बिज़नेस के लिए वेबसाईट कैसे बनाये? | How to create a website in Hindi

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दोस्तों, इस पोस्ट के माध्यम से मैं आपको अपने बिजनेस के लिए वेबसाईट कैसे बनाये? (How to Create a business website) इसके बारे में बताऊंगा|

बिना वेबसाइट के आप, आज के दौर में तरक्की नहीं कर सकते|

यदि आप स्वयं वेबसाइट नहीं बनवाते तब भी आपको वेबसाइट के फीचर्स के बारे में अवश्य ही पता होना चाहिए|

वर्ना मेरे पर्सनल एक्सपीरियंस के मुताबिक जब तक मुझे वेबसाइट के बारे में अच्छी तरह नहीं पता था, तब तक मुझे वेबसाइट का कभी कुछ फायदा नहीं मिला, परंतु यदि आप यह पोस्ट पढ़ लेंगे तो आपको वेबसाइट का हर विषय अच्छी तरह समझ में आ जाएगा|

आइए! सबसे पहले बात करते हैं की आखिर! वेबसाइट क्या होती है? तथा वेबसाइट कितने प्रकार की होती है? 

इन्हें समझने के बाद ही आपको वेबसाइट बनाने के बारे में अच्छी तरह से समझ में आएगा| 

तो चलिए दोस्तों! शुरु करते हैं आज का टॉपिक “वेबसाईट कैसे बनाये?”

वेबसाइट/ब्लॉग क्या होता है?

भाई लोगों, जब तक मुझे ब्लॉग तथा वेबसाइट क्या होती है? इसके बारे में नहीं पता था तब तक मैं भी बहुत कंफ्यूज रहता था की आखिर वेबसाईट कैसे बनाये? (Create business website)

आप में से भी कुछ लोग इन दोनों शब्दों (वेबसाइट/ब्लॉग) को सुनकर अक्सर कंफ्यूज हो जाते होंगे, पर अब नहीं होगे!

वेबसाइट तथा ब्लॉग एक ही चीज होती है| बस दोनों में थोड़ा सा ही फर्क होता है|

जैसे कि: आप इस वक्त एक वेबसाइट पर एक ब्लॉग आर्टिकल पढ़ रहे हैं| जिन वेबसाइट पर लोगों को जरूरी जानकारी देने या कुछ सिखाने के मकसद से पोस्ट लिखी जाती हैं, उन्हें हम ब्लॉग कहते हैं| 

जिन वेबसाइट पर अपना प्रोडक्ट या सर्विस सेल की जाती है उन्हें ई-कॉमर्स वेबसाइट कहते हैं| 

अब आपके दिमाग में एक प्रश्न यह आ रहा होगा कि क्या मैं इस ब्लॉग वेबसाइट पर कुछ बेच सकता हूं? 

तो दोस्तों, इस सवाल का जवाब है “हाँ”

मैं इसमें एक अलग कैटेगरी बनाकर अपने कुछ भी प्रोडक्ट आसानी से बेच सकता हूँ| 

जैसे कि: ऐमेज़ॉन एक ई-कॉमर्स वेबसाइट है| 

वेबसाईट कैसे बनाये? जानने से पहले व्यापार में वेबसाईट का क्या महत्व है? इसके बारे में भी जान लेते हैं|

बिजनेस में वेबसाइट का क्या महत्व है?

आज के ऑनलाइन दौर में बिना किसी वेबसाइट के बिजनेस की कल्पना करना भी बड़ा अजीब सा लगता है| बिजनेस में वेबसाइट के अनगिनत फायदे हैं| 

वेबसाइट के महत्व को अच्छी तरह समझने के लिए आपको नीचे दी गई दोनों पोस्ट  को पढ़ना पड़ेगा|

इन फायदों को जानने के लिए इस पोस्ट को पढ़ें: E-business के क्या फायदे होते हैं?

वेबसाइट के माध्यम से काम करने पर आप अपने बिजनेस को ई बिजनेस में शिफ्ट कर देते हैं| 

E-business के बारे में अधिक जानने के लिए इस लिंक को क्लिक करके पढ़ें: E-Business क्या होता है? 

