GDP क्‍या है, इसके बारे में संपूर्ण जानकारी | Meaning of GDP in Hindi

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इस पोस्ट में हम समझेंगे कि GDP क्या होता है?, हिंदी में जीडीपी का क्या अर्थ होता है? (Meaning of GDP in Hindi)

दोस्तों यदि आप  किसी भी देश के economical growth के बारे में जानना चाहेंगे तो सबसे पहले आपको उस देश के GDP के बारे में समझना पड़ेगा|

यदि आप business करते हैं या Business Studies की पढ़ाई कर रहे हैं, तब भी आपके लिए GDP को समझना बहुत ही जरूरी है|

इससे आप अपने देश की तरक्की में सहायक हो सकते हैं|

अब! यहां पर एक प्रश्न और उठता है कि GDP को कैसे निकाला जाता है? इस प्रकार के सभी सवालों के उत्तर के लिए, हम इस टॉपिक को विस्तार से पढ़ते हैं| 

तो चलिए दोस्तों!

शुरू करते हैं आज का टॉपिक “GDP क्‍या है, इसके बारे में संपूर्ण जानकारी- Meaning of GDP in Hindi” के साथ 

Meaning of GDP in Hindi

GDP meaning in Hindi: “सकल घरेलू उत्पाद”

सकल का अर्थ: “Total”

Full form of GDP

GDP full form: “Gross domestic product”

GDP क्या होता है?

जीडीपी को अच्छी तरह समझने के लिए आपको पहले कुछ basic बिंदुओं को समझ लेना चाहिए, इससे यह कंसेप्ट आपको अच्छी तरह क्लियर हो जाएगा 

किसी भी देश की जीडीपी में चार चीजों का ध्यान रखा जाता है|

  1. राजनैतिक  सीमा 
  2. 1 साल
  3. वस्तु एवं सेवा
  4. अंतिम मूल्य 

1- राजनैतिक  सीमा

इसका अर्थ यह है कि किसी भी देश या राज्य की जीडीपी की निकालने के लिए उसकी राजनीतिक सीमा के अंदर रहकर ही उसकी जीडीपी निकाली जाएगी| 

यानी कि यदि कोई वस्तु मध्य प्रदेश में बन रही है तो आप उसे उत्तर प्रदेश की GDP में शामिल नहीं कर सकते हैं|

उसका आकलन केवल मध्य प्रदेश की जीडीपी निकालने के लिए ही होगा| 

इसी प्रकार यदि कोई वस्तु भारत में बन रही है तो आप नेपाल की जीडीपी निकालने के लिए उसका इस्तेमाल नहीं कर सकते| 

अब! आपके मन में एक प्रश्न यह आ रहा होगा कि यदि कोई विदेशी कंपनी भारत में अपना उत्पादन कर रही है तो उस उत्पादन को भारत की जीडीपी में गिना जाएगा या नहीं?

जी हां, क्योंकि उत्पादन भारत में हो रहा है इसलिए उस उत्पादन को भारत की जीडीपी में ही गिना जाएगा| 

राजनैतिक सीमा को आपको अच्छी तरह समझ लेना चाहिए| 

राजनैतिक सीमा में भौगोलिक सीमा के साथ-साथ जलीय एवं वायु सीमा को भी गिना जा सकता है| 

जैसे कि: 

1-  भारत का किसी भी देश में कोई  दूतावास (embassy) है,  उस दूतावास से होने वाली कमाई को भारत की जीडीपी में गिना जाएगा| वह दूतावास (embassy)  विदेश में होते हुए भी  भारत की राजनीतिक सीमा के अंतर्गत माना जाएगा|

2- भारत का हिंद महासागर भारत का ही हिस्सा है| वहां पर fishing को भारत की GDP में गिना जाएगा|

3- विमान द्वारा किसी यात्री का भारत से अमेरिका जाना, भारत की जीडीपी में ही गिना जाएगा| 

2- एक साल

किसी भी देश या राज्य की जीडीपी निकालने के लिए 1 साल के टाइम पीरियड को ही गिना जाता है| 

3- वस्तु एवं सेवा (goods and services)

