकरण (Business accessories), Offline Marketing, Business strategy, के बारें में बताऊँगा|| साथ ही साथ मैं आपको Business Motivation भी दूंगा| मेरा सबसे पसंदीदा टॉपिक है- “ग्राहक को कैसे संतुष्ट करें?-How to convince a buyer?" मेरी तमन्ना है की कोई भी बेरोज़गार न रहे!! मेरे पास जो कुछ भी ज्ञान है वह सब मैं आपको बता दूंगा परंतु उसको ग्रहण करना केवल आपके हाथों में है| मेरी ईश्वर से प्रार्थना है की आप सब मित्र खूब तरक्की करें! धन्यवाद !!