वेबसाईट कैसे बनाये? समझने से पहले आपको यह तय करना है की आपको किस प्रकार की वेबसाइट बनानी है? 

बिजनेस के लिए किस प्रकार की वेबसाइट बनानी चाहिए?

मुख्यतः वेबसाइट के दो रूप होते हैं|

  • स्टैटिक वेबसाइट
  • डायनेमिक वेबसाइट

1- स्टैटिक वेबसाइट

इस प्रकार की वेबसाइट में, कुछ कोड द्वारा कुछ चीजें, फिक्स कर दी जाती है, इन्हे हम अपनी आवश्यकतानुसार जल्दी नहीं बदलते| जैसे कि आपने केलकुलेटर वाली वेबसाइट देखी होंगी|

यह बनानी बहुत ही आसान होती है| यह कोडिंग स्क्रिप्ट आप खरीद भी सकते हैं| 

2- डायनेमिक वेबसाइट

आमतौर पर आप जो वेबसाइट देखते हैं, वह डायनेमिक वेबसाइट होती है| यह भी एक डायनेमिक वेबसाइट ही है| मुझे इस वेबसाइट में जब भी किसी पोस्ट पर या वेबसाइट में कुछ चेंज करना होगा, मैं बड़ी ही आसानी से कर सकता हूं| 

वेबसाईट कितने प्रकार की हो सकती है?

वेबसाइट के प्रकार जानने के बाद आपको अच्छी तरह से समझ में आ जाएगा कि अपने व्यापार के लिए आपको किस प्रकार की वेबसाइट बनानी है? तथा वेबसाईट कैसे बनाये?

पोर्टल (Portal) 

इस प्रकार की वेबसाइट में के प्रकार के इंटरनेट सुविधाएं मिल सकते हैं| जैसे कि गूगल एक पोर्टल वेबसाइट है| 

समाचार (News)

इस प्रकार की वेबसाइट में आपको देश दुनिया की नई-नई खबरें मिलती रहती है| जैसे कि: Zee Business

सूचना (Informational)

इस प्रकार की वेबसाइट ग्राहकों को ब्रांडेड उत्पादों के बारे में जानकारी देती हैं| 

व्यापार (Business)

यह वेबसाइट व्यापार करने के मकसद से बनाई जाती हैं|  इन्हें हम ई-कॉमर्स वेबसाइट भी कह सकते हैं|  ऐमेज़ॉन,  फ्लिपकार्ट,  स्नैपडील,  इंडियामार्ट जैसी वेबसाइट्स इसके उदाहरण हैं|

शिक्षात्मक (Educational)

ऐसी वेबसाइट जिनमें खाना बनाना, बिजनेस स्टडीज, व्यापार कैसे करें? इत्यादि विषय सिखाए जाते हैं| आप businesslok.com को भी इस श्रेणी में रख सकते हैं| 

वकालत (Advocacy)

इस प्रकार की वेबसाइट में, कानूनी मशवरे, सलाह संबंधी इत्यादि विषय बताए जाते हैं| 

ब्लॉग (Blog)

आर्टिकल लिखकर अपने विजिटर को किसी विशेष संबंधित विषय के बारे में बताया जाता है| 

विकि (Wiki)

इस प्रकार की वेबसाइट में अपने ब्राउज़र में लोगों को एडिट करने तथा लिखने की सुविधा दी जाती है|  इसके माध्यम से लोग चर्चित विषय के बारे में जान सकते हैं| जैसे कि: Wikipedia 

वेब अनुप्रयोग (Web Application)

इस प्रकार की वेबसाइट में, अपने  यूजर को इंटरनेट के माध्यम से,  अपना सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करने की इजाजत दी जाती है|  जैसे कि:  google docs 

ऑनलाइन सोशल नेटवर्क (Online Social Network)

इस तरह की वेबसाइट में लोगों को अपने विचार आदान-प्रदान तथा अपने फोटो, कहानियां तथा अपने जीवन से संबंधित विषय शेयर करने की सुविधा दी जाती है|  जैसे कि:  फेसबुक, इंस्टाग्राम 

मनोरंजन (Entertainment)

इस प्रकार की वेबसाइट में यूजर को,  समाचार,  बच्चों के लिए मनोरंजन,  फिल्में,  वेब सीरीज इत्यादि की सुविधा दी जाती है|  अमेजॉन प्राइम,  नेटफ्लिक्स,  zee5,  इत्यादि 