धन के बदले जब हमें कोई ऐसा उत्पाद मिलता है जिसे हम छू कर देख सकते हैं, उसे वस्तु कहते हैं|  इसी प्रकार धन के बदले जब हमें कोई ऐसा उत्पाद मिलता है जिसे हम छू कर नहीं देख सकते उसे सेवा कहते हैं|

चलिए दोस्तों! इन्हें उदाहरण के माध्यम से अच्छी तरह समझ लेते हैं|

वस्तुओं के उदाहरण: Mattress, Bed, Pillow इत्यादि 

सेवाओं के उदाहरण:  शिक्षक द्वारा स्टूडेंट्स को पढ़ाना, docter द्वारा दिया गया परामर्श, एक इंजीनियर द्वारा लैपटॉप का रिपेयर करना, गद्दों के ऊपर लगे कपड़े पर Quilting करना, transportation, Banking, School, Mobile Companies (Jio, Airtel), Zym, Swimming pool, Disco इत्यादि   

4- अंतिम मूल्य 

जब कोई वस्तु बिकते-बिकते last consumer के हाथ में पहुंचती है तो, जिस price पर वह वस्तु बिकी है उसे अंतिम मूल्य कहा जाएगा| 

उदाहरण:

कोई भी वस्तु बहुत सारे कच्चे माल को मिलाकर बनती है|  जैसे कि:  गद्दे (Mattress)

यहां पर गद्दे बनाने के लिए फोम, सिलोचन,  स्प्रिंग, कपड़ा इत्यादि का इस्तेमाल किया गया होगा|

1- एक Mattress की company  ने गद्दे का निर्माण किया   2- इसने इन गद्दों को distributor को बेच दिया →  3- डिस्ट्रीब्यूटर ने यह गद्दे आगे dealer को बेच दिए → 4- डीलर नहीं यह गद्दे आगे Sub dealer को बेच दिए → 5- Sub dealer ने यह गद्दे आगे shopkeeper को भेज दिए →  6- अंत में इस shopkeeper ने यह गद्दे उस ग्राहक को बेच दिए, जिसे वह गद्दे इस्तेमाल करने थे, मान लीजिए इस इस्तेमाल करने वाले ग्राहक का नाम सुरेश था|

यहां पर सुरेश ने जिस मूल्य पर यह गद्दे खरीदे होंगे उसे अंतिम मूल्य कहा जाएगा| 

चलिए!  अब अपने मुख्य बिंदु “GDP क्या होता है? इसके बारे में समझते हैं!

GDP की परिभाषा क्या होती है?

जीडीपी की परिभाषा: “किसी देश की राजनीतिक सीमा के अंतर्गत 1 साल में बनने वाली (उत्पादित होने वाली) सारी वस्तुओं (Goods) तथा सेवाओं (Services) का अंतिम मूल्य का लेखा-जोखा (हिसाब-किताब) रखना ही GDP (Gross domestic product) कहलाता है|”

उदाहरण:

मान लीजिए, 

Indian company – Reliance company ने ₹1000 का माल बनाया| 

Foreign company- A&A International Industries Inc. ने ₹100 का माल बनाया| 

भारत की जीडीपी निकालने के लिए इन दोनों के प्रोडक्शन का टोटल कर लेंगे|

1000 + 100 =  1100

यानी कि भारत का जीडीपी 1100 Rs.हुआ 

वहीं पर यदि कोई व्यक्ति विदेश में रहकर पैसे कमा रहा है तो उसे भारत की जीडीपी में नहीं जोड़ा जाएगा, क्योंकि वह व्यक्ति भारत की राजनीतिक सीमा के बाहर है| 

यानी की जीडीपी में केवल घरेलू सकल उत्पाद को ही जोड़ा जाएगा| 

देखा जाए तो जीडीपी एक तरीके से अच्छा भी है और खराब भी है!

