Director का Company में क्या रोल होता है? | Director meaning & duties in Hindi

2005

इस पोस्ट के माध्यम से हम जानेंगे कि Director meaning in hindi क्या होता हैडायरेक्टर का किसी कंपनी में क्या रोल होता है? तथा निदेशक के कंपनी के प्रति क्या कर्तव्य होते हैं?

 तो चलिए दोस्तों!! शुरू करते हैं|

Director meaning in Hindi 

दोस्तों, सबसे पहले हम बात करते हैं कि डायरेक्टर का हिंदी में क्या अर्थ होता है

Director meaning in Hindi: “निदेशक, संचालक, प्रबंधक, निर्देशक, निर्वाहक”

अब जैसा कि Director के Hindi meanings से प्रतीत हो रहा है – “दिशा देने वाला”

यानि director का अर्थ होता है – “एक ऐसा व्यक्ति जो किसी कंपनी या संस्थान को चलाता है” 

दोस्तों, 

जैसा कि आपको पता है- मैं अपने ब्लॉग में एक्सपोर्ट बिज़नेस, लघु उद्योग तथा बिज़नेस से संबंधित कानूनों के बारे में लिखता हूं|

इस पोस्ट में हम कंपनी के संबंध में डायरेक्टर की भूमिका को पढ़ेंगे|

अक्सर हमारे दिमाग में एक सवाल आता है की “कंपनी में डायरेक्टर क्या करता है?”  

इससे यदि आप किसी भी प्रकार की कोई कंपनी खोलना चाह रहे हैं| 

जैसे की – वन पर्सन कंपनी, प्राइवेट कंपनी, स्मॉल कंपनी, सेक्शन 8 कंपनी या पब्लिक लिमिटेड कंपनी या फिर आप कंपनी अधिनियम 2013 का विषय परीक्षा के लिए पढ़ रहे हैं तो, तो आपको यह पोस्ट पूरा पढ़ने के बाद, कंपनी डायरेक्टर के विषय में सारे सवालों के जवाब मिल जाएंगे| 

तो चलिए दोस्तों!!  शुरू करते हैं| 

डायरेक्टर का कंपनी क्या काम होता है? | What is director role in company in Hindi

जैसा कि आप लोग जानते हैं कंपनी एक आर्टिफिशियल व्यक्ति होती है| कंपनी का एक अलग कानूनी अस्तित्व (Legal entity) होती है| 

अब कंपनी को चलाने के लिए एक प्राकृतिक व्यक्ति की जरूरत होती है और वह प्राकृतिक व्यक्ति होता है “डायरेक्टर”

Director का कंपनी में कार्य कंपनी को दिशा प्रदान करना होता है|

कंपनी के आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन में भी Director के कुछ कार्यों को लिखा गया होता है की डायरेक्टर को उस कंपनी में क्या पावर दी गई है?

नोट: एक Director  को डायरेक्टर कहा जाता है तथा डायरेक्टर्स के समूह को BOD (Board of directors) कहा जाता है|

बोर्ड ऑफ डायरेक्टर का अर्थ उस कंपनी में चुने गए डायरेक्टरों के समूह से होता है| 

अतः साधारण शब्दों में यदि हम कहे तो Director का मेन मकसद कंपनी को ठीक प्रकार से चलाना होता है|

किसी भी कंपनी में डायरेक्टर का अहम रोल होता है इसलिए डायरेक्टर की नियुक्ति कैसे करनी है? (appointment of directors), डायरेक्टरों को पद से कैसे हटाना है? (removal of directors) इत्यादि प्रश्न भी बहुत महत्वपूर्ण हो जाते हैं| 

एक कंपनी में कितने डायरेक्टर हो सकते हैं?

दोस्तों, अब हम बात करते हैं किसी कंपनी में कम से कम कितने डायरेक्टर होने चाहिए? तथा किसी कंपनी में अधिक से अधिक कितने डायरेक्टर हो सकते हैं?

सबसे पहले हम कंपनियों को 3 प्रकारों में बांट लेते हैं| 

  1. One person Company  
  2. Private limited company
  3. Public company
  • OPC (One person company) में मिनमम – 1 डायरेक्टर तथा अधिकतम – 15 डायरेक्टर
  • Private company में मिनमम – 2 डायरेक्टर तथा अधिकतम – 15 डायरेक्टर
  • Public company में मिनमम – 3 डायरेक्टर तथा अधिकतम – 15 डायरेक्टर

हो सकते हैं|

नोट:- Director की अधिकतम संख्या को विशेष संकल्प (special resolution) पास करके बढ़ाया जा सकता है|

आपको और अच्छी तरह से समझाने के लिए में आपको Board Resolution Format दे रहा हूँ|

एक डायरेक्टर कितनी कंपनियों में डायरेक्टर हो सकता है?

