फ्रेंचाइजी क्या है एवं इसके प्रकार | Franchise business meaning, definition, ideas, type in India in Hindi

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इस पोस्ट के माध्यम से आप जानेंगे की फ्रेंचाइजी का मतलब क्या है? और इसके प्रकार, types of franchising, frenchaichi meaning in Hindi, franchising examples, What is Franchise definition, meaning kya hai , business ideas, advantages and disadvantages in India in Hindi

फ्रेंचाइजी क्या है? (What do you mean by franchising?)

आइए! सबसे पहले बात करते हैं की आखिर! फ्रेंचाइजी क्या होता है? या फ्रेंचाइजी का मतलब क्या होता है?

यदि आप कम समय में अपना कोई नया व्यापार शुरू करना चाहते हैं, तो आपके लिए सबसे बेहतरीन विकल्प Franchise business है! फ्रेंचाइजी बिजनेस मॉडल में सफलता की दर ज्यादा होती है तथा असफलता की दर बहुत कम होती है, क्योंकि इसका एक पहले से साबित किया हुआ ट्रैक रिकॉर्ड होता है!

आपको कंपनी के Trademark / signage इस्तेमाल करने का अधिकार मिल जाता है! फ्रेंचाइजी बिजनेस में आपको trained manpower system मिल जाता है!

फ्रेंचाइजी के जरिये आप किसी अन्य कम्पनी के पहले से मशहूर ब्रांड नेम का प्रयोग अपने बिजनेस के लिए कर सकते हैं!

फ्रेंचाइजी बिजनेस में स्टार्टअप कॉस्ट बहुत कम लगती है क्योंकि business model पहले से ही डिवेलप होता है! यह एक बहुत अच्छा कारण है क्योंकि बिल्कुल शुरू से शुरुआत (Start from scratch) करने पर असफलता के दर लगभग 90% आंकी गई है! 

आप अपने राज्य में उसकी शाखा शुरू कर सकते हैं! इसके लिए आपको उस कंपनी के साथ अनुबंध (contract) करना पड़ता है एवं उसके लिए कुछ शुल्क भी देना पड़ता है! यदि आप उस कंपनी के साथ आपके द्वारा फ्रेंचाइजी खोलने के लिए सहमति बना लेते हैं, तो उसके ब्रांड नेम, उसके व्यापार करने का तरीका, उसके द्वारा तय किये गए निर्धारित मूल्य एवं तकनीकी आदि का इस्तेमाल कर सकते है!

उम्मीद करता हूँ की आपको फ्रेंचाइजी बिजनेस क्या है? इसके बारे में समझ या गया होगा!

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Franchise kya hoti hai?

तो चलिए! इसे आसान बनाने के लिए पहले फ्रैंचाइज़ी मीनिंग इन हिंदी समझ लेते हैं| 

फ्रेंचाइजी का हिन्दी अर्थ क्या होता है?

Franchise/Frenchaichi meaning in hindi: “विशेष अधिकार, विशेष विक्रय अधिकार, मताधिकार, मतदान का अधिकार, रिआयत, सुविधा, राय देने का अधिकार, सरकार से किसी विशेष की आज्ञा”

यानी कि किसी कंपनी के द्वारा किसी को विशेष विक्रय के अधिकार देना! 

Franchise definition in Hindi: “किसी विशेष क्षेत्र में किसी कंपनी की वस्‍तुएँ बेचने या सेवाएँ उपलब्‍ध कराने की औपचारिक अनुमति मिलना” 

फ्रेंचाइजी का साधारण भाषा में अर्थ: यदि आप पहले से स्थापित किसी चर्चित कंपनी के ब्रांड नेम तथा कस्टमर बेस का फायदा उठाना चाहते हैं तो आपको इसके लिए उसे विशेष विक्रय अधिकार को लेना पड़ेगा! इस प्रक्रिया को ही फ्रेंचाइजी लेना कहते हैं!” 