GDP से यह पता चलता है कि किसी देश में कितना उत्पादन हो रहा है? यानी कि यदि किसी देश की जीडीपी ज्यादा है तो वहां पर उत्पादन ज्यादा है| 

इसका सीधा सा मतलब यह है कि ज्यादा उत्पादन होने पर लोगों को रोजगार ज्यादा मिलेगा तथा सरकार को टैक्स भी ज्यादा मिलेगा| 

Foreign companies भी किसी देश की जीडीपी का विश्लेषण करके यह अंदाजा लगाती हैं कि “GDP ज्यादा होने का मतलब यह है कि उस देश में उत्पादन की क्षमता ज्यादा है”

सीधे शब्दों में कहूं तो किसी देश की जीडीपी अच्छी होने का मतलब यह निकलता है कि वह देश समृद्ध है, परंतु जीडीपी अधिक होने का मतलब यह कतई नहीं है कि इससे मिलने वाला सारा धन आपको मिलेगा|

Foreign companies रोजगार तथा सरकार को टैक्स तो दे सकती है, परंतु यह विदेशी कंपनी होने वाला सारा मुनाफा अपने देश में लेकर चली जाएगी!

इसमें देखने वाली बात यह है कि GDP किसी भी देश के सकल घरेलू उत्पाद को तो दिखा रहा होता है परंतु उस देश के स्वयं के घरेलू उत्पाद के विषय में नहीं बताता| 

यानी कि हम GDP को राष्ट्रीय उत्पाद नहीं कर सकते, क्योंकि बेशक से हमारे देश की राजनैतिक सीमा में तो वस्तुओं का उत्पादन हो रहा होता है परंतु, सारा Production (उत्पादन) हमारे राष्ट्र का नहीं होता| 

GDP से केवल रोजगार को बढ़ावा मिलता है, सरकार को टैक्स मिलता है तथा किसी भी देश की उत्पादन क्षमता बढ़ती है| 

इन्हीं सब विषयों का अध्ययन करके विदेशी कंपनियां, किसी भी देश में business करने के लिए उत्साहित होती हैं| 

किसी भी देश में कंपनियां business शुरू करने से पहले किन चीजों का अध्ययन करती है? यह जानने के लिए यह पोस्ट पढ़ें: Business environment क्या होता है?

अब उस पैसे के बारे में समझते हैं जो भारत के काम में आने वाला है!

GNP क्या होता है?

सबसे पहले हमें GNP की फुल फॉर्म जान लेनी चाहिए|

GNP full form:  “Gross national product (राष्ट्रीय सकल उत्पाद)”

यानी कि किसी भी देश राष्ट्रीय सकल उत्पाद (Gross national product) निकालने के लिए, GDP में से वह पैसा निकाल दीजिए जो विदेश चला जाएगा, जो पैसा देश में आएगा उसे GNP कहते हैं|

इसे थोड़ा सा अच्छी तरह समझने के लिए एक उदाहरण की सहायता ले लेते|

GDP को समझने के लिए मैंने 3 बाते बताई थी|

1- Indian company का production – इसे भारत की जीडीपी में जोड़ा जाएगा|

2- Foreign company का production- इसे भी भारत की जीडीपी में जोड़ा जाएगा| 

3- कोई व्यक्ति विदेश में रहकर पैसा कमा रहा है-  इसे भारत की जीडीपी में नहीं जोड़ा जाएगा| 

अब! GNP को निकालने के लिए, इनमें से Foreign company के प्रोडक्शन को नहीं जोड़ा जाएगा तथा जो व्यक्ति विदेश में रहकर पैसा कमा रहा है उसे जीएनपी में जोड़ा जाएगा|

क्योंकि, फॉरेन कंपनी अपने बचत अपने देश में ले जाएगी तथा विदेश में रहकर पैसा कमाने वाला बचत का पैसा अपने देश में ले आएगा| 

इसे और भी अच्छी तरह समझने के लिए एक उदाहरण की मदद लेते हैं|

उदाहरण:

मान लीजिए, 

1- Indian company – Reliance company ने ₹1000 का माल बनाया| 

2- Foreign company- A&A International Industries Inc. ने ₹100 का माल बनाया| 

3- एक व्यक्ति ने विदेश में रहकर ₹20 कमाया| 

Indian company production + भारतीय द्वारा विदेश में कमाया पैसा = GNP

1100 + 20 = 1120 Rs. GNP

आमतौर पर किसी भी देश का GDP के मुकाबले GNP कम होता है| 

यदि किसी देश की बंद अर्थव्यवस्था है, यानी कि ना तो वहां पर Export होता है और ना ही Import होता है|

