DIN Number के बारे में सारी जानकारी | DIN Number full form

679

इस पोस्ट में हम “DIN Number” के बारे में पढ़ेंगे| यदि आप किसी कंपनी में डायरेक्टर बनना चाहते हैं तो आपको DIN number के विषय में अवश्य ही जानना चाहिए| 

चलिए दोस्तों, शुरू करते हैं! आज का टॉपिक 

इससे पहले हम  शुरुआत करते हैं, DIN की फुल फॉर्म के साथ| 

DIN की फुल फॉर्म क्या होती है?

डिन नंबर की फुल फॉर्म जाने बिना यह कंसेप्ट समझ ही नहीं आ सकता! 

DIN full form: “Director identification number (DIN)”

DIN NUMBER क्या होता है?

जिस प्रकार एक कंपनी की पहचान दूसरी कंपनी से अलग रखने के लिए CIN Number दिया जाता है, उसी प्रकार, कंपनी में एक डायरेक्टर की दूसरे डायरेक्टर से अलग पहचान के लिए डायरेक्टर आईडेंटिफिकेशन नंबर (DIN) दिया जाता है| 

Director identification number (DIN) द्वारा डायरेक्टर की एक अलग पहचान बन जाती है| यह नंबर एकदम यूनिक होता है| किन्ही भी डायरेक्टर के डिन नंबर एक से नहीं हो सकते|

इसी अलग पहचान को बनाने के लिए ही DIN number के कांसेप्ट का उदय हुआ था| 

  • वह प्रत्येक व्यक्ति जो डायरेक्टर बनने की सोच रखता है उसे कंपनी में डायरेक्टर का पद पाने के लिए Director identification number (DIN) लेना अनिवार्य है| 
  • यह Director identification number (DIN) केंद्र सरकार (Central government) द्वारा जारी किया जाता है| 
  • इसके लिए केंद्र सरकार ने ROC का गठन किया हुआ है| 
  • DIN नंबर के लिए व्यक्ति को एप्लीकेशन के साथ कुछ फीस भी ROC को देनी पड़ेगी|
  • सारे कागजात या दस्तावेज़ सही पाए जाने पर केंद्र सरकार द्वारा  डिन नंबर जारी कर दिया जाएगा| 
  • एक व्यक्ति को एक ही Director identification number (DIN) मिल सकता है| जैसे: आपका आधार नंबर किसी अन्य व्यक्ति का नहीं हो सकता, इसी मकसद से एक व्यक्ति को एक ही डिन नंबर मिल सकता है| 

इस डिन नंबर के द्वारा एक डायरेक्टर कितनी भी कंपनी में डायरेक्टर बन सकता है, उसे अलग से डिन नंबर नहीं लेना पड़ेगा|

din number facts

DIN number 8 अंकों (Digit) का नंबर होता है| 

इसकी वैधता (validity) आजीवन (lifetime) रहती है| यानी कि एक बार डिन नंबर लेने पर वह कभी समाप्त नहीं होता| 

किसी भी भारतीय कंपनी में डायरेक्टर बनने के लिए दिन नंबर पहली शर्त (prerequisite) होती है| इसके बिना कोई भी व्यक्ति किसी कंपनी में डायरेक्टर पद के लिए आवेदन नहीं कर सकता| 

DIN और DPIN का परस्पर (interchangeably) उपयोग किया जा सकता है। कंपनी निगमन के लिए डीआईएन प्राप्त किया जाता है तथा 

एलएलपी पंजीकरण के लिए Designated Partner Identification Number (DPIN) प्राप्त किया जाता है|

DIN Number registration

भारत में Public Limited company या Private limited company या One person company (OPC) को पंजीकृत (registered) करने और निदेशक मंडल का हिस्सा बनने के इच्छुक किसी भी व्यक्ति के लिए डीआईएन नंबर लेना अनिवार्य है। कंपनी के शेयरधारकों के लिए DIN नंबर लेने की कोई आवश्यकता नहीं होती है। 

इसके अलावा, Limited liability partnership (LLP) को रजिस्टर्ड करने के लिए या तो एक डीआईएन नंबर का उपयोग किया जा सकता है, या एक मौजूदा डीपीआईएन (नामित भागीदार पहचान संख्या) का उपयोग कंपनी को पंजीकृत करने के लिए किया जा सकता है।

DSC (Digital Signature Certificate)

डीआईएन नंबर के लिए आवेदन करने से पहले डीआईएन आवेदक को अपने नाम से एक डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) बनवाना पड़ेगा| डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट E MUDRA के माध्यम से आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। 

यह डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट 1 या 2 साल की वैधता (validity) के साथ जारी किए जाते हैं। DSC के लिए आवेदक को अपनी पहचान और पते के प्रमाण (address proof) के साथ हस्ताक्षरित (signatured) डीएससी आवेदन जमा करना होगा। 

इस जमा किए गए पहचान और पते के प्रमाण की प्रति स्व-सत्यापित (self attest) होनी चाहिए। विदेशी नागरिकों या भारत में ना रहने वाले भारतीयों (NRI) के मामले में – विदेशी मूल के साथ पहचान या पते का प्रमाण जमा करना, स्व-सत्यापित प्रति (self attested copy) को देश में भारतीय दूतावास द्वारा नोटरीकृत या सत्यापित किया जाना अनिवार्य है|

