मर्चेंट एक्सपोर्टर कौन होता है? | Merchant Exporter के क्या फ़ायदे तथा नुकसान हैं?

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इस पोस्ट के माध्यम से आप Merchant exporter, manufacturer exporter तथा service exporter के बारे में जानेंगे| साथ ही साथ मर्चेंट एक्सपोर्टिंग के फायदे तथा नुकसान, मैन्युफैक्चरर एक्सपोर्टर के फायदे तथा नुकसान के बारे में भी जानेंगे| 

मर्चेंट एक्सपोर्टर कौन होता है?

एक्सपोर्ट इंपोर्ट बिजनेस में Merchant exporter से हमारा तात्पर्य है उस exporter से है जो export होने वाला product खुद नहीं बनाता बल्कि वह उसकी trading करता है| 

इसी को मर्चेंट एक्सपोर्टिंग कहते हैं और यह trading करने वाला व्यापारी merchant exporter कहलाता है| 

यानि merchant Exporter में mediator की भूमिका निभाता है|

चलिए! एक चित्र के माध्यम से समझने की कोशिश करते हैं|

क्योंकि एक चित्र हज़ार शब्दों के बराबर होता है|

Merchant exporter
Merchant Exporter

Merchant exporter तथा Manufacturer exporter में क्या अंतर होता है?

मर्चेन्ट एक्सपोर्टर की तरह ही manufacturer exporter से हमारा तात्पर्य उस एक्सपोर्टिंग से है जिसमें निर्यातक स्वयं ही उत्पाद को मैन्युफैक्चर करता है तथा स्वयं ही उसको एक्सपोर्ट करता है|

वह एक्सपोर्ट किए जाने वाला उत्पाद कहीं और से नहीं लेता बल्कि स्वयं ही उसकी manufacturing करता है|

इस प्रकार का एक्सपोर्टर, Manufacturer exporter कहलाता है| 

manufacturer exporter
Manufacturer Exporter

Service exporter कौन होता है?

Merchant exporter तथा manufacturer exporter के अलावा जो एक्सपोर्टिंग का तीसरा टाइप होता है वह होता है service exporter

सर्विस एक्सपोर्टर का अर्थ है विदेश में किसी फिजिकल उत्पाद को न देकर किसी सर्विस को देना|

 उदाहरण जैसे:- टीचिंग, योगा ट्रेनिंग,एक्टिंग इत्यादि|

Video: मर्चन्ट एक्सपोर्टिंग के फ़ायदे तथा नुकसान

Merchant exporter | Pros & Cons

Video: यदि manufacturer direct आपके ग्राहक से बात कर ले तब क्या करें?

Export safety tips video in Hindi

मर्चेंट एक्सपोर्टिंग के क्या नुकसान होते हैं?

दोस्तों, हर फील्ड में यदि कुछ फायदा होता है तो कुछ नुकसान भी होता है| 

merchant exporting में क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं यह भी आपको पता होना चाहिए|

  • कम मुनाफा 

क्योंकि merchant exporter स्वयं मैन्युफैक्चरिंग नहीं करता वह किसी थर्ड पर्सन से उत्पाद लेता है,

इसलिए मैन्युफैक्चरर भी अपना मार्जन जोड़कर merchant exporter को देता है|

इस कारण से merchant exporter का मार्जन थोड़ा कम हो जाता है| 

  • प्रोडक्ट की क्वालिटी 

मर्चेंट एक्सपोर्टिंग में एक्सपोर्टर को प्रोडक्ट की क्वालिटी के लिए manufacturer पर ही निर्भर रहना पड़ता है|

 कभी-कभी तो ऐसा भी हो जाता है कि मैन्युफैक्चरर जो सैंपल दिखाता है, उससे हल्की गुणवत्ता का माल वह तैयार करवा देता है| 

इसलिए आप ठोक बजाकर अपने मैन्युफैक्चरर से अपनी संतुष्टि कर लीजिए|

  • प्रोडक्शन टाइम 

जो लोग एक्सपोर्ट नहीं करते यह पहली बार कर रहे हैं उन्हें यह बात हर हाल में ध्यान रखनी चाहिए कि “एक्सपोर्टिंग में सबसे मेन जो बात होती है, वह होती है, प्रोडक्ट डिलीवरी टाइम की”