ऐसी स्थिति में! GNP तथा GDP बराबर रहेंगे|

Export ज्यादा होने पर GNP  भी ज्यादा रहेगा,  तथा इंपोर्ट ज्यादा होने पर जीएनपी कम रहेगा|

इसे हम इसलिए पढ़ रहे हैं कि GNP की मदद से यह आसानी से पता लगाया जा सकता है कि कहीं विदेशी कंपनियां किसी देश से ज्यादा तो नहीं कमा रहीं? 

किसी देश को ज्यादा फायदा चाहिए तो उसका जीएनपी ज्यादा होना चाहिए| 

यदि आप Export import business के बारे में जानना चाहते हैं तो यह पोस्ट पढ़ें: Export import business कैसे शुरू करें?

NDP क्या होता है?

आइए! सबसे पहले NDP की फुल फॉर्म जान लेते हैं| 

NDP full form: “Net domestic product (निवल देशी उत्पाद, शुद्ध घरेलू उत्पाद)”

NDP की परिभाषा: “किसी देश के सकल घरेलू उत्पाद (Gross domestic product) में से उस देश के पूँजी वस्तुओं पर मूल्यह्रास (depreciation) को घटाने पर निवल देशीय उत्पाद (net domestic product (NDP) प्राप्त होता है।”

चलिए! इसे थोड़ी सी आसान भाषा में समझ लेते हैं

उदाहरण:

मान लीजिए किसी कंपनी में कांच के गिलास का उत्पादन होता है| अब! जितने भी टोटल गिलास बनेंगे उन्हें GDP में गिना जाएगा|

परंतु ऐसा होना मुमकिन नहीं है कि किसी भी वस्तु के प्रोडक्शन करने पर उसमें से एक भी वस्तु खराब ना हो|

ऐसे में!  कुछ कांच के गिलास टूटेंगे, या खराब भी अवश्य होंगे|

इन टूटे हुए या खराब हुए गिलासों को टोटल प्रोडक्शन में से घटाने पर हमें उस प्रोडक्ट का NDP (निवल देशी उत्पाद) प्राप्त होगा| 

NNP क्या होता है?

आइए! सबसे पहले NNP की फुल फॉर्म जान लेते हैं| 

NNP full form: “Net national product (शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद)”

NNP की परिभाषा: “सकल राष्ट्रीय उत्पाद (GNP, अर्थात् एक निश्चित समय अवधि के दौरान किसी देश या अन्य राजव्यवस्था के उत्पादन के कारकों द्वारा उत्पादित सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का कुल बाजार मूल्य) में से मूल्यह्रास को घटाने पर शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद (NNP- Net national product) प्राप्त होता है।”

FAQs: GDP

GDP क्या होता है?

किसी भी देश की राजनीतिक सीमा के अंदर एक निश्चित समय अवधि के अंदर उत्पादित होने वाली वस्तुओं तथा सेवाओं की गणना करना जीडीपी कहलाता है|

यदि विदेश से कुछ लोग भारत मे Commonwealth देखने आए तो क्या भारत के जीडीपी में वर्द्धि होगी?

जी हां, यदि विदेश से कुछ लोग भारत मे Commonwealth देखने आए तो भारत के जीडीपी में अवश्य ही वर्द्धि होगी| 
यह जितने भी लोग भारत में आएंगे,  यह सब भारत में उत्पादित वस्तुओं तथा सेवाओं का ही इस्तेमाल करेंगे, इस कारण से भारत  की जीडीपी बढ़ जाएगी| 

जीडीपी क्यों गिरती है?

