Fire insurance क्या होता है? | अग्नि बीमा के फायदे, सिद्धांत, तथा शर्तें क्या होती हैं

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इस पोस्ट के माध्यम से आप fire insurance  क्या होता है? फायर इंश्योरेंस की फोटो, अग्नि बीमा के सिद्धांत क्या है? अग्नि बीमा के फायदे क्या है? तथा फायर इंश्योरेंस कंपनी कब क्लेम देती है?  इत्यादि के बारे में जानेंगे|

तो चलिए दोस्तों! शुरू करते हैं|

अग्नि बीमा क्या होता है?

जैसा कि इसके नाम से ही प्रतीत हो रहा है अग्नि बीमा|

यानी कि फायर इंश्योरेंस का अर्थ है: “आग के जोखिमों के विरुद्ध लिया गया बीमा”| 

यदि आपकी कोई संपत्ति है और आपको उस संपत्ति पर आग लगने के कारण नुकसान का खतरा लगता है तो आपको अग्नि बीमा ले लेना चाहिए| 

सामान्यतः  Fire Insurance की अवधि 1 साल तक होती है तथा उसके बाद इसे फिर से रिन्यू कराना पड़ता है| 

अक्सर लोग सोचते हैं कि फायर इंश्योरेंस का प्रीमियम बहुत ज्यादा होता है|  

जब आप फायर बीमा के सालाना प्रीमियम के बारे में जानेंगे तो आप हैरान रह जाएंगे|

नोट:-  यदि आप अधिक राशि का बीमा करवाते हैं तो बनने वाले प्रीमियम को आप किस्तों में भी दे सकते हैं

परंतु बीमा कंपनी द्वारा किस्तों में प्रीमियम देने की सुविधा भी होनी चाहिए| 

नोट:- यह आर्टिकल भारत के अग्नि बीमा (fire insurance in India) को ध्यान में रखकर लिखा गया है|

जैसा कि आपने पिछली पोस्ट में पढ़ा मरीन इंश्योरेंस समुद्री जल मार्गों के लिए लिया जाता है इसी प्रकार अग्नि बीमा आग से लगने वाले जोखिमों के विरुद्ध लिया जाता है|

अग्नि बीमा की क्या शर्तें होती हैं? 

  • वास्तविक नुकसान (Actual loss)

बीमा कंपनी द्वारा आग लगने की स्थिति में केवल उतने ही नुकसान की भरपाई होगी जितना कि नुकसान हुआ है|

यानी  आग लगने पर आपका नुकसान भी होना जरूरी है| 

 उदाहरण-  मान लीजिए आप ने ₹10 लाख का अग्नि बीमा करवाया हुआ है|

आपके गोदाम में आग लग गई जिसके कारण आपका 2 लाख का सामान जलकर नष्ट हो गया| 

आपका बाकी का 8 लाख का सामान सुरक्षित है| 

आपको बीमा कंपनी द्वारा केवल ₹2 लाख की राशि दी जाएगी| 

  • दुर्घटना होनी चाहिए

फायर इंश्योरेंस का क्लेम तभी मिलता है जब आग दुर्घटना से लगी हो| 

यह आग जानबूझकर नहीं लगाई गई होनी चाहिए तथा इसमें आपका कुछ ऐसा कार्य नहीं होना चाहिए जिसके कारण आप आग लगने को न्योता दे रहे हो| 

 उदाहरण- 

आपका रुई का गोदाम है|  उस गोदाम के अहाते में आप आप पटाखे जलाने लगे|

अब इसमें आपकी मंशा तो ऐसी नहीं कि आग लग जाए परंतु आपका कार्य तो इस प्रकार का है कि आग लग सकती है| 

इस केस में आपको क्लेम नहीं मिलेगा| 

अग्नि बीमा के क्या सिद्धांत होते हैं? (Principles of fire insurance)

जब भी आप फायर इंश्योरेंस पॉलिसी इशु करवाना चाहते हैं तो आपको अग्नि बीमा के सिद्धांतों (principles of fire insurance) के बारे में अवश्य पता होना चाहिए|

बहुत से लोगों को फायर इंश्योरेंस प्रिंसिपल के बारे में नहीं पता होता जिस कारण से वह कुछ ऐसी गलती कर देते हैं जिससे कि उनको फायर इंश्योरेंस क्लेम लेने के समय परेशानी होती है|