एक बार, आवेदक को डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट प्राप्त हो जाने के बाद, डीआईएन का आवेदन कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के साथ दायर (apply) किया जा सकता है। 

डीआईएन आवेदन को डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र के साथ इलेक्ट्रॉनिक रूप से हस्ताक्षरित होना चाहिए, इसलिए DIN से पहले डिजिटल सिगनेचर सर्टिफिकेट लेने की आवश्यकता होती है। 

DIN आवेदन में पहचान और पते के प्रमाण के साथ आवेदनकर्ता का एक फोटो भी होना चाहिए।

एक बार DIN आवेदन दायर (file) और स्वीकृत हो जाने के बाद DIN number तुरंत प्रदान किया जाएगा। 

यदि डीआईएन आवेदन में कोई खामी पाई जाती है तो DIN Cell द्वारा और दस्तावेजों (documents) का अनुरोध किया जा सकता है। 

सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करने पर, डीआईएन सेल 2 से 3 काम काजी दिनों में डीआईएन नंबर आवंटित करेगा।

डीआईएन नंबर की कोई समाप्ति तिथि नहीं होती साथ ही इसकी वैधता को बनाए रखने के लिए किसी और अनुपालन (adherence) औपचारिकता की आवश्यकता नहीं होती है। 

डिजिटल सिगनेचर सर्टिफिकेट के लिए क्या डॉक्यूमेंट चाहिए? 

पैन कार्ड: भारत के नागरिकों के लिए अनिवार्य

पासपोर्ट: विदेशी के नागरिकों और भारत में ना रहने वाले भारतीयों (एनआरआई) के लिए स्वीकार्य (acceptable) है|

DSC में पते के प्रमाण के लिए क्या डाक्यूमेंट्स लगा सकते हैं?

  • डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र बनवाने के लिए पते प्रमाण में इनमें से कोई डाक्यूमेंट्स लगा सकते हैं|
  • आधार कार्ड (Aadhar card) 
  • ड्राइविंग लाइसेंस (Driving License)
  • पासपोर्ट (Passport)
  • मतदाता पहचान पत्र (Voters ID card)
  • जन्म प्रमाणपत्र (Birth certificate)
  • वैट कर/बिक्री कर पंजीकरण प्रमाणपत्र/ सेवा कर (VAT Tax/Sales Tax registration certificate/ (Service Tax)
  • विद्यालय छोड़ने का प्रमाणपत्र (School leaving certificate)
  • बिजली का बिल (Electricity bill)
  • मोबाइल/टेलीफोन बिल (Mobile / Telephone bill)
  • पानी का बिल (Water Bill)
  • गैस का बिल (Gas Bill)
  • पीएफ स्टेटमेंट (PF statement)
  • बिक्री कर पंजीकरण प्रमाणपत्र (Sales Tax registration certificate)
  • बैंक स्टेटमेंट बैंकर द्वारा सत्यापित (Bank Statement attested by the banker)
  • निगम/नगर निगम रसीद/संपत्ति कर ( Corporation/ Municipal Corporation Receipt/ Property Tax)
  • स्नातकोत्तर डिग्री प्रमाण पत्र  / छात्र एसएससी / एचएससी / स्नातक  (Postgraduate Degrees Certificate/ student SSC / HSC / Graduation)

DIN Number कैसे Search करें?

आवंटित डीआईएन नंबर से संबंधित जानकारी MCA की Online DIN Search Facility के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं|

डीआईएन नंबर के आवंटन की जानकारी प्राप्त करने के लिए, सत्यापित DIN/DPIN search पर जाएं।

साथ ही यह भी अवश्य पढ़ें:

Mutual funds की सारी जानकारी

पार्टनरशिप डीड की जानकारी

Intraday trading क्या होती है?

एक्सपोर्ट इंपोर्ट बिज़नेस कैसे शुरू करें?

उम्मीद करता हूं आपको यह पोस्ट पसंद आई होगी|

अगली पोस्ट में फिर मिलेंगे नमस्कार 

धन्यवाद 

Previous articleMutual Fund NEWS: इक्विटी म्यूचुअल फंड में अप्रैल के मुकाबले 3 गुना ज्यादा निवेश
Next articleमुद्रास्फीति तथा अपस्फीति क्या होती है? | Types of inflation in Hindi
प्यारे दोस्तों, मैं नवीन कुमार एक बिज़नेस ट्रैनर हूँ| अपने इस ब्लॉग के माध्यम से मैं आपको - आयात-निर्यात व्यवसाय (Export-Import Business), व्यापार कानून (Business Laws), बिज़नेस कैसे शुरु करना है?(How to start a business), Business digital marketing, व्यापारिक सहायक उपकरण (Business accessories), Offline Marketing, Business strategy, के बारें में बताऊँगा|| साथ ही साथ मैं आपको Business Motivation भी दूंगा| मेरा सबसे पसंदीदा टॉपिक है- “ग्राहक को कैसे संतुष्ट करें?-How to convince a buyer?" मेरी तमन्ना है की कोई भी बेरोज़गार न रहे!! मेरे पास जो कुछ भी ज्ञान है वह सब मैं आपको बता दूंगा परंतु उसको ग्रहण करना केवल आपके हाथों में है| मेरी ईश्वर से प्रार्थना है की आप सब मित्र खूब तरक्की करें! धन्यवाद !!