 यह यह आपको हर हाल में ध्यान रखना है वर्ना आपको बहुत ज्यादा नुकसान भी लग सकता है| 

अब होता यह है कि यदि मैन्युफैक्चर को एक्सपोर्ट के बारे में नहीं पता तो वह इस बात को हल्के में लेकर आपके प्रोडक्ट का डिलीवरी टाइम भी बढ़ा सकता है|

 इसलिए आपको अपने मैन्युफैक्चरर से यह चीज पहले ही तय कर लेनी चाहिए|

आपको उसे इस बात से अवगत करा देना चाहिये की यदि वह है तय समय पर माल नहीं देता तो आप उस पर कितनी पेनल्टी लगा देंगे|

  • ब्रांड नेम

एक्सपोर्ट में आप पहली बात तो किसी का ब्रांड नेम उसकी बिना परमिशन के यूज नहीं कर सकते|

यदि आप परमिशन लेकर इस्तेमाल करते हैं तो आपका बायर उस ब्रांड नेम से डायरेक्ट मैन्युफैक्चरर्स तक पहुंच सकता है|

अब! merchant exporter को करना यह है कि आपको अपने मैन्युफैक्चर से एक एग्रीमेंट करना है कि वह आपके buyer को डायरेक्ट माल नहीं देगा|

  • LUT (letter of undertaking)

यह भी बहुत मेन पॉइंट है| इसके बारे में यदि आप अच्छी तरह जानना चाहते हैं तो मैंने एक पोस्ट लिखी हुई है|

आप यह पोस्ट पूरी पढ़ लीजिए तभी आपको यह टॉपिक क्लियर होगा – 

इसमें merchant exporter को किन चीज़ों का ध्यान रखना है ये बताया है|

LUT के बारे में अधिक जानने के लिए यह पोस्ट पढ़ें: (LUT) लैटर आफ अंडरटेकिंग का इस्तेमाल कैसे होता है?

मर्चेंट एक्सपोर्टिंग के क्या फ़ायदे होते हैं?

चलिए! अब बात करते हैं merchant exporting benefits की|

  • मैन्युफैक्चरिंग सेटअप 

आपको manufacturing सेटअप के लिए एक भी रुपया इन्वेस्ट नहीं करना है|

ना ही किसी प्रकार की मैन पावर को अरेंज करना है| 

  • Product depend 

यदि आप मर्चेंट एक्सपोर्टिंग करते हैं तो आपको एक ही प्रोडक्ट पर डिपेंड नहीं रहना पड़ेगा|

आप जब चाहे, किसी भी प्रोडक्ट को एक्सपोर्ट कर सकते हैं| 

मैन्युफैक्चरर एक्सपोर्टर भी सकता है परंतु वह विवशताओं के चलते ऐसा नहीं कर पाता|

जबकि, merchant exporter आज mattress export कर रहा है, तो कल वह pillow export कर सकता है|

  • Investment 

आप प्रोडक्शन के लिए केवल कुछ पैसा एडवांस देंगे यह रकम टोटल आर्डर की 30 परसेंटेज 40 परसेंट हो सकती है|

बाकी का आप प्रोडक्शन कंप्लीट होने के बाद देते हैं| इससे आपको फायदा यह होता है कि आपको अपनी जेब से कुछ नहीं लगाना पड़ता| 

क्योंकि जो आप एडवांस देते हैं, वह एडवांस आप अपने buyer से लेते हैं|

मर्चेंट एक्सपोर्टिंग का यह फायदा मुझे सबसे अच्छा लगता है! इसके अनुसार आप एक बार को बिना पैसों के भी एक्सपोर्टिंग कर सकते हैं|

Manufacture exporting के क्या नुकसान होते हैं?

