एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट डॉक्युमेंट्स की पूरी लिस्ट | Import-Export documents list

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इस पोस्ट के माध्यम से आप Export Import Business में Use होने वाले Documents के बारे में जान सकते हैं| इस पोस्ट में export import business के One Time required Export Documents तथा all time required documents के बारे में बताया गया हैं|

किसी भी business में Documents का बहुत महत्व होता है| इसी प्रकार Export Import Business में भी दो तरह के Documents होते हैं|

1- One Time required Export Document

2All time required documents list

साथ ही यह अवश्य देखें:

एक्सपोर्ट इंपोर्ट बिजनेस कैसे शुरू करें?

एक्सपोर्ट buyer finding के लिए पढ़ें: एक्सपोर्ट बिज़नेस में ग्राहक कैसे ढूंढे?

One time required export documents

one time required export business documents list
Export one time documents list
  1. IEC (Import export code)
  2. RCMC (Registration cum membership certificate)
  3. GST (Goods and Services Tax)
  4. ISO Certification
  5. Port-Registration
  6. AD Code (For Port-Registration)

साथ ही यह अवश्य देखें: इनकोटर्म्स क्या होती हैं? तथा इनका एक्सपोर्ट इंपोर्ट बिजनेस में क्या महत्व है?

Export business optional documents list

export business optional documents list
Export business optional documents list
  1. FASAI
  2. FDA
  3. GMP
  4. HALAL

Export-import business all documents list

export business all time required documents list

All time required Export documents list

  • 1- Proforma invoice
  • 2- Commercial Invoice
  • 3- Packing list
  • 4- Certificate of origin
  • 5- BL/AWB/LR
  • 6- Insurance
  • 7- Freight Certificate
  • 8- Fumigation certificate
  • 9- Phytosanitary Certificate
  • 10- Testing report
  • 11- TPI (Third party inspection)
  • 12- EIA (Export inspection agency)
  • 13- Chartered engineer certificate
  • 14- MSDS (Material Safety Data Sheet)
  • 15- Quota Certificate
  • 16- N.O.C. Govt.
  • 17- Spl. Permission
  • 18- Non-MFG.
  • 19- Health certificate

साथ ही यह अवश्य देखें: कस्टम हाउस एजेंट का एक्सपोर्ट इंपोर्ट बिजनेस में क्या रोल होता है?

One time required documents specification

IEC

  • Import Export Code (IEC) इसके बिना आप Export Import Business नहीं कर सकते|
  • यह एक अनिवार्य डॉक्यूमेंट (Mandatory Document) है|
  • इसे बनवाना बहुत ही सरल है| वर्तमान समय में इसका शुल्क लगभग ₹500 है|
  • इसका आवेदन आप बहुत ही सरलता पूर्वक Dgft की साइट पर Online कर सकते हैं|

RCMC

यह एक प्रकार का Membership Certificate होता है|

आप इसे निम्न माध्यम से ले सकते हो  

  • Federation of Indian Export Organizations (FIEO) द्वारा
  • (EPC) Export Promotion Councils द्वारा
  • Commodity Boards – जो भी आपके Product की मुख्य Export Promotion Council होगी उसके द्वारा Apply कर सकते हैं|

GST

Goods and Services Tax – (GST)

  • यह Export import बिजनेस में एक अनिवार्य डॉक्यूमेंट है|
  • इसके बिना आप Export import नहीं कर सकते|
  • हालांकि  एक्सपोर्ट में G.S.T. Refundable होता है परंतु फिर भी आपको जीएसटी नंबर लेना अनिवार्य है |

साथ ही यह अवश्य देखें: मर्चेंट एक्सपोर्टर तथा मैन्युफैक्चरर एक्सपोर्टर के फ़ायदे तथा नुकसान

ISO Certification

International Organization for Standardization- (ISO)

  • यह एक non-government, non-profitable, स्वायत्त संस्थान होती है|
  • इसके द्वारा एक प्रकार से पूरे विश्व में किसी भी प्रोडक्ट के Standard Or Quality के Specifications तय होते हैं|
  • यह पूरे विश्व में किसी भी प्रोडक्ट की क्या क्वालिटी है? यह पता लगाने का सबसे सरल माध्यम है|

Registration in port

अब सवाल यह उठता है कि यह रेजिस्ट्रैशन कैसे किया जाता है?

