MSME किसे कहते हैं तथा एमएसएमई की नई परिभाषा क्या है?

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इस पोस्ट के माध्यम से आप एमएसएमई में Registration कैसे होता है?, MSME में कौन से उद्योग आते हैं?, MSME की नई परिभाषा क्या है?, एमएसएमई में Registration करवाने पर क्या-क्या फ़ायदे मिलते हैं?, MSMEs को सरकार के द्वारा कौन-कौन सी स्कीमस मिलती हैं?, msme की full form क्या होती है? इत्यादि के बारे में पूरी जानकारी मिलेगी|

सबसे पहले शुरुआत करते हैं MSME full form से इसके बिना आपको एमएसएमई के बारे में समझ नहीं आयेगा|

तो चलिए दोस्तों, शुरू करते हैं!

MSME full form in Hindi & English

एमएसएमई को अच्छी तरह समझने के लिए आपको msme full form (हिन्दी तथा इंग्लिश में) अवश्य ही पता होनी चाहिए| यानि की एम एस एम ई का पूरा नाम पता होना चाहिए|

MSME full form in English: “Micro, Small and Medium Enterprises”

MSME full form in Hindi: “सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम”

एमएसएमई की फुल फॉर्म जान लेने के बाद आपको यह स्पष्ट हो गया होगा की इसमें किस तरह के उद्योग आते हैं?

अब यदि इसे और अच्छी तरह समझना हो तो सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम को हम सामान्य भाषा में क्या कहते हैं? यह भी अवश्य ही जानना चाहिए! इससे एमएसएमई को समझना और भी आसान हो जाएगा|

MSME का अर्थ: सूक्ष्म (बहुत छोटा) लघु (बहुत छोटे से थोड़ा बड़ा) और मध्यम (बीच का)

MSME क्या है?

सरकार द्वारा उद्योगों को तीन category में बाँट दिया गया है: “सूक्ष्म, लघु और मध्यम

msme उद्योग में अनेकों काम सम्मिलित हो जाते हैं जैसे: ” गद्दे (Mattress) बनाना, तकिये बनाना, दोने पत्तल बनाना, पापड़ बनाना, मछली पालना, चाबी के छल्ले बनाना, कॉपी बनाना, इत्यादि”

लघु उद्योग के बारें में जानने के लिए पढ़ें: लघु उद्योग मे आने वाले प्रोडक्ट्स की लिस्ट व सारी जानकारी

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MSMEs की भारत के निर्यात में हिस्सेदारी को आप इस MSMECHART (एमएसएमई चार्ट) की मदद से आसानी से समझ सकते हैं|

एमएसएमई में कौन-कौन से उद्योग आते हैं?

पहले एमएसएमई को दो भागों में विभाजित किया जाता था: “निर्माण क्षेत्र तथा सेवा क्षेत्र

यह भेदभाव अब खत्म कर दिया गया है|

No Separate Criteria Under MSME Definition For Manufacturing & Service Sector

जिन भी कारोबार में 50 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश ना हो तथा उनका कारोबार 250 करोड़ रुपए से अधिक हो वह एमएसएमई की अलग-अलग श्रेणी में आयेंगे|

MSME की नई परिभाषा नीचे दी गई है|

सरकार द्वारा नई अधिसूचना के तहत एमएसएमई की परिभाषा में परिवर्तन किया गया है| यह अधिसूचना 01/07/2020 से लागू होगी| 

MSME की नई परिभाषा

  1. सूक्ष्म उद्यम: वह उद्यम जिसमें संयंत्र और मशीनरी अथवा उपस्कर में एक करोड़ रुपए से अधिक का निवेश नहीं होता ह तथा उसका कारोबार पांच करोड़ रुपए से अधिक का नहीं होता है| 
  2. लघु उद्यम: वह उद्यम जिसमें संयंत्र और मशीनरी अथवा उपस्कर में 10 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश नहीं होता ह तथा उसका कारोबार 50 करोड़ रुपए से अधिक का नहीं होता है| 
  3. मध्यम उद्यम: वह उद्यम जिसमें संयंत्र और मशीनरी अथवा उपस्कर में 50 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश नहीं होता ह तथा उसका कारोबार 250 करोड़ रुपए से अधिक का नहीं होता है| 
  4. नोट: Trading Facilities MSME के अंतर्गत नहीं आएगी|

MSMS NEW CHART

श्रेणी Categoryसूक्ष्म उद्योग (Micro) लघु उद्योग (Small)मध्यम उद्योग (Medium)
मैन्युफैक्चरिंग एवं सर्विस सेक्टर निवेश (Investment) 1 करोड़ तक कारोबार (Turnover) 5 करोड़ तकनिवेश (Investment) 10 करोड़ तक कारोबार (Turnover) 50 करोड़ तकनिवेश (Investment)  50 करोड़ तक कारोबार (Turnover) 250 करोड़ तक
MSME NEW CHART: एमएसएमई की नई परिभाषा का चार्ट

