किसी कंपनी की एजेंसी कैसे ले | How to Take Agency of a Company

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दोस्तों,  इस पोस्ट में हम जानेंगे कि हम किसी भी कंपनी की एजेंसी कैसे ले सकते हैं?, एजेंसी लेने के लिए कौन कौन से डॉक्यूमेंट लगेंगे?, हमें किसी कंपनी की एजेंसी लेने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? तथा हमें एजेंसी बिजनेस में कितना प्रॉफिट मिल जाएगा?

तो चलिए दोस्तों शुरू करते हैं आज का हमारा टॉपिक “किसी कंपनी की एजेंसी कैसे ले?”

कंपनियां एजेंसी क्यों देती है?

कंपनियां अपने बिजनेस को बढ़ाने के मकसद से एजेंसी देती हैं| एजेंसी से कस्टमर बेस बढ़ता है और ग्राहक तक पहुंच बढ़ती है|

किसी भी कंपनी के लिए बहुत जल्दी सभी जगहों पर पहुंचना मुमकिन नहीं होता, इसलिए वह अपनी एजेंसी देकर कस्टमर तक अपनी पहुंच बनाती हैं| कंपनियां इसलिए ही एजेंसी देती हैं| 

एजेंसी बिजनेस से क्या फायदा है?

आइए! अब यह समझने की कोशिश करते हैं की हमें एजेंसी बिजनेस से क्या होगा?

  • पहले से बने हुए कस्टमर (Customer Base)

एजेंसी बिजनेस से हमें सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि हमें बना बनाया कस्टमर बेस मिल जाता है| बहुत से ग्राहक कुछ कंपनियों के फैन होते हैं| वह अक्सर उन्हीं कंपनियों के या उन्ही ब्रांडस के प्रॉडक्ट खरीदना पसंद करते हैं| जैसे कि: Apple कंपनी के प्रोडक्ट

वहीं पर, यदि हम स्वयं का कोई प्रोडक्ट मार्केट में उतारते हैं तो, हमें मार्केट में उसकी पकड़ बनाने में काफी समय लग सकता है| agency business का यही सबसे बड़ा फायदा है|

  • बिक्री की शुरुआत (sale start)

कस्टमर बेस बना होने के कारण, हमारी पहले दिन से ही सेल शुरू हो जाती है| यदि हम अपने नाम का प्रोडक्ट मार्केट में उतारते हैं तो उसकी बिक्री की शुरुआत होने में, कितना समय लगेगा? यह बताना मुमकिन नहीं है|

कस्टमर बेस के बारे में जानने के लिए यह पोस्ट पढ़ें: Customer base क्या होता है?

  • कम जोखिम (Low risk)

ब्रांड वैल्यू बने होने के कारण एजेंसी बिजनेस में जोखिम बहुत कम होता है| कोई भी बिजनेस यदि चलता रहता है तो उसमें जोखिम कम रहता है| कंपनी अपना सारा सेटअप अच्छी तरह बिछाकर ही अपना बिजनेस शुरू करती हैं|  यही मुख्य कारण रहता है कि इसमें जोखिम ना के बराबर होता है| 

  • प्रशिक्षण (training)

कंपनियां अपने बिजनेस को बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण भी देती हैं| ट्रेनिंग देने के मामले में कंपनियों का स्तर बहुत अच्छा होता है| वहीं पर, यदि हम अपना बिजनेस शुरू करते हैं तो हमें इसका अनुभव कम होता है| कैसे काम की शुरुआत करनी है?,  कैसे बिजनेस आगे बढ़ेगा?  इन सब के बारे में हमें ज्यादा जानकारी नहीं होती| 

 आपको कहीं पर भी कोई दिक्कत आती है तो एजेंसी द्वारा आपको मदद की जाती है|  एजेंसी भी चाहती है कि उसका बिज़नेस बढ़े, इसीलिए ऐसी कोई भी सुविधा, जिससे उसका बिजनेस बढ़ेगा वह आपको प्रदान करने की कोशिश करती है| एजेंसी का सपोर्ट आपके साथ लगातार बना रहता है| 

Agency business में यह भी मुख्य फायदा है| 

  • मुनाफे का अंतर (Profit margin)

एजेंसी में बिक्री पर फिक्स मार्जन तय होते हैं| सामान्यतः 10% का मार्जिन मिलता ही है| इसके अलावा भी एजेंसी तरह-तरह की स्कीम तथा इंसेंटिव के माध्यम से आपको और ज्यादा प्रॉफिट देने की कोशिश करती है| 

आपको प्रोडक्ट के दाम तय करने की आवश्यकता नहीं होती|  किस प्रोडक्ट का कितना प्राइज रखना पड़ेगा? इस सब के झंझट से आपको छुटकारा मिल जाता है|  यह सब करना एजेंसी का काम होता है|

सबसे बड़ी बात! इन्फ्लेशन से निपटने में कंपनियां माहिर होती हैं| यह भी Agency business  का सबसे बड़ा फायदा है| 

एजेंसी बिजनेस में क्या-क्या डॉक्यूमेंट लगेंगे?