इस पर मैंने अलग से एक आर्टिकल लिखा हुआ है|

आप वह आर्टिकल पढ़कर पूरी जानकारी ले सकते हैं|

AD Code

  • पोर्ट रेजिस्ट्रैशन के लिए Bank AD Code होना जरुरी है|
  • यह एक सिंपल सा अप्रूवल होता है|
  • AD Code का मतलब होता है डीलर ऑथराइजेशन कोड|
  • इसके लिए हम अपने बैंक में जाकर एक application देनी होती है तो वह हमें A.D. Code कोड की कॉपी Provide कर देते हैं|
  • क्योंकि हमारे देश का Export बहुत ज्यादा नहीं है तो इसलिए ज्यादातर बैंकों के कर्मचारियों को इसकी जानकारी नहीं होती|
  • जब हम जाकर बैंक में AD Code मांगते हैं तो बहुत से कर्मचारी इस बात से अनभिज्ञ होते हैं|
  • इस कारण वह हमें सही जानकारी नहीं दे पाते| इसके लिए दोस्तों हमें किसी अच्छे बैंक में खाता खुलवा लेना चाहिए|
  • Bank आपके घर के नजदीक भी होना चाहिए| 
  • मैं किसी बैंक का नाम नहीं देना चाहूँगा|
Export import business video

Optional Documents Specification

साथ ही यह अवश्य देखें: लैटर ऑफ क्रेडिट क्या होता है? तथा इसके फायदे क्या होते हैं?

FSSAI

  • Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) एक स्वायत्त संस्थान है|
  • FSSAI Ministry of Health & Family Welfare, Government of India के अंतर्गत आती है|
  • इसका लक्ष्य खाद्य सामग्री के लिये विज्ञान पर आधारित मानकों का निर्माण करना तथा खाद्य पदार्थों के
  • विनिर्माण,
  • भण्डारण
  • वितरण
  • बिक्री
  • आयात

आदि को नियन्त्रित करना है ताकि वह मनुष्य-उपभोग के लिये सुरक्षित तथा सम्पूर्ण आहार की उपलब्धि सुनिश्चित की जा सके|

FSSAI meaning in Hindi: “भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण”

FDA

Food and Drug Administration (FDA)

  • फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA या  USFDA) संयुक्त राज्य अमेरिका के स्वास्थ्य एवं मानव सेवा विभाग की एक एजेंसी है |
  • FDA संयुक्त राज्य अमेरिका के संघीय कार्यपालिका विभागों में से एक है|
  • इसके कार्य पर्यवेक्षण के माध्यम से सार्वजनिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है, इसके अंतर्गत FDA के निम्नलिखित कार्य हैं|
  • खाद्य सुरक्षा
  • तंबाकू उत्पादों
  • आहार अनुपूरकों
  • पर्चे और पर्चे-रहित दवाओं ( चिकित्सीय औषधि)
  • टीका
  • जैव औषधीय
  • रक्त आधान
  • चिकित्सा उपकरण
  • विद्युत चुंबकीय विकिरण करने वाले उपकरणों (ERED)
  • पशु उत्पादों
  • सौंदर्य प्रसाधनों के विनियमन और पर्यवेक्षण

GMP

Good manufacturing practice (GMP)

GMP का कार्य निम्न हैं:- 

  • दिशानिर्देश विनिर्माण
  • परीक्षण
  • गुणवत्ता आश्वासन के लिए मार्गदर्शन प्रदान करता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि एक निर्मित उत्पाद मानव उपभोग या उपयोग के लिए सुरक्षित है|

HALAL Certificate

हलाल और हराम शब्द क़ुरान में इस्तेमाल की जाने वाली सामान्य शर्तें हैं जो कानूनन या अनुमत और गैरकानूनी या निषिद्ध की श्रेणियों को नामित करती हैं।

इसी के आधार पर कुछ मुस्लिम कंट्री HALAL का सर्टिफिकेट मांगते हैं जिससे कि वह यह सुनिश्चित कर सकें कि उनके धर्म में इस वस्तु के खानपान पर पाबंदी है? या नहीं|

पहले भारत से मीट एक्सपोर्ट करने के लिए हलाल सर्टिफ़िकेट अनिवार्य था परंतु अब सरकार द्वारा इसकी बाध्यता को समाप्त कर दिया गया है|
APEDA के अंतर्गत भी हलाल सर्टिफ़िकेट को समाप्त कर दिया गया है|

साथ ही यह अवश्य देखें: बिल ऑफ एक्सचेंज क्या होता है?, परिभाषा, प्रकार तथा आवश्यक तत्व

All time required export Documents Specifications

Pro forma invoice

एक माल की शिपमेंट या डिलीवरी से पहले खरीदारों को भेजा जाने वाला प्रारंभिक बिल Pro Forma Invoice कहलाता है।