आइए अब! मैन्युफैक्चर एक्सपोर्टिंग के नुकसान से बचने के लिए कुछ सुझाव भी जान लीजिए|

  • Money Problem

यह सबसे ज्यादा कॉमन प्रॉब्लम है| 

कितना भी बड़ा उद्योगपति हो, चाहे कितना भी छोटा उद्योगपति हो, पैसे से संबंधित समस्या हर उद्योगपति को रहती है| 

मैन्युफैक्चरर एक्सपोर्टर को भी पैसा ज्यादा चाहिए होता है|

  • Men Power

अक्सर मैन्युफैक्चरर एक्सपोर्टर को men power संबंधी समस्या रहती है|

कभी उसका ऑपरेटर बीमार पड़ जाता है| कभी लॉकडाउन जैसे समय में मैन पावर के दिक्कत हो जाती है|

इस प्रकार के अनगिनत कारण है जिनके कारण मैन्युफैक्चरर एक्सपोर्टर को समस्या रहती है|

  • Production time

जैसा कि अब तक आप जान गए हैं कि एक्सपोर्ट बिजनेस में प्रोडक्शन टाइम का बहुत महत्व है| 

यदि प्रोडक्शन समय पर नहीं कंप्लीट होगा तो ऑर्डर लेट हो सकता है| 

ऑर्डर लेट होने पर आपका ऑर्डर कैंसिल हो जाएगा जब बहुत ज्यादा पेनल्टी आपको लग सकती है| 

इसलिए यह विषय भी मैन्युफैक्चरर एक्सपोर्टर के लिए चिंता का विषय रहता है तथा मैंने इसीलिए इसे नुकसान की श्रेणी में डाला है|

  • Small Space

Domestic business की बात करें तो छोटी जगह में काम हो जाता है|

पर यदि आप, उसी छोटी जगह में एक्सपोर्टिंग करना चाहते हैं तो आपको बहुत सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा|

क्योंकि बिजनेस में सबसे ज्यादा 40 फीट कंटेनर में माल जाता है| 

अब! होता यह है कि छोटी जगह में एक साथ बहुत बड़ा ऑर्डर तैयार करना पड़ता है| 

मान कर चलो कि एक कंटेनर लगभग 20 लाख रुपए की कॉस्टिंग का माल उसमें आ जाता है|

मैं इसमें अपने प्रोडक्ट यानी कि “mattress” की बात कर रहा हूं|

इस चीज को मैं आप को हतोत्साहित करने के लिए नहीं कह रहा, परंतु मेरा आप को इस समस्या से अवगत करवाने का दायित्व है|

यह सब चीज़ें धीरे-धीरे सेट होती चली जाती हैं|

मैं आज भी छोटी सी जगह से ही एक्सपोर्ट करता हूं, उसके लिए मैंने उसी तरीके से तैयारियाँ कर रखी है| 

अतः आप निश्चिंत रहिए मैंने इसे केवल नुकसान किस श्रेणी में डाला है,

यह नहीं कहा कि छोटी जगह से एक्सपोर्ट नहीं हो सकता| 

Container में कितना माल आएगा? इसे जानने के लिए यह पोस्ट पढ़ें: कंटेनर में कितना माल आएगा हिसाब कैसे लगाएं?

  • Loading 

लोडिंग अनलोडिंग भी मैन्युफैक्चरर एक्सपोर्टर के लिए एक थोड़ा सा परेशानी करने वाला विषय है| 

आप इस बात का ध्यान रखें कि मैं किसी भी पॉइंट द्वारा आपको हतोत्साहित नहीं करना चाहता, बल्कि मैं आपको केवल आने वाली समस्याओं से अवगत करवा रहा हूं| 

छोटी जगह में आपको यह भी ध्यान रखना पड़ेगा कि आपके गोदाम या वेयरहाउस तक कितनी बड़ी गाड़ी पहुंच सकती है?