Franchising meaning with example (उदाहरण): मैकडॉनल्ड्स का नाम तो आपने अवश्य ही सुना होगा! मैकडॉनल्ड्स कार्पोरेशन हैमबर्गर फास्ट फ़ूड रेस्तरां की विश्व में सबसे बड़ी श्रृंखला (चेन) है! 

मान लीजिए, कि आप एक नया व्यापार शुरू करना है और आपको उसमें मुनाफा भी बहुत जल्दी चाहिए तथा आप बिजनेस चलने में रिस्क भी काफी कम करना चाहते हैं!

यानी कि आप कुछ ही महीनों में बहुत ही ज्यादा पैसे कमाना चाहते हैं, परंतु बिजनेस में नए होने के कारण आपको बिजनेस को अच्छा चलाने की, मार्केटिंग की, प्रोडक्ट बनाने की ज्यादा समझ नहीं है! ऐसी स्थिति में फ्रेंचाइजी काम आती है!

अब! आपने मैकडॉनल्ड्स कार्पोरेशन के उत्पाद को अपनी दुकान में बेचने कि कंपनी से सहमति बना ली! इसके लिए आपको कंपनी को निर्धारित शुल्क भी देना पड़ेगा तथा कंपनी के अन्य नियम एवं शर्तों को भी पूरा करना पड़ेगा! आप यह सब इसलिए करेंगे क्योंकि आपको अपने प्रोडक्ट को बनाने की, प्रचार करने की, जरूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि वह पहले से ही एक स्थापित ब्रांड नेम है!

इस प्रकार किसी पहले से चर्चित कंपनी के साथ जुड़ने को फ्रेंचाइजी लेना कहते हैं! इस बिजनेस में कम रिस्क के साथ मुनाफा अच्छा (good profit) होता है! 

फ्रेंचाइजी के प्रकार (Types of franchising)

प्रत्येक फ्रेंचाइजी को व्यापार की प्रकृति के आधार पर बांटा गया है! यदि देखा जाय तो मुख्यरूप से फ्रेंचाइजी के तीन प्रकार होते हैं! इन्हें उनके व्यापार के प्रकार तथा प्रकृति को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है!

ये इस प्रकार हैं:

1- उत्पाद वितरण फ्रेंचाइजी (product distribution franchising)

इस फ्रेंचाइजी में फ्रेंचाइजर अपनी फ्रेंचाइजी को अपना उत्पाद तो बेचने के लिए सहमति दे देती है! लेकिन फ्रेंचाइजी के द्वारा चलाये जा रहे व्यापार चलाने में कोई मदद नहीं करती है! इस प्रकार की फ्रेंचाइजी में आपका संबंध केवल एक विक्रेता की तरह होता है!  आप केवल उसके ब्रांड नेम का इस्तेमाल कर सकते हैं! 

इसका सबसे अच्छा उदाहरण ब्रांडेड पेट्रोल पंपस हैं! जिसमें आप उनके ब्रांड का इस्तेमाल तो कर सकते है, लेकिन कंपनी को आपके व्यापार चलाने और करने के तरीकों से कोई सीधा संबंध नहीं होता!

2- व्यापार प्रारूप फ्रेंचाइजी (Business format franchising)

इस प्रकार की franchise में आपको कंपनी के ब्रांड नेम का इस्तेमाल,  व्यापार करने के तरीकों के साथ-साथ कंपनी के द्वारा पहले से तय दिशा निर्देशों का भी पालन करना पड़ता है!

व्यापार प्रारुप फ्रेंचाइजी सबसे सामान्य प्रकार है जिसे अधिकतर व्यापारियों द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा है!, क्योंकि इसमें बिजनेस चलाने के सभी तौर-तरीकों के बारे में कंपनी द्वारा बताया जाता है!