जीडीपी गिरने के बहुत सारे कारण हैं| मैं इनमें से कुछ को रेखांकित कर रहा हूं|
1-  सरकारी नीतियां – जैसे कि  नोटबंदी तथा GST लागू होने के तुरंत बाद भारत की जीडीपी गिर गई थी, हालांकि इस तरह के सुधारों की बहुत जरूरत है परंतु इनका लागू करने का तरीका थोड़ा सा गलत हो गया था| 
2-  इंफ्रास्ट्रक्चर-  किसी भी देश में यदि बिजनेसमैन को सहूलियत नहीं मिलेंगे तो वहां का जीडीपी गिरना तय है|
3-  मुद्रास्फीति (Inflation) दर में बढ़ोतरी होना|
4- MSME सेक्टर पर ज्यादा ध्यान ना देना| एमएसएमई के बारे में जानने के लिए यह पोस्ट पढ़ें: MSME क्या है तथा Msme full form
5- Technology: नई टेक्नोलॉजी को अपने देश में ना लाना, इससे पुरानी टेक्नोलॉजी पर ही काम होता रहता है जिस कारण से उत्पादन भी कम होता है| 
6- GST (गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स) की दरों में बढ़ोतरी होना|  इससे भी वस्तुओं की बिक्री कम हो जाती है जिस कारण से उनका उत्पादन भी कम हो जाता है| 

कोविड 19 की वजह से जीडीपी डाउन हो गई है तो जीडीपी बढ़ाने के लिए सरकार क्या प्रयास कर रही है?

सरकार ने बहुत सारे आर्थिक पैकेज जारी किए| MSME  सेक्टर के लिए अलग से सुविधाएं बढ़ाई गई हैं| 

शिक्षक किस प्रकार से जीडीपी में योगदान देते हैं?

जो शिक्षक निर्यात (EXPORT) के बारे में शिक्षा देते हैं, इसका सीधा सा मतलब वह अपने देश की जीडीपी को बढ़ाने में योगदान दे रहे हैं| अब!  शिक्षा चाहे किसी भी विषय पर हो शिक्षक तो शिक्षक ही होता है| एक्सपोर्ट के बारे में अधिक जानने के लिए यह पोस्ट पढ़े: Export import business कैसे शुरू करें?

अंतरराष्ट्रीय समुद्र में भारतीय मछुआरों द्वारा पकड़ी गई मछलियां किस देश की जीडीपी में शामिल की जाएंगी?

इसका सीधा सा जवाब यह है कि वह मछुआरे जिस देश के होंगे उस देश की जीडीपी में उन्हें शामिल किया जाएगा| इसके लिए उन्हे पकड़ी गई मछलियों को अपने देश में ले जाना जरुरी है|

जीडीपी की बढ़ोतरी से क्या फायदे होते है?

किसी भी देश की जीडीपी बढ़ने का सीधा सा मतलब है कि उस देश में उत्पादन अधिक हो रहा है|  उत्पादन अधिक होने पर सरकार को टैक्स अधिक मिलता है, रोजगार, तथा आर्थिक वृद्धि होती है| 
जीडीपी में वृद्धि किसी अर्थव्यवस्था की प्रगति का वास्तविक मापन नही हो सकता है इस कथन का परीक्षण कीजिये
इस कथन से पूरी तरह सहमत हूं|  मान लीजिए किसी देश में विदेशी  कंपनियां अधिक मात्रा में है|  ज्यादा मांग होने के कारण यह कंपनी उत्पादन भी अधिक करेंगी|
ज्यादा उत्पादन होने की दिशा में सरकार को तो ज्यादा टैक्स मिलेगा परंतु यह कंपनी अपनी बचत का हिस्सा अपने देश में ले जाएंगी, जो एक नुकसान का कारण है|  इस तरह हम समझ सकते हैं कि केवल किसी देश की जीडीपी बढ़ना अर्थव्यवस्था की प्रगति का वास्तविक मापन नहीं है| 

 साथ ही यह भी अवश्य देखें:

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दोस्तों उम्मीद करता हूं आपको यह पोस्ट “GDP क्‍या है,  इसके बारे में संपूर्ण जानकारी- Meaning of GDP in Hindi” अवश्य पसंद आई होगी|  

इसके माध्यम से आपको जीडीपी क्या होती है?  तथा Meaning of GDP in Hindi  जैसे सवालों का जवाब मिल गया होगा| 

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इसी प्रकार business  तथा finance  से संबंधित अगली पोस्ट में मैं फिर मिलूंगा तब तक के लिए नमस्कार 

धन्यवाद

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