IPO में शेयर जारी करने की प्रक्रिया जानें | Issue of shares & share allotment

608

इस पोस्ट में आप जानेंगे की issue of shares क्या होता है? कंपनियां शेयर क्यों जारी करती हैं? share allotment किस प्रकार होता है?

तो चलिए! दोस्तों शुरू करते हैं|

शेयर्स जारी करने की जरूरत क्यों होती है?

 सबसे पहले हम issue of shares  को जानने से पहले यह जान लेते हैं कि किसी भी कंपनी को शेयर को जारी करने की जरूरत क्यों पड़ती है?

 पिछली पोस्ट में आप शेयर के बारे में पढ़ चुके हैं| 

जैसा कि आप जानते हैं किसी भी कंपनी का बिज़नेस बढ़ाने के लिए धन की आवश्यकता होती है| 

इस धन की प्राप्ति करने के लिए कंपनी के पास 2 तरीके होते हैं| इन दोनों प्रकारों के द्वारा कंपनी अपनी कैपिटल में वृद्धि करती है| 

1-  शेयर

2-  उधार

कंपनी शेयर के प्रकार 

 अब कंपनी के शेयर भी दो प्रकार के होते हैं|

1-  इक्विटी शेयर

2-  प्रेफरेंस शेयर 

जैसा कि आप पिछली पोस्ट में इक्विटी शेयर तथा प्रेफरेंस शेयर के बीच अंतर भी पढ़ चुके हैं|

 शेयर द्वारा धन प्राप्त करने के भी कुछ फायदे होते हैं|

 जैसे कि

1- इसके द्वारा मालिकाना हक तय होता है|

2-  शेयर लंबे समय के लिए धन प्राप्ति का साधन हैं|

कंपनी के लिए उधार के प्रकार

1- डिपॉजिट द्वारा

2- बैंक लोन द्वारा

3- बॉन्ड द्वारा

4- डिबेंचर द्वारा 

Issue of Shares allotment

शेयर किसी भी प्रकार की कंपनी या फर्म का महत्वपूर्ण अंग होता हैं|  

चाहे वह निम्न में से कोई भी कंपनी या फर्म हो

नोट:- इन सबमें केवल पब्लिक कंपनी ही पब्लिक के बीच अपने शेयर में इन्वेस्ट करने के लिए कह सकती है| 

Issue of Shares allotment procedure

मान लीजिए यदि किसी कंपनी को 100 करोड़ रुपए के धन की आवश्यकता है और इसके लिए वह शेयर के द्वारा धन इकट्ठा करना चाहती है|

अब एक व्यक्ति के मुकाबले बहुत सारे व्यक्तियों द्वारा यह धनराशि इकट्ठा करना बहुत आसान हो जाएगा|

कंपनी द्वारा शेयर जारी करने के लिए कैपिटल को छोटे-छोटे हिस्सों में बांट दिया जाता है| यह छोटे-छोटे हिस्से शेयर्स कहलाते हैं| 

प्रक्रिया 

इसके लिए मैं पब्लिक कंपनी  के उदाहरण द्वारा समझाऊंगा 

  • सबसे पहले कंपनी प्रस्पेक्टस जारी करती है| यह प्रोस्पेक्टस कंपनी द्वारा पब्लिक को जारी किया जाता है|
  • कंपनी कहती है की “ मैं शेयर द्वारा धन इकट्ठा करना चाहती हूं (issue of shares)|”

अब इसके बाद में जिन लोगों को कंपनी का यह प्रस्ताव पसंद आता है, वह लोग सदस्यता लेने के लिए आवेदन कर देते हैं| 

  • इस आवेदन के साथ कंपनी कुछ फीस भी रखती है| इस फ़ीस का मकसद केवल उन्हीं लोगों द्वारा आवेदन करवाने का होता है जो लोग इसको लेने के लिए गंभीर है| 

नोट:- कंपनी द्वारा मांगी जाने वाली यह फीस पूरे शेयर की फेस वैल्यू भी हो सकती है या पार्ट ऑफ फेस वेल्यू  भी हो सकती है|

  • कंपनी द्वारा एक बार में ही पूरी शेयर की फ़ीस लिए जाने को Lump-Sum कहलायेगा|
  •  यदि कंपनी किस्तों में शेयर का पैसा लेती है तो इसे इंस्टॉलमेंट कहा जाएगा| 

Share pricing क्या होता है?

