Memorandum Of Association क्या होता है? | क्या MoA में alteration संभव है?

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इस पोस्ट में आप पढ़ेंगे कि Memorandum Of Association आखिर होता क्या है?  कंपनी खोलने में M.O.A. की क्या भूमिका होती है?, मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन किसी भी कंपनी के लिए कितना महत्वपूर्ण होता है? तथा किसी भी कंपनी के MOA में क्या लिखा जाता है

कंपनी अधिनियम 2013 में आपने पढ़ा कि कंपनी खोलने के लिए तीन जरूरी डाक्यूमेंट्स होते हैं| 

1: Memorandum Of Association

2: Article Of Association (AoA)

3: Prospectus (प्रस्पेक्टस)

कंपनी डॉक्युमेंट्स के नाम याद रखने की ट्रिकMAP (नक्शा)

ऊपर दिए गए तीनों डॉक्युमेंट्स के पहले शब्द लेने पर “MAP” शब्द बनता है| साथ ही यह तीनों डॉक्युमेंट्स किसी भी कंपनी की रूपरेखा बताते हैं तो इन्हे नक्शा (MAP) कहने में कोई दिक्कत भी नहीं है|

तो चलिए, दोस्तों शुरू करते हैं!! कंपनी बनाने के लिए मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन का क्या महत्व होता है?

Memorandum of association meaning

चलिए! सबसे पहले Memorandum तथा Association का अलग-अलग हिन्दी अर्थ जानते हैं फिर उसके बाद Memorandum of association को मिलाकर उसका अर्थ जानते हैं| इससे आपको memorandum of association का concept आसानी से समझ में आ जाएगा|

Memorandum meaning in Hindi: “स्मरण लेख, ज्ञापन, स्मृतिपत्र, अनुबोधक”

Association meaning in Hindi: “संघ, संस्था, संगति, साहचर्य, संग, मंडली, संधि, संपर्क, समा”

Memorandum of association meaning in Hindi: “संस्था के बहिर्नियम, संस्थापन प्रलेख, संस्था के बाहरी नियम, संस्था का स्मृतिपत्र”

मेरे अनुसार मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन की परिभाषा: आसान भाषा में समझाऊँ तो :- “किसी भी संस्था के बाहर के दायरे (Scope) के लिए जो नियम तय किए जाते हैं उन्हे मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन कहते हैं| यानी इसमें संस्थान के बाहर के विषयों के लिए नियम बनाए जाते हैं| मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन कंपनी का संविधान होता है| जैसे:- हमारा देश संविधान के अनुसार चलता है, सारे कानून संविधान को ध्यान में रखकर ही बनाए जाते हैं, इसके बाहर कुछ भी नहीं होता, ठीक वैसे ही किसी भी कंपनी में MOA संविधान की भूमिका निभाता है|”

Video: Memorandum Of Association

आपको यह विषय और भी अच्छी तरह समझ में आ जाए इसलिए मैंने इसमें यूट्यूब विडिओ को भी एम्बेड कर दिया है|

मेमरैन्डम ऑफ एसोसिएशन क्या होता है? | memorandum of association kya hota hai | meaning & Definition

मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन क्या होता है? (What is memorandum of association)

Memorandum Of Association किसी भी कंपनी का मुख्य दस्तावेज़ होता है| इसको एक प्रकार से कंपनी का चार्टर भी कहा जा सकता है| 

कोई भी कंपनी मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन के दायरे से बाहर नहीं जा सकती| चाहें वह वन पर्सन कंपनी हो प्राइवेट लिमिटेड कंपनी हो सेक्शन 8 कंपनी या

पब्लिक लिमिटेड कंपनी ही क्यों ना हो! यदि कोई कंपनी ऐसा करती है तो निश्चित रूप से अपना ही नुकसान करती है| 

चार्टर का अर्थ: “कोई भी रूल, कोई भी चीज, कोई भी तथ्य, जो कंपनी के लिए बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण होती है उसे कंपनी का चार्टर कह सकते हैं|”

मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन के बिना किसी भी कंपनी का उदय नहीं हो सकता| इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि किसी भी कंपनी को शुरू करने के लिए यह कितना मुख्य दस्तावेज़ होता है| 

कंपनी का कोई भी अन्य दस्तावेज़ मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन का विरोधाभासी नहीं हो सकता|

यानी कि सरल शब्दों में समझाऊं तो मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन में जो भी रूल लिखा जाएगा उस रूल को किसी भी अन्य दस्तावेज़ के द्वारा काटा नहीं जा सकता|

बल्कि किसी भी अन्य दस्तावेज़ में कोई भी नियम व शर्तें लिखी जाती है तो वह Memorandum Of Association को ध्यान में रखकर ही लिखी जाती है| 

मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन में क्या लिखा होता है?

  • कंपनी का नाम तथा पता: Name & Address of Company

कंपनी का नाम तथा रजिस्टर्ड ऑफिस का पता लिखा होना चाहिए|

  • शक्तियां और उद्देश्य: Powers & Objectives

कंपनी की सभी पावर तथा कंपनी के सभी उद्देश्यों को MOA में लिखा जाता है|

जैसे कि:- कंपनी क्या करने वाली है?, कंपनी क्या करना चाहती है?, कंपनी क्या कर रही है?, कंपनी का लक्ष्य क्या है? इत्यादि विषयों का वर्णन इसमें किया जाता है|

  • क्षेत्र: Scope

कंपनी कितनी तरक्की कर सकती है?, कंपनी का भविष्य क्या है?, कंपनी को अपने लक्ष्य निर्धारण के लिए कितनी मेहनत करनी पड़ेगी? इत्यादि विषयों का  एम.ओ.ए. में वर्णन किया जाता है| 

  • संशोधन: Alteration 

किसी भी Memorandum Of Association में यदि कोई काट-छांट करनी होती है तो उसे अल्टरेशन कहा जाता है| किसी भी नियम या कानून में बदलाव किया जा सकता है| किसी भी नियम या कानून में बदलाव करने के लिए नियमों का पालन करना पड़ेगा|

यह नियम तथा कानून कंपनी अधिनियम 2013 में लिखे गए हैं उनके अनुसार ही किसी भी कंपनी के MOA में किस प्रकार आप बदलाव कर सकते हैं, इस बात का पूरा ब्यौरा दिया हुआ है|

  • जानकारी: Information

यह बहुत ही महत्वपूर्ण बिंदु है| इसे आपको बहुत अच्छी प्रकार समझ लेना चाहिए इसीलिए मैं आपको एक छोटा सा उदाहरण भी दूँगा|

इस बिंदु का अर्थ है किसी भी बाहरी व्यक्ति को कंपनी के Memorandum Of Association का ज्ञान है|

चलिए! इसे मैं थोड़ा और आसान बना देता हूं|

कंपनी ऐसा मानकर चलती है कि जो भी बाहरी व्यक्ति (कंपनी का सप्लायर इत्यादि) कंपनी के साथ में कोई भी डील कर रहा है तो उसने कंपनी का MOA  ठीक से पढ़ लिया है| 

यह ठीक उसी प्रकार है जिस प्रकार  भारत के कानून में लिखा है की न्यायालय यह मानकर चलता है किस देश में रहने वाले हैं सभी व्यक्तियों को कानून का ज्ञान है| अतः कोई भी व्यक्ति किसी भी कानून का उल्लंघन करने पर कोर्ट में यह नहीं कह सकता कि “उसे इस कानून का ज्ञान नहीं था|”

नोट:- यदि आप भी कभी किसी कंपनी के साथ डील करे तो उसका मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन आपको ठीक प्रकार से पढ़ लेना चाहिए| अन्यथा moa से बाहर जाकर कार्य करने पर कंपनी का नुकसान तो होगा ही साथ ही साथ आपका भी नुकसान हो जाएगा| 

FAQ: Memorandum Of Association

क्या बिना Memorandum Of Association के कोई भी कंपनी बन सकती है?