एक डायरेक्टर अधिकतम 20 कंपनियों में डायरेक्टर हो सकता है| 

यदि यही सवाल पब्लिक कंपनी के संदर्भ में पूछा जाए तो इसका जवाब होगा- 

एक डायरेक्टर अधिकतम 10 पब्लिक कंपनियों में डायरेक्टर हो सकता है| 

नोट:- 1-यदि कोई प्राइवेट कंपनी किसी पब्लिक कंपनी के होल्डिंग कंपनी या सब्सिडरी कंपनी है तो उसे पब्लिक कंपनी की तरह ही गिना जाएगा| 

2-परंतु आप इन अधिकतम संख्या के बाद भी सेक्शन 8 कंपनी के अंदर डायरेक्टर बन सकते हैं| सेक्शन 8 कंपनी की डायरेक्टरशिप को इसमें नहीं गिना जाएगा| 

3-कोई कंपनी यह तय कर सकती है कि उसकी कंपनी का डायरेक्टर अधिकतम कितनी कंपनी में डायरेक्टर हो सकता है| 

नोट:- 1- किसी भी कंपनी में कम से कम एक डायरेक्टर का निवास स्थान भारत होना चाहिए|

2- यदि कोई डायरेक्टर 20 से ज्यादा कंपनियों में डायरेक्टर बन जाता है तब उसे उनमें से बाकी कंपनियों से डायरेक्टरशिप छोड़नी पड़ेगी तथा साथ ही उसे ROC को भी इन्फॉर्म करना पड़ेगा| 

एक कंपनी में कम से कम कितनी महिला डायरेक्टर होनी चाहिए?

नारी शक्ति को बढ़ावा देने के मकसद से कंपनियों महिलाओं की भागीदारी भी होनी चाहिए| इसी मकसद से कंपनी अधिनियम 2013  में महिला डायरेक्टरों के पद सुनिश्चित किए गए हैं| 

मेरा खुद का भी ऐसा मानना है कि यदि हम महिलाओं के लिए पद आरक्षित नहीं करेंगे तो कोई खुद से उन्हें उस पद पर नियुक्त नहीं करेगा|

कुछ लोग आज भी हमारे समाज को पुरुष प्रधान समाज मानते है| कुछ रूढ़िवादी पद्धतियां हैं परंतु आज यह सब ऐसा लगता है जैसे गुजरे जमाने की बात हो गई|  

महिलाएं जिस भी क्षेत्र में गई वहां पर उन्होंने अपना ही नहीं देश का भी नाम रोशन किया| 

इसी की दिशा में सरकार द्वारा यह पहला कदम है परंतु अभी सब कंपनियों में महिला डायरेक्टर के पद को आरक्षित नहीं किया गया है| 

इसकी शुरुआत सरकार द्वारा पब्लिक कंपनी तथा सूचीबद्ध कंपनी (Listed Company) से की गई है| 

नोट:- जिस पब्लिक कंपनी की लास्ट ऑडिटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट में प्रदत्त पूंजी (Paid up capital) 100 करोड़ हो या कारोबार (Turnover) 300 करोड़ हो|

अब कोई भी लिस्टेड कंपनी हो या पब्लिक कंपनी उसमें कम से कम एक महिला डायरेक्टर होने आवश्यक है|

कुछ बुद्धिजीवी ऐसा भी दिमाग लगाते हैं कि एक बार महिला को पद पर नियुक्त कर देंगे तथा जल्दी ही उसे उस पद से हटा देंगे|  

इससे उनका वह एजेंडा पूरा हो जाएगा जिसमें वह महिलाओं को आगे बढ़ने नहीं देना चाहते| 

इन्हीं बुद्धिजीवियों की सोच से दो कदम आगे सरकार ने सोचा और अधिनियम में कहा गया है कि –

यदि किसी महिला डायरेक्टर का पद रिक्त है तो –  “अगली बोर्ड मीटिंग या 3 महीने” – दोनों में से जो भी चीज पहले आएगी उसमें उन्हें इस पद को भरना पड़ेगा|

डायरेक्टर के क्या कर्तव्य होते हैं? | Duties of director in Hindi

दोस्तों, आपको यह भी जानना जरूरी है कि किसी कंपनी में डायरेक्टर के कर्तव्य क्या होते हैं? (duties of director)

1- सहायक कर्तव्य (fiduciary duties)

किसी भी कंपनी में डायरेक्टर का यह कर्तव्य है कि वह दुर्भावनापूर्ण (Malicious) तरीके से कार्य न करें| 

  • यानी कि वह कार्य दिखने में तो इस प्रकार का हो जैसे कंपनी के भलाई हो रही है परंतु असल में उसका उद्देश्य कंपनी अथवा किसी अन्य को नुकसान पहुंचाना हो|
  • कोई भी इस प्रकार का कार्य नहीं होना चाहिए जिसमें डायरेक्टर का कुछ पर्सनल बेनिफिट हो| 
  • डायरेक्टर किसी भी प्रकार का सीक्रेट प्रॉफिट नहीं कमा सकते| 