3- उत्पाद निर्माण फ्रेंचाइजी (product manufacturing franchise)

इस फ्रेंचाइजी में कंपनी अपने उत्पाद को बनाने एवं सेवाएं देने की अनुमति देती है! इस फ्रेंचाइजी में आप उस कंपनी के ब्रांड, नाम, साइन, लोगो इत्यादि सभी चीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं! कई खाद्य, पीने वाले उत्पाद, गद्दे बनाने वाली कंपनियां इस तरह की फ्रेंचाइजी को बढ़ावा देती है|

फ्रेंचाइजी कैसे लेते हैं? (How how to get a franchise?)

आइए! अब समझते हैं कि फ्रेंचाइजी कैसे खोलें

शुल्क एवं प्रतिशत मूल्य (fees and percentage)

प्रत्येक कंपनी का फ्रेंचाइजी देने के लिए एक निर्धारित शुल्क होता है, जो कि प्रत्येक कम्पनी के अनुसार अदलता-बदलता रहता है|

कुछ कंपनियां फ्रेंचाइजर की रिक्वेस्ट पर शुल्क को कम भी कर देती है!, लेकिन कम करना या ना करना कंपनी के विवेक पर निर्भर करता है!

यानी कि कंपनी अपने उत्पाद को बेचने की सहमति देने के बदले आप से प्रॉफिट में कुछ प्रतिशत का हिस्सा लेती है! यह एक शुल्क की तरह होता है और लाभ में हिस्सेदारी का प्रतिशत आपके कंपनी के साथ हुए समझौते पर निर्भर करता है!

फ्रेंचाइजी खोलने के लिए मुख्य दस्तावेज (franchise documentation)

1- FDD

इसके लिए मुख्य रूप से आपको एफ डी डी (फ्रेंचाइजी डिस्क्लोजर डॉक्यूमेंट) बनाना पड़ता है| यह एक कानूनी दस्तावेज होता है|

 जैसा कि आपने कंपनी कैसे खोलें में पढ़ा था कि कंपनी  के 3 सबसे मुख्य दस्तावेज होते हैं| 1- मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन 2- आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन 3- प्रस्पेक्टस  

इसी प्रकार, इस दस्तावेज में आपकी फ्रेंचाइजी से सम्बंधित सभी जानकारियां दी जाती है, जैसे की व्यापार कैसे चलाना है?, किस जगह खोलना है?, और आपका बिज़नेस प्रपोज़ल किस बेस पर आधारित है इत्यादि|

2- Franchise agreement 

दूसरा महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेज फ्रेंचाइजी एग्रीमेंट (समझौता पत्र) होता है| इस एग्रीमेंट पर कंपनी और आपके हस्ताक्षर होना जरुरी होते हैं| 

इसका मुख्य उद्देश्य फ्रेंचाइजर की शर्तों को मानने एवं व्यापार सम्बंधित समझौते को लिखित रूप से प्रमाणिक बनाने के लिए किया जाता है|

फ्रेंचाइजी लेने के लिए नियम एवं शर्ते (franchise terms and conditions)

1-  शुल्क 

वैसे तो, सभी कंपनियां फ्रेंचाइजी लेने के लिए अलग नियम एवं शर्तें तय कर सकती है!  परंतु, कुछ चीजों में सभी कंपनियों का विषय एक जैसा होता है|  

जैसे कि: फ्रेंचाइजी प्राप्त करने के लिए आपको कंपनी के द्वारा पहले से तय किया गया शुल्क देना पड़ेगा! इसके अलावा, कंपनी  उस स्थान का भी जायजा लेती है जहां पर आप फ्रेंचाइजी खोलना चाहते हैं!

फ्रेंचाइजी शुल्क के अलावा आपको प्रति उत्पाद बेचने पर, एग्रीमेंट या अनुबंध पत्र के अनुसार कुछ प्रतिशत लाभ कंपनी को देना पड़ेगा|

उदहारण: यदि आप पिज़्ज़ा हट से फ्रेंचाइजी लेते है तो आपको हर पिज़्ज़ा की बिक्री पर लगभग 5 से 10% तक पिज़्ज़ा हट को देना पड़ता है|

2- स्थान 

इसके लिए कंपनी तय मानकों पर आकलन करती है कि क्या उस जगह पर फ्रेंचाइजी  खोलना ठीक रहेगा? इसलिए आपको फ्रेंचाइजी खोलने के लिए एक उचित स्थान की आवश्यकता होती है|.

