Foreign company: विदेशी कंपनी क्या होती है?, नियम एवं शर्तें | Foreign company registration India in Hindi

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इस पोस्ट में आप पढ़ेंगे की विदेशी कंपनी क्या होती है? (What is foreign company), विदेशी कंपनी की परिभाषा एवं उसका परिचय (foreign company definition) भारत में विदेशी कंपनी का पंजीकरण कैसे होता है? (foreign company registration india) के बारे में पढ़ेंगे 

तो चलिए दोस्तों शुरू करते हैं आज का टॉपिक “FOREIGN COMPANY (विदेशी कंपनी)

Foreign company kya hoti hai?

foreign company
विदेशी कंपनी क्या होती है?

विदेशी कंपनी का हिंदी में क्या अर्थ होता है?

Foreign company meaning in Hindi: “विदेशी कंपनी, वैदेशिक कंपनी, बाह्य कंपनी, परदेशी कंपनी, किसी दूसरे देश की कंपनी”

विदेशी कंपनी क्या होती है? (What is foreign company?)

विदेशी कंपनी का परिचय एवं परिभाषा: Foreign Company की परिभाषा कंपनी अधिनियम 2013 के sec 2(42) के अनुसार विदेशी कंपनी (foreign company) वह कंपनी है जिसका निर्माण /  निगमन (Incorporation) भारत के क्षेत्र से बाहर हुआ हो|

1-  जिसका भारत में या तो कोई व्यावसायिक स्थल ( कार्यालय, Office) हो या तो उसी कंपनी के द्वारा संचालित होता हो या फिर किसी और कंपनी के द्वारा संचालित होता हो| 

व्यावसायिक स्थल ( कार्यालय, Office) से अभिप्राय: कंपनी का व्यवसाय कार्यालय इलेक्ट्रॉनिक,  भौतिक दोनों माध्यमों से संचालित हो सकता है|

जैसे कि: Amazon इलेक्ट्रॉनिक रूप में संचालित होता है तथा Dominos भौतिक रूप से संचालित होता है| 

2- जो कंपनी भारत में व्यवसाय करती हो| 

विदेशी कंपनियों के लिए नियम एवं शर्तें (Terms and Conditions for Foreign Companies)

आइए! अब देखते हैं विदेशी कंपनियों के लिए कुछ नियम एवं शर्तें! यानी कि विदेशी कंपनियां यदि भारत में संचालित होती हैं तो उनके लिए कौन-कौन से नियम एवं शर्ते होनी चाहिए! 

वैसे तो बहुत सारी शर्ते होती है परंतु इस पोस्ट में मैं कुछ मुख्य शर्तों को ही लिख रहा हूं!

1- व्यवसाय शुरू करने के 30 दिन के भीतर रजिस्ट्रार के पास दस्तावेज जमा करना है| 

यानि की कोई विदेशी कंपनी भारत में अपना व्यवसाय शुरू करती है तो उसे कंपनी के जो भी दस्तावेज जमा करने हैं

जैसे कि: Memorandum Of Association, Article of association,  तथा Prospectus इत्यादि को 30 दिन के अंदर जमा करना होगा! 

2- आर्थिक चिट्ठा (Balance sheet) तथा लाभ-हानि खाता (Profit & loss account) को जमा करना है|

3- जो भी लोग तथा कंपनियां भारत में विदेशी कंपनी के एजेंट के रूप में कार्य कर रहे हैं उनका पूरा विवरण देना होगा|

4- इन कंपनियों को प्रविवरण (Prospectus) जारी कर सकती है| 

5- जुर्माना (Penalty): कंपनी के ऊपर 2 तरीके से जुर्माना लगाने का प्रावधान है|

(i) कंपनी के ऊपर:  वर्तमान समय में कंपनी के ऊपर न्यूनतम 1 लाख और अधिकतम 3 लाख तथा नियमों का उल्लंघन किए जाने पर 30 हजार रुपए तक हर्जाने का प्रावधान है| 

(ii) पदाधिकारी के ऊपर: पदाधिकारी के ऊपर न्यूनतम 25 हजार और अधिकतम 5 लाख रुपए तक जुर्माने का प्रावधान है| 

6- कंपनी का अपने ऑफिस के बाहर बोर्ड पर कुछ चीजें लिखने अनिवार्य हैं जैसे कि: 

(i) कंपनी का नाम 

(ii) यह नाम अंग्रेजी भाषा के साथ जिस राज्य में उस विदेशी कंपनी की शाखा है उस राज्य के क्षेत्रीय भाषा में भी लिखा होना चाहिए! 