सामग्री एग्रीगेटर (Content Aggregator)

एग्रीगेटर वेबसाइट ग्राहक तथा विक्रेता को मिलाने के लिए ब्रिज का काम करती हैं|  जैसे कि  ओला, उबर, ओयो, अर्बन क्लैप इत्यादि 

निजी (Personal)

इसमें  लोग अपनी निजी जिंदगी के बारे में लिखते हैं| 

चलिए!  अब बात करते हैं की वेबसाइट कैसे बनाये?

वेबसाइट बनाने के स्टेप्स

यदि आप अपने बिजनेस को बढ़ाना चाहते हैं तो आपको ऑनलाइन प्लेटफार्म पर आना ही पड़ेगा! आप किसी और से वेबसाइट बनवा एंगे तो आपको कुछ पता ही नहीं चलेगा कि वेबसाइट में क्या क्या होना चाहिए?  इसलिए आप यह पूरा आर्टिकल पड़े इसके बाद आपके काफी सारे सवाल क्लियर हो जाएंगे|

किसी भी वेबसाइट को बनाने के लिए आपको निम्न स्टेप्स को फॉलो करना पड़ेगा| 

डोमेन नेम खरीदना

किसी भी वेबसाइट को बनाने से पहले,  उसके लिए एक डोमेन नेम लेना आवश्यक है|  जैसे की: (flipkart.com,  amazon.in इत्यादि)

नाम कैसे चुने?: डोमेन नेम हमेशा बिजनेस के नेचर के अनुसार ही खरीदें|  जैसे कि: businesslok.com– क्योंकि मैं इस वेबसाइट पर आपको बिजनेस से संबंधित जानकारियां देता हूं, इसलिए मैंने इसके डोमेन में बिजनेस शब्द को महत्व दिया| 

हम अपनी पसंद का वही डोमेन नेम खरीद सकते हैं जो पहले से किसी के पास रजिस्टर्ड ना हो| डोमेन नेम हम  Go daddy (Godaddy.com), Big Rock (Bigrock.com), Name cheap (namecheap.com), Google (domains.google) के जरिए खरीद सकते हैं|

साथ ही आपको जो नाम पसंद है,  आप उसे खरीद सकते हैं या नहीं,  यह भी इन्हीं वेबसाइट के द्वारा आसानी से पता किया जा सकता है| 

इसके लिए सबसे पहले आपको डोमेन नेम खरीदना ही चाहिए| वैसे तो आप फ्री डोमेन के साथ भी वेबसाइट बना सकते हैं, परंतु मेरा आपको, यही सुझाव रहेगा कि आपको अपना डोमेन नेम खरीदना चाहिए| 

यदि आप एक्सपोर्ट इंपोर्ट बिज़नेस करना चाहते हैं तो मेरी सलाह यह है कि आपको डोमेन नेम डॉट कॉम (.com) के साथ ही परचेज करना चाहिए| 

यदि आप एक्सपोर्ट इंपोर्ट बिज़नेस करना चाहते हैं तो यह पोस्ट पढ़ें: एक्सपोर्ट इंपोर्ट बिज़नेस कैसे करें?

.com के लिए यदि आप 2 साल की फीस देते हैं तो आपको लगभग ₹800 का खर्चा आएगा| इसके साथ आपको ₹500 के लगभग का अतिरिक्त प्राइवेसी प्रोटेक्शन भी अवश्य लेना चाहिए| 

जैसे कि: businesslok.com

यदि आप भारत में कोई लघु उद्योग करना चाहते हैं तो आप डॉट इन (.in) के साथ डोमेन परचेज कर सकते हैं| 

डोमेन नेम की कीमत कितनी होती है?: डोमेन नेम प्रत्येक साल के लिए रजिस्टर्ड किया जाता है| .com के साथ डोमेन नेम ₹400 तक मिल सकता है|  पहले साल डोमेन नेम सस्ता पड़ता है ( लगभग 400 रुपए)  परंतु इसके लिए आपको दो  साल के लिए रजिस्टर्ड करना पड़ेगा|  2 साल के लिए रजिस्टर्ड करने पर लगभग ₹899 का खर्चा आता है|