किसी भी category में रहने के लिए निवेश (Investment) तथा कारोबार (Turnover) – इन दोनों की जो conditions हैं इनको पूरा करना जरुरी है|

MSME budget 2021 highlights in Hindi: इस बार का बजट 2021-22 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एमएसएमई सेक्टर को काफी फ़ायदा पहुचाने की कोशिश की है। msme सेक्टर के बजट को इस साल दोगुना कर दिया गया है।

एमएसएमई की तरक्की करने के लिए साल 2021-22 में 15700 करोड़ रुपए दिए गए। पिछले साल 2020-21 के बजट से यह राशि दोगुनी है। पिछले साल के बजट में एम एस एम ई को 7572 करोड़ रुपए दिए गए थे।

साथ ही AI (artificial intelligence) और Machine Learning System को बढ़ावा देने की बातें कही गई हैं। आइये! जानते हैं कि एमएसएमई को लेकर बजट में और क्या बड़े ऐलान किए गए हैं?  

वित्त मंत्री ने ये कहा कि एमएसएमई सेक्टर पर कोरोना महामारी के चलते काफी दुष्प्रभाव पड़ा है। ऐसे में सरकार द्वारा इस सेक्टर के लिए कई घोषणाएं की गई हैं। 

जैसे: छोटी कंपनियों के लिए Paid up Capital की सीमा बढ़ाई जाएगी। आत्मनिर्भर भारत और लोकल फॉर लोकल योजना पर जोर देने की बात भी कही गई है। साफ़ तौर पर इससे एमएसएमई के छेत्र को नई ताकत मिलेगी। 

पिछले साल वित्त मंत्री ने 2020 के बजट में घोषणा की थी कि इंडस्ट्री तथा कॉमर्स के छेत्र विस्तार के लिए 27300 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इससे msme sector को काफी राहत भी मिली थी। वहीं एमएसएमई को देरी से होने वाले पेमेंट रोकने के लिए ऐप के द्वारा चालान (Invoice) बनाने की घोषणा भी की गई थी।

वहीं पिछले साल सरकार एक “निर्विक” (निर्यात ऋण विकास योजना) नामक योजना भी लेकर आई थी। इसके अंतर्गत निवेशकों को लोन देने की बात भी कही गई थी। साथ ही इस योजना के द्वारा 90% तक का इंश्योरेंस भी दिया गया था।

एमएसएमई हेल्पलाइन नंबर (MSME toll free number)

इसके लिए एमएसएमई मंत्रालय की ओर से विज्ञप्ति (Release) जारी की गई है जिसके अनुसार 1800 0180 6763 नंबर पर फोन करके उद्यमी ऋण (Entrepreneur loan), प्रौद्योगिकी (Technology), मार्केटिंग सहयोग (Marketing support), कौशल विकास (Skill Development), इंफ्रास्ट्रक्चर सब्सिडी योजना (Infrastructure Subsidy Scheme) समेत सरकार की सभी संबंधित नीतियों के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं।

MSME Training Centers List With their addresses

S.No.TITLEDOWNLOAD LINK
1.Technology Centers
2.Tool Room & Training Centre, Guwahatihttp://trtcguwahati.org/
3.Central Institute of Hand Tools, Jalandharhttp://www.ciht.in/
4.Central Tool Room & Training Centre, Kolkatahttp://www.msmetoolroomkolkata.com/
5.Indo German Tool Room, Ahmedabad
6.Central Institute of Tool Design, Hyderabadhttps://www.citdindia.org/
7.Central Footwear Training Institute Agrahttp://www.cftiagra.org.in/
8.Central Tool Room, Ludhianahttps://www.ctrludhiana.com/home
9.Central Footwear Training Institute, Chennaihttps://www.cftichennai.in/
10.Process and Product Development Centre , Agrahttp://www.ppdcagra.in/
11.सेंटर फॉर दी डेवलपमेंट ऑफ ग्लास इंडस्ट्री, Firozabadhttps://www.cdgiindia.net/
12.इंस्टिट्यूट फॉर डिजाइन ऑफ इलेक्ट्रिकल measuring इन्स्ट्रूमेंट्स, Mumbaihttps://idemi.org/
13.Indo German Tool Room, Indorehttp://www.igtr-indore.com/
14.Indo German Tool Room, Aurangabadhttp://www.igtr-aur.org/
15.Central Tool Room & Training Centre, Bhubaneswarhttps://www.cttc.gov.in/
16.Fragrance & Flavour Development Centre, Kannaujhttp://www.ffdcindia.org/
17.Process cum Product Development Centre, Meeruthttp://www.ppdcmeerut.com/contact.html
18.Electronics Service & Training Centre, Ramnagarhttp://www.estcindia.com/
19.नैशनल इंस्टिट्यूट फॉर माइक्रो, स्मॉल एण्ड मीडीअम Enterpriseshttps://www.nimsme.org/
MSME Training Center List With Their Web Addresses

