बिज़नेस करते हैं तो! KPO के बारे में अवश्य जानें | KPO full form & meaning

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इस पोस्ट के माध्यम से आप KPO के बारे में जानेंगे| साथ ही आप KPO full form के बारे में भी जानेंगे| साथ ही नॉलेज प्रोसेस आउटसोर्सिंग क्या होता है? इसके बारे में भी जानेंगे| 

चलिए दोस्तों, शुरू करते हैं! सबसे पहले हम KPO full form के बारे में जानते हैं|

KPO full form

KPO full form: “Knowledge process outsourcing”

KPO full form in Hindi: “नॉलेज प्रोसेस आउटसोर्सिंग”

नॉलेज प्रोसेस आउटसोर्सिंग क्या होता है?

पिछली पोस्ट BPO क्या होता है? में आपने पढ़ा था कि आउटसोर्सिंग दो प्रकार की होती हैं|

1- KPO (Knowledge Process Outsourcing)

2- BPO (Business Process Outsourcing) 

इन दोनों में ही आप अपने किसी बिजनेस का कोई कार्य किसी बाहरी संस्थान से पूरा करवाते हो|

आइए! kpo का meaning समझते हैं| 

KPO का अर्थ: “इसमें सबसे पहला वर्ड है नॉलेज| यहां पर नॉलेज से अभिप्राय है ज्ञान या दिमाग से है| इस आउटसोर्सिंग में हम नॉलेज का उपयोग करवाते हैं|” अर्थात: जब आप किसी ऐसे व्यक्ति या संस्थान की नॉलेज का इस्तेमाल करवाते हैं जो आपके संस्थान से संबंधित नहीं हैं| इसे ही नॉलेज प्रोसेस आउटसोर्सिंग कहते हैं| 

यानी कि सीधे शब्दों में मैं इसका अर्थ समझाऊं तो जब हम अपने किसी बिजनेस में किसी बाहरी व्यक्ति के दिमाग या ज्ञान का इस्तेमाल अपने बिजनेस के लिए करवाते हैं तो इसे नॉलेज प्रोसेस आउटसोर्सिंग कहते हैं| 

kpo full form image
KPO full form in English

उदाहरण 

जब आप कोई बिजनेस खोलते हैं तो सामान्य तौर पर आप उसकी लेखांकन (Accounting) तथा कानूनी पहलुओं पर एक ही व्यक्ति माहिर नहीं हो सकता| 

ऐसा संभव है कि किसी व्यक्ति को बिजनेस सेटअप का अच्छा ज्ञान हो परंतु उसकी अकाउंटिंग अच्छी ना हो! 

या ऐसा भी हो सकता है कि किसी को कंपनी के बारे में तो पता हो परंतु उसे कंपनी अधिनियम के बारे में बिल्कुल भी जानकारी ना हो| 

अब ऐसी स्थिति में! किसी ने कंपनी पर केस कर दिया| अब भैया! कंपनी के डायरेक्टर्स और प्रमोटर्स को गई टेंशन!

चूंकि! अदालती कार्रवाई का कोई तजुर्बा नहीं है ना ही इसके बारे में कोई खास ज्ञान है| 

और तो और उनके पूरे संगठन में भी कोई ऐसा व्यक्ति नहीं था जिसे इस बात की पूरी जानकारी हो| 

ऐसे विषयों में जानकारी का अभाव इसलिए होता है क्योंकि इनके लिए अलग से पढ़ाई की जाती है|

यह बात तो सभी जानते हैं कि पूर्ण कोई भी व्यक्ति नहीं हो सकता|

हाँ यह बात अलग है कि किसी न किसी चीज की खूबी है तो किसी न किसी चीज की खूबी होती है|

खैर! आगे बढ़ते हैं! अब इस समस्या से कैसे निपटा जाए? 