Pro Forma Invoice आमतौर पर खरीदी गई वस्तुओं और Shipping वजन और परिवहन शुल्क जैसी अन्य महत्वपूर्ण जानकारी का वर्णन करता है|

Pro Forma लैटिन के लिए “फार्म का मामला” या “फार्म के लिए,” चालान अक्सर अंतरराष्ट्रीय लेनदेन के साथ खेलने के लिए आते हैं, खासकर आयात पर सीमा शुल्क प्रयोजनों के लिए।

Commercial invoice

export bill format
Export bill format

Commercial Invoice में काफी Important Details होती है|

ऊपर दी हुई image के माध्यम से आप Commercial invoice का Format  देख सकते हो|

Packing list

इसमे आपको packing की सारी जानकारी देनी होती है|

जैसे:-Total Packet

Weight, Dimension, Packing किस तरह की गई है, इत्यादि|

Certificate of origin

  • यह माल की उत्पत्ति के विषय में बताता है|
  • Certificate Of Origin (CoO) बनवाना बहुत सरल होता है|
  • अब यह Online भी बन जाता है|
  • इसकी कुछ फीस भी होती है लगभग 1000 रुपए अभी के समय में|
  • इसे आप  Dgft  के माध्यम से बनवा सकते हैं|

साथ ही यह अवश्य देखें: कंटेनर में कितना माल आएगा हिसाब कैसे लगाएं?

BL/AWB/LR

BL full form: “Bill Of Lading”

AW Full form: “Airway Bill”

LR full form:”Lorry receipt”

इसके बिना Importer Goods का कब्जा नहीं ले सकता|

यह एक प्रकार का सबूत भी होता है कि Exporter ने Goods भेज दिया है|

  • 1- यदि Exporter समुद्र के रास्ते भेजता है तो Bill of lading जनरेट होती है|
  • 2- यदि Exporter हवाई मार्ग से goods भेजता है तो Airway  Bill जनरेट होता है|
  • 3- यदि Exporter सड़क के रास्ते goods भेजता है तो Lorry Receipt जनरेट होती है|

Insurance

Export Import Business में कई तरह के रिस्क होते हैं|

अपने बिज़नेस को Safe बनाने के लिए आपको Insurance लेना चाहिए|

export में insurane के बारे में अधिक जानने के लिए यह पोस्ट पढ़ें: समुद्री बीमा क्या होता है (Marine Insurance) 

Freight certificate

जब भी हम अपने Cargo को Ship करते हैं Freight Forwarder Companies हमको Freight Value को Bill Of Lading में mention करके देते हैं|

Fumigation certificate

  • Export Import Business में Fumigation Certificate एक बहुत ही जरूरी डॉक्यूमेंट होता है|

मान लीजिए आप अपना कुछ प्रोडक्ट Wooden Pallet (लकड़ी की चौकी) पर रखकर Export करते हैं या अन्य किसी तरह का आइटम जिस पर किसी भी Country को खतरनाक बैक्टीरिया आने का अंदेशा हो सकता है|

वह Country, Fumigation Certificate की डिमांड कर सकती है|

Fumigation होता क्या है?: “Fumigation के अंदर किसी भी प्रोडक्ट को रसायनों द्वारा Sanitize किया जाता है जिससे कि उसके अंदर Harmful बैक्टीरिया का नाश हो सके”

इसी प्रक्रिया को Fumigation कहते हैं| 

  • Exporter की सुविधा के लिए Fumigation की व्यवस्था Port  पर भी होती है|
  • Fumigation की प्रक्रिया को पूरा करके एक Certificate भी जारी किया जाता है|
  • इसकी कुछ फ़ीस भी होती है
  • Fumigation कि बहुत ही नगण्य होती है|

Phytosanitry certificate

  • यह भी एक प्रकार का Official Document होता है|
  • Phytosanitary Certificate Document एक प्रकार से पौधों या पौधों से संबंधित उत्पादों के एक्सपोर्टेशन के दौरान लिया जाता है|
  • इसे Exporting Country के Horticulture Department या Agriculture Department द्वारा जारी किया जाता है|