जी नहीं, बिना मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन के कोई भी कंपनी नहीं बन सकती|


Memorandum Of Association में क्या लिखा होता है?

इसमें लिखा होता है कंपनी के किस मेंबर को कितनी पावर दी गई है?, कंपनी कितना कार्य कर सकते हैं?, कंपनी क्या कार्य कर रही है?,  कंपनी का लक्ष्य क्या है, इत्यादि 

Memorandum Of Association किसी भी कंपनी का कैसा दस्तावेज़ होता है?

मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन किसी भी कंपनी का सबसे मुख्य दस्तावेज़ होता है|

क्या कानूनी रूप से कोई भी कंपनी Memorandum Of Association के दायरे से बाहर जाकर कार्य कर सकती है?

जी नहीं,  कानूनी रूप से कोई भी कंपनी अपने मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन के दायरे से बाहर जाकर कार्य नहीं कर सकती|

यदि दो कंपनियां आपस में एक दूसरे के Memorandum Of Association के दायरे से बाहर जाकर कार्य करती है तो क्या होगा?

दोनों ही  कंपनियां कानून का उल्लंघन कर रही हैं साथ ही साथ दोनों ही कंपनियों को नुकसान लग सकता है|

क्या किसी दस्तावेज़ में Memorandum Of Association के विरोधाभासी कोई कानून बन सकता है?

जी नहीं, बाकी अन्य दस्तावेज़ों में मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन को ध्यान में रखकर ही कंपनी की नीतियों का निर्धारण होता है|

Memorandum of association का हिन्दी अर्थ क्या होता है?

“संस्था के बहिर्नियम, संस्थापन प्रलेख, संस्था के बाहरी नियम, संस्था का स्मृतिपत्र”

Conclusion

M.O.A.  किसी भी कंपनी का एक ऐसा डॉक्यूमेंट है जिसमें इन विषयों को लिखा जाता है|

कंपनी का दायरा कितना है?  कंपनी क्या कार्य कर सकती है?,  कंपनी क्या कार्य नहीं कर सकती?, कंपनी कितना कार्य कर सकती है?, कंपनी के किसी भी मेंबर को कितनी पावर है?, कंपनी का क्या उद्देश्य है? इत्यादि का पूरा ब्यौरा लिखना होता है|

आप किसी भी कंपनी के m.o.a. के माध्यम से उस कंपनी के बारे में सारी जानकारी ले सकते हैं|

साथ ही यह भी अवश्य पढ़ें:

कंपनी कैसे खोलें?

बैंक गारंटी क्या होती है? बहुत ही आसान तरीके से समझें

प्राइवेट लिमिटेड कंपनी क्या होती है तथा इसके क्या फ़ायदे हैं?

आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन क्या होता है?: Article Of Association (AoA)

प्रस्पेक्टस क्या होता है?: Prospectus

नोट: मैंने इसमें की जगह मेमरैन्डम को मेमोरेंडम लिखा है|

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 धन्यवाद 

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प्यारे दोस्तों, मैं नवीन कुमार एक बिज़नेस ट्रैनर हूँ| अपने इस ब्लॉग के माध्यम से मैं आपको - आयात-निर्यात व्यवसाय (Export-Import Business), व्यापार कानून (Business Laws), बिज़नेस कैसे शुरु करना है?(How to start a business), Business digital marketing, व्यापारिक सहायक उपकरण (Business accessories), Offline Marketing, Business strategy, के बारें में बताऊँगा|| साथ ही साथ मैं आपको Business Motivation भी दूंगा| मेरा सबसे पसंदीदा टॉपिक है- “ग्राहक को कैसे संतुष्ट करें?-How to convince a buyer?" मेरी तमन्ना है की कोई भी बेरोज़गार न रहे!! मेरे पास जो कुछ भी ज्ञान है वह सब मैं आपको बता दूंगा परंतु उसको ग्रहण करना केवल आपके हाथों में है| मेरी ईश्वर से प्रार्थना है की आप सब मित्र खूब तरक्की करें! धन्यवाद !!