संस्थान को किसी ऐसे बाहरी व्यक्ति या संस्थान को ढूंढना पड़ेगा जिसे ऐसे विषयों में जिसे महारत हासिल हो|

इन्होंने कुछ कानूनी परामर्श (consultancy) उपलब्ध कराने वाली संस्थानों को ढूंढा| इनमें  से एक संस्थान को सेलेक्ट करने के बाद उन्होंने उससे पूछा की “क्या आप अपने नॉलेज का सही इस्तेमाल करके हमें इस विषय में सहायता करेंगे|” 

कानूनी सलाहकार संस्थान का जवाब आया “ श्रीमान बिल्कुल करेंगे, हमारा यही तो काम है|” 

इस सारे प्रोसेस में एक संस्थान द्वारा दूसरे संस्थान के ज्ञान का इस्तेमाल अपने संस्थान के लिए किया जा रहा है| 

अब जिस कंपनी पर केस हुआ है उस कंपनी ने सोचा की हम पर कोई ना कोई इस प्रकार का केस करता ही रहता है तो क्यों ना हम  इस संस्थान के साथ जुड़ जाएं|

KPO definition in Hindi

Knowledge process outsourcing (KPO) की परिभाषा: KPO व्यवसाय में, फर्मों को ज्ञान संबंधी और सूचना संबंधी कार्य बाहरी फर्म से किए जाते हैं| इसमें उच्च कुशल कर्मचारियों द्वारा किया गया उच्च-मूल्य का कार्य शामिल है। KPO फर्म, विशेषज्ञता और परामर्श सेवा प्रदान करने के अलावा, अक्सर कई निम्न-स्तरीय निर्णय भी लेते हैं।

आइए! इस परिभाषा को भी थोड़ा सरल शब्दों में समझ लेते हैं! 

पहला पॉइंट: केपीओ बिजनेस में  ज्ञान संबंधी और सूचना संबंधित काम बाहर के संस्थानों से करवाए जाते हैं|  यानी कि केवल जान संबंधित विषय जो बाहर के संस्थान से करवाए गए हैं केवल वही आउटसोर्सिंग माने जाएंगे|

दूसरा पॉइंट: इसमें निपुण कर्मचारियों द्वारा किया गया बहुत अच्छा काम शामिल होता है| यानी कि जिस प्रकार कोई व्यक्ति यदि अनपढ़ है तो वह अच्छी ब्लॉग पोस्ट नहीं लिख सकता| जैसे कि आप इस समय पढ़ रहे हैं|  इसका अर्थ यह है कि वह बंदा अपने कार्य में उच्च कुशलता हासिल किए हुए हो| ठीक इसी प्रकार किसी भी कंपनी को वही व्यक्ति अच्छी सलाह दे सकता है जिसने उस विषय पर महारत हासिल की हो| 

तीसरा पॉइंट: यह विशेषज्ञ परामर्श सेवा तो देते ही हैं साथ में किन्हीं खास विषयों पर इन्हें निम्न स्तरीय निर्णय भी ले सकते हैं| यानी कि यह आपको किसी खास विषय पर अच्छा परामर्श तो देते ही हैं साथ ही आपको छोटे-मोटे मामलों में स्वयं निर्णय लेने के काबिल भी बना देते हैं| 

साथ ही यह भी अवश्य देखें:

BPO क्या होता है?

KPO तथा BPO में क्या अंतर होता है?

एग्रीगेटर बिजनेस मॉडल क्या होता है?

गद्दे बनाने की फैक्ट्री कैसे लगायें?

उम्मीद करता हूं!  आपको नॉलेज प्रोसेस आउटसोर्सिंग के ऊपर लिखी गई यह पोस्ट काफी पसंद आई होगी|

इसी प्रकार की अगली पोस्ट में मैं नवीन कुमार फिर मिलूंगा तब तक के लिए नमस्कार!

धन्यवाद 

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प्यारे दोस्तों, मैं नवीन कुमार एक बिज़नेस ट्रैनर हूँ| अपने इस ब्लॉग के माध्यम से मैं आपको - आयात-निर्यात व्यवसाय (Export-Import Business), व्यापार कानून (Business Laws), बिज़नेस कैसे शुरु करना है?(How to start a business), Business digital marketing, व्यापारिक सहायक उपकरण (Business accessories), Offline Marketing, Business strategy, के बारें में बताऊँगा|| साथ ही साथ मैं आपको Business Motivation भी दूंगा| मेरा सबसे पसंदीदा टॉपिक है- “ग्राहक को कैसे संतुष्ट करें?-How to convince a buyer?" मेरी तमन्ना है की कोई भी बेरोज़गार न रहे!! मेरे पास जो कुछ भी ज्ञान है वह सब मैं आपको बता दूंगा परंतु उसको ग्रहण करना केवल आपके हाथों में है| मेरी ईश्वर से प्रार्थना है की आप सब मित्र खूब तरक्की करें! धन्यवाद !!