 यदि आप ड्राई पोर्ट से माल भेजते हैं तो मेरा सुझाव यह है कि आप छोटे छोटे गाड़ियों द्वारा Container Stuffing, Dry port पर ही करवाएं|

  • Raw Material 

आपको आर्डर के लिए पहले ही रो मटेरियल भी तैयार करके रखना पड़ेगा|

 यदि आप एक्सपोर्ट ऑर्डर कंफर्म होने के बाद रॉ मैटेरियल आर्डर करते हैं तो आपका ऑर्डर निश्चित ही लेट हो जाएगा|

यदि आप का रॉ मैटेरियल गलत आ गया तो आपको उसे चेंज करवाने का समय नहीं मिलेगा क्योंकि आपका ध्यान प्रोडक्शन टाइम पर लगा होगा|

 आप सोचेंगे कि इसी माल को चला लो और जिसका नतीजा यह होगा कि आपके प्रोडक्ट की गुणवत्ता में कमी आ जाएगी|

इससे आपका ऑर्डर इंस्पेक्शन में फेल भी हो सकता है| 

Manufacturer exporting के क्या फ़ायदे होते हैं?

  • ज्यादा मुनाफा 

मैन्युफैक्चर एक्सपोर्टिंग में सबसे बड़ा जो फायदा होता है, वह होता है प्रॉफिट मार्जन|

निश्चित ही मैन्युफैक्चर को प्रोडक्ट की कीमत merchant exporter से सस्ती पड़ती है|

इसलिए ऊपर दिए गए परेशानियों को आप नजर अंदाज कर सकते हैं यदि आपको कीमत ज्यादा मिल रही हो तो|

 उम्मीद करता हूं इस पॉइंट ने आपका हौसला जरूर बढ़ाया होगा|

आप अपने Brand label के साथ आराम से एक्सपोर्ट कर सकते हैं|

आपको इसमें किसी भी प्रकार का कोई भी डर नहीं रहेगा|

एक्सपोर्ट में ज्यादातर बायर अपने ब्रांड लेबल पर ही माल बेचते हैं|

 या तो वह आपको अपने ब्रांड का नाम दे सकते हैं कि आप इस नाम की पैकिंग तैयार करवा कर हमें दे दीजिए|

 या फिर वह आपसे  बिना ब्रांड  लेबल के आपसे माल मंगा लेंगे तथा उसे अपने वेयरहाउस में अपने ब्रांड लेबल में पैक कर देंगे| 

  • Product Quality 

मैन्युफैक्चर एक्सपोर्टर अपने हिसाब से अपने प्रोडक्ट की क्वालिटी को सेट कर सकता है| 

इस पॉइंट को आप बहुत ध्यान से समझना यह आपके बहुत काम आएगा|

 इस बात से मेरा अभिप्राय यह है कि प्रॉफिट मार्जन बढ़ाने के चक्कर में कभी भी अपने प्रोडक्ट की क्वालिटी को कम ना करें|

हां, यदि आप चाहे तो उसकी गुणवत्ता थोड़ी सी बढ़ा सकते हैं| 

परंतु इसके लिए आपको कुछ चीजों में अपने बाहर से परमिशन ले लेनी चाहिए| 

जैसे कि:- किसी प्रोडक्ट के कलर के संबंध में, आप सोच रहे हैं कि मैं एक अच्छा फैब्रिक मैट्रेस पर चढ़ाकर अपने बायर को दे दूं|

परंतु वह उस रंग से बिल्कुल भिन्न है जिस रंग का आपने उसे सैंपल दिखाया था|

अपने आप इस प्रकार का चेंज करने पर आपका ऑर्डर कैंसिल हो सकता है|

बेशक आप प्रोडक्ट की क्वालिटी में सुधार ही क्यों न कर रहे हो|

FAQ: Merchant exporter

क्या Merchant Exporter अच्छी तरह एक्सपोर्ट कर सकता है?

जी हां,  पूरे वर्ल्ड में सबसे ज्यादा एक्सपोर्ट मर्चेंट एक्सपोर्टर द्वारा ही होता है|

क्या Merchant Exporter को अलग से कोई एक्सपोर्ट लाइसेंस लेना पड़ता है?

नहीं, मर्चेंट एक्सपोर्टर को अलग से कोई एक्सपोर्ट लाइसेंस नहीं लेना पड़ेगा|

क्या Merchant Exporter एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल में रजिस्ट्रेशन करवा सकता है?

