सहकारी समिति क्या होती है? | What is cooperative society in Hindi

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Cooperative society: इस पोस्ट के माध्यम से आपने सहकारी समिति क्या होती है? (What is cooperative society in Hindi) सहकारी समिति की विशेषताएं (cooperative society features) सहकारी समिति के लाभ (Advantages of Cooperative Societies), सहकारी समिति के नुकसान (Disadvantages of Cooperative Societies) के बारे में जानेंगे|

सहकारी समिति क्या होती है? (What is cooperative society)

एक ऐसी फर्म या ऑर्गेनाइजेशन बिजनेस या एक ऐसी सोसाइटी जो लोगों के सहयोग से चलती है|

सहकारी समिति (cooperative society) को अच्छी तरह समझने के लिए आपको कुछ शब्दों के अर्थ अच्छी तरह समझ लेना चाहिए| 

Working together: लोगों या समूह का एक साथ मिलकर काम करना| एक ऐसी ऑर्गेनाइजेशन जहां पर प्रत्येक व्यक्ति मिलकर साथ में काम करता है| इसे हम को-ऑपरेटिव सोसाइटी बोलते हैं|

Welfare Motive: को ऑपरेटिव सोसायटी के लोगों का उद्देश्य हमेशा लोगों का जनकल्याण करना होता है| 

Common purpose: इस ऑर्गेनाइजेशन में काम करने वाले सभी व्यक्तियों का उद्देश्य समान होता है| 

Voluntary association: एक ऐसी फर्म या ऑर्गेनाइजेशन जिसमें बिना जबरदस्ती के प्रत्येक व्यक्ति अपनी  स्वेच्छा से कार्य करता है| इसमें ना तो किसी व्यक्ति को जबरदस्ती ऑर्गेनाइजेशन के भीतर लाया जाता है और ना ही जबरदस्ती किसी व्यक्ति को जबरदस्ती बाहर किया जाता है| 

को-ऑपरेटिव सोसायटी रजिस्ट्रेशन 

पार्टनरशिप फर्म में पार्टनर्स की मर्जी पर निर्भर करता है कि उन्हें फर्म को रजिस्टर्ड करवाना है या नहीं, परंतु को ऑपरेटिव सोसायटी का रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य होता है| 

जैसे कंपनी का निर्माण कंपनी अधिनियम 2013 के अनुसार होता है वैसे ही को ऑपरेटिव सोसाइटी का निर्माण Co-operative Societies Act, 1912 के अनुसार होता है| 

इसके लिए निम्न क्राइटेरिया पूरा करना पड़ेगा|

कम से कम 10 व्यक्ति सदस्य होने चाहिए| इन सब की सहमति होनी चाहिए| 

सदस्यता सबके लिए खुली होनी चाहिए| किसी भी प्रकार का जातिवाद इसमें नहीं चलेगा|

कोई भी व्यक्ति किसी भी मजहब या धर्म का हो वह इसका सदस्य बन सकता है| किसी भी एक व्यक्ति की नहीं चलेगी| प्रत्येक व्यक्ति को बराबर की सदस्यता हासिल होती है| 

शुरुआती धन केवल सदस्यों द्वारा एकत्रित होना चाहिए|

सहकारी समिति की विशेषताएं (cooperative society features)

स्वैच्छिक सदस्यता (Voluntary membership)

जैसा कि हम ऊपर पढ़ चुके हैं कि सहकारी समिति में सभी सदस्यों की स्वैच्छिक सदस्यता होनी चाहिए| 

स्वैच्छिक  सदस्यता से मेरा तात्पर्य ऐसी सदस्यता से है, जहां पर आप, आजादी के साथ समिति में आ सकते हैं तथा आजादी से समिति से बाहर जा सकते हैं| 

आपको समिति छोड़कर जाने के लिए थोड़ी सी फॉर्मेलिटी पूरी करनी होती है| 

इसके लिए आपको एक नोटिस देना होता है| इस पर सोसाइटी के अन्य सदस्यों द्वारा फैसला लिया जाता है| 

कानूनी स्थिति (legal status)

को ऑपरेटिव सोसाइटी का रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य है| 

एक बार को ऑपरेटिव सोसाइटी रजिस्टर्ड होने के बाद आपको, सेपरेट लीगल एंटिटी का स्टेटस मिल जाता है| 

यानी कि आपको तथा समिति को कानून की नजर में अलग-अलग व्यक्ति माना जाएगा| 

इसके यह फायदे होते हैं कि: यदि सहकारी समिति चाहे तो अपने नाम पर संपत्ति खरीद सकती है|

समिति अपने नाम पर लोन ले सकती है| समिति द्वारा किसी पर केस भी दायर किया जा सकता है|

सीमित दायित्व (limited liability)

किसी भी दायित्व की सीमा निर्धारित होती है तो उसे सीमित दायित्व कहते हैं| 

इसका अर्थ यह हुआ कि, यदि सहकारी समिति ने लोन लिया है और वह चुकता करने की स्थिति में नहीं है, तो किसी भी सदस्य की पर्सनल संपत्ति से वह वसूल नहीं किया जा सकता| 

नियंत्रण (control)

इसका नियंत्रण निर्वाचित प्रबंध समिति (elected managing committee) द्वारा किया जाता है|

इसके लिए सभी सदस्य अपने बीच में से कुछ सदस्यों को चुनते हैं| इन चुने हुए लोगों को मिलाकर ही निर्वाचन प्रबंध समिति कहा जाता है|

को-ऑपरेटिव सोसाइटी का सारा नियंत्रण इसी निर्वाचन प्रबंध समिति के पास होता है| सभी मैं आपको लेने का काम इसी प्रबंध समिति के द्वारा किया जाएगा| 

सेवा उद्देश्य (service motive)

इन  सहकारी समितियों का मुख्य उद्देश्य  पैसा कमाने के बजाय जनमानस की सेवा करना होता है|

जैसे: सेक्शन 8 कंपनी को बनाने का मकसद सेवा होता है| इसी प्रकार सहकारी समिति का उद्देश्य रहता है| 

सहकारी समिति के लाभ (Advantages of Cooperative Societies)

आइए! अब बात करते हैं सहकारी समिति के क्या फायदे होते हैं? 

मतदान की स्थिति में समानता (equality in voting status)

एक व्यक्ति एक वोट: किसी भी निर्णय में परेशानी होने पर मतदान करवाया जाता है| 

इस मतदान में एक व्यक्ति को एक मत देने का अधिकार होता है| प्रत्येक व्यक्ति मतदान देने के लिए मान्य होते हैं| किसी ने चाहे कम धन दिया हो, चाहे किसी ने ज्यादा धन दिया हो, सबको एक ही वोट देने का अधिकार होता है| 

प्रत्येक व्यक्ति समान अधिकार:  वोट  देने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को समान अधिकार दिया गया है| 

लोकतांत्रिक: निर्णय लेने के लिए प्रत्येक सदस्य को वोट देने का अधिकार होता है| इसलिए हम कह सकते हैं कि सहकारी समिति की कार्यप्रणाली लोकतांत्रिक होती है| 

स्थिर अस्तित्व (stable existence)

आपने सोल प्रोपराइटरशिप तथा पार्टनरशिप फर्म के पोस्ट में पढ़ा था कि यदि इनके किसी सदस्य की मृत्यु हो जाए या वह पागल हो जाए तो उस स्थिति में यह बंद हो सकते हैं| 

परंतु सहकारी समिति में  भी perpetual succession का सिद्धांत लागू होता है| जैसे: कंपनी को बंद करने का प्रोसीजर होता है, इसी प्रकार सहकारी समिति को भी बंद करने का एक पूरा प्रावधान किया गया है| 

इसी कारण से सहकारी समिति का अस्तित्व स्थिर होता है|  किसी भी सदस्य के आने या जाने से इस पर कोई फर्क नहीं पड़ता| 

सीमित दायित्व (limited liability)

मान लीजिए सहकारी समिति में अपने नाम पर एक लोन लिया|

अब! दुर्भाग्यवश ऐसी स्थिति आ गई कि यह समिति नुकसान में चली गई| नुकसान इतना ज्यादा हो गया कि वह कर्ज वापस करने की स्थिति में भी नहीं है| 

ऐसी स्थिति में प्रत्येक सदस्य का एक सीमित दायित्व होता है| उस दायित्व से ज्यादा उस व्यक्ति से नहीं चुकाना पड़ेगा| 

इसी वजह से किसी भी सदस्य की निजी संपत्ति को बेचकर कर्ज की वसूली नहीं की जा सकती| 

सरकार से समर्थन (support from the government)

सरकार इसे इसलिए समर्थन देती है क्योंकि कोऑपरेटिव सोसाइटी का मकसद आम जनमानस को फायदा पहुंचाना होता है| 

यह किसी NGO  की तरह कार्य करती हैं| 

सरकार द्वारा  इनसे कम टैक्स लिया जाता हैं,  सब्सिडी दी जाती है, बहुत ही कम ब्याज दर पर लोन दिया जाते हैं|

संचालन में अर्थव्यवस्था (economy in operations)

क्योंकि इसका मकसद जन सामान्य को फायदा पहुंचाना होता है, इसलिए क्यों द्वारा छोटे से छोटे स्रोत का भी पूरी तरह इस्तेमाल किया जाता है| 

सभी सदस्य फिजूल के खर्चों से बचते हैं| इसी वजह से यह अर्थव्यवस्था में भी योगदान देती है|

जब कम खर्चे में ज्यादा काम होने लगता है तो, वह अर्थव्यवस्था को भी फायदा पहुंचाता है| 

गठन में आसानी (ease of formation)

सहकारी समिति का गठन करना बहुत ही आसान| इसको बनाने में बहुत ज्यादा जटिल समस्या नहीं आती|  

इसके लिए केवल 10 वयस्क लोग चाहिए| उनकी सहमति चाहिए तथा बहुत ही आसान कानूनी प्रक्रिया द्वारा इसका गठन हो जाता है| 

सहकारी समिति के नुकसान (Disadvantages of Cooperative Societies)

