ई बिजनेस की क्या सीमाएं तथा नुकसान हैं? | limitations of e business in Hindi

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e business disadvantages & limitations of e business: इस पोस्ट में आप ई बिजनेस की limitations (सीमाओं, हद) तथा नुकसान के बारे में जानेंगे| पिछली पोस्ट में आपने ई बिजनेस के फायदों के बारे में जाना था, परंतु किसी भी विषय में फायदे तथा नुकसान अवश्य होता है| 

हर प्रकार के बिजनेस में कुछ फायदे होते हैं तो कुछ ना कुछ नुकसान अवश्य ही होते हैं| आप कोई बिजनेस के नेगेटिव प्वाइंट अवश्य ही पता होना चाहिए| जिससे कि आप उनमें सुधार करने की कोशिश कर सकें| 

आइए! समझने की कोशिश करते हैं “le business disadvantages & limitations of e business”

ई बिजनेस में व्यक्तिगत संबंधों का नुकसान कैसे होता है?

ऑफलाइन बिजनेस में ग्राहक  तथा बिजनेसमैन का आपस में एक व्यक्तिगत संबंध बन जाता है| ग्राहक अपनी जरूरतों, आवश्यकताओं तथा होने वाली असुविधाओं को बिजनेसमैन को बताता है| इन सब का निवारण बिजनेसमैन करने की कोशिश करता है|

परंतु ई बिजनेस में यह सब मुमकिन नहीं है| ग्राहक ऑनलाइन पोर्टल पर जाता है| यदि वहां पर कुछ डिस्काउंट है तो वह ले लेता है, मोलभाव की संभावना नहीं होती| वस्तु के विषय में यदि उसे कुछ अतिरिक्त जानकारी चाहिए तो वह उसे नहीं मिल पाती| 

ग्राहक एक आर्टिफिशियल व्यक्ति से डील कर रहा होता है| इससे उसका किसी भी प्रकार का व्यक्तिगत संबंध नहीं बनता| 

इसलिए इसे मैं ई बिजनेस के नुकसान के कॉलम में डाल रहा हूं| 

व्यक्तिगत स्पर्श का अभाव

मान लीजिए यदि वह ग्राहक कपड़े खरीद रहा है तो उसे वह छू कर नहीं देख सकता| कपड़े को छूकर देखने से  उसकी क्वालिटी के बारे में ज्ञान मिलता है परंतु  ई बिजनेस में ऐसा मुमकिन नहीं| आपको केवल प्रोडक्ट की फोटो देख कर ही काम चलाना पड़ेगा|

यदि आप परफ्यूम खरीद रहे हैं तो आपको केवल रिव्यू पढ़कर ही थोड़ा बहुत के बारे में जान सकते हो|  डिस्क्रिप्शन में कोई खुशबू को कैसे  बयान कर सकता है| यदि मैं आपसे पूछूं कि आपके पास जो परफ्यूम है, उसकी खुशबू कैसी है? तो आप उसे कैसे डिफाइन कर पाओगे? 

इसलिए ई बिजनेस की यह एक प्रकार की E-Business की limitation ही है कि हम वस्तुओं को छूकर तथा सूंघ कर नहीं देख सकते| 

लोगों का प्रतिरोध

ई बिजनेस इंटरनेट के माध्यम से होता है| प्रत्येक व्यक्ति टेक्नोलॉजी के बारे में अच्छी तरह नहीं जानता| हमारे भारत जैसे देश में तो इन लोगों की संख्या बहुत अधिक है| इसका कारण यह है कि अभी तक इंटरनेट की पहुंच पूरे भारत में नहीं बन पाई है| 

जब लोग किसी चीज को इस्तेमाल करना शुरू करते हैं, तभी वह उसको अच्छी तरह से सीख भी पाते हैं, परंतु इसका एक दूसरा पहलू भी है| जो लोग अधिक उम्र के हो चुके हैं, उनके साथ नई तकनीक को सीखने में बहुत परेशानी होती है| 

इन लोगों में नई तकनीक के साथ तालमेल बिठाने में परेशानी होती है| इस कारण से बहुत से लोग उसका प्रतिरोध करते हैं| इलेक्ट्रॉनिक बिज़नेस की यह भी एक प्रकार से लिमिटेशन है| 

आदेश लेने/पूर्ति करने की गति के बीच असंगति

इसी वजह से परंपरागत बिजनेस थोड़ा आगे है| यदि किसी व्यक्ति को कोई फिजिकल वस्तु तुरंत ही चाहिए तो वह ऑफलाइन मार्केट का रुख करता है| 

ई बिजनेस में हम बहुत ही आसानी से एक क्लिक के द्वारा कोई भी चीज बुक कर सकते हैं|  जिस स्पीड से आप ऑर्डर बुक करते हो उस स्पीड से आपको प्रोडक्ट की डिलीवरी नहीं मिलती| 

यहीं पर हम उसके डिलीवरी के संबंध में बात करें तो यदि वह वस्तु फिजिकल रूप में है तो उसकी डिलीवरी कैसे तथा कब होगी? 

