Jute के बैग बनाने का व्यवसाय कैसे शुरु करें | जूट उद्योग की सारी जानकारी

2030

इस पोस्ट के माध्यम से आप jute के बारे में जानेंगे- जूट कुछ पौधों के रेशे होते हैं जैसे:- पटसन तथा इसी प्रकार के अन्य पौधों की छाल से जूट का निर्माण किया जाता है|

Jute को GOLDEN FIBER OF INDIA भी कहते हैं| ऐसा माना जाता है की “जूट” शब्द संस्कृत के “जटा” या ‘जूट‘ से निकला है|

यूरोप द्वारा 18वीं शताब्दी में सबसे पहले इस शब्द का प्रयोग मिलता है|

Jute fiber आमतौर पर छह से लेकर दस फुट तक लंबे होते हैं, पर विशेष  परिस्थितियों में 14 से लेकर 15 फुट तक लंबे पाए जाते हैं।

जल्दी निकाला jute fiber अधिक मजबूत, अधिक कोमल, अधिक चमकदार, और अधिक सफेद होता है|

यह खुला रखने से नष्ट होने लगते हैं।

जूट कैसा होता है?

जूट के रेशे की Bleaching कुछ सीमा तक हो सकती है,

पर विरंजन (Bleaching) से बिल्कुल सफेद रेशा प्राप्त नहीं होता।

यह jute का रेशा आर्द्रताग्राही होता है। 6 से लेकर 23 प्रति शत तक की नमी ही रेशे में रह सकती है।

जूट की पैदावार, फसल की किस्म कौन सी है? , भूमि की उर्वरता कैसी है?, अंतरालन, काटने का समय आदि, अनेक चीजों पर निर्भर करती हैं।

ओलिटोरियस की 15-20 मन प्रति एकड़ और कैप्सुलैरिस की पैदावार प्रति एकड़ 10-15 मन होती है।

अच्छी जुताई से प्रति एकड़ 30 मन तक पैदावार हो सकती है।

Joot को पटसन, पटुआ, पाट, तथा पाट भी कहते हैं|

Jute Plant Image

jute plant
Jute plants

जूट के रेशों को कैसे सुखाते हैं?

jute drying
Jute drying: जूट को सुखाना

जूट को गोल्डन फाइबर क्यों कहा जाता है?: “jute के चमकदार गोल्डन रंग के कारण इसे गोल्डन फाइबर कहते हैं”

golden fiber
Golden fiber

जूट से क्या बनता है? (Jute products)

जूट से बहुत सारे उत्पाद बनाए जाते हैं

जैसे :- रस्सी, बोरे, थैले, कागज, सस्ते तिरपाल,फैंसी हैंडबैग, कपड़ा तथा पैंकिंग के कपड़े बनते हैं।

जूट से कालीन, परदे,दरियाँ, घरों की सजावट के सामान, भी बनती हैं। jute का डंठल जलाने के काम आता है|

जूट के डंठल से लुगदी भी प्राप्त होती है| यह लुगदी कागज बनाने के भी काम आती है।

jute products
Jute Products: जूट से बने उत्पाद
jute
Jute rope: जूट की रस्सी

सबसे ज़्यादा पटसन कहाँ उगाई जाती है?/हमें जूट कहाँ से मिलता है?

भारत में जूट उद्योग के प्रमुख केंद्र: “जूट का उत्पादन लगभग 83 डिस्ट्रिक्ट में होता है जो कि मुख्यतः सात स्टेट में पड़ती हैं| इनके नाम है पश्चिम बंगाल, आसाम, उत्तर प्रदेश, बिहार, उड़ीसा, त्रिपुरा तथा मेघालय “

jute grows in which soil

जूट की खेती के लिए आइवर बेसिन या जलोढ़ या दोमट मिट्टी सर्वोत्तम मिट्टी होती है है।

लाल मिट्टी में जूट की खेती के लिए खाद तथा पोलक तत्वों की उच्च खुराक की आवश्यकता हो सकती है|