3- बिज़नेस प्रपोज़ल 

आपको फ्रेंचाइजी के लिए एक बिज़नेस प्रपोज़ल बनाना भी आवश्यक होता है| इसमें फ्रेंचाइजी खोलने के स्थान एवं  फ्रेंचाइजी से सम्बंधित सभी कानूनी दस्तावेज देने होते है|

फ्रेंचाइजी खोलने के प्रमाण के साथ क्या-क्या नियम कायदे तय हुए थे वह फ्रेंचाइजर के पास भी रहे इसके लिए एक एग्रीमेंट भी तैयार करवाना पड़ता है|

4- सजावट 

 कंपनियां फ्रेंचाइजी देने से पहले सजावट पर भी विशेष ध्यान देती हैं! 

जैसे कि: आप किस प्रकार का रंग दीवारों पर इस्तेमाल करेंगे?, उसकी सजावट किस तरह की होगी, साइन बोर्ड किस प्रकार के लगवाएंगे? इत्यादि| इन सभी बातों की जानकारी आपको फ्रेंचाइजी शुरू करने से पहले अवश्य ही ले लेनी चाहिए| 

5- नियम एवं शर्तें 

आपको इन सब बातों को अपनी फ्रेंचाइजी के ऑपरेशन मेन्यू में पूरी अच्छी तरह से लिखना पड़ता है!, फ्रेंचाइजी बॉन्ड पर साइन करते समय आपको कम्पनी के सभी दिशा-निर्देश  मानना अनिवार्य होता है| साथी आपको कंपनी को यह भी भरोसा दिलाना होता है कि आप भविष्य में उनके ब्रांड नेम का गलत इस्तेमाल नहीं करेंगे तथा उनकी फ्रेंचाइजी को अच्छी प्रकार चलाएंगे!

भारत में कौन-कौन सी कंपनियां फ्रेंचाइजी देती है? (List of franchise business in india)

चलिए दोस्तों, अब!  बात करते हैं अलग-अलग क्षेत्रों में जो कंपनियां फ्रेंचाइजी देती हैं उनके बारे में! 

1- खाद्य एवं पेय उत्पाद बनाने वाली कंपनियां (Food and beverage franchise)

खाद्य पदार्थों की फ्रेंचाइजी देने के मामले में काफी कंपनियों ने अपना हाथ बढ़ाया है. वहीं भारत में कई कंपनियां जैसे कि: मैकडॉनल्ड्स कार्पोरेशन, डोमिनोज़ पिज़्ज़ा, चाय सुट्टा बार, करीम इंटरनेशनल, बर्गर किंग, पिज़्ज़ा, केएफसी इत्यादि अपनी फ्रेंचाइजी खोलने का अवसर देती है| 

2- शिक्षा केंद्र एवं ट्रेनिंग कंपनियां (Franchise in education field)

किसी प्रसिद्ध शिक्षा केंद्र के नाम पर फ्रेंचाइजी खोलने के लिए भी कई ट्रेनिंग देने वाली कंपनियां अपना  ब्रांड  नेम इस्तेमाल करने की अनुमति देती है|

इनमें मुख्य हैं: अलोहा इंडिया, टीएमसी शिपिंग, ब्रेन चेकर टेक्नो सर्विस दिल्ली, इंटरनेशनल स्कूल आफ डिजाइन, ब्रिटिश अकादमी अंग्रेजी भाषा के लिए, क्यूरियस किड्स एवं नोवटेक रोबो आदि शामिल हैं.