जी हां, एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल का मतलब एक्सपोर्ट को बढ़ावा देना होता है किसी भी देश का कोई भी नागरिक जिसके पास में एक वैलिड एक्सपोर्ट लाइसेंस हो वह अपने देश  की एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल में रजिस्ट्रेशन करवा सकता है|

क्या Merchant Exporter अपने घर से एक्सपोर्ट कर सकता है?

जी हां,  मर्चेंट एक्सपोर्टर अपने घर से एक्सपोर्ट कर सकता है परंतु उसे उस एड्रेस पर  एक्सपोर्ट लाइसेंस लेना पड़ेगा|

Merchant Exporter: क्या मर्चेंट एक्सपोर्टिंग में कुछ तरक्की की संभावना होती है?

जी हां,  निश्चित तौर पर मर्चेंट एक्सपोर्टिंग में तरक्की की बहुत संभावनाएं होती हैं क्योंकि आपको केवल buyer को satisfy करना होता है तथा डील फाइनल करनी होती है|

Merchant Exporter का एक्सपोर्टिंग में क्या रोल होता है?

मर्चेंट एक्सपोर्टर एक मध्यस्थ की भूमिका निभाता है| वह ग्राहक से डील करता है| ऑर्डर कंफर्म करता है| उसे ऑर्डर को मैन्युफैक्चर द्वारा बनवाता है तथा प्रोडक्शन के बाद के सारे कार्य वह स्वयं ही करता है|

क्या Merchant Exporter और एक्सपोर्ट एजेंट में फर्क होता है?

जी हां मर्चेंट एक्सपोर्टर और एक्सपोर्ट एजेंट में फर्क होता है| जहां एक्सपोर्ट में मर्चेंट एक्सपोर्ट के पास सारे डाक्यूमेंट्स का टाइटल होता है| वही एक्सपोर्ट एजेंट का कार्य केवल दो बिजनेसमैन को आपस में मिलवाने का होता है तथा उसके बदले उसका कुछ निर्धारित कमीशन होता है| 

मर्चेंट एक्सपोर्टर क्या होता है?

वह एक्सपोर्टर जो स्वयं माल नहीं बनाता बल्कि किसी मैन्युफैक्चरर से प्रोडक्ट लेकर एक्सपोर्ट करता है, उसे मर्चेंट एक्सपोर्टर कहते हैं|

क्या मर्चेंट एक्सपोर्टिंग के लिए इंपोर्ट एक्सपोर्ट कोड (IE CODE) लेना जरूरी है?

जी हां, मर्चेंट एक्सपोर्टिंग के लिए इंपोर्ट एक्सपोर्ट कोड लेना जरूरी है|

Manufacturer exporter कौन होता है?

वह एक्सपोर्टर जो एक्सपोर्ट होने वाले प्रोडक्ट का उत्पादन भी स्वयं ही करता है मैन्युफैक्चरर एक्सपोर्टर कहलाता है|

मैन्युफैक्चरर का मतलब क्या होता है?

मैन्युफैक्चरर का मतलब होता है, प्रोडक्ट को स्वयं अपने यहां उत्पादन करने वाला| यह प्रोडक्ट का विनिर्माण करता है|

Merchant exporter meaning in Hindi

निर्यातक व्यापारी: यह export होने वाले प्रोडक्ट की manufacturing नहीं करता, बल्कि इसकी trading करता है|

साथ ही यह अवश्य देखें:

एक्सपोर्ट बिज़नेस में ग्राहक कैसे ढूंढे?

इंडियन ट्रेड पोर्टल के फायदे तथा इसका आयात निर्यात में क्या फ़ायदा है?

ग्राहक को संतुष्ट करने के आसान तरीके

(LUT) लैटर आफ अंडरटेकिंग का इस्तेमाल कैसे होता है?

(APEDA) अपीड़ा में रजिस्ट्रेशन कैसे करें तथा अपीड़ा में कौन कौन से प्रोडक्ट आते हैं?

इस पोस्ट में मैंने आपको Merchant exporter, merchant exporter तथा service exporter के संबंध में आपके मन में जो जवाब सवाल होते हैं उन्हें क्लियर किया है|

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 धन्यवाद

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