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों का भारतीय अर्थव्यवस्था में क्या योगदान है? (MSME Importance)

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में लगभग 63.05 million सूक्ष्म उद्योग, 0.33 million laghu udyog (लघु उद्योग), और लगभग 5,000 मध्यम उद्योग है|

  1. MSMEs में 120 मिलियन लोगों को रोज़गार मिला हुआ है| पूरे देश में 45% रोजगार एमएसएमई द्वारा मिलता है| 
  2. वर्तमान समय में भारत में Micro, Small and Medium Enterprises की लगभग 36.1 मिलियन इकाइयाँ लगी हुई हैं| पूरे देश में लगे टोटल उद्योगों का 90% हिस्सा एमएसएमई उद्योग हैं|
  3. Micro, Small and Medium Enterprises भारत के कुल निर्यात में लगभग 45% योगदान देते हैं.
  4. भारत की अर्थव्यवस्था में 45 % हिस्सेदारी एम एस एम ई उद्योगों की है|
  5. सबसे ज्यादा MSMEs उत्तर प्रदेश में है जिनका अनुपात लगभग 14.20 है| 
  6. इस क्षेत्र ने लगातार 11% से अधिक की वार्षिक वृद्धि दर को बनाए रखा है.
  7. MSMEs की बहुत सी शाखाएँ ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्थित है जिसके कारण गावों से शहरों की ओर पलायन रुका है.
  8. भारत के विनिर्माण में MSMEs, – सकल (Manufacturing – gross) घरेलू उत्पाद में 6.11% का योगदान देते हैं, Service Sector से मिलने वाली GDP में 25% का योगदान देते हैं.
  9. देश के Gross Domestic उत्पाद में इस क्षेत्र का योगदान लगभग 8% का है|
  10. उत्पाद (Product): इन उद्योगों के द्वारा लगभग 6600 प्रोडक्ट बनाए जाते हैं|
  11. निर्यात (Export): देश के पूरे निर्यात का 50% हिस्सा केवल एमएसएमई उद्योगों से ही मिल जाता है| 
  12. ऐसी उम्मीद है कि इस एक्ट में किये गए नए परिवर्तनों द्वारा भविष्य में उद्योग क्षेत्र के विकास को और गति मिलेगी|
  13. अतः इन आंकड़ों पर गौर करने के बाद हम यह कह सकते हैं कि भारत में MSME अर्थव्यवस्था की रीड की हड्डी है|

Micro, Small & Medium Enterprises Examples

1.Packed food11.मोटर वाहन 21.फोटोकॉपी 
2.Fruit & vegetables12.साइकिल  22.दर्जी 
3.Grocery stores13.फर्नीचर 23.लैबोरेट्री 
4.Restaurant14.Cosmetic 24.एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड इत्यादि जांच घर 
5.Milk15.Beauty Parlor 25.हार्डवेयर 
6.fish16.नाई की दुकान 26.कारपेंटर 
7.मुर्गी  17.बिजली 27.चमड़ा उद्योग 
8.पशु 18.इलेक्ट्रॉनिक्स 28.गद्दे 
9.मील 19.किताबें 29.दोना पत्तल 
10.Hotel 20.कॉपी 30.कोल्ड ड्रिंक 
MSME business examples

एमएसएमई में पंजीकरण के फायदे

आइए! अब एमएसएमई में पंजीकरण के फ़ायदों के बारे में भी जान लेते हैं|

1- केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार द्वारा msme छूट

छोटे उद्योग धंधों  को प्रेरित करने के मकसद से सरकारें अक्सर नई नई घोषणाओं का ऐलान करती रहती हैं| 

जैसे कि बिजली शुल्क में छूट, बिज़नेस लोन की व्यवस्था तथा कई प्रकार की औद्योगिक सब्सिडी इत्यादि| 

इन परियोजनाओं का लाभ उन्हीं व्यवसायियों को मिलता है जो अपने व्यवसाय को micro and small scale industries में पंजीकरण करवा कर रखते हैं| 

एमएसएमई में पंजीकरण नि:शुल्क होता है

लाइसेंस रजिस्ट्रेशन में छूट की सुविधा मिलती है: “MSME उद्योगों को लाइसेंस रजिस्ट्रेशन कराने पर 50% तक की छूट मिलती है।”