हालांकि कुछ होस्टिंग कंपनियां, उनके यहां होस्टिंग लेने पर डोमेन नेम फ्री भी देती है| नोट: यह केवल 1 साल के लिए फ्री होता है|

डोमन की सुरक्षा कैसे करें?: डोमेन की प्राइवेसी के लिए,  डोमन बेचने वाली कंपनियां एक अलग से सिक्योरिटी फीचर देती है|  इसके लिए आपको अलग से फीस देनी पड़ती है|  यह फीस लगभग ₹500 तक होती है|  इसे लेने के बाद who.is जैसी वेबसाइट के द्वारा भी, इस डोमेन की ज्यादा जानकारी नहीं मिल पाएगी| 

होस्टिंग खरीदना

वेबसाइट होस्टिंग से मतलब क्लाउड स्पेस से होता है| यानी कि आपको अपनी वेबसाइट पर कितनी जगह चाहिए| इसमें आपकी वेबसाइट का सारा डाटा होता है|  यह 1GB से लेकर 60gb तक क्या इससे भी ज्यादा हो सकती है|

आप कितने पेजों की वेबसाइट बनाएंगे, यह उसके ऊपर निर्भर करता है| 

वेबसाइट के लिए कितना स्पेस चाहिए?: यदि आप नॉर्मल वेबसाइट बनवा रहे हैं तो आप 1GB के साथ शुरुआत कर सकते हैं| अगर आपकी वेबसाइट में फोटो और वीडियो ज्यादा होंगे तो ज्यादा डाटा स्टोर होगा| 

साथ ही, अगर आप उसमें पेमेंट गेटवे भी रखेंगे तो ज्यादा सिक्योरिटी फीचर चाहिए| 

पेमेंट गेटवे क्या होता है?: कोई शख्स वेबसाइट के द्वारा डेबिट कार्ड क्रेडिट कार्ड आदि के जरिए ऑनलाइन और भुगतान कर सकता है| 

इसके लिए आपको एक SSL सर्टिफिकेट की भी आवश्यकता पड़ेगी, आमतौर पर होस्टिंग कंपनियां इसे फ्री में देती हैं| 

होस्टिंग कितने तरह की होती है

होस्टिंग 4 तरह की होती है 

1- शेयर्ड होस्टिंग: इस होस्टिंग से मतलब होता है कि इसमें एक ही सर्वर होगा और उससे बहुत सारी वेबसाइट कनेक्ट  होंगी| इसमें सीमित स्पेस होता है| कोई भी शख्स 50 जीबी तक के स्पेस की होस्टिंग ले सकता है|  उदाहरण के लिए:  एक मॉल में बहुत सारी  दुकाने हैं| अब! आप इसमें से कितना हिस्सा लेना चाहते हैं?

2- VPS (Virtual Private Server) होस्टिंग: इसमें सर्वर पर एक निश्चित जगह आपके लिए फिक्स कर दी जाती है|  इस स्पेस का इस्तेमाल कोई दूसरा नहीं कर सकता|  

3- डेडीकेटेड होस्टिंग: डेडीकेटेड होस्टिंग को एक उदाहरण  के माध्यम से समझते हैं: मान लीजिए एक मॉल में बहुत सारी दुकानें हैं, और इसमें आपने सारी दुकान है खुद ही ले ली| 

4- क्लाउड होस्टिंग: एक वेबसाईट को बहुत सारे सर्वर्स पर वेबसाइट को लोड कर दिया जाता है| इससे सभी सर्वर्स का लोड बढ़ जाता है| एक सर्वर के खराब होने पर दूसरा सर्वर उसकी जगह ले लेता है, इसलिए वेबसाइट कभी डाउन नहीं जाती| 

होस्टिंग का कितना खर्चा आएगा?: यह सब आपकी वेबसाइट के स्पेस तथा सर्वर की क्वालिटी पर डिपेंड करता है| शेयर्ड होस्टिंग लगभग 199 से ₹500 महीने के बीच आ जाएगी|  

