Duty Credit Scrip क्या होती है? | ड्यूटी क्रेडिट स्क्रिप के फ़ायदे तथा इसे कैसे बेचें?

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इस आर्टिकल के माध्यम से आप एक्सपोर्ट बिज़नेस में Duty Credit Scrip के बारे में जान सकते हैं| इसे और भी सरल बनाने के लिए मैंने इसमे दो विडिओ भी ऐड कर दी हैं जिससे की आपको इस टॉपिक के बारे में और भी अधिक जानकारी मिल जाए|

ड्यूटी क्रेडिट स्क्रिप क्या होती है? (What is duty credit scrip)

एक्सपोर्ट इंपोर्ट बिजनेस में जब भी हम एक्सपोर्ट करते हैं तो हमारी सरकार द्वारा हमको प्रोत्साहन राशि दी जाती है| 

यह प्रोत्साहन राशि  इसलिए दी जाती है जिससे कि हमारा एक्सपोर्ट करने में और ज्यादा मनोबल बढ़े| 

 सरकार द्वारा हमें किए गए एक्सपोर्ट पर MEIS या SEIS जैसी स्कीम्स के माध्यम से कुछ परसेंट प्रोत्साहन राशि मुहैया करवाती है|

DCS का सामान्य भाषा में अर्थ: “DCS के माध्यम से सरकार द्वारा कुछ राशि दी जाती है| यह राशि टोटल एक्सपोर्ट के FOB वैल्यू पर दी जाती है| यह 2% से 5% तक हो सकती है|”

Duty Credit Scrip को कैसे इस्तेमाल करें- जानने के लिए यह YouTube video देखें

Duty credit scrip meaning: “सामान्य शब्दों में यदि मैं आपको समझाऊं तो duty credit scrip meaning का अर्थ उस प्रोत्साहन राशि से होता है जो सरकार द्वारा एक्सपोर्ट बढ़ाने के मकसद से विभिन्न विभिन्न मदों (Items) में दी जाती है|”

जैसे:- DCS (duty credit scrip) द्वारा इंपोर्ट में लगने वाले शुल्क में छूट पाई जा सकती है| 

 आप लोगों ने कई बार देखा होगा कि कुछ एक्सपोर्टर उस दाम पर भी प्रोडक्ट सेल कर देते हैं जिस दाम उन्होंने यह प्रोडक्ट खरीदा होता है| 

 

तो दोस्तों, वह ऐसा कैसे कर पाते हैं? उसका कारण ड्यूटी क्रेडिट स्क्रिप ही होता है| 

अलग-अलग प्रोडक्ट पर अलग-अलग परसेंटेज प्रोत्साहन राशि DCS के माध्यम से दिया जाता है|

पर  इसके द्वारा आप सीधे लाभ नहीं ले पाते| इसके लिए यह नियम बनाया गया है कि आप इसे केवल इंपोर्ट किए गए उत्पादों के शुल्क के भुगतान इत्यादि में ही इस्तेमाल कर सकते हैं|

DCS का उपयोग आप क्षतिपूर्ति उपकर, GST और शिक्षा उपकर लगाने के लिए नहीं कर सकते|

DCS को आयातित उत्पाद के आधार पर 2 से 5% की दर से विदेशी मुद्रा में निर्यात का प्रोत्साहन FOB (FREE ON BOARD) मूल्य पर दिया जाता है।

Free on board एक एक्सपोर्ट में इस्तेमाल की जाने वाली इनकोटर्म है|

यदि आप एक्सपोर्ट इंपोर्ट बिजनेस सीखना चाहते हैं तो आपको इनकोटर्म के बारे में जानना बहुत ही आवश्यक है|

duty credit scrip
Duty credit Scrip

How to apply duty credit scrip?

DGFT के द्वारा ड्यूटी क्रेडिट स्क्रिप जारी की जाती है| इसके लिए आपको dgft के दफ्तर जाना होगा तथा वहां पर अपने एक्सपोर्ट के डाक्यूमेंट्स जमा करवाने होंगे|

 इसके बाद आपको DCS मिल जाएगी| 

DCS को कैसे इस्तेमाल करें?