पेमेंट की प्रोटक्शन मिलती है: “एमएसएमई में रजिस्टर्ड उद्यमों का बिजनेस लोन पास होने के बाद बैंक द्वारा पेमेंट में किसी भी तरह की देरी होने पर चक्रवृद्धि ब्याज के अनुसार ब्याज मिलेगा।”

Bank से एमएसएमई को Bond-Free loan की सुविधा मिलती है|

Overdraft पर ब्याज दर में राहत मिलती है: “बैंको द्वारा यह सुनिश्चित किया जाता है कि एमएसएमई के ​​तहत यदि किसी उद्यम ने पंजीकृत किया है तो उसको ओवरड्राफ्ट (OD) में ब्याज पर कम से कम 1% की राहत मिले।”

प्रोडक्ट की मार्केटिंग में सरकार द्वारा सुविधा मिलती है: भारतीय प्रोडक्ट को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा उद्योगों को अपने प्रोडक्ट की ब्रांडिंग और मार्केटिंग करने के लिए माध्यमगत और आर्थिक सहायता दी जा रही है।

गुणवत्ता और टेक्नोलॉजी में बढ़ोतरी होती है|

2- बैंकों द्वारा लोन

MSMEs को ब्याज में अतिरिक्त छूट मिलती है|

अभी हाल ही में भारत सरकार द्वारा कोविड-19 की वजह से देश की अर्थव्यवस्था को काफी नुकसान पहुंचा है| 

भारतीय अर्थव्यवस्था को पुनः पटरी पर लाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा 20 लाख करोड़ रुपए का पैकेज जारी किया गया है| 

इसमें micro and small scale industries (MSMEs) उद्योग धंधों को उभारने के लिए 3 लाख करोड रुपए का अतिरिक्त ऋण जारी किया गया है| 

यह लोन उन्हीं को मिलेगा जो एमएसएमई में पंजीकृत हैं|

  • इस msme लोन Collateral Free Loan है|
  • यह Automatic Generated लोन है|
  • इसका वार्षिक ब्याज 9.25% है|
  • कोई गारंटी फीस नहीं है|
  • लास्ट डेट 31 अक्टूबर 2020 है|
  • 4 साल की किस्ते बनेंगी| 

3- सरकारी लाइसेंस तथा प्रमाणीकरण 

एमएसएमई में रजिस्टर्ड होने का एक फायदा यह भी है कि सरकारी लाइसेंस तथा कारी प्रमाण पत्र आसानी से मिल जाते हैं|

कई सरकारी टेंडर तो micro and small scale industries के लिए ही आरक्षित होते हैं|

4- N.G.T. द्वारा छूट 

एमएसएमई उद्योगों को N.G.T. (National Green Tribunal Act) द्वारा छूट प्राप्त है|

MSME Registration NEWS: Update On 17/06/2021

खुश खबरी: सरकार ने MSME के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में बदलाव किया, अब! केवल देना होगा पैन और आधार|

NEW DELHI: सरकार ने सूक्ष्म, लघु एव मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया बहुत ही आसान कर दी है। नई एमएसएमई प्रक्रिया के तहत, अब MSME को रजिस्ट्रेशन के लिये केवल अपना आधार और पैन देना होगा। 

केन्द्रीय MSME मंत्री श्री नितिन गडकरी ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि “रजिस्ट्रेशन के बाद एमएसएमई इकाइयां को वित्त समेत विभिन्न क्षेत्रों में प्राथमिकता मिलेगी साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उद्यमिता और अन्य संबंधित पहलुओं को देखते हुए छोटी इकाइयों को प्रशिक्षण देना चाहिए।

साथ ही श्री नितिन गडकरी ने उम्मीद जतायी है कि बैंक और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां भी छोटे कारोबारियों की मदद करेंगी। 

यानि की इस नई व्यवस्था के तहत एमएसएमई के रजिस्ट्रेशन के लिये अब! केवल आधार और PAN (permanent account number) ही देने की जरूरत होगी।

MSME रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से किया जा सकता है| रजिस्ट्रेशन करने में कोई शुल्क (Fees) नहीं लगता है| 

एमएसएमई उद्यम पंजीकरण प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन है और इसके लिए किसी दस्तावेज को अपलोड करने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि, उद्यम पंजीकरण के लिए आवेदन करने से पहले, उद्यम के मालिक के पास निम्नलिखित दस्तावेज होने चाहिए:

आधार कार्ड:

  • एक प्रोपराइटरशिप फर्म के मामले में, प्रोपराइटर का आधार नंबर किया जाएगा 
  • पार्टनरशिप फर्म के मामले में, प्रबंध भागीदार का आधार नंबर उद्यम पंजीकरण फॉर्म में दर्ज किया जाएगा|
  • एक हिंदू अविभाजित परिवार (Hindu undivided family) के मामले में, कर्ता का आधार नंबर उद्यम पंजीकरण फॉर्म में दर्ज किया जाएगा 
  • कंपनी या लिमिटेड लाइअबिलिटी पार्ट्नर्शिप या सोसाइटी या सहकारी समिति या  ट्रस्ट के मामले में, enterprise registration form में संगठन या अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता का आधार नंबर दर्ज किया जाएगा|

पैन कार्ड:

ऊपर दिए गए डॉक्युमेंट्स को अपलोड करने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन रेजिस्ट्रैशन फॉर्म में उद्यमी का पैन नंबर और आधार नंबर दर्ज करना आवश्यक है।

MSME का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की नई प्रक्रिया: 1 जुलाई – 2020: New Update

सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यम (MSME) में अब नई प्रक्रिया के तहत रजिस्ट्रेशन करवाना बहुत ही आसान हो गया है|

मंगलवार 30 जून 2020 को जारी अधिसूचना के अनुसार किसी भी व्यक्ति के आधार नंबर पर किसी उद्यम को पंजीकृत किया जा सकता है| 

नई प्रक्रिया में एमएसएमई रजिस्ट्रेशन के लिए डाक्यूमेंट्स को अपलोड करने की जरूरत नहीं है| यह प्रक्रिया – 1 जुलाई – 2020 से लागू हो जाएगी|

1 जुलाई 2020 से कोई भी व्यक्ति केवल अपने आधार नंबर द्वारा अपनी कंपनी का रजिस्ट्रेशन msme में करवा सकेगा|

  • रजिस्ट्रेशन पोर्टल का नाम उद्यम पंजीकरण दिया गया है|
  • रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए आपको www.udyamregistration.gov.in की साइट पर जाना पड़ेगा|
  • इसके बाद आपको उसमें आपको अपनी डिटेल भरनी  होंगी|
  • साथ में आपको अपना आधार नंबर भी भरना होगा|
  • पंजीकरण प्रक्रिया में दी गई सारी जानकारी का उत्तरदाई वह व्यक्ति स्वयं ही होगा|

साथ ही यह अवश्य पढ़ें: एक्सपोर्ट इंपोर्ट बिजनेस कैसे शुरू करें?

एमएसएमई में ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया

यह MSME में ऑनलाइन आवेदन की 1 जुलाई – 2020 से पहले की प्रक्रिया है| पुरानी प्रक्रिया तथा नई प्रक्रिया में अंतर के लिए इस भाग को ब्लॉग से हटाया नहीं गया है|

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उद्योग आधार रजिस्ट्रेशन
  • इसके बाद उद्योग आधार रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरना होता है|

जिसमें आपको अपना  Aadhaar Number/ आधार संख्या तथा Name of Entrepreneur / उद्यमी का नाम भरना होता है|

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msme validation process
  • इसके बाद आपको टर्म एंड कंडीशनस के एग्री बटन पर क्लिक करना होता है|
  • अगले स्टेप में आपको वैलिडेट एंड जनरेट ओटीपी पर क्लिक करना होता है|
  • इसके बाद आपके उस मोबाइल नंबर पर ओटीपी आता है जो आपके आधार के साथ लिंक होता है| 

एमएसएमई फॉर्म में क्या-क्या डिटेल भरनी होती हैं?

MSME Form में आपको निम्न जानकारियाँ देनी होती हैं:

  • सोशल कैटिगरी
  • जेंडर
  • फिजिकल स्टेटस
  • इंटरप्राइजेज का नाम
  • ऑर्गेनाइजेशन का प्रकार
  • पैन कार्ड नंबर
  • प्लांट लोकेशन 
  • Official Address
  • व्यवसाय आरंभ करने की तिथि
  • बैंक डिटेल्स
  • मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस प्रोवाइडर
  • NIC Code – अपना NIC Code पता करने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें: NIC CODE FINDER
  • Persons Employee Details
  • मशीनरी में निवेश  तथा लागत
  • DIC Location, यह ऑटोमेटेकली फिल हो जाएगा
  • सबमिट बटन दबाना है|
  • आधार कार्ड से लिंक मोबाइल पर ओटीपी (O.T.P.) आएगा
  • कैप्चा भरना है| (Fill The Captcha)
  • सबसे अंत में, फाइनल सबमिट का बटन दबाना है| 
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एमएसएमई सर्टिफिकेट

इसके बाद आपका आपका एमएसएमई सर्टिफ़िकेट मिल जाएगा| आप उसका प्रिंट निकाल कर रख सकते हैं|

msme से लोन लेने के लिए आपको क्या तैयारी करनी है?

