पूंजी बाजार Vs मुद्रा बाजार | difference between capital and money market

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Difference between capital market and money market: अपनी पिछली पोस्ट में हम मनी मार्केट, फाइनेंशियल मार्केट तथा कैपिटल मार्केट के विषय में पढ़ चुके हैं| आप लोग “पूंजी बाजार और मुद्रा बाजार के बीच अंतर” को तुरंत समझ जाओगे,

इसलिए मैंने सोचा कि, टेबल द्वारा मनी मार्केट तथा कैपिटल मार्केट में क्या अंतर होता है, इसके विषय में लिख दूं| 

सहभागी (Participant)

पूंजी बाजार और मुद्रा बाजार के बीच अंतर के लिए सहभागियों के विषय में भी समझना पड़ेगा| सहभागियों के विषय में दोनों मार्केट में बहुत थोड़ा सा ही फर्क है| इन दोनों ही मार्केट को सेबी द्वारा regulate किया जाता है| 

S.noआधार (Basis) Capital market Money market
1. सहभागी (Participant)इसमें बड़े-बड़े वित्तीय संस्थान जैसे कि बैंक, पब्लिक कंपनी, प्राइवेटलिमिटेड कंपनी, विदेशी निवेशक, आम जनता की तरफ से सामान्य निवेशक सहभागी होते हैं| यहां पर भी बड़े-बड़े वित्तीय संस्थान जैसे कि बैंक, प्राइवेट लिमिटेड कंपनी, पब्लिक कंपनी, जैसे निवेशक सहभागी होते हैं परंतु इसमें  विदेशी निवेशक तथा आम जनता की तरफ से सामान्य निवेशक सहभागी नहीं होते हैं|
Difference between capital market and money market

समयांतराल (Duration): मुद्रा बाजार Vs पूंजी बाजार

आइए! अब देखते हैं मुद्रा बाजार और पूंजी बाजार में समय के बीच (Time duration) में क्या अंतर है? इसके विषय में समझते हैं| 

S.noBasis Capital market Money market
2. समयांतराल(Duration)यही कैपिटल मार्केट तथा मनी मार्केट का मुख्य अंतर होता है| कैपिटल मार्केट मध्यम (medium: 1 से 6 वर्ष) तथा लंबी अवधि (Long term: 6 वर्ष से अधिक) की सिक्योरिटी में डील करता है| मनी मार्केट छोटी अवधि के सिक्योरिटी में डील करता है|छोटी अवधि (Short term) यानी कि 1 साल से कम समय की अवधि|इसकी निवेश की अवधि अधिकतम 1 वर्ष तक की हो सकती है| 
Difference between capital market and money market

उपकरण (Instrument)

कैपिटल मार्केट तथा मनी मार्केट में उपकरण के बीच में क्या अंतर है? इसके विषय में जानते हैं| 

S.noBasis Capital market Money market
3.उपकरण (Instrument)कैपिटल मार्केट के इंस्ट्रूमेंट में: इक्विटी शेयर्सडिबेन्चर,  प्रेफरेंस शेयर, बॉन्ड तथा अन्य innovative Securities आती है| यानी कि 1 साल से लंबी अवधि के लिए, यदि आप, कैपिटल मार्केट में निवेश करना चाहते हैं तो, इन सब उपकरणों की सहायता से आप, यह निवेश कर सकते हैं| मनी मार्केट के मुख्य उपकरण कॉल मनी,  कमर्शियल बिल, सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट्स,  ट्रेजरी बिल्स, कमर्शियल पेपर  इत्यादि हैं|इन सब के द्वारा मनी मार्केट में निवेश किया जाता है| 
Difference between capital market and money market

निवेश परिव्यय (Investment outlay)

इन दोनों मार्केटो के बीच में इन्वेस्टमेंट कितना करना पड़ेगा? इसके विषय में जानते हैं| 

S.noBasis Capital marketMoney market
4.निवेश परिव्यय (Investment outlay)इसमें एक निवेशक को बहुत  बड़ी धनराशि निवेश करने की आवश्यकता नहीं होती| जैसे की: कंपनी को जब धन की आवश्यकता होती है और वह शेयर के माध्यम से इसे इकट्ठा करना चाहती है तो, वह शेयर्स को छोटे-छोटे हिस्सों में बांट देती है|मान लो: किसी कंपनी को ₹10 लाख की जरूरत है| तो वह ₹10 लाख का एक शेयर न जारी करके ₹10 की कीमत के एक लाख शेयर भी जारी कर सकती है| इससे कंपनी का Share capital भी बढ़ जाती है|क्योंकि इसके इंस्ट्रूमेंट बहुत महंगे हैं इसलिए इसमें बहुत अधिक वित्तीय निवेश की आवश्यकता होती है| जैसे कि: आप ट्रेजरी बिल का ही उदाहरण ले लीजिए,  एक ट्रेजरी बिल की न्यूनतम राशि ₹25000 होती है| 
Difference between money market and capital market