(iii) कंपनी किस देश में निगमित (incorporate) हुई है|

7- फॉरेन कंपनी का नाम और कंपनी के निगमित देश का नाम सभी दस्तावेजों पर लिखा होना अनिवार्य है| 

8- विदेशी कंपनी के द्वारा ऋण पत्र जारी किया जा सकता है| यानि कि कभी कंपनी को पैसे की जरूरत पड़ती है तो कंपनी ऋण पत्र (debenture) जारी कर सकती है| 

9- कंपनी को वार्षिक विवरण (annual return) देना होगा| 

10- कंपनी को सभी करों (Direct & indirect tax) को जमा करना होगा|

11- निर्धारित शुल्क पर सारे दस्तावेज दिल्ली के रजिस्ट्रार कार्यालय में जमा किए जाएंगे| 

भारत में विदेशी कंपनी पंजीकरण (Foreign company registration in india)

विदेशी कंपनियों का भारत में रजिस्ट्रेशन करने के लिए उसके प्रकार के आधार पर दस्तावेज़ीकरण भी भिन्न होता है। आइए!, व्यवसाय करने के प्रत्येक तरीके में आवश्यक दस्तावेजों पर नज़र डालते हैं| 

1- पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी (Wholly owned subsidiary Company)

भारत में पंजीकरण के लिए पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी को लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:

  1. कार्यालय का पता प्रमाण (किराये की संपत्ति के मामले में, नवीनतम बिजली बिल)
  2. भारतीय नागरिक के लिए 

(i) पैन कार्ड अनिवार्य 

(ii) पता प्रमाण 

(iii) फोटो पहचान प्रमाण जैसे की: आधार कार्ड। 

  1. विदेशी नागरिकों के लिए

(i) विदेशी राष्ट्रीय पासपोर्ट अनिवार्य 

(ii) पता प्रमाण 

(iii) फोटोग्राफ आईडी प्रमाण जैसे की कोई भी सरकारी लाइसेंस 

नोट: यह सभी जमा किए गए दस्तावेज़ भारतीय वाणिज्य दूतावास या वाणिज्य दूतावास द्वारा प्रमाणित होने चाहिए

2- Joint Venture (संयुक्त उद्यम)

यदि संयुक्त उद्यम के मामले में, अनुबंध (contract) का मसौदा तैयार किया गया है, इसलिए इसमें शामिल पक्षों द्वारा निम्नलिखित बातों का ध्यान अवश्य रखा जाना चाहिए:

i) विवाद समाधान समझौते (Dispute resolution agreements)

ii) कानून लागू (Law Applicable)

iii) शेयरों को धारण करना (Holding shares)

iv) शेयरों का हस्तांतरण (Transfer of shares)

v) निदेशक मंडल गैर-प्रतिस्पर्धी (Board of Directors Non-Compete)

vi) गोपनीयता (Confidentiality) आदि

3- संपर्क कार्यालय या प्रतिनिधि कार्यालय (Liaison Office or Representative Office)

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा भारत में संपर्क कार्यालय या प्रतिनिधि कार्यालय स्थापित करने के लिए कुछ मानदंड निर्धारित किए गए हैं, जो इस प्रकार हैं:

i) स्वदेश में पिछले 3 वित्तीय वर्षों (financial years) में लाभ कमाने का रिकॉर्ड होना आवश्यक है तथा शुद्ध मूल्य 50 हज़ार अमेरिकी डॉलर से अधिक होना चाहिए!

ii) यदि ऊपर दी हुई शर्त सहायक कंपनी द्वारा संतुष्ट नहीं है, तो मूल कंपनी (parent company) द्वारा एक आश्वासन पत्र प्रस्तुत किया जाना चाहिए  जो उपरोक्त शर्त को पूरा करता हो|

iii) FEMA 1999 और बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (IRDA) के तहत RBI को एक विशिष्ट अनुमोदन आवश्यकता होती है|

iv) एक नामी अधिकृत डीलर श्रेणी- I बैंक को एक कार्यालय स्थापित करने के लिए एक आवेदन आरबीआई को अग्रेषित (forwarded) करने की आवश्यकता है|

v) कार्यालय को आरबीआई द्वारा एक विशिष्ट पहचान संख्या (Unique Identification Number) दी जाएगी।

vi) आवेदन के साथ, निगमन/पंजीकरण (incorporation) प्रमाणपत्र या MOA और AOA  (भारतीय दूतावास/नोटरी पब्लिक द्वारा सत्यापित) का अंग्रेजी संस्करण भी आवश्यक दस्तावेज भी दाखिल किया जाना चाहिए।

vii) आवेदक देने वाली संस्था की लेटेस्ट बैलेंस शीट भी पंजीकरण के देश में दर्ज किया जाना चाहिए।