3- स्वास्थ एवं सौंदर्य से सम्बंधित कंपिनयां (Beauty care franchise) 

स्वास्थ एवं सौंदर्य किस क्षेत्र में बहुत सारी कंपनियों ने अपनी फ्रेंचाइजी खोलने का प्रस्ताव दे रखा है|

जैसे की: जावेद हबीब हेयर एंड ब्यूटी, पतंजलि, स्टूडियो11, जीवा आयुर्वेदा,  नेचर हट, डॉ लाल पैथ लैब, केवा आयुर्वेद हेल्थकेयर, रेलुकिंग इत्यादि.

4- रिटेलर और कंसल्टेंसी कंपनियां (Retailer and consultant franchise) 

लक्मे सैलून, कॉटन किंग, ब्रांड्स डैडी, फ्लोरिस्टा,  कुबेर शॉपी, अंबानी होम सॉल्यूशंस, स्लीपवेल, kurlon आदि रिटेलर कंपनियां हैं, जो अपनी फ्रेंचाइजी देने में रूचि रखती है|

5- अन्य फ्रेंचाइजर कंपनियां 

हालांकि, ऊपर दी गयी कंपनियों के अलावा और भी बहुत कंपनियां है, जो फ्रेंचाइजी खोलने की सुविधा देतीं हैं, जैसे की: बच्चों के लिए “किड्-जी”, रसोईघर के डिजाइन के लिए “Capsicum Kitchens” झूमर consumer इलेक्ट्रॉनिक्स में “HyperX change” होटलों में “चॉइस होटलस”, “ग्रीन लैंड” घर की सुविधाओं के लिए, एवं ई-पूजा कप्यूटर एवं इंटरनेट सेवा देने वाली कंपनियां|

फ्रेंचाइजी खोलने के फायदे (franchise benefits in Hindi)

फ्रेंचाइजी लेने वाले को फायदे (Benefits to the franchisee)

S.NO:Benefits to the franchisee
1.फ्रेंचाइजी लेने वाले को कंपनी के trademark, Brand तथा Logo को इस्तेमाल करने की अधिकारिक परमिशन मिल जाती है!
2.पहले से कंपनी का स्थापित कस्टमर बेस तथा ready footfall मिल जाता है!
3.पहले से तैयार प्रिंटिंग आइटम मिल जाते हैं! 
4.कंपनी के पहले से चल रहे ट्रेनिंग प्रोग्राम मिल जाते हैं! 
5.पहले से तैयार किए गए जरूरी विषय (content) मिल जाते हैं! 
6.बड़े ब्रांड नेम की राष्ट्रीय स्तर पर मार्केटिंग टीम का सपोर्ट मिल जाता है! आपको अपने ब्रांच की मार्केटिंग करने की कोई जरूरत नहीं पड़ती है, आपने जिस कंपनी की फ्रेंचाइजी ली हुई है, ये सब फ्रेंचाइजर का काम होता है! इतना ही नहीं ब्रांड के नाम पर बहुत से लोग स्वयं ही आकर्षित हो जाते हैं!
7.बहुत सारे विषय में कंपनी solutions ढूंढ चुकी होती है! जैसे की:1- कंपनी का प्रोडक्ट प्राप्त करने के लिए तैयार ग्राहक मिल जाते हैं!2- कंपनी के काम करने की पूरी कार्यप्रणाली फिक्स होती है!3- ग्राहक के दिक्कतों का पता होता है! 
8. किसी बिजनेस को जमाने के लिए पैसा समय तथा जुनून चाहिए होता है!फ्रेंचाइजी लेने पर पहले से जमा हुआ बिजनेस मिल जाता है जिससे पैसे तथा समय की बचत होती है! 
9.फ्रेंचाइजी लेने का सबसे महत्वपूर्ण फायदा यह है की आप एक बहुत अच्छी कंपनी के साथ, उसकी व्यापार करने की तकनीक एवं संरचना में रहकर आसानी से अपने व्यापार को जल्दी से उचाईयों तक पहुंचा सकते हैं!
10.कंपनी के प्रोडक्ट की प्राइसिंग तय होती है!इसका सबसे अच्छा फायदा यह होता है कि आपको कभी भी अपने प्रोडक्ट के मूल्य से समझौता नहीं करना पड़ता, बाजार मूल्य में उतार-चढ़ाव होने पर आपके प्रोडक्ट का मूल्य स्थिर बना रहता है!
Franchise advantages