अब! इंटरनेट पर यदि आपने बेड बुक कर दिया तो उसकी डिलीवरी तो इंटरनेट पर नहीं होगी! आएगा तो वह फिजिकली ही! प्रोडक्ट की डिलीवरी में समय लगता है| 

इसमें भी कुछ अन्य तकनीकी परेशानियां भी आती है|

जैसे कि:

1-  जिस समय आप ऑर्डर कर रहे हो उस समय पर आपका इंटरनेट चला जाए| ऐसी स्थिति में आपका ऑर्डर अधूरा रह जाएगा| 

2- जब आप अपना आर्डर बुक कर रहे थे तो उस वेबसाइट पर इतना ट्रैफिक आ गया कि वह क्रश हो गई|  क्रैश होने के समय तक आप भुगतान कर चुके थे परंतु आपकी ऑर्डर कंफर्मेशन नहीं हुई थी| ऐसी स्थिति में पैसा वापस आने में थोड़ा समय लगता है और ग्राहक को परेशानियों का सामना करना पड़ता है| 

गुमनामी और पता न लगा पाना

यदि मैं साधारण शब्दों में समझाऊं तो इंटरनेट ठगों का पसंदीदा अड्डा है| यहां पर फ्रॉड होना आम बात है|  आप जल्दी से किसी भी वेबसाइट का पता नहीं लगा सकते कि उसको कौन चला रहा था? 

अक्सर बैंकिंग में हैकर बैंक जैसी दिखने वाली साइड बना देते हैं|  उस पर यदि कोई विजिटर आ जाता है तो वह निश्चित रूप से ही अपनी संपत्ति को गंवा देता है| 

अभी तक ऑनलाइन फ्रॉड के लिए कोई बहुत अच्छा रोड मैप नहीं बना है, ना ही इसके लिए एजेंसियां बहुत ज्यादा तत्पर रहती हैं|

हालांकि इसके लिए साइबर सेल का निर्माण किया गया है, परंतु यह ठग इतने शातिर होते हैं कि जल्दी से पकड़ में नहीं आते| 

यदि आप कंप्लेंट लिखवाने भी जाओगे तो उसमें नाम किसका लिखवाओगे? आप केवल वेबसाइट के नाम की ही कंप्लेंट कर सकते हैं| 

यह दोनों ही बातें किसी भी ग्राहक को हमेशा डराती रहती हैं| जब भी आप किसी वेबसाइट पर जाते हैं तो केवल उसकी ब्रांडिंग की वजह से ही उस पर लेनदेन करने में सहज हो पाते हैं|

आप ऐमेज़ॉन, ईबे,  फ्लिपकार्ट, स्नैपडील, जिओ मार्ट जैसी चर्चित वेबसाइट पर आसानी से लेनदेन कर पाते हैं,  परंतु जिन वेबसाइट का आपने नाम नहीं सुना उन पर अपने क्रेडिट/डेबिट कार्ड की डिटेल डालने में आपको हमेशा डर लगता है| 

हिफ़ाज़त और सुरक्षा

हालांकि इंटरनेट पर फ्रॉड बहुत होता है परंतु यदि आप इसके सिक्योरिटी फीचर्स को अच्छी तरह से पढ़ लेते हैं तो आपके साथ यह धोखा होना बहुत मुश्किल हो जाएगा|

ई वाणिज्य में ऑनलाइन फ्रॉड का डर हमेशा लगा रहता है| यह फ्रॉड दोनों ही पार्टियों के साथ हो सकता है| हैकर वायरस की मदद से वेबसाइट को हैक कर लेते हैं| इन वेबसाइट को हैक करने के बाद यह ठग वेबसाइट को वापस देने के बदले में फिरौती की मांग करते हैं| 

इंटरनेट पर आपकी जरा सी असावधानी के कारण, आपकी सारी गोपनीय जानकारी लीक हो सकती है|

गुप्तता एकांतता

ई बिजनेस में प्राइवेसी का खतरा हमेशा बना रहता है|  लोग आप पर नजर रखने के लिए इलेक्ट्रॉनिक आई का इस्तेमाल करते हैं| 

इसके द्वारा आपके ईमेल, वेबसाइट, पर्सनल डाटा इत्यादि पर बिना आपकी मर्जी के नजर रखी जाती है| इस तरह के सारे कार्य अनैतिक माने जाते हैं| 

जरूरत

ई बिजनेस करने के लिए ग्राहक तथा बिजनेसमैन दोनों को ही टेक्नोलॉजी के बारे में सामान्य जानकारी होनी चाहिए| यदि केवल बिजनेसमैन को ही टेक्नोलॉजी के बारे में पता हो और ग्राहक को ना पता हो तो, ई बिजनेस नहीं हो सकता|

हमारा समाज दो धड़ों में बट गया है| एक वह लोग हैं जिन्हें ज़िद डिजिटल प्लेटफॉर्म अच्छी तरह से इस्तेमाल करना आता है|  एक वह लोग हैं जिन्हें डिजिटल बिजनेस से कोई मतलब नहीं है|

एक वह लोग हैं जो ई बिजनेस की खूबियां गिनाते हैं और एक वह लोग हैं जो ई बिजनेस की कमियां गिनाते हैं| 

साथ ही यह भी अवश्य पढ़ें:

E-Business क्या होता है?

E-business के क्या फायदे होते हैं?

Scope of e business ई व्यवसाय का दायरा कितना है?

Cooperative Society क्या होती है?

आपने क्या सीखा

इसके माध्यम से आप ने ई बिजनेस की क्या सीमाएं तथा नुकसान हैं? (e business limitations and disadvantages) बारे में सीखा|
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अगली पोस्ट में फिर मिलेंगे तब तक के लिए नमस्कार
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