  1. At PAR

इसमें जितना मूल्य  शेयर के पर अंकित होता है इतने ही मूल्य पर ही शेयर की बिक वाली होती है| इसे At PAR बोलते हैं| 

  1. At Premium

इसमें जितना मूल्य  शेयर के पर अंकित होता है उससे ऊपर के मूल्य पर शेयर की बिक वाली होती है इसलिए इसे At Premium कहा जाता है| 

  1. At Discounted

इसमें जितना मूल्य शेयर के पर अंकित होता है उससे कम मूल्य पर शेयर को बेचा जाता है इसलिए इसे At Discounted कहा जाता है| 

इस प्रकार की मंजूरी कंपनी अधिनियम 2013 से पहले थी|

परंतु कुछ विशेष परिस्थितियों में भी डिस्काउंटेड शेयर बेचे जा सकते हैं परंतु इन्हें केवल कंपनी के कर्मचारियों को ही बेचा जा सकता है| 

नोट:- शेयर की देख-रेख SEBI की निगरानी में होती है| सेबी क्या है? यह भी आपको पढ़ लेना चाहिए|

Number of shares

मान लीजिए कंपनी ने 1 लाख शेयर पब्लिक में जारी किए |

इसे हम कुछ उदाहरणों के माध्यम से समझते हैं|

शेयर का फुल सब्स्क्रिप्शन क्या होता है? (What is full subscription of shares)

S.no.शेयरों की संख्यासब्सक्राइबर्स 
1)100000आवेदक सदस्यों की संख्या – 100000 shares
Issue of shares: Full Subscription

Extra Number of shares applied

यानी कि जितने शेयर थे उससे ज्यादा सदस्यों ने सब्सक्राइब नहीं किया बल्कि उतने ही सदस्यों ने सब्सक्राइब किया| 

Less number of subscribers applied

यानी कि जितने शेयर थे उससे कम सदस्यों ने सब्सक्राइब नहीं किया बल्कि उतने ही सदस्यों ने सब्सक्राइब किया| 

इसे Full Subscription  कहा जाएगा| 

शेयर का ओवर सब्स्क्रिप्शन क्या होता है? (What is Over Subscription of shares)

S.no.शेयरों की संख्यासब्सक्राइबर्स 
1)100000आवेदक सदस्यों की संख्या – 120000 shares
Issue of shares: Over Subscription

मान लीजिए शेयरों की संख्या थी एक लाख| लोगों ने एक लाख 20 हजार शेयरों के लिए अप्लाई कर दिया|

अब इनमें से कुछ एप्लीकेशन को रिजेक्ट कर दिया जाएगा और उनका पैसा वापस उन्हें दे दिया जाएगा| 

इसे Over Subscription  कहा जाएगा| 

शेयर का अन्डर सब्स्क्रिप्शन क्या होता है? (What is Under Subscription of shares)

S.no.शेयरों की संख्यासब्सक्राइबर्स 
1)100000आवेदक सदस्यों की संख्या – 80000 shares
Issue of shares: Under Subscription

मान लीजिए शेयरों की संख्या है- एक लाख|

लोगों ने आवेदन किया 80000 शेयरों के लिए| इसे कहा जाएगा Under Subscription

Share allotment कैसे होता है?

अब आप जानेंगे कि शेयर एलॉटमेंट होता कैसे है?

ऊपर आपने तीन केस स्टडी पढ़े|

  1. Full Subscription
  2. Over Subscription 
  3. Under Subscription

अब आप जानेंगे कि कंपनी किस प्रकार share allotment करती है|

Full Subscription share allotment कैसे होता है?