चल निधि (Liquidity)

किस मार्केट में अधिक लिक्विडिटी है? इसके बारे में जानते हैं|

S.noBasis Capital marketMoney market
5.चल निधि (Liquidity)स्टॉक मार्केट के परिपेक्ष में कैपिटल मार्केट के इंस्ट्रूमेंट बहुत ज्यादा लिक्विड होते हैं, परंतु मनी मार्केट से तुलना करने पर हमें यह पता चलता है कि “लिक्विडिटी के मामले में मनी मार्केट के इंस्ट्रूमेंट और भी ज्यादा फ्लेक्सिबल हैं|”लिक्विडिटी को मैं बहुत ही आसान भाषा में समझा देता हूं| लिक्विडिटी क्या होती है?: “लिक्विडिटी उस संपत्ति को कहते हैं, जिसको बहुत ही आसानी से नकदी में बदला जा सकता है|” कैपिटल मार्केट की तुलना में मनी मार्केट के इंस्ट्रूमेंट में बहुत ज्यादा लिक्विडिटी होती है|
Difference between money market and capital market

सुरक्षा (Safety)

सुरक्षा की भावना तो सबसे महत्वपूर्ण विषय है|  आइए!  इन दोनों मार्केट ओके मध्य देखते हैं किस में सुरक्षा की भावना अधिक महसूस होती है? 

S.noBasis Capital marketMoney market
6.सुरक्षा (Safety)पैसे की सुरक्षा की भावना से देखें तो कैपिटल मार्केट थोड़ी सी असुरक्षित महसूस होती है| ऐसा होना मुमकिन है कि आप जिस कंपनी के शेयर खरीद रहे हो वह कंपनी डूब जाए| क्योंकि इसके इंस्ट्रूमेंट छोटी अवधि के लिए दिए जाते हैं इसलिए इनमें सुरक्षा की भावना अधिक महसूस होती है| ट्रेजरी बिल जैसे  इंस्ट्रूमेंट सरकार द्वारा जारी किए जाते हैं इसलिए इनमे पैसे डूबने का तो सवाल ही नहीं उठता|कमर्शियल पेपर भी बहुत ज्यादा भरोसेमंद कंपनी है जारी करती है|  इसलिए इसमें भी पैसा डूबने की संभावना नगण्य हो जाती हैं| इन सब कारणों से हम कह सकते हैं कि मनी मार्केट अधिक सुरक्षित है| 
Difference between money market and capital market

प्रत्याशित प्रतिफल (Expected return)

इन दोनों मार्केट में  प्रतिफल (Return) की अपेक्षाओं को समझते हैं| 

S.noBasis Capital market Money market
7. . 7 . प्रत्याशित प्रतिफल (Expected return)कैपिटल मार्केट में अधिक फायदा मिलता है| मान लीजिए आपने किसी कंपनी का शेयर तथा डिबेंचर खरीदा| अब! कंपनी को मुनाफा होता है तो वह डिविडेंड भी बांटती है| क्योंकि हम थोड़े समय के लिए होते हैं इसलिए इसमें मुनाफा भी कैपिटल मार्केट की तुलना में कम होता है| परंतु एक बात का ध्यान रहे कि इसमें अधिक धन का निवेश होता है| 
कैपिटल मार्केट तथा मनी मार्केट में क्या अंतर होता है?

पूंजी के प्रकार (Type of capital)

यह दोनों मार्केट किस प्रकार के धन को लगाने के लिए प्रोत्साहित करती हैं?

S.noBasis Capital marketMoney market
8. . पूंजी के प्रकार (Type of capital)लंबे समय के लिए धन निवेश/ लोन के लिए कैपिटल मार्केट ठीक है| थोड़े समय के लिए धन निवेश/लोन के लिए मनी मार्केट ठीक है| 
मनी मार्केट  तथा कैपिटल मार्केट में क्या अंतर होता है?

निवेशकों की सैफ्टी के लिए SEBI इन मार्केट पर अपनी नजर गड़ाए रहता है|

साथ ही यह भी अवश्य पढ़ें:

Capital market क्या है?

फाइनेंशियल मार्केट क्या होता है?

एग्रीगेटर बिजनेस मॉडल क्या होता है?

Stock market Basics: शेयर मार्केट क्या है?

उम्मीद करता हूं आपको यह पोस्ट “पूंजी बाजार और मुद्रा बाजार के बीच अंतर” अवश्य ही पसंद आई होगी|

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नमस्कार!

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