फ्रेंचाइजर को फायदे (Benefits to the franchisor)

  • फ्रेंचाइजर कंपनी को कंपनी में पैसे लगाने वाला मिल जाता है, जिससे कंपनी की आय में बढ़ोतरी होने लगती है!  इस वजह से कंपनी के उत्पाद को देश और दुनिया के कोने कोने तक आसानी से पहुंचाने में मदद मिलती है!
  • फ्रेंचाइजर खुद का पैसा नहीं लगा था इसलिए उसे फ्रेंचाइजी लेने वाले पर भरोसा आसानी से हो जाता है, क्योंकि इसमें उसे खुद के पैसे बर्बाद होने का डर रहता है!

फ्रेंचाइजी लेने में खतरा (रिस्क) (Disadvantages of taking a franchise)

फ्रेंचाइजी लेने के व्यापार की कमियों के बारे में बात की जाए तो, इसकेकुछ नकारात्मक प्रभाव भी है! 

S.NO:Disadvantages of taking a franchise
1.किसी बड़ी फ्रेंचाइजी को शुरू करने के लिए बहुत अधिक कीमत लग सकती है तथा उसे चलाने के लिए भी बहुत अधिक पैसा लग सकता है! 
2.अपने तरीके से बिजनेस को चलाने की स्वतंत्रता खत्म हो जाती है! आप अपना कोई नया आईडिया बिजनेस में नहीं ला सकते! कहने का मतलब यह है कि यदि आपके पास व्यापार को जल्दी बढ़ाने का कोई दूसरा या नया तरीका है, तो उसके लिए आपको फ्रेंचाइजर से सहमति तथा सलाह लेनी पड़ेगी!इसका मतलब  यह है कि आपको फ्रेंचाइजी देने वाली कंपनी के दायरे में रहकर ही काम करना पड़ेगा!
3.अगर आपने फ्रेंचाइजी ले रखी है तो आपको फ्रेंचाइजी के साथ वित्तीय नजरिए से बंधकर भी रहना पड़ता है!
4.किसी वजह से अगर आपका व्यापार बंद होने की स्थिति पर पहुंच जाता है तो फ्रेंचाइजी देने वाली कंपनी का इससे कोई लेना-देना नहीं होता है!इसका अर्थ यह है कि होने वाले घाटे के जिम्मेदार आप ही होंगे! 
Franchise disadvantages

फ्रेंचाइजी चुनने में की जाने वाली सावधानियां (Precautions to be taken in choosing a Franchisee)

  • फ्रेंचाइजी लेने से पहले आपको उस ब्रांड का काम करने का तरीका, बाजार में मांग, फ्रेंचाइजी लेने में लगने वाला शुल्क इत्यादि विषयों के बारे में पता होना चाहिए!
  • आपको सभी प्रकार के फायदे तथा सभी प्रकार का नुकसान ओं के साथ शर्तों को भी ध्यान पूर्वक जान लेना चाहिए!
  • हर किसी को अपनी योग्यता एवं कार्य क्षमता का पता होता है!  इसके साथ ही लोगों को अपने इंटरेस्ट का भी हमेशा पता होता है! इन तीनों बिंदुओं के साथ नापतोल करके निर्णय लें कि क्या ली जाने वाली फ्रेंचाइजी को आप भली-भांति चला सकते हैं!

यदि आप फ्रैन्चाइज़ बिजनेस opportunity से संबंधित जानकारी के लिए आप इस website पर विज़िट कर सकते हैं: www.franchiseindia.com

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Business idea से संबंधित ऐसी ही अगली पोस्ट में फिर मिलूँगा!

तब तक के लिए नमस्कार

धन्यवाद

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