इतना जानने के बाद, यदि आप इम्पोर्ट नहीं करते केवल एक्सपोर्ट करते हैं तो आपके दिमाग में एक प्रश्न बहुत ज्यादा उमड़ घुमड़ रहा होगा कि “मैं कैसे DCS का इस्तेमाल कर पाऊंगा/पाऊँगी क्योंकि मैं तो इंपोर्ट ही नहीं करता/करती?”

 तो दोस्तों, घबराइए मत – इसका भी समाधान आपको बता देता हूं| 

यह बात सरकार को भी पता होती है कि यह जरूरी नहीं कि जो एक्सपोर्ट करता हो वह इंपोर्ट भी करता हो|

इसीलिए सरकार द्वारा DCS  को freely transferable बनाया गया है|  यानी सामान्य शब्दों में कहूं तो आप इसे किसी दूसरे को हस्तांतरित कर सकते हैं|

इसे आप किसी भी ऐसे व्यक्ति को बेच सकते हैं जो इंपोर्ट करता हो| ड्यूटी क्रेडिट स्क्रिप को बेचना अमान्य नहीं होता|

परंतु आप इसे विशेष परिस्थितियों में निषेध अवश्य करवा सकते हैं|

मान लो आपके पास ₹100000 की राशि की DCS मौजूद है|

आप इसे किसी इंपोर्टर को इसकी मौजूदा वैल्यू से कम कीमत लेकर दे सकते हैं| परंतु इसकी वैल्यू उतने ही रुपए की रहती है जितनी DCS  पर अंकित होती है| 

आप इसे किसी भी ऐसे व्यक्ति को बेच सकते हैं जो इंपोर्ट करता हो|

अब आपके मन में कुछ प्रश्न उठ रहे होंगे सबसे पहला प्रश्न यह होगा कि “ कोई इंपॉर्टेंट आपसे ड्यूटी क्रेडिट स्क्रिप्ट क्यों खरीदेगा? उसको क्या फायदा होगा? 

तो दोस्तों, इसका सीधा सा जवाब है आप उसको वह ड्यूटी क्रेडिट स्क्रिप कुछ डिस्काउंटेड प्राइस पर बेचेंगे| 

जैसे कि:- 1 से लेकर 10 परसेंट तक जहां भी आप का सौदा पट जाए|

अब आपके मन में दूसरा प्रश्न भी उठना शुरू हो गया होगा| तो आप निश्चिंत रहिए इस आर्टिकल में आपके सभी सवालों के जवाब मिल जाएंगे|

अब आपके मन में दूसरा प्रश्न नहीं हो रहा होगा कि “आप किसी इंपोर्टर को कहां खोजेंगे?” 

तो इसके लिए आपको केवल अपने CHA से रिक्वेस्ट करनी है|

आपका CHA यह काम बड़ी ही आसानी से करवा देगा|

ड्यूटी क्रेडिट स्क्रिप को अप्लाइ करने के लिए क्या डॉक्यूमेंटस चाहिये?

  • Copy of Import/Export code
  • Photo Copy of the foreign inward remittance certificate
  • Copy of registration-cum-membership certificate
  • Photo Copy of invoice
  • CA certificate
  • Copy of foreign exchange earned
  • List of directors (in case of companies)
  • Board resolution

SEIS Scheme eligibility क्राइटेरिया क्या है?

  • Duty Service Provider किस सर्विस इंडिया में स्थापित होनी चाहिए|

ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि अपने ही देश के एक्सपोर्ट को बढ़ावा मिले|

  • Company / LLP (Limited liability Partnership) / Sole proprietorship / Partnership firm (कम से कम USD 15000 foreign exchange कमाया हो – वित्तीय वर्ष से पहले)
  • Proprietorship or individual service provider (कम से कम USD10,000 foreign exchange कमाया हो – वित्तीय वर्ष से पहले)
  • दोनों पक्षों के लेनदेन के समय एक वैलिड एक्सपोर्ट इंपोर्ट कोड लाइसेंस होना चाहिए|

ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि ब्लैक लिस्टेड/बेन कंपनियां इसका फायदा ना उठा सके|

MEIS Scheme eligibility क्राइटेरिया क्या है?