फुल सब्सक्रिप्शन के केस में कंपनी को कोई भी कंफ्यूजन नहीं रहता क्योंकि जितने शेयर हैं उतने ही सब्सक्राइबर्स ने आवेदन किया है|

 कंपनी द्वारा सबको शेयर अलॉट कर दिए जाएंगे|

Over Subscription share allotment कैसे होता है?

ओवर सब्सक्रिप्शन के केस में आपने पढ़ा था कि टोटल शेयर की संख्या है एक लाख|

120000 शेयर के लिए आवेदन था|

 इसमें  20 हजार एक्स्ट्रा आवेदन थे| 

अब कंपनी के पास एक्स्ट्रा आवेदनों के लिए कई रास्ते होते हैं|

Reject extra application

इसके लिए कंपनी एक्स्ट्रा आवेदनों को रद्द कर देती है| 

  • कंपनी यह कह सकती है कि हमने “ पहले आओ पहले पाओ” की नीति पर काम किया|
  • यह भी कह सकती है कि “जिसने ज्यादा शेयरों के लिए अप्लाई किया हमने उसको रिजेक्ट कर दिया|”
  • कंपनी द्वारा यह भी कहा जा सकता है कि “ जिसने कम शेयरों के लिए अप्लाई किया हमने उसका आवेदन रद्द कर दिया|” 

 Proportionate allotment 

ऐसा भी हो सकता है कि कंपनी सब लोगों को खुश रखना चाहती हो| 

स्थिति में वह सब को कुछ ना कुछ शेयर दे सकती है|

उदाहरण

हर आवेदन के कुछ शेयर में कटौती करके वह सबको Share allot का सकती हैं| 

Under Subscription share allotment कैसे होता है?

अब आप सोच रहे होंगे की “जब आवेदक ही कम हैं तो सबको शेयर अलॉटमेंट हो ही जाएगी!”

परंतु यदि टोटल IPO (Initial public offering) का 90% हिस्से से कम सब्स्क्रिप्शन होता है तो वह आईपीओ विफल हो जाता है और कंपनी को सबका पैसा वापिस करना पड़ता है|

आपने क्या सीखा 

इस पोस्ट “Issue of shares: share allotment: IPO में शेयर जारी करने की प्रक्रिया जानें” में आपने सीखा Issue of shares कैसे निकालती हैं? कंपनी को शेयर जारी करने की जरूरत क्यों पड़ती है? तथा कंपनी द्वारा किसी IPO share allotment किस प्रकार होता है|

साथ ही इसे भी अवश्य देखें:

एमएसएमई के बारे में सारी जानकारी

IPO में निवेश की रणनीति

Perpetual succession क्या होता है तथा कंपनी में इसका क्या महत्व है?

Memorandum Of Association क्या होता है? इसमें क्या लिखा जाता है?

यदि आपको यह पोस्ट पसंद आया हो तो कृपया इसे अधिक से अधिक मात्रा में शेयर अवश्य करें|

धन्यवाद

Previous articleशेयर के शौकीन हैं तो IPO में निवेश रणनीति को जाने | IPO investment strategy
Next articleबॉन्ड क्या होता है? | Difference between bond and debenture
प्यारे दोस्तों, मैं नवीन कुमार एक बिज़नेस ट्रैनर हूँ| अपने इस ब्लॉग के माध्यम से मैं आपको - आयात-निर्यात व्यवसाय (Export-Import Business), व्यापार कानून (Business Laws), बिज़नेस कैसे शुरु करना है?(How to start a business), Business digital marketing, व्यापारिक सहायक उपकरण (Business accessories), Offline Marketing, Business strategy, के बारें में बताऊँगा|| साथ ही साथ मैं आपको Business Motivation भी दूंगा| मेरा सबसे पसंदीदा टॉपिक है- “ग्राहक को कैसे संतुष्ट करें?-How to convince a buyer?" मेरी तमन्ना है की कोई भी बेरोज़गार न रहे!! मेरे पास जो कुछ भी ज्ञान है वह सब मैं आपको बता दूंगा परंतु उसको ग्रहण करना केवल आपके हाथों में है| मेरी ईश्वर से प्रार्थना है की आप सब मित्र खूब तरक्की करें! धन्यवाद !!