2- देखभाल और कौशल का कर्तव्य duty of care and skills

डायरेक्टर को किसी भी सामान्य इंसान की तरह कौशल दिखाना चाहिए तथा कंपनी की देखभाल करनी चाहिए| 

जैसे देखभाल कोई सामान्य परिवेश में सामान्य व्यक्ति करता हो| 

3- बोर्ड की बैठकों में भाग लेने का कर्तव्य duty to attend board meetings

  • डायरेक्टर को कंपनी के मामलों पर उचित ध्यान देना चाहिए| 
  • सभी बोर्ड बैठकों में भाग लेने के लिए बाध्य नहीं होता|
  • निरंतर गैर उपस्थिति अपने साथी निदेशकों को इस प्रकार के कार्य करने के लिए प्रेरित कर सकती है|

4- प्रतिनिधि नहीं करने का कर्तव्य duty not to delegate

जो कार्य डायरेक्टर को करने के लिए तय किए गए हैं डायरेक्टर को केवल वही कार्य करने चाहिए| 

बिना फिजूल के कार्यों का प्रतिनिधित्व करने से बचना चाहिए| 

5- वैधानिक कर्तव्यों का खुलासा करने का कर्तव्य duty to disclose interest 

सेक्शन 184 के तहत डायरेक्टर को अपने किसी भी तथ्य को छुपाना नहीं चाहिए| इसके लिए मैं आपको एक उदाहरण देता हूं| 

मान लीजिए कंपनी किसी दूसरी कंपनी को ऑर्डर देना चाहती है|  दूसरी कंपनी किसी डायरेक्टर के भाई की है| ऐसे में उसे इस बात को बोर्ड के अन्य सदस्यों को बताना पड़ेगा| 

साथ ही साथ नियम के अनुसार उसे उस बोर्ड मीटिंग से अनुपस्थित रहना पड़ेगा क्योंकि उसके उपस्थित रहने पर बोर्ड द्वारा लिए गए फैसले में दबाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है| 

 6- वैधानिक कर्तव्य (statutory duties)

  •  सेक्शन 39 – जब तक कम से कम सदस्य ना बन जाए तब तक शेयर के अलॉटमेंट ना की जाए|
  • Section 92 – डायरेक्टर का यह कर्तव्य है कि वह वार्षिक विवरण तथा प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर करे|
  • सेक्शन 96  – वार्षिक जनरल मीटिंग को हर साल समय पर बुलाना है| 
  • Section 100 – extraordinary general meeting (EGM) की मांग  होने पर उन्हें समय से मीटिंग बुलानी है| 
  • प्रॉफिट एंड लॉस की बैलेंस शीट बनानी है| 
  • Section 134 (1) के अंदर एक्टर की responsibility statement को भी अटैच करना होगा| 
  • Responsibility meaning in Hindi: ” जिम्मेदारी, उत्तरदायित्व, जवाबदेही, ज़िम्मेदारी, ज़िम्मेवारी, जवाब देही जिम्मेदारी “
  • डायरेक्टर अपने  लेखा जोखा से संबंधित जो भी निर्णय करेंगे वह नियमों के अनुसार करेंगे|
  • संपत्ति का पूरा ब्यौरा होना चाहिए तथा संपत्ति की रखरखाव से संबंधित सभी दस्तावेज होने चाहिए| 

FAQ: Director

Director तथा बोर्ड ऑफ डायरेक्टर में क्या अंतर होता है?

एक अकेले डायरेक्टर को डायरेक्टर कहते हैं जबकि डायरेक्टर के समूह को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर कहा जाता है|

Director की संख्या को किस प्रकार बढ़ाया जा सकता है?

स्पेशल रेगुलेशन पास करके डायरेक्टर की संख्या को बढ़ाया जा सकता है|

किस प्रकार की कंपनी में एक महिला Director होने अनिवार्य है?

वह कंपनी जो लिस्टेड हो तथा जिस पब्लिक कंपनी की लास्ट ऑडिटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट में प्रदत्त पूंजी (Paid up capital) 100 करोड़ हो या कारोबार (Turnover) 300 करोड़ हो|

किसी कंपनी में Director का क्या कार्य होता है?

कंपनी में डायरेक्टर का काम कंपनी को ठीक प्रकार से चलाने का होता है|

यदि किसी कंपनी में महिला Director का पद रिक्त है तो उसे कितने समय में भरना अनिवार्य है?

या तो कंपनी की आने वाली बोर्ड मीटिंग या 3 महीने दोनों में से जो भी पहले होगा|

साथ हो यह अवश्य पढ़ें:

आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन क्या होता है?

प्राइवेट लिमिटेड कंपनी क्या होती है तथा इसके क्या फ़ायदे हैं?

वन पर्सन कंपनी क्या होती है तथा इसका लाभ कैसे लें?

Perpetual succession क्या होता है तथा कंपनी में इसका क्या महत्व है?

जीएसटी रिवर्स कैलकुलेशन तथा जीएसटी कैलकुलेशन फार्मूला जानना जरुरी है!

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धन्यवाद 

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