  • भारत का मैन्युफैक्चरर या ट्रेडर होना चाहिए|
  • वैलिड IE CODE होना चाहिए|
  • लेन-देन के समय यह भी ब्लैक लिस्टेड या बैन नहीं होना चाहिए| 
  • एक्सपोर्ट वाला प्रोडक्ट MEIS  में लिस्टेड होना चाहिए| ( लगभग 5000 से ज्यादा प्रोडक्ट MEIS में लिस्टेड हैं|)
  • MEIS स्कीम में ड्यूटी क्रेडिट स्क्रिप में प्रोत्साहन राशि की percentage –
  • प्रोडक्ट की प्रकृति पर निर्भर करती है|
  • स्थान/एक्सपोर्ट कन्ट्री पर भी निर्भर करती है|
export government schemes for export import business | seis | meis |

FAQ: Duty Credit Scrip

क्या मैं Duty Credit Scrip किसी को बेच सकता हूं?

जी हां, आप ऐसा कर सकते हैं क्योंकि ड्यूटी क्रेडिट स्क्रिप freely transferable होती है|

Duty Credit Scrip की वैलिडिटी कितने दिनों की होती है?

18 महीने तक ड्यूटी क्रेडिट स्क्रिप वैलिड रहती है|

Duty Credit Scrip का इस्तेमाल में कहां कर सकता हूं?

इंपोर्ट में लगने वाले करों के शुल्क में छूट लेकर|

कोई इंपोर्टर मुझसे Duty Credit Scrip क्यों खरीदेगा?

क्योंकि आप उसे कुछ डिस्काउंट देकर ड्यूटी क्रेडिट स्क्रिप बेचेंगे|

Duty Credit Scripप को कहां अप्लाई किया जाता है?

विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के Regional Office में|

Duty Credit Scrip बेचने के लिए इंपोर्टर कहां ढूंढू?

आप अपने CHA  के माध्यम से यह कार्य आसानी से कर सकते हैं?

Duty Credit Scrip में MEIS से क्या अभिप्राय है?

मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट्स फ्रॉम इंडिया स्कीम (MEIS) उन क्षेत्रों में निर्यातकों को पुरस्कार प्रदान करता है जो भारत का एक्सपोर्ट बढ़ाते हैं और भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाते हैं|

Duty Credit Scrip में SEIS से क्या अभिप्राय है?

SEIS (Service Export from India Scheme) के माध्यम से सेवा निर्यात सरकार की ओर से पुरस्कार आधारित पहल है, इसका उद्देश्य कुछ अधिसूचित सेवाओं के निर्यात को बढ़ाना और इसी मकसद को पूरा करने के लिए प्रोत्साहन राशि देना है|

साथ ही यह अवश्य देखें:

एक्सपोर्ट बिज़नेस में ग्राहक कैसे ढूंढे?

इँकोटर्म्स क्या होती हैं? तथा इनका एक्सपोर्ट इंपोर्ट बिजनेस में क्या महत्व है?

CHA (कस्टम हाउस एजेंट) के बारे में सारी जानकारी

एक्सपोर्ट इंपोर्ट में लगने वाले सभी डाक्यूमेंट्स की लिस्ट

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प्यारे दोस्तों, मैं नवीन कुमार एक बिज़नेस ट्रैनर हूँ| अपने इस ब्लॉग के माध्यम से मैं आपको - आयात-निर्यात व्यवसाय (Export-Import Business), व्यापार कानून (Business Laws), बिज़नेस कैसे शुरु करना है?(How to start a business), Business digital marketing, व्यापारिक सहायक उपकरण (Business accessories), Offline Marketing, Business strategy, के बारें में बताऊँगा|| साथ ही साथ मैं आपको Business Motivation भी दूंगा| मेरा सबसे पसंदीदा टॉपिक है- “ग्राहक को कैसे संतुष्ट करें?-How to convince a buyer?" मेरी तमन्ना है की कोई भी बेरोज़गार न रहे!! मेरे पास जो कुछ भी ज्ञान है वह सब मैं आपको बता दूंगा परंतु उसको ग्रहण करना केवल आपके हाथों में है| मेरी ईश्वर से प्रार्थना है की आप सब मित्र खूब तरक्की करें! धन्यवाद !!