केपीओ तथा बीपीओ में क्या अंतर होता है? | Difference between BPO and KPO in Hindi

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इस पोस्ट के माध्यम से आप केपीओ तथा बीपीओ में क्या अंतर होता है? (Difference between bpo and kpo) इसके बारे में जानेंगे|

पिछली पोस्टस 1- KPO क्या होता है? 2- BPO क्या होता है? में आपने पढ़ा था कि आउटसोर्सिंग के 2 टाइप्स होते हैं|

1- नॉलेज प्रोसेस आउटसोर्सिंग तथा 2- बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग|

अब! यह दोनों ही आउटसोर्सिंग हैं| दोनों में ही हम बाहर से काम करवाते हैं फिर इन दोनों में क्या फर्क है? 

इन दोनों में मुख्यतः इनके काम के नेचर की वजह से इन दोनों को अलग-अलग कैटेगरी में रखा गया है| 

आइए एक टेबल की मदद से KPO तथा BPO के बीच क्या अंतर होता है इसको समझने की कोशिश करते हैं| 

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Difference table in Hindi

S.No.PointKPOBPO
1.प्रकृति (Nature)ऐसे सारे आउटसोर्सिंग काम जिनमें हमें सामने वाले की नॉलेज से काम लेना होता है| इसमें पूरे बिजनेस साइकिल में से कोई एक खास काम किसी बाहर वाले  को करने के लिए दे दिया जाता है| 
2.लक्ष्य (Aim)इसमें अपने ज्ञान का इस्तेमाल करके अपने ग्राहक को फायदा पहुंचाया जाता है| इसमें बिजनेस में किसी विषय में कुशलता का इस्तेमाल अपने ग्राहक के फायदे के लिए किया जाता है| 
3.काम का तरीका (Mode of work)यह एनालिटिकल थिंकिंग से संबंधित होता है| यानी किसी को भी सलाह देने से पहले उसके सारे पहलुओं पर गौर करना पड़ेगा| इसमें तकनीकी ज्ञान होना भी आवश्यक है|साथ ही इसमें इतना एक्सपीरियंस होना चाहिए कि वह सही निर्णय ले सके| इसमें किसी व्यक्ति को वह काम करने के लिए दिया जाता है जिसमें वह निपुण होता है|
4.दक्षता और लागत(Efficiency and cost)इसमें दक्षता और लागत दोनों पर प्रभाव पड़ता है|यानी कि दक्षता अधिक होने से लागत कम होती जाती है| इसमें भी दक्षता और लागत दोनों प्रभावित होते हैं| यानी कि किसी कार्य में कुशल लोगों से वह कार्य करवाने पर निश्चित ही उसकी लागत कम आती है क्योंकि कुशल लोग  अपनी कुशलता के कारण उसमें होने वाले नुकसान को कम कर देते हैं|
5.ज्ञान तथा कुशलता (Knowledge and skill)रिसर्च सर्विसेज:
किसी निश्चित क्षेत्र में किसी रिसर्च को  करने वाली कंपनियां भी केपीओ के अंतर्गत ही  मानी जाएंगी| 
इन्वेस्टमेंट रिसर्च:
किसी क्षेत्र में कितनी लागत लगेगी?,  कितने धन की आवश्यकता पड़ेगी इत्यादि रिसर्च करने वाली फर्म भी केपीओ में ही  मानी जाएंगी|
बिजनेस रिसर्च:
जब भी हम कोई बिजनेस करते हैं और हमें उस पर किसी प्रकार का रिसर्च करना होता है तो यह रिसर्च जो कंपनियां या फर्म करती हैं वह इसी कैटेगरी में  मानी जाएंगी|
मार्केट रिसर्च:
अक्सर आपने देखा होगा कि लोग अपने प्रोडक्ट को बेचने से पहले मार्केट कर सर्च करते हैं|  यह रिसर्च करने वाली फर्म इसी कैटेगरी के अंतर्गत आएगी| 
लीगल प्रोसेस:  
कानूनी संबंधित विषय केपीओ के अंतर्गत आते हैं|
पेटेंट सर्विस:  
ऐसी सर्विस जिसमें हम किसी वस्तु को अपने लिए पेटेंट करवाते हैं|  इस प्रकार का काम भी केपीओ के अंतर्गत ही आएगा|डाटा एनालिस्ट:  किसी भी प्रकार के डाटा एंट्री को एनालिस्ट करना भी केपीओ के अंतर्गत ही आएगा| 
नोट: इसमें आने वाली आउटसोर्सिंग ज्ञान पर आधारित
होती हैं|
कॉल सेंटर:
जैसा कि आप जानते हैं सभी कंपनियां अपने ग्राहक को संतुष्टि के लिए अलग से एक डिपार्टमेंट बना कर रखती हैं|इस डिपार्टमेंट का काम केवल ग्राहकों की शिकायतों को सुनना या उनका निपटारा करना होता है|लगभग लगभग सभी कंपनियां इसके लिए  बाहर की कंपनियां ही हायर करती हैं|इन्हें कॉल सेंटर कहा जाता है|यह कॉल सेंटर बीपीओ की श्रेणी में आते हैं| 
नोट: इसमें आने वाली आउटसोर्सिंग कार्य निपुणता पर आधारित होती हैं| 
Difference table between BPO and KPO in Hindi

KPO vs BPO

इन दोनों में फर्क करने के लिए आपको हमेशा यह याद रखना है कि जिस भी फर्म द्वारा बाहर से काम करवाया जा रहा है वह काम सामने वाले के ज्ञान पर आधारित है या कार्य कुशलता पर आधारित है| 

उदाहरण:

 एक कंपनी कानूनी परामर्श उपलब्ध करवाती है तथा एक कंपनी पैकिंग उपलब्ध करवाती है|

इसमें कानूनी परामर्श उपलब्ध करवाने वाली कंपनी ज्ञान पर आधारित है तथा पैकिंग करने वाली कंपनी कार्य कुशलता पर आधारित है|

भाई लोगों! समझ गए ना प्योर तथा बीपीओ में क्या अंतर होता है? (Difference between kpo and bpo?) 

उम्मीद करता हूं आप लोगों को यह पोस्ट पसंद आई होगी|

अगली पोस्ट में मैं फिर मिलूंगा, तब तक के लिए मैं नवीन कुमार आपसे इजाजत चाहता हूं| नमस्कार!

धन्यवाद

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प्यारे दोस्तों, मैं नवीन कुमार एक बिज़नेस ट्रैनर हूँ| अपने इस ब्लॉग के माध्यम से मैं आपको - आयात-निर्यात व्यवसाय (Export-Import Business), व्यापार कानून (Business Laws), बिज़नेस कैसे शुरु करना है?(How to start a business), Business digital marketing, व्यापारिक सहायक उपकरण (Business accessories), Offline Marketing, Business strategy, के बारें में बताऊँगा|| साथ ही साथ मैं आपको Business Motivation भी दूंगा| मेरा सबसे पसंदीदा टॉपिक है- “ग्राहक को कैसे संतुष्ट करें?-How to convince a buyer?" मेरी तमन्ना है की कोई भी बेरोज़गार न रहे!! मेरे पास जो कुछ भी ज्ञान है वह सब मैं आपको बता दूंगा परंतु उसको ग्रहण करना केवल आपके हाथों में है| मेरी ईश्वर से प्रार्थना है की आप सब मित्र खूब तरक्की करें! धन्यवाद !!