 तो चलिए दोस्तों! अग्नि बीमा के सिद्धांत (principles of fire insurance) क्या होते हैं? इनके बारे में जान लेते हैं| 

  • मूल्यह्रास (depreciation)

कभी भी इंश्योरेंस कंपनियां पूरा पैसा क्लेम में नहीं देती| 

वह हमेशा उस वस्तु की कीमत को उस समय के अनुसार रखती हैं तथा फिर कटौती करके क्लेम देती हैं| 

साथ ही साथ वह उस नुकसान की ही भरपाई करती है जितना नुकसान आपको वास्तविक रूप से हुआ है| 

  • बीमा योग्य हित (Insurable interest)

जो व्यक्ति इंश्योरेंस ले रहा है उसका बीमित वस्तु में हित छुपा हुआ होना चाहिए|

 यानी कि- जिस वस्तु का बीमा करवाया गया है उस वस्तु के नष्ट हो जाने पर इंश्योरेंस लेने वाले व्यक्ति का नुकसान होना चाहिए| 

नोट:-  वर्ना लोग तो ऐसी वस्तुओं का भी बीमा करवाने लगेंगे जो उनकी नहीं हैं|

  • जरुरी कदम उठाना

इस बिंदु को मैं आपको एक उदाहरण के द्वारा समझाता हूं| 

मान लीजिए आपने अपनी कंपनी का इंश्योरेंस करवाया हुआ है|

 आपकी फैक्ट्री में  थोड़ी सी आग लग गई| 

पास ही में एक पानी की बाल्टी रखी थी यदि आप चाहते तो उस आराम से उसे आग बुझा सकते थे|

 परंतु आपने ऐसा नहीं किया| आपने यह सोचा कि “आग मैंने तो जानबूझकर लगाई नहीं है|” 

इस स्थिति में आपको क्लेम का पैसा नहीं मिलेगा क्योंकि आपने अपने दायित्व को नहीं निभाया| 

यानि जब आप कुछ सकारात्मक कार्य कर सकते थे परंतु आपने वह नहीं किया|

इस काम को ना करने की वजह से नुकसान हो गया तब आपको ऐसी स्थिति में इंश्योरेंस कंपनी द्वारा क्लेम नहीं मिलेगा| 

  • अच्छी भावना (utmost good faith)

इस बिंदु के बारे में मैंने आपको मरीन इंश्योरेंस वाले पोस्ट में भी बताया था| 

इसका अर्थ होता है कि इंश्योरेंस लेने वाले तथा इंश्योरेंस देने वाले के बीच अच्छी भावना होनी चाहिए|

 दोनों ही पार्टियों को एक दूसरे को सारी जरुरी बातें बतानी चाहिए| 

जैसे कि:- इंश्योरेंस देने वाले को सारे छुपे हुए नियम शर्ते बताने चाहिए तथा इंश्योरेंस लेने वाले को प्रोडक्ट के जोखिमों के बारे में इंश्योरेंस कंपनी को अवगत कराना चाहिए| 

नोट:- इंश्योरेंस लेने वाला  ऐसे तत्वों को इसलिए छुपाता है क्योंकि जोखिम ज्यादा होने पर इंश्योरेंस  का प्रीमियम बढ़ जाता है परंतु यही बात उसके अधिक नुकसान का कारण बन जाती है क्योंकि कंपनी इस बात को साबित कर देती है की इंश्योरेंस लेने वाले ने जरूरी तथ्यों को छुपाया है| 

  • जिन खतरो के विरुद्ध बीमा लिया है ( Perils mentioned in policy)

फायर इंश्योरेंस में केवल उन्हीं दुर्घटनाओं के कारण पैसा मिलेगा जिनके विरुद्ध आपने बीमा लिया होगा|

 जैसे कि- पटाखों द्वारा आग लगने पर, दंगों में आग लगने पर, बिजली के तारों का शार्ट सर्किट द्वारा आग लगने पर, वेल्डिंग के दौरान आग लगने पर  इत्यादि 

अग्नि बीमा लेने के क्या फायदे होते हैं? (Fire Insurance benefits)

बुरा समय कभी भी कह कर नहीं आता| 

मान लीजिए आप इनमें से कोई एक है-

  1.  सोल प्रोपराइटरशिप फर्म
  2.  पार्टनरशिप फर्म
  3.  वन पर्सन कंपनी
  4. स्मॉल कंपनी 
  5. प्राइवेट लिमिटेड कंपनी
  6. सेक्शन 8 कंपनी

या फिर आप एक्सपोर्ट इंपोर्ट का बिजनेस करते हैं  या आपका कोई लघु उद्योग है तो आपको फायर इंश्योरेंस अवश्य ही ले लेना चाहिए|

मान लीजिए आप एक मैन्युफैक्चरर एक्सपोर्टर है और आप जूट के बैग बनाते हैं| 

कंटेनर में माल लोड होने से पहले वह माल आपकी फैक्ट्री में रखा है| 

अब यदि कुछ दुर्घटना घट जाती है जिससे कि आपकी फैक्ट्री में आग लग जाए तथा सारा माल जलकर राख हो जाए|

 यदि आपने फायर इंश्योरेंस लिया हुआ होगा तब आपको क्लेम मिल जाएगा परंतु यहां पर अभी समस्या समाप्त नहीं होती|

 माल नष्ट होने की स्थिति में आपका एक्सपोर्ट ऑर्डर भी तो कैंसिल होगा!  उस नुकसान की भरपाई कौन करेगा?

 क्योंकि एक्सपोर्ट कंपनी तो केवल उन नुकसानों की राशि देगी जिन जोखिमों पर आपने कवर लिया होगा|

अतः आपको फायर इंश्योरेंस लेते समय इस बात को भी ध्यान में रखना चाहिए 

फायर इंश्योरेंस का प्रीमियम कितना जाता है?

जैसा कि मैंने आपको ऊपर बताया था कि बहुत से लोगों को नहीं पता होता की फायर इंश्योरेंस का प्रीमियम कितना होता है? 

मैं आपको इसका थोड़ा सा आईडिया दे देता हूं|

 एक सामान्य परिस्थिति में 10  लाख रुपए के इंश्योरेंस पर लगभग 1000  रुपए साल का प्रीमियम बनेगा| 

अब आप सोचो कि क्या आपको 10 लाख रुपए का धंधा सुरक्षित रखने के लिए ₹1000 साल के देना क्या ज्यादा है!! 

fire insurance policy कैसे लें?

पहले मैं आपको fire insurance policy लेने का ऑफ लाइन तरीका बता रहा हूं|

यदि आप एजेंट के माध्यम से फायर इंश्योरेंस पॉलिसी लेते हैं और भगवान ना करें कोई दुर्घटना घट जाए तब उस स्थिति में आपका एजेंट क्लेम दिलाने में आपकी बहुत सहायता करता है| 

  • प्रतिनिधि (Agent)

सबसे पहले आपको फायर इंश्योरेंस पॉलिसी के एजेंट से संपर्क करना है| 

  • किस्त (Premium)

फिर आपको फायर इंश्योरेंस पॉलिसी देने वाले एजेंट को बताना है कि आपको किस वस्तु का अग्नि बीमा करवाना है तथा किस प्रकार का अग्नि बीमा करवाना है? 

  • कुल राशि (total insurance)

फिर आपको यह  यह बताना है कि आपको कुल कितनी राशि का  फायर इंश्योरेंस पॉलिसी लेना है| 

नोट:- आप उपस्थित माल पर कम राशि का बीमा ले सकते हैं परंतु कम मूल्य की राशि के के माल पर अधिक राशि का बीमा नहीं ले सकते|

 उदाहरण:- आपके पास में 10 लाख रुपए का सामान उपलब्ध है तब आप उस पर 12 लाख रुपए का अग्नि बीमा नहीं ले सकते| 

उपलब्ध माल की राशि से अधिक राशि का बीमा क्यों नहीं ले सकते? 

क्योंकि आपको अपने स्टॉक को बीमा कंपनी में दिखाना होगा| 

  • सौदेबाजी (Bargaining)

अंत में, आपको यदि लगता है, यह करना ठीक है, तो यह मैं आपके विवेक पर छोड़ देता हूं|

Fire insurance policy images

Disclaimer:- इस पोस्ट में जितने भी अग्नि बीमा के फोटो (Fire insurance images) दिए गए हैं इनका उद्देश्य केवल शिक्षा देना है| इसके माध्यम से मैं किसी भी कंपनी का प्रचार या दुष्प्रचार नहीं कर रहा हूं|

Fire insurance images कुछ देने का मकसद केवल एक है जिससे कि अग्नि बीमा के संदर्भ में लोगों का ज्ञान वर्धन हो सके| 

FAQ: Fire insurance

Fire insurance लेने के क्या फायदे हैं?

यदि आपकी कोई कीमती वस्तु आग के द्वारा जलकर नष्ट हो जाती है तब आपको इंश्योरेंस कंपनी द्वारा उसका भुगतान कर दिया जाता है| इस प्रकार आप मानसिक तथा आर्थिक रूप से स्वस्थ रहते हैं|

यदि आपने 10 लाख का Fire insurance लिया है तथा आपका आग लग कर दो लाख का सामान जलकर नष्ट हो गया तब क्या आप तो कंपनी पूरे 10 लाख रुपए देगी?

जी नहीं,  किसी भी प्रकार के इंश्योरेंस में  इंश्योरेंस कंपनी इंश्योरेंस लेने वाले को इंश्योरेंस लेने से पहले की स्थिति में लाकर खड़ा कर देती है|  अर्थात आपको ₹2 लाख का ही क्लेम मिलेगा|

10 लाख रुपए के Fire insurance पर कितना प्रीमियम देना पड़ता है?

सबसे पहले तो मैं आपको यह बता देना चाहता हूं कि किसी भी बीमा की राशि पर उतार-चढ़ाव उसके जोखिमों के के अनुसार होता है|  अब मैं आपको एक सामान्य परिस्थिति के हिसाब से 10 लाख रुपए पर अग्नि बीमा का कितना प्रीमियम बनेगा यह बताता हूं|  10 लाख रुपए की संपत्ति पर लगभग ₹1000 वार्षिक का प्रीमियम बनेगा|
*यह अलग-अलग कंपनियों की सुविधाओं के अनुसार भी  घटता या बढ़ता रहता है|

Fire insurance: क्या आपके द्वारा जानबूझकर लगाई गई आग पर भी इंश्योरेंस कंपनी द्वारा क्लेम मिलेगा?

जी नहीं,  आपके द्वारा जानबूझकर तो छोड़ो आपके किसी ऐसे कार्य को करने पर जिससे कि आपने जानबूझकर आग लगने को निमंत्रण दिया तथा जब  आग लगी तब आप उसे बुझा सकते थे परंतु आपने ऐसा नहीं किया और आग बढ़ गई इन स्थितियों में भी आपको अग्नि बीमा का क्लेम नहीं मिलेगा| 

लोग Fire insurance में अपने पदार्थ की  अग्नि बीमा लेते समय कुछ जरूरी तथ्यों को क्यों छुपा लेते हैं?

जैसे-जैसे जोखिम बढ़ता जाता है वैसे वैसे किसी भी इंश्योरेंस पॉलिसी का प्रीमियम बढ़ता जाता है|  बहुत से नादान लोग इंश्योरेंस लेते समय इन तथ्यों को छुपा लेते हैं  परंतु इन लोगों को नहीं पता होता कि उनकी यही गलती क्लेम लेने के समय कितनी बड़ी नुकसानदायक साबित होती है| 

Fire insurance की अवधि कितने वर्ष की होती है? 

ज्यादातर कंपनियां 1 साल के लिए या 2 साल के लिए ही अग्नि बीमा  जारी करती हैं इसके उपरांत अग्नि बीमा पॉलिसी को दोबारा से रिन्यू कराना पड़ता है|

images कुछ देने का मकसद केवल एक है जिससे कि अग्नि बीमा के संदर्भ में लोगों का ज्ञान वर्धन हो सके| 

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इस पोस्ट के माध्यम से मैंने Fire insurance ( अग्नि बीमा) के  बारे में सभी जानकारी देने का प्रयास किया है|  यदि आपका कोई प्रश्न है तो आप मुझसे पूछ सकते हैं|  मैं निश्चित ही उसका जवाब देने का प्रयास करूंगा|

 साथ ही साथ आपसे विनम्र निवेदन है कि यदि यह पोस्ट आपको पसंद आई हो तो इसे अधिक से अधिक मात्रा में शेयर अवश्य करें|

धन्यवाद

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