MSME loan | Credit Card Loan You tube video

एमएसएमई की सभी स्कीमस की जानकारी (MSME schemes)

आपको msme registration benefits भी पता होने चाहिए|

Protection against delayed

इसके अंतर्गत यदि कोई कंपनी, सरकारी डिपार्ट्मन्ट इन MSMEs का पैसा रोकते हैं

और 45 दिनों में भुगतान नहीं करता है,

तो जितने दिन वो delay करेगा, उसे 45 दिनों के बाद के delay का ब्याज देना होगा- ब्याज भी 3 गुना देना होगा,

जो उस समय पर बैंकिंग में चल रहा होगा उसका 3 गुना|

साथ ही यह अवश्य पढ़ें: एक्सपोर्ट बिज़नेस में ग्राहक कैसे ढूंढे?

Public Procurement Policy

इस स्कीम के अंतर्गत सरकार द्वारा MSMEs का उत्पाद खरीदा जाता है|

यह सरकार द्वारा compulsory है|

इसके अनुसार सभी केन्द्रीय मंत्रालयों, विभागों, PSU इत्यादि को MSMEs का minimum 25% सामान या सर्विसेज़ जरुर लेनी पड़ेगी|

अब आपको यह विषय बहुत ध्यान से समझना जरूरी है क्योंकि जो बड़े इंटरप्राइजेज होते हैं उनकी प्रोडक्शन ज्यादा होने के कारण कॉस्टिंग  प्राइस कम आती है|

जिससे उसके रेट एमएसएमई के मुकाबले कम होते हैं|

सरकार ने इस स्थिति से निपटने के लिए MSMEsको 15% की weightage दी हुई है|

जिसके अनुसार यदि एमएसएमई का प्राइस L-1+ 15% ज्यादा होने पर भी उसे बुलाया जाएगा और कहा जाएगा “कि यदि वह L-1 इस प्राइस को Meet कर दे तो यह आर्डर उसे मिल जाएगा” 

इसमे भी सरकार द्वारा दो Sub Sectors Sectors और बना दिए है जिनके अनुसार –

(1) 25% का 4% SC/ST entrepreneur का प्रोडक्ट होना चाहिए| (2) 25% का 3% महिला उद्यमी का उत्पाद होना चाहिए|

Prime minister employment generation scheme

इस स्कीम में 35% तक की सब्सिडी सरकार द्वारा दिए जाने का प्रावधान किया गया है|

Manufacturing Sector के लिए इसमे 25 लाख, Service सेक्टर के लिए 10 लाख तक का लोन मिल सकता हैं|

यदि आपका बिज़नेस सही चल रहा हो और आप लोन भी ठीक से चुका रहे हो तो,

लोन लेने की यह सीमा बढ़कर Manufacturing Sector के लिए 100 लाख तक

और Service सेक्टर के लिए 25 लाख तक हो जाएगी और 35% तक की सब्सिडी भी मिल जाएगी|

SIDBI

Micro, Small and Medium Enterprise को लोन लेने के लिए सरकार द्वारा Small Industrial Development Bank Of IndiaSIDBI” का गठन किया गया है|

psbloansin59minutes

लोन लेने के लिए सरकार द्वारा एक और स्कीम लॉन्च की गई है जिससे MSMEs को 59 मिनट में लोन का In Principle Sanction letter मिल जाएगा|

इसके लिए आपको इस वेबसाईट पर जाना होगा- psbloansin59minutes.com

वेबसाईट के बारे में जानने के लिए पढ़ें: बिजनेस के लिए वेबसाइट कैसे बनाये?

ZED

ZED full form: “Zero Defect Zero Effect”

अपव्यय को काफी हद तक कम करने के लिए (To reduce wastage, substantially), उत्पादकता बढ़ाने के लिए (increase productivity), उनके बाज़ार का विस्तार करने के लिए (Expand their market) Zed सर्टिफिकेट (certificate) fee पर सरकार द्वारा सब्सिडी भी मिलती है|

इसलिए इसे Zero Defect Zero Effect scheme का नाम दिया गया है|

  • Micro enterprises (अति लघु उद्योग या सूक्ष्म उद्योग) को 80% सब्सिडी भारत सरकार द्वारा मिल जाएगी|
  • Small Category ( लघु उद्योग) को ZED CERTIFICATE पर 60% सब्सिडी भारत सरकार द्वारा मिल जाएगी|
  • Medium Enterprises (मध्यम उद्यम) को ZED CERTIFICATE पर 50% सब्सिडी भारत सरकार द्वारा मिल जाएगी|