4.8-5.8 के बीच pH रेंज इसकी खेती के लिए सर्वोत्तम है।

सादा भूमि या कोमल ढलान या कम भूमि जूट की खेती के लिए आदर्श है।

जूट के बीज का आकार छोटा होता हैं,

जूट उत्पादन में प्रथम राज्य कौन सा है? (largest jute producer state of India)

2019-20  जूट के उत्पादन का सर्वप्रथम राज्य पश्चिम बंगाल रहा है|

पश्चिम बंगाल ने टोटल 8969 हजार Bales  का उत्पादन किया है|

दूसरा नंबर पर जूट के उत्पादन में बिहार राज्य का रहा है|

बिहार 1500 हजार जूट बेल्स का उत्पादन किया था|  

तीसरे सबसे बड़ा जूट उत्पादक राज्य असम है (२०१९-२०)|

आसाम 795 हजार जूट बेल्स के उत्पादन के साथ तीसरे स्थान पर आया है| 

चौथे नंबर पर उड़ीसा है जो कि 67.8 हजार jute bales के साथ चौथे नंबर पर है| 

इसी प्रकार पांचवें नंबर पर आंध्र प्रदेश है जिसने 50000 हजार jute bales का उत्पादन किया है| 

विश्व में जूट का सबसे बड़ा उत्पादक देश कौन सा है? (Largest jute & its producer country in the world)

भारत जूट तथा जूट से बने उत्पादों  का सबसे बड़ा उत्पादक देश है|

साल 2019 में  भारत में जूट का कुल उत्पादन one million metric tons किया है| जो कि विश्व के कुल उत्पादन का 60% है| 

भारत द्वारा टोटल 11494 हजार जूट की बेल्स का उत्पादन किया गया है| 

Top Jute Consuming Countries in the World

  1. India
  2. Bangladesh
  3. China
  4. Uzbekistan
  5. Nepal

Which state has jute industry

जूट टेक्सटाइल इंडस्ट्री भारत की सबसे प्रमुख इंडस्ट्रीज में से एक है|

जूट वस्त्र उद्योग पूर्वी भारत में विशेष रूप से पश्चिम बंगाल में प्रमुख उद्योगों में से एक है|

jute industry भारत के पूर्वी राज्यों में है|

जूट प्रमोशन कौंसिल का क्या नाम है?

Jute Promotion council name:JUTE PRODUCTS DEVELOPMENT & EXPORT PROMOTION COUNCIL

भारत में जूट की कितने मिल हैं?

2019 तक भारत में 75 जूट मिल कार्यरत थी|

अब सरकार का उद्देश्य जूट मिलों की संख्या बढ़ाने पर है जिससे कि जूट के व्यापार में बढ़ोतरी हो सके| 

लगभग 4000000  लाख छोटे-बड़े किसान जूट की खेती करते हैं| बक 260000 कर्मी जूट की इंडस्ट्री में कार्य करते हैं| 

इन आंकड़ों के माध्यम से आप समझ गए होगे कि भारत के आर्थिक व्यापार में जूट का महत्व कितना है?

Jute bags

आजकल हमारे देश में सरकार द्वारा प्लास्टिक बैग को प्रतिबंधित किया जा रहा है जिस कारण से जूट बैग की डिमांड पूरे भारत में बढ़ गई है| 

भारत का ही अनुसरण करके दूसरे देश भी अपने देश में प्लास्टिक के इस्तेमाल को हतोत्साहित करना चाहते हैं जिस कारण से जूट बैग को प्लास्टिक बैग के विकल्प के रूप में देखा और चुना जा रहा है|

इस कारण से यदि आप जूट बैग को निर्यात करने के क्षेत्र में कदम रखते हैं तो निश्चित ही आप बहुत जल्दी सफल हो जाएंगे|

Jute bags का व्यवसाय करना बहुत ही सरल है|

यदि आप कुछ लघु उद्योग लगाने के बारे में सोच रहे हैं तो Jute bags manufacturing बहुत ही उत्तम रहेगी|

आप jute bags की trading भी कर सकते हैं|

jute bags
Jute Bags: जूट के थैले

घर पर जूट के बैग कैसे बनाएँ? (Jute Bag Business)

हमारे मन में अक्सर एक प्रश्न आता है कि क्या हम jute बैग बना सकते हैं?