4- परियोजना कार्यालय (Project Office)

यदि कोई विदेशी कंपनी अपना कार्यालय स्थापित करना चाहती है, और विदेशी कंपनी ने भारत में एक परियोजना को निष्पादित (Execution) करने के लिए एक भारतीय कंपनी से अनुबंध प्राप्त किया है, तो आरबीआई से पूर्व अनुमति की आवश्यकता नहीं है, लेकिन इसकी भी कुछ शर्ते हैं वह इस प्रकार है: 

i) विदेश से inward remittance द्वारा सीधे funded होना चाहिए या 

ii) एक द्विपक्षीय या बहुपक्षीय अंतर्राष्ट्रीय funding agency द्वारा funded (वित्त पोषित) होना चाहिए या

iii) एक उपयुक्त प्राधिकारी द्वारा मंजूरी दी गई हो 

iv) भारत में एक कंपनी या संस्था बशर्ते कि एक अनुबंध (contract) को भारत में एक बैंक या परियोजना के लिए एक सार्वजनिक वित्तीय संस्थान द्वारा सावधि ऋण (Term loan) प्रदान किया गया हो।

नोट: इसके अलावा भी यदि उपरोक्त शर्तों को पूरा नहीं किया जाता है तो विदेशी संस्था को अनुमोदन के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से संपर्क करना होगा!

5- शाखा कार्यालय (Branch Office)

एक शाखा कार्यालय खोलकर भी एक विदेशी कंपनी भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व अनुमोदन (Approval) से भारत में व्यावसायिक गतिविधि (Business Activity) कर सकती है, लेकिन उसे कुछ शर्तों को पूरा करना पड़ेगा वह इस प्रकार हैं: 

i) कंपनी को विनिर्माण या व्यापारिक (manufacturing or trading) गतिविधियों से जुड़ा होना चाहिए|

ii) लगातार पिछले पांच वित्तीय वर्षों में लाभ होना आवश्यक है|

iii) अपने देश में कम से कम 100,000 अमेरिकी डॉलर की नेट वर्थ होनी चाहिए|

नोट: ई-कॉमर्स क्षेत्र में भी एक विदेशी कंपनी के रूप में भारत में बड़े अवसर हैं| किस को बढ़ावा देने के मकसद से भारत सरकार ने हाल ही में ई-कॉमर्स क्षेत्र में 100% एफडीआई की अनुमति दी है। 

विदेशी कंपनियों को भारत में अपने कारखाने खोलने से क्या फायदा है?

S.NO:फायदे 
(i) भारत में सस्ता श्रम मिल जाता है!
(ii) भारत का विशाल बाजार उन्हें आकर्षित करता है!
(iii) उत्पादन के लिए अन्य घटकों (कच्चा माल) की उपलब्धता का भी फायदा होगा।
(iv) कम लागत में ज्यादा मुनाफा मिल जाता है|
(v)बहुराष्ट्रीय कंपनियों के अनुकूल सरकारी नीतियों का फायदा मिलेगा।
Foreign company benefits
विदेशी कंपनी के भारत में निवेश करने पर भारत को इससे क्या फायदा होगा?

1- यदि कोई विदेशी कंपनी भारत में आकर निवेश करती है तो उससे फायदा यह होगा भारत में नए रोजगार पैदा होंगे
2- नई टेक्नोलॉजी के बारे में पता चलेगा
3- भारत सरकार को टैक्स के रुप में धन प्राप्त होगा|

विदेशी कंपनी के भारत में निवेश करने पर भारत को इससे क्या नुकसान होगा?

हमारे देश का पैसा हमारे देश में ही ना रहकर उसका काफी बाद हिस्सा किसी और देश में चला जाएगा

साथ ही यह भी अवश्य देखें:

भारत में कंपनी कैसे खोले

दुबई में बिजनेस कैसे खोले 

भारत में कंपनी को बंद करने का क्या तरीका है 

ज्वाइंट स्टॉक कंपनी क्या होती है

उम्मीद करता हूं आपको यह पोस्ट “विदेशी कंपनी क्या होती है?, नियम एवं शर्तें (Foreign company registration India in Hindi)” अवश्य ही पसंद आई होगी!

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Business law से संबंधित ऐसी ही अगली पोस्ट में मैं फिर मिलूँगा तब तक के लिए नमस्कार

धन्यवाद

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