Micro And Small Enterprises Cluster Development Programme

इसके अनुसार यदि एमएसएमई को किसी कॉमन फैसिलिटी या Improvement Of Technology,

Skills And Quality, Market Access, Upgradations Of Associations,  Set Up A Common Facility Centers Etc. जैसी सुविधाओं की जरूरत हो तो इन ज़रूरतों को पूरा करने के लिए भारत सरकार द्वारा इस योजना के तहत 

* 70% Grant अधिकतम के अधीन परियोजना की लागत (The cost of the project subject to the maximum) या 20 करोड़- भारत सरकार वहन करेगी|

Financial Assistance For IPR

  • Domestic Patent Reimburse (प्रतिपूर्ति) – 1,00,000 रुपए तक
  • Foreign Patent Reimburse (प्रतिपूर्ति)- 5,00,000 रुपए तक
  • Trade Mark Reimburse (प्रतिपूर्ति)- 10,000 रुपए तक
  • Geographical Indication Reimburse (प्रतिपूर्ति)- 2,00,000 रुपए तक 

इनमें अलग-अलग कैटेगरी के हिसाब से अलग-अलग क्षमताओं के अनुसार सरकार द्वारा प्रतिपूर्ति (Reimburse) की जाएगी|

CLCSS

CLCSS full form: Credit Linked Capital Subsidy

  • Available To Both Existing & Aspiring Entrepreneurs
  • Subsidy @15% Of Institutional Credit For Technology Upgradation Upto Loan Of 100 Lakhs – यानी टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन के लिए कोई मशीन खरीदना चाहते हैं एक करोड़ तक का आप लोन लेना चाहते हैं उस लोन पर एमएसएमई मंत्रालय आपको 15% तक की सब्सिडी देगा|
  • इसलिए इसे Credit Linked Capital Subsidy scheme का नाम दिया गया है|

Trade Receivables e-Discounting System

TReDS

TReDS full form: “Trade Receivables e-Discounting System”

यह स्कीम खासतौर से MSMEs के लिए ही है|

TReDS का गठन एमएसएमई को बढ़ावा देने के मकसद से किया गया है|

यदि आप किसी ऐसी कंपनी को प्रोडक्ट भेजते हो या सर्विस देते हो जिसकी टर्नओवर 500 करोड़ से ज्यादा है

या कोई PSU (public sector enterprise) है या CPSC (Consumer Product Safety Commission) है या कोई गवर्नमेंट डिपार्टमेंट है तो उन सब को इस TReDS प्लेटफॉर्म पर अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा|

आप भी अपना रजिस्ट्रेशन TReDS पर करवा लीजिए| 

अब आप जब भी अपना कोई बिल इनको इशू करें तो अपना बिल TReDS  पर अप-लोड कर दें|

लगभग 3 दिनों के अंदर आपको फाइनेंस द्वारा आपका पैसा मिल जाएगा| यदि आपका  ग्राहक बैंक को उसका पैसा नहीं देता तो इसमें आपकी कोई ज़िम्मेदारी नहीं रहेगी| 

इस प्रकार आप TReDS  का फायदा उठा सकते हैं|

यह भी अवश्य पढ़ेंपार्टनरशिप फर्म, वन पर्सन कंपनी, स्मॉल कंपनी, प्राइवेट लिमिटेड कंपनी

International Trade Scheme

इस स्कीम “International Cooperation Scheme” के तहत सरकार यह कह रही है कि यदि आप अपने प्रोडक्ट को डिस्प्ले करने के लिए बाहर जाना चाहते हैं, या इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में जाना चाहते हैं तो, सरकार द्वारा आपको 

  • हवाई यात्रा का किराया भी दिया जाएगा| 
  • आपके प्रोडक्ट को ट्रेड फेयर तक पहुंचाने का किराया भी दिया जाएगा|
  • वहां रुकने का भी किराया देंगे|
  • आपके स्टॉल के पैसे भी काफी हद तक सरकार देगी|

No Tender Documents Fee

  • इसमें माइक्रो एंड स्मॉल कैटेगरी से डाक्यूमेंट्स की फ़ीस नहीं ली जाएगी|
  • Earnest Money Deposit को भी माइक्रो एंड स्मॉल कैटेगरी में छूट है 

FAQ: MSME

What is MSME full form in English?

MSME English full form: “Micro, Small and Medium Enterprises”

What is MSME full form in Hindi?

MSME full form in Hindi: “सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम”

MSME (एमएसएमई) क्या है?

MSME सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम छेत्र को msme माना जाता है|

क्या सरकार MSME (एमएसएमई) को कुछ फ़ायदे देती है?