या हम अपने घर पर जूट बैग बनाने का लघु उद्योग लगा सकते हैं? तो दोस्तों इसका बहुत सीधा सा जवाब है, हां 

लघु उद्योग के बारे में जानने के लिए पढ़ें: लघु उद्योग की जानकारी

साथ ही यह अवश्य देखें: बैंक गारंटी क्या होती है? बहुत ही आसान तरीके से समझें

जूट के बैग बनाने की विधि का पहला चरण

जूट बैग बनाने के लिए आपको जूट का फैब्रिक लेना होगा जो कि आपको बहुत ही आसानी से मिल जाएगा|  

यदि आप jute supplier को ना ढूंढ पा रहे हैं तो आप इंडियामार्ट जैसी वेबसाइट से आसानी से जूट के फैब्रिक के सप्लायर को ढूंढ सकते हैं|

आप जूट बैग बनाने के बाद इसी वेबसाइट के माध्यम से इन्हें बेच भी सकते हैं| 

जूट बैग बनाने का दूसरा चरण

अब आपको एक सिलाई मशीन की जरूरत होगी| यदि  आपका बजट कम है तो आप पुरानी सिलाई मशीन भी ले सकते हैं| 

आपको पुरानी चलती हुई Jukki सिलाई मशीन ₹5000 के बजट में मिल जाएगी|  पुरानी सिलाई मशीन ढूंढने के लिए दिल्ली में नई सड़क तथा शाहदरा में घोंडा बहुत फेमस जगह हैं| 

इस पर ऊपर का सब सामान आप नया डलवा लेते हैं जैसे कि पैरदान इत्यादि तो 5000 का लगभग का खर्चा आएगा|

जूट बैग बनाने का तीसरा चरण

तीसरी जो जरूरत पड़ेगी वह होगा कारीगर, जैसा कि आपको पता है कि कोरोना वायरस के कारण अर्थव्यवस्था बहुत चरमरा गई है| इसी कारण से आपको कारीगर ढूंढने में अत्यधिक परेशानी नहीं होगी|

आप कारीगर को दो हिसाब से अपने पास काम पर रख सकते हैं| पहला हिसाब है, उसे आप तनख्वाह पर रख सकते हैं| दूसरा हिसाब है, आप उसे पर पीस के रेट पर रख सकते हैं|

इसके अलावा आपको जूट बैग बनाने के लिए फैंसी गोटे, चैन, धागा इत्यादि इन सब चीजों की जरूरत पड़ेगी| यह सब चीजें बहुत ज्यादा महंगी नहीं आती|

जूट बैग का लघु उद्योग लगाने में कितनी पूंजी लगेगी?

यदि मैं इस बात का सिंपल सा जवाब दूं तो जूट बैग के लघु उद्योग में आपको लगभग ₹1 लाख का बजट अपने पास में रखना होगा तथा ₹50 हजार आपको अलग से रखने होंगे|

जूट बैग की ट्रैडिंग में आपको केवल एक जूट प्रोडक्ट का सैम्पल लेना है और उसी सैम्पल से ऑर्डर लेकर आपको अपने manufacturer को देना है|

FAQs: Jute

Jute crop को हिन्दी में क्या कहते हैं?

पटसन, पटुआ, पाट, तथा पाट

Jute fibre को हिन्दी में क्या कहते हैं?

पटसन का रेशा (छाल)

Golden fibre किसे कहते हैं?

अपने चमकदार गोल्डन रंग के कारण जूट को “गोल्डन फाइबर” कहते हैं|

जूट के किस प्रोडक्ट का आसानी से घर पर लघु उद्योग लगा सकते हैं?

जूट के थैले: जैसा कि आप सब लोग जानते हैं कि प्लास्टिक का इस्तेमाल धीरे-धीरे बंद हो रहा है इसलिए अब जूट के थैलों की डिमांड मार्केट में बहुत बढ़ती जा रही है|

साथ ही यह अवश्य देखें:

लघु उद्योग क्या होता है तथा इसमें कौन कौन से प्रोडक्ट आते हैं?

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