ई-बिज़नेस क्या होता है? | What is e business in Hindi?

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What is e business: इस पोस्ट के माध्यम से हम जानेंगे ई-वाणिज्य क्या है? (What is e business) क्या होता है? 

तो चलिए दोस्तों! शुरू करते हैं, आज का टॉपिक “ई-वाणिज्य क्या है? | What is e business?”

ई-वाणिज्य क्या है?

What is e business: “सारी बिजनेस एक्टिविटी को ई फॉर्मेट (Electronic format) पर लाना e business कहलाता है|” 

ई-बिजनेस से पहले हर व्यापार फिजिकल रूप में होता था| आज के दौर में हम यह सारा व्यापार परिवर्तित (Convert) करके इलेक्ट्रॉनिक चरण (electronic phase)  में ला रहे हैं| इस कारण से धीरे-धीरे वह सारी भौतिक (Physical) व्यवस्थाएं खत्म हो रही हैं| 

यह सब कंप्यूटर नेटवर्क की वजह से ही मुमकिन हो पा रहा है| 

कंप्यूटर नेटवर्क का अर्थ

बहुत सारे कंप्यूटर का आपस में जुड़ा हुआ होना| यह सारे कंप्यूटर इंटरनेट के सहायता से आपस में जुड़े हुए होते हैं|

बिना कंप्यूटर नेटवर्क के ई-बिज़नेस का कांसेप्ट अधूरा रह जाएगा| 

पहले कंप्यूटर नेटवर्क नहीं था इसलिए ई-बिजनेस के बारे में सोचा भी नहीं जाता था|

कंप्यूटर नेटवर्क की मदद से ही बिजनेस की सारी गतिविधियों को ई फॉर्मेट (Electronic format) पर लाना संभव हुआ है|

ई-वाणिज्य में इंटरनेट का रोल 

इसकी सारी सफलता के पीछे भी मुख्य हाथ इंटरनेट का है| यदि इंटरनेट न होता तो इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी|  बिना इंटरनेट के सभी कंप्यूटर आपस में जोड़ने में बहुत परेशानी होती| 

हमारे देश  भारत में भी जब 2016 में जियो ने सस्ते इंटरनेट की शुरुआत की थी तो इंटरनेट पर लाखों यूजर्स की संख्या बढ़ गई थी|

ई-कॉमर्स स्टोर,  ई बिज़नेस,  ऑनलाइन गतिविधियां इन सब की बाढ़ आ गई थी|

आज भी कोरोना वायरस के कारण जो तबाही फैली है, इसने काफी हद तक ई-वाणिज्य को बढ़ावा दिया है| 

ई-बिज़नेस की शुरुआत किस प्रकार हुई?

यह कहावत तो आपने अवश्य ही सुनी होगी कि ”आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है|” यही बात ई-बिज़नेस के मामले में भी लागू होती है| 

पिछला परिदृश्य (Previous scenario)

पहले किसी कंपनी या फैक्ट्री की यूनिट आपस में जुड़ी हुई नहीं होती थी|

यह फोन के माध्यम से तो जुड़ी हुई होती थी परंतु किसी भी प्रकार का वर्तमान दृश्य नहीं देख पाते थे|  

जैसे कि: आज के समय में हम वाई-फाई वाले कैमरा लगवा कर करते हैं|

ऐसी स्थिति में, यदि एक कर्मचारी दूसरे कर्मचारी को, किसी प्रकार की प्रोडक्शन में शिकायत करना चाहता था तो उसे बहुत लंबा प्रोसीजर फॉलो करना पड़ता था| 

इसमें बहुत ज्यादा समय लगता था|  जब तक यह कर्मचारी दूसरे कर्मचारियों को खामियां बताने पहुंचता था तब तक बहुत प्रोडक्शन हो चुका होता था| 

इससे बहुत नुकसान भी लगता था| क्योंकि जिस प्रोडक्ट में खामी आ चुकी है उसे रिजेक्ट करना पड़ेगा| 

वर्तमान परिदृश्य (Current scenario)

आज के वर्तमान समय में इस तरह की परेशानियों के बारे में सोचता भी नहीं है|

हर फैक्ट्री या कंपनी का ऑनलाइन दृश्य मैनेजर, डायरेक्टर या मालिक के द्वारा अपने ऑफिस में बैठकर लैपटॉप की सहायता से आसानी से देखा जा सकता है| 

ऑफिस तो छोड़ो! अब तो! लोग अपने मोबाइल की सहायता से ही सारी व्यावसायिक गतिविधियों को कंट्रोल कर सकते हैं| 

यानी कि ई बिजनेस के लिए हमें केवल नेटवर्क तथा उपकरणों (equipment) की मदद लेनी पड़ेगी|

उपकरणों से मेरा अर्थ लैपटॉप, पीसी, वाईफाई कैमरा, मोबाइल, डी वी आर बॉक्स इत्यादि से है| 

इस प्रकार जो बिजनेस पहले भौतिक (physical) रूप में था अब वह इलेक्ट्रॉनिक मोड में आ चुका है| 

इसके द्वारा बहुत सारे ऐसे काम है जिनको हम पहले फिजिकल रूप में करते थे अब उन्हें हम इलेक्ट्रॉनिक रूप में कर रहे हैं| 

ई-बिजनेस की मदद से ही स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग करना बहुत ही आसान हो गया है| 

जैसा कि आप जानते हैं, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का इतिहास बहुत पुराना है| पहले लोगों को शेयर खरीदने के लिए मुंबई जाना पड़ता था| 

यदि आप आज के समय की बात करें तो आप देख रहे होंगे कि पूरा विश्व कोरोना वायरस से जूझ रहा है, परंतु यदि आप शेयर मार्केट पर ध्यान देंगे तो बहुत सारी कंपनियां अपने आईपीओ ला रही हैं| 

सेंसेक्स तथा निफ्टी का ग्राफ ऊपर चढ़ता ही जा रहा है| 

यह सब ई-वाणिज्य की वजह से ही संभव हो पाया है| 

उदाहरण:

इसकी मदद से आसानी से अपना स्टॉक मेंटेन किया जा सकता है|  क्या चीज खत्म है?, क्या चीज खत्म होने वाली है?, कौन सा प्रोडक्ट कितना बचा है? इत्यादि बिजनेस से संबंधित अनेक समस्याओं का हल हमें आसानी से मिल जाता है|

इसकी वजह से हमें नगद पेमेंट में भी सहूलियत मिली है|

हम बहुत ही जल्दी ई-बिजनेस के आदी हो गए हैं| बस एक क्लिक करो और पैसा एक अकाउंट से दूसरे अकाउंट में पहुंच जाता है| 

साथ ही यह भी अवश्य पढ़ें:

E-business के क्या फायदे होते हैं?

ई बिजनेस की सीमाएं तथा नुकसान क्या हैं?

Scope of e business ई व्यवसाय का दायरा कितना है?

उम्मीद करता हूं आप ई-वाणिज्य क्या है? (What is e business?)  इसके बारे में अच्छी तरह समझ गए होगे|

अगली पोस्ट में फिर मिलेंगे| नमस्कार

धन्यवाद

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