आइए!  अब बात करते हैं कि एजेंसी बिजनेस में आपको किन डाक्यूमेंट्स की जरूरत पड़ेगी?

  • फर्म / कंपनी रजिस्ट्रेशन

एजेंसी बिजनेस के लिए  आपको अपने बिजनेस को रजिस्टर्ड करा लेना चाहिए| आप या तो फर्म रजिस्ट्रेशन करा सकते हैंया कंपनी रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं| किस तरह की फर्म या कंपनी चलेगी, इसके लिए मैं कुछ उदाहरण दे रहा हूं|

  1. प्रोपराइटरशिप फर्म
  2. लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप फर्म
  3. स्मॉल कंपनी
  4. वन पर्सन कंपनी
  5. प्राइवेट लिमिटेड कंपनी
  • GST Number (वस्तु एवं सेवा कर)

एजेंसी बिजनेस के लिए आपको जीएसटी नंबर लेना अनिवार्य है| जीएसटी नंबर लेने से आपको बहुत फायदे मिल जाते हैं|  जैसे कि: आप पूरे भारत में कहीं पर भी बहुत आसानी से माल भेज सकते हैं| 

  • Business profile

आपको अपने बिजनेस का प्रोफाइल बना लेना चाहिए|  इसमें आपने अपने बिजनेस में इन्वेस्टमेंट की है?, आपको व्यापार का कितना अनुभव है?, आपके बिजनेस का इंफ्रास्ट्रक्चर क्या है? इत्यादि बातों की जानकारी देनी पड़ेगी| 

एजेंसी बिजनेस के लिए बहुत सारे लोग आवेदन करते हैं|  कंपनियां अधिकतर उन्हीं लोगों का चयन करती है जिन्होंने अपने बिजनेस का प्रोफाइल बहुत अच्छी तरह से बनाया होता है| 

  • अन्य दस्तावेज

आपके पास आधार  कार्ड,  पैन कार्ड, बिजली बिल, पानी  बिल, बैंक अकाउंट स्टेटमेंट, यदि खुद की जगह है तो उसके मालिकाना हक के कागजात, यदि किराए की जगह है तो रेंट एग्रीमेंट, इत्यादि डाक्यूमेंट्स भी होना चाहिए| 

  • बिज़नेस वेबसाईट

बिजनेस वेबसाइट बनाना अनिवार्य नहीं है, परंतु यदि आप अपने बिजनेस की वेबसाइट बनवा लेते हैं तो इससे आपका प्रोफाइल और अच्छा हो जाएगा| जैसा कि आप जानते हैं, धीरे-धीरे सारा बिज़नेस, ई- बिजनेस में बदलता जा रहा है, इसलिए आपको भी जमाने के साथ चलना ही चाहिए| 

किसी कंपनी की एजेंसी कैसे ले?

अब यहां से आप के मुख्य सवाल “किसी कंपनी की एजेंसी कैसे लें?”  का जवाब मिलेगा| 

कंपनी दफ्तर (company office)

यदि कंपनी का ऑफिस आपके निकटतम स्थान पर है तो, आप वहां जाकर एजेंसी लेने के बारे में सारी जानकारी ले सकते हैं| 

विपणन अधिकारी (Marketing executives)

किसी भी कंपनी की एजेंसी लेने के लिए आप सबसे पहले कंपनी के मार्केट एग्जीक्यूटिव से कांटेक्ट करें| अब! आपके मन मे सवाल आ रहा होगा कि “कंपनी का मार्केट एग्जीक्यूटिव हमें कैसे मिलेगा?” 

इसके लिए आप पहले से चल रहे किसी एजेंसी पर जाकर, मार्केट एग्जीक्यूटिव का नंबर मांग सकते हैं?  परंतु,  मैंने अपने जीवन से यह अनुभव किया है कि बिना मतलब के कोई मदद नहीं करता| हो सकता है!  इस प्रकार नंबर मांगने से उनके मन में यह भावना आ जाए कि आप उसके कंपटीटर बन जाएंगे| 

अब!  आपको क्या करना चाहिए?