केंद्र सरकार तथा राज्य सरकारों द्वारा MSMEs को फ़ायेदा पहुंचाने के मकसद से काफी सारी स्कीमस दी जाती है|

MSME (एमएसएमई) की भारत के निर्यात में कितनी हिस्सेदारी है|

msme की भारत के निर्यात में 45% की हिस्सेदारी है|

कौन सा प्रोडक्ट कौन सी MSME (एमएसएमई) केटेगरी में आयेगा?

बहुत से दोस्तों का यह प्रशं होता है की उनका प्रोडक्ट किस केटेगरी में आयेगा जैसे की :- सिलाई मशीन टेबल, डेरी प्रोडक्ट, लुब्रिकेंट्स का व्यापार, photoshop इत्यादि, तो दोस्तों ऊपर मैंने केटेगरी चार्ट दिया है| उसमे आपको केवल यह देखना है की आपका निवेश (Investment) कितना है? और आपके व्यापार का Turnover कितना है? आपका व्यापार उसी कैटेगरी में आएगा|

MSME (एमएसएमई) में सर्विस सेक्टर तथा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का क्या अर्थ है?

सर्विस सेक्टर का अर्थ है सेवाएँ देना जैसे की एक डॉक्टर देता है| इसी प्रकार किसी व्यक्ति ने कपड़ों पर कढ़ाई करने की मशीन लगा रखी है| कुछ उद्यमी उसको अपना कपड़ा देते हैं और उस कपड़े पर कढ़ाई करवाते हैं| 
यह काम सर्विस सेक्टर में आयेगा हालांकि लेबर के साथ उसका धागा और बिजली भी लगेगी परंतु फिर भी यह सेवा छेत्र में ही माना जाएगा|
Manufacturing सेक्टर में वह व्यवसाय आते हैं जिनमे  कच्चे पदार्थों को लेकर उपभोग की नई वस्तुएं बनाई जाती है जैसे:- लकड़ी, कपड़ा, फ़ोम, सिलोचन,इत्यादि पदार्थों को लेकर सोफ़े का निर्माण करना|

MSME (एमएसएमई) की नई परिभाषा के अनुसार सर्विस सेक्टर तथा  मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सरकार ने क्या बदलाव किया है?

पहले एमएसएमई के अंतर्गत सर्विस सेक्टर तथा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को अलग-अलग श्रेणी में रखा जाता था परंतु नई परिभाषा के अनुसार सरकार ने  मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर तथा सर्विस सेक्टर को एक ही कैटेगरी में कर दिया है|

ZED full form क्या है?

ZED full form: “Zero Defect Zero Effect”

MSME की नई परिभाषा कब से लागू होगी?

सरकार द्वारा नई अधिसूचना के तहत एमएसएमई की परिभाषा में परिवर्तन किया गया है| यह अधिसूचना 01/07/2020 से लागू होगी|

एमएसएमई पर मोदी सरकार ने 03/07/2021 को क्या एलान किया है?

केंद्र सरकार ने देश के खुदरा और थोक व्‍यापारियों को भी MSME (सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम) में शामिल करने का फैसला किया है।
पूरी खबर के लिए पढ़ें: MSME NEWS 03/07/2021

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आपने क्या जाना?

इस पोस्ट के माध्यम से आपने जाना की msme full form क्या है?, msme क्या है?, एमएसएमई में कौन-कौन से उद्योग आते हैं?, MSME की नई परिभाषा क्या है?, एमएसएमई: हेल्पलाइन नंबर क्या है? msme registration update news: इत्यादि के बारे में जाना|

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प्यारे दोस्तों, मैं नवीन कुमार एक बिज़नेस ट्रैनर हूँ| अपने इस ब्लॉग के माध्यम से मैं आपको - आयात-निर्यात व्यवसाय (Export-Import Business), व्यापार कानून (Business Laws), बिज़नेस कैसे शुरु करना है?(How to start a business), Business digital marketing, व्यापारिक सहायक उपकरण (Business accessories), Offline Marketing, Business strategy, के बारें में बताऊँगा|| साथ ही साथ मैं आपको Business Motivation भी दूंगा| मेरा सबसे पसंदीदा टॉपिक है- “ग्राहक को कैसे संतुष्ट करें?-How to convince a buyer?" मेरी तमन्ना है की कोई भी बेरोज़गार न रहे!! मेरे पास जो कुछ भी ज्ञान है वह सब मैं आपको बता दूंगा परंतु उसको ग्रहण करना केवल आपके हाथों में है| मेरी ईश्वर से प्रार्थना है की आप सब मित्र खूब तरक्की करें! धन्यवाद !!