क्लाउड होस्टिंग ₹400 महीना से 1000 रुपए महीना के बीच आ जाएगी|

नोट: इससे भी बहुत महंगी तथा उच्च क्वालिटी की होस्टिंग मिलती हैं| मैंने आपको केवल एक अंदाजा दिया है| होस्टिंग के लिए आपको हर साल पैसा देना पड़ता है|  

मेरे सुझाव के अनुसार जब आप स्वयं नई वेबसाइट बनाएं तो उसे सस्ती होस्टिंग पर रखें| फिर जैसे ही आप उस में निपुण हो जाए तब उसे अच्छी होस्टिंग पर रख लें|

सस्ती होस्टिंग और अच्छी होस्टिंग में एक फर्क यह है की सस्ती होस्टिंग में आपकी वेबसाइट जल्दी से लोड नहीं होगी| 

24 घंटे लाइव नहीं रहती| 

सस्ती होस्टिंग का खर्चा लगभग: 1800 रुपए आएगा ( 1 साल का)

होस्टिंग पर वर्डप्रेस इंस्टॉल करना

होस्टिंग लेने के बाद इस पर आपको वर्डप्रेस इंस्टॉल करना पड़ेगा|

नोट:  बहुत सारे प्लेटफार्म हैं वेबसाइट बनाने के लिए परंतु मैं आपको सबसे चुनिंदा प्लेटफार्म के बारे में बता रहा हूं! 

यह ठीक उसी प्रकार है जैसे आप अपने फोन या मोबाइल में कोई एप्लीकेशन इंस्टॉल करते हैं| 

फ्री या पेड  थीम/ टेंप्लेट अपलोड करना 

इसके बाद आपको अपनी पसंद के अनुसार अपनी वेबसाइट का डिजाइन बनाना है| इसके लिए आप फ्री थीम या Paid theme के साथ जा सकते हैं| 

इसके बाद मैं आपको कुछ बिंदुओं की मदद से सारा प्रोसीजर बता रहा हूं| 

  • जरूरी Plugin इंस्टॉल करना 
  • वेबसाइट को गूगल सर्च कंसोल, गूगल एनालिटिक्स में इंटीग्रेट करना|
  • जरूरी पेज बनाना|  जैसे कि:  अबाउट आज,  डिस्क्लेमर,  प्राइवेसी पॉलिसी, टर्म एंड कंडीशन तथा  कॉन्टैक्ट पेज बनाना|
  • वेबसाइट का होम पेज डिजाइन करना|
  • नेविगेशन बार सेट करना
  • कैटेगरी बनाना
  • पेमेंट गेटवे
  • साइट आइकन बनाना
  • वेबसाइट का logo तैयार करना
  • वेबसाइट का साइटमैप बनाना तथा उसे इंडेक्स करना

वेबसाइट थीम/ पंपलेट  कितने का आएगा?

वेबसाइट मैं थीम या पंपलेट का महत्व समझने के लिए मैं इसमें एक यूट्यूब वीडियो अंबेडकर देता हूं| 

Website में थीम क्या होता है? | Website Mein Template Kya Hota Hai

आप फ्री थीम के साथ भी बहुत अच्छी वेबसाइट बना सकते हैं| यदि आप प्रीमियम फीचर चाहते हैं तो आपको थीम खरीदनी ही चाहिए|

अच्छी थीम की कीमत लगभग ₹4000 के आसपास होगी| यह कीमत एक ही बार देनी होती है| एक बार इस थीम को खरीदने के बाद इसे अपनी कितनी भी वेबसाइट में लगा सकते हैं| 

यदि आपको कोई विषय समझ ना आया हो तो आप मुझे मेल कर सकते हैं| मैं उसके ऊपर विस्तृत पोस्ट लिख दूंगा|

साथ ही यह भी अवश्य देखें:

बिज़नेस लोन कैसे मिलेगा?

एक्सपोर्ट बिज़नेस में ग्राहक कैसे ढूंढे?

Stock market Basics: शेयर मार्केट क्या है?

KPO तथा BPO में क्या अंतर होता है?

आपने सीखा

इस पोस्ट के माध्यम से आपने बिज़नेस के लिए वेबसाईट कैसे बनाये? (How to create a website) के विषय में सीखा 

अगली पोस्ट में फिर मिलेंगे, तब तक के लिए नमस्कार 

धन्यवाद

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