कंपनी वेबसाईट

आपको सबसे पहले कंपनी की वेबसाइट पर विजिट करना चाहिए|  वहां पर कंपनी के विषय में सारी जानकारी उपलब्ध होती है|  आप सपोर्ट टीम की ईमेल आईडी लेकर उन्हें ईमेल करके यह नंबर आसानी से प्राप्त कर सकते हैं|

कंपनी को सीधे मेल करने से आपकी बातों पर के अधिकारियों तक तुरंत पहुंच जाती है| कुछ ही समय में कंपनी आपसे स्वयं ही संपर्क करके सारी जानकारी मुहैया करवा देती है| 

आजकल सब लोग ई बिजनेस का फायदा उठाना चाहते हैं| इसलिए अब तो कंपनियां अलग से एक कैटिगरी “Become a partner” के नाम से बना कर रखती है| 

इसके द्वारा भी आप आसानी से कंपनी की एजेंसी लेने के लिए आवेदन कर सकते हैं|

एजेंसी लेने के लिए क्या-क्या करना पड़ेगा?

  •  कंपनी की एजेंसी लेने के लिए, कंपनी की मांग के अनुसार इन्वेस्टमेंट करनी पड़ेगी| किसी भी व्यापार को करने के लिए आपको पैसे तो लगा नहीं पड़ेंगे| निवेश की सीमा प्रोडक्ट के अनुसार घटिया बढ़ती रहती है|  जैसे कि उदाहरण के लिए मैं आपको बताऊं तो, एक कार की एजेंसी लेने में निवेश ज्यादा करना पड़ेगा| 
  • जगह: ऑफिस तथा गोदाम के लिए कंपनी की मांग के अनुसार जगह होनी चाहिए| 

किसी भी कंपनी की एजेंसी लेने से पहले किन बातों का ध्यान रखें?

  • सबसे पहले आपको उस बिजनेस में दिलचस्पी होनी चाहिए|
  • आपको यह देखना है कि जिस प्रोडक्ट कि आप एजेंसी ले रहे हैं उसकी ब्रांड वैल्यू क्या है?, कुछ प्रोडक्ट की क्वालिटी कैसी है?  तथा मार्केट में उसकी क्या डिमांड है?
  • कंपनी आपको कितना प्रॉफिट मार्जिन दे रही है? 
  • क्या आप उसके प्रॉफिट मार्जिन से संतुष्ट हैं?
  • मेहनत करने पर क्या आप इंसेंटिव को पूरा कर सकते हैं? 
  • प्रोडक्ट बिकने के बाद सेल्स रिटर्न तथा नियम प्रणाली को अच्छी तरह समझें 
  • आपको कितनी इन्वेस्टमेंट करनी पड़े?
  • कितने लोगों की आवश्यकता पड़ेगी?
  • एजेंसी ऑफिस तथा गोदाम के लिए कितनी जगह की आवश्यकता  पड़ेगी?
  • कंपनी आपके लिए कितना एडवर्टाइजमेंट करके देगी?
  • एजेंसी स्टॉक का मैनेजमेंट कैसे करेगी?
  • किसी गुड्स को खराब निकलने की स्थिति में उसका क्या होगा?
  • एजेंसी के अकाउंट कौन संभालेगा?
  • अवकाश किन दिनों में रहेगा?
  • कोई भी समस्या होने पर किससे संपर्क करना पड़ेगा? 
  •  सबसे मुख्य बात:

(1) यदि आपका बिजनेस नहीं चला तो, आपकी जो सिक्योरिटी मनी जमा है उसका रिफंड आप कैसे पा सकते हैं?

(2) एजेंसी के बकाया बिलों का भुगतान कौन करेगा?

(3)  जो गुड्स आपने भेजे हैं उनकी रिटर्न कौन लेगा?

(4)  एजेंसी बंद करने के समय आपके पास जो माल बचा हुआ है उसका क्या होगा?

(5) जो इक्विपमेंट तथा सेटअप आप ने लगाया है, उसका मालिकाना हक किसके पास  रहेगा? 

(6) कितना बिजनेस करने के बाद आपके द्वारा लगाई गई इन्वेस्टमेंट (Deposit) फ्री हो जाएगी?

साथ ही यह भी अवश्य देखें

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Hitlon Sheet: बिज़नेस की जानकारी

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उम्मीद करता हूं आपको यह पोस्ट पसंद आई होगी|  कृपया इसे अधिक से अधिक मात्रा में शेयर अवश्य करें|

इसी प्रकार की बिजनेस से संबंधित अगली पोस्ट में मैं फिर मिलूंगा तब तक के लिए नमस्कार 

धन्यवाद|