फाइनेंशियल मार्केट क्या होता है? | What is financial market in Hindi

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“Financial market kya hota hai?” फाइनेंशियल मार्केट कैसे काम करता है? इत्यादि जानने के लिए इस पोस्ट को पढ़ें 

फाइनेंशियल मार्केट क्या होता है?

किसी व्यक्ति के पास बहुत ज्यादा पैसा है|  इस पैसे को वह ऐसी जगह लगाना चाहता है जिससे कि उसका पैसा सुरक्षित रहे|

वह पैसा उसके पास फिजिकल रूप में भी ना हो|  साथ ही साथ इस पैसे पर उसे कुछ रिटर्न भी मिलता रहे|

एक व्यक्ति निर्धन है| इस व्यक्ति ने सोचा कि क्यों न कोई बिजनेस किया जाए| 

इस बिजनेस में ईमानदारी से यह अपनी पूरी मेहनत लगा देना चाहता है| पर भाइयों!  किसी भी बिजनेस को शुरू करने के लिए धन सबसे पहली आवश्यकता होती है| 

अब! इस उदाहरण में दोनों व्यक्तियों की आवश्यकताएं अलग-अलग है| 1 तरीके से देखा जाए तो यह एक दूसरे की समस्याओं को हल करने के पूरक हैं| 

अब यदि, इन दोनों के बीच में कोई ऐसा बिचौलिया (Middleman) आ जाए, जो इन दोनों की आवश्यकताओं को पूरा कर दें, तो इन दोनों की समस्याओं का समाधान हो जाएगा| 

यह बिचौलिया धनी व्यक्ति के पैसे को अपने पास रखेगा तथा उसे बदले में कुछ रिटर्न देगा| अब! इस बिचौलिए (intermediary) ने निर्धन व्यक्ति को धन मुहैया करवाया| इससे उसने उससे कुछ रिटर्न लिया, जिसे आप सामान्य भाषा में ब्याज भी कह सकते हैं| 

बिचौलिए द्वारा ऐसा करने से दोनों व्यक्तियों की आवश्यकताएं पूरी हो गई| इसी बिचौलिए के प्लेटफार्म को तैयार करने के लिए एक प्लेटफार्म तैयार कर दिया गया|

इस उदाहरण में यह बिचौलिया या मध्यस्थ (intermediary) ही Financial Market कहलाता है| 

Financial Market: “फाइनेंशियल मार्केट ऐसा मार्केट है जहां पर फाइनेंशियल एसेट्स खरीदे तथा बेचे जाते हैं| यानी कि Financial Market ऐसा मध्यस्थ है जो, पैसा संचय करने वाले लोगों से पैसा लेती है, तथा पैसे का इस्तेमाल करने वाले लोगों को पैसा देती है|” 

सार:  इस उदाहरण का सार यह निकलता है कि फाइनेंशियल मार्केट ऐसे लोगों से पैसा लेता है जिनके पास अधिक मात्रा में धन है| इस पैसे को वह आगे ऐसे व्यक्तियों को देता है जिन को धन की आवश्यकता है| 

उम्मीद करता हूं, “Financial market kya hota hai?” आपको इतना समझ में आ गया होगा| 

अभी  रुकिए! अभी तो कहानी शुरू हुई है! यह तो मैंने इसलिए बता दिया ताकि आपको इसका कांसेप्ट क्लियर हो जाए और आपको “Financial market kya hota hai?” इसके सभी विषयों के बारे में अच्छी तरह जानकारी मिल जाए| 

तो चलिए दोस्तों!  शुरू करते हैं|

वित्तीय बाजार की अवधारणा क्या होती है? (What is the Concept of the financial market)

आर्थिक प्रणाली (economic system)

एक व्यवसाय (Business) एक आर्थिक प्रणाली (economic system) का एक हिस्सा है जिसमें दो मुख्य क्षेत्र होते हैं|

इसमें बचत करने वाला अपना पैसा जोड़ता है तथा व्यवसाय करने वाला इस पैसे को निवेश करता है| 

फाइनेंशियल मार्केट का मुख्य काम क्या होता है?

जो लोग पैसों की बचत कर रहे हैं, उन लोगों से पैसा लेकर, उस पैसे का हस्तांतरण, उन लोगों में करना है जो बिजनेस में निवेश करना चाहते हैं|

यानी कि पैसों का हस्तांतरण के साथ, पैसा उन व्यक्तियों से लिया जाता है जिनके पास धन अधिक है तथा उनको दिया जाता है जिनको उसकी जरूरत है| 

परिणाम (Results)

यदि इस पैसे का हस्तांतरण ठीक प्रकार से हो जाता है तो इसके दो परिणाम निकलते हैं|

1- बचत करने वालों को बदले में अच्छा रिटर्न मिलता है| 

2- पैसा उन लोगों को मिलता है जो अर्थव्यवस्था के लिए बहुत ज्यादा लाभकारी हैं|

इसके पीछे यह तर्क शामिल है कि जिन लोगों के पास पैसे की कमी होती है, वह उसका सदुपयोग बहुत अच्छी तरह से कर पाते हैं| 

साथ ही यह भी अवश्य देखें:

प्रमोटर क्या होता है?

निफ्टी और सेंसेक्स क्या है?

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का इतिहास

Stock market Basics: शेयर मार्केट क्या है?

मध्यस्थ (intermediary) कौन कौन हो सकता है? 

अब यहां पर एक प्रश्न उठना स्वाभाविक है कि “ क्या केवल फाइनेंशियल मार्केट ही मध्यस्थ हो सकता है| 

इसका जवाब है- नहीं 

क्योंकि पैसे को स्थानांतरित करने का असली काम तो बैंक के द्वारा ही किया जाता है|

पहले बैंक द्वारा ही बचत करने वालों से पैसा लेकर बिजनेस में पैसा लगाने वालों को दिया जाता था| 

बचत करने वाले लोग फिक्स डिपाजिट जैसी चीजों में पैसा लगाकर बैंक में पैसा जमा कराते थे| वहीं पर बिजनेसमैन लोन के रूप में बैंक द्वारा पैसा ले लेते थे|

इसमें एक ही चीज दोनों व्यक्तियों के साथ होती थी|

वह चीज है “ ब्याज (interset)

फर्क बस इतना है कि एक को ब्याज देना पड़ता था एक को ब्याज मिलता था| 

इस उदाहरण में पैसे को आवंटित (allocate) करने का काम बैंक का है| 

 जब धीरे-धीरे यह चीजें सामान्य रूप से होने लगे| लोगों में इसके प्रति जागरूकता आने लगी, तब बैंकों की मदद करने के लिए फाइनेंशियल मार्केट आ गया| 

फाइनेंशियल मार्केट तथा बैंक इस प्रक्रिया में किस प्रकार पैसे कमाते हैं? 

financial market kya hota hai

चलिए! अब एक बात और समझ लेते हैं भैया!  कि आखिर इस प्रकार पैसे को आवंटित करने में फाइनेंशियल मार्केट तथा बैंकों को क्या फायदा है?

तो भाई लोगों! बात सीधी सी है की अपनी जेब से कोई नहीं देता| इस सारी प्रक्रिया में फाइनेंशियल मार्केट तथा बैंक दोनों पार्टियों से थोड़ा-थोड़ा कमीशन चार्ज करते हैं| 

यानी कि जो ब्याज लिया जाता है तथा जो ब्याज दिया जाता है उसमें से कुछ प्रतिशत हिस्सा यह अपने पास रख लेते हैं| 

Financial market कैसे काम करता है? 

बचत करने वाले व्यक्ति के द्वारा फाइनेंशियल मार्केट से शेयर या डिबेंचर खरीद लिए जाते हैं|

इसके बदले में डिबेंचर के बदले में वह ब्याज (Interest) लेते रहते हैं तथा इक्विटी के बदले में डिविडेंड लेते रहते हैं| 

अब! जैसा कि आप जानते हैं कि धन इकट्ठा करने के मकसद से, शेयर तथा डिबेंचर कंपनी द्वारा जारी किए जाते हैं| 

क्योंकि शेयर कंपनी द्वारा जारी किए गए थे इसलिए शेयर तथा डिबेंचर के नाम पर जो पैसा आता है फाइनेंशियल मार्केट द्वारा उसे कंपनी को दे दिया जाता है| 

फाइनेंशियल मार्केट में शेयर तथा डिबेंचर की खरीदारी तथा बिकवाली होती है|

सामान्य शब्दों में कहूं तो सिक्योरिटी को खरीदने तथा बेचने का स्थान ही फाइनेंशियल मार्केट कहलाता है| 

आप बैंक तथा फाइनेंशियल मार्केट दोनों में ही पैसे इन्वेस्ट कर सकते हो| इस कारण से बैंक तथा फाइनैंशल मार्केट आपस में एक दूसरे के competitor भी बन जाते हैं|

वित्तीय बाजारों के प्रकार | Types of financial markets in India

  1. Stock exchanges
  2. Bond market
  3. Money market
  4. Foreign exchange
  5. Interbank market

उम्मीद करता हूं आपको यह पोस्ट “Financial market kya hota hai” पसंद आई होगी|

इसी प्रकार की अगली पोस्ट में मैं फिर मिलूंगा| तब तक के लिए मैं आपसे इजाजत चाहता हूं| नमस्कार!

धन्यवाद

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