साथ ही यह अवश्य देखें: जीएसटी रिवर्स कैलकुलेशन

Testing report

  • सामान्यतः बहुत तरह के Product एक्सपोर्ट होते हैं|
  • हम जानते हैं एक्सपोर्ट के दौरान जो भी प्रोडक्ट हम एक्सपोर्ट कर रहे हैं उसको इंपोर्ट कंट्री द्वारा क्लीयरेंस मिलना आवश्यक है|
  • कस्टम डिपार्टमेंट के प्रत्येक अधिकारी को इंपोर्ट आइटम के बारे में जानकारी होनी चाहिए|
  • यदि  Custom अधिकारी उस प्रोडक्ट के बारे में और जानकारी चाहता है- जैसे कि उसकी कीमत, क्वालिटी तथा अन्य प्रकार की जानकारी|
  • तब Custom अधिकारी अपनी संतुष्टि के लिए किसी एजेंसी की रिपोर्ट की डिमांड करता है तो उसे टेस्टिंग रिपोर्ट कहते हैं|

TPI (Third part inspection)

  • Third Party Inspection अर्थ है किसी अन्य कंपनी अथवा फर्म द्वारा इंस्पेक्शन करना ही Third Party Inspection कहलाता है|
  • यदि Export में Importer को Exporter की Product की क्वालिटी पर भरोसा नहीं है|
  • Importer किसी Third Party Inspection एजेंसी द्वारा उस प्रोडक्ट की क्वालिटी तथा अन्य चीजों की रिपोर्ट ले सकता है|
  • यदि वह Exporter की Country में नहीं जाना चाहता तो वह कुछ एजेंसी के माध्यम से Exporter की कंपनी की पूर्ण जानकारी ले सकता है|
  • इन कंपनियों के माध्यम से Exporter की Credibility के बारे में भी जान सकता है|
  • Third Party Inspection Agencies बिल्कुल निष्पक्ष होती हैं|
  • वह किराये पर लेने वाली कंपनी के कहने पर भी अपनी रिपोर्ट को नहीं बदलती|

EIA (Export inspection agency)

Export inspection agency – (EIA)

यह भी एक प्रकार से Export Inspection Agency ही होती हैं|

इसका काम Export में Inspection करना हैं |

Chartered engineer certificate

(CE) Chartered Engineer Certificate machinery Export में use होता है|

MSDS

Material Safety Data Sheet- (MSDS)

  • एक सामग्री सुरक्षा डेटा शीट (MSDS) एक दस्तावेज है|
  • MSDS में संभावित खतरों (स्वास्थ्य, अग्नि, प्रतिक्रिया और पर्यावरण) पर जानकारी होती है|
  • Material Safety Data Sheet रासायनिक उत्पाद के साथ सुरक्षित रूप से कैसे काम किया जाता है इसकी जानकारी देती है।
  • MSDS एक संपूर्ण स्वास्थ्य और सुरक्षा कार्यक्रम के विकास के लिए एक आवश्यक है|

Quota certificate

Import Quota कोटा एक प्रकार का व्यापार प्रतिबंध है|

  • यह एक अच्छे की मात्रा पर एक भौतिक सीमा निर्धारित करता है जिसे एक निश्चित समय में देश में आयात किया जा सकता है।
  • Quota अन्य व्यापार प्रतिबंधों की तरह, आमतौर पर उस देश की अर्थव्यवस्था के उत्पादकों को लाभ पहुंचाने के लिए उपयोग किया जाता है|

N.O.C. Certificate

Export import business में यदि कोई भी सामान निर्यात या आयात करता है जिसमें चिकित्सा संबंधी उत्पाद शामिल हैं|

ऐसे आयात या निर्यात को सरकार के ड्रग कंट्रोलर कार्यालय (या इसी तरह की सरकारी एजेंसियों) से प्राप्त एनओसी N.O.C. No objection Certificate (अनापत्ति प्रमाण पत्र) के साथ अनुमति दी जाती है जो निर्माण के लिए अधिकृत हैं|

Spl. permission

किसी तरह के प्रोडक्ट को export या import करने के लिए Special Permission की आवश्यकता होती है|

N.O.C. Mfg.

कुछ विशेष प्रकार के products पर N.O.C. Mfg. certificate चाहिए होता है|

Health certificate

कुछ products पर health certificate चाहिए होता है|

आयात-निर्यात व्यवसाय में Export के लिए अनिवार्य दस्तावेज (mandatory documents)

चलिए दोस्तों, अब बात करते हैं कि आयात निर्यात व्यवसाय में कौन से जरूरी कागजात लगते हैं तथा उनके बारे में क्या जरूरी जानकारी देनी पड़ती?

1- Bill of lading 

2- Commercial Invoice cum Packing List: इसमें इन विषयों के बारे में बताना पड़ेगा

बेचने वाले का नाम तथा पता ( एक्सपोर्टर / निर्यातक)

ग्राहक का नाम तथा पता ( इंपोर्टर / आयातक)

बेचे गए उत्पाद की कीमत तथा संख्या, बेचे गए उत्पाद का विवरण (Description of the goods), बेचे गए उत्पाद की संख्या तथा वज़न (Quantity and weight of the goods), भेजे जाने वाले पार्सल की संख्या (Number of packages), किस प्रकार की पैकिंग की गई है?, 

जैसे कि: लकड़ी की चौकी (Wooden pallet), डिब्बा, टोकरा (crate), ड्रम इत्यादि| 

इसके साथ ही प्रत्येक माल की पैकिंग पर यह चीजें भी अंकित होनी चाहिए: कोई विशेष चिन्ह (Symbol),  तथा संख्या जिससे कि इन्हें आसानी से पहचाना जा सके कि यह किसका माल है?

ले जाने वाले जहाज का नाम (Carrier’s ship name), एक्सपोर्ट की तारीख, एक्सपोर्ट का लाइसेंस नंबर तथा लैटर ऑफ क्रेडिट का नंबर| 

3- Shipping Bill/Bill of Export

FAQs: Export Documents

Export Business में हर बार लगने वाले documents की लिस्ट क्या है?

1- Proforma invoice 2- Commercial Invoice 3- Packing list 4- Certificate of origin 5- BL/AWB/LR 6- Insurance 7- Freight Certificate
8- Fumigation certificate 9- Health certificate 10- Testing report 11- TPI (Third party inspection)
12- EIA (Export inspection agency) 13- Chartered engineer certification 14- MSDS (Material Safety Data Sheet) 15- Quota Certificate
16- N.O.C. Govt. 17- Spl. Permission 18- Non-MFG. 19- Phytosanitary

Import-export documentation में एक बार लगने वाले डाक्यूमेंट्स लिस्ट क्या है?

1- IEC (Import export code) 2- RCMC (Registration cum membership certificate) – GST (Goods and Services Tax) 4- ISO Certification 5- Port-Registration 6- AD Code (For Port-Registration)

Export ko hindi mein kya kahate hain?

निर्यात

आयात के लिए Shipping क्या Shipping Documents चाहिए?

1- Bill of Entry
2- Bill of Lading
3- Commercial Invoice cum Packing List

क्या आयात-निर्यात करने के लिए पासपोर्ट होना जरुरी है?

जी नहीं, आयात निर्यात व्यवसाय करने के लिए पासपोर्ट अनिवार्य दस्तावेज नहीं है| परंतु आप एक बात समझिए, कि यदि हालात ऐसे हो जाएं कि आपको अपने व्यापार के संबंध में विदेश जाना बहुत जरूरी हो जाए तब आपको बहुत दिक्कत हो जाएगी! इसलिए मेरा सुझाव यह है कि आपको अपना पासपोर्ट बनवा कर रख लेना चाहिए| वर्ना ऐन मौके पर इसे बनवाने में बहुत टाइम लग जाता है|

साथ ही यह अवश्य देखें:

पोर्ट रजिस्ट्रेशन या ए डी कोड रजिस्ट्रेशन के बारे में जाने

ईमेल कैसे लिखते हैं? ईमेल फॉरमैट जानने के लिए देखें

कस्टम हाउस एजेंट का एक्सपोर्ट इंपोर्ट बिजनेस में क्या रोल होता है?

इनकोटर्म्स क्या होती हैं? तथा इनका एक्सपोर्ट इंपोर्ट बिजनेस में क्या महत्व है?

पूरा पढ़ने के लिए धन्यवाद

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प्यारे दोस्तों, मैं नवीन कुमार एक बिज़नेस ट्रैनर हूँ| अपने इस ब्लॉग के माध्यम से मैं आपको - आयात-निर्यात व्यवसाय (Export-Import Business), व्यापार कानून (Business Laws), बिज़नेस कैसे शुरु करना है?(How to start a business), Business digital marketing, व्यापारिक सहायक उपकरण (Business accessories), Offline Marketing, Business strategy, के बारें में बताऊँगा|| साथ ही साथ मैं आपको Business Motivation भी दूंगा| मेरा सबसे पसंदीदा टॉपिक है- “ग्राहक को कैसे संतुष्ट करें?-How to convince a buyer?" मेरी तमन्ना है की कोई भी बेरोज़गार न रहे!! मेरे पास जो कुछ भी ज्ञान है वह सब मैं आपको बता दूंगा परंतु उसको ग्रहण करना केवल आपके हाथों में है| मेरी ईश्वर से प्रार्थना है की आप सब मित्र खूब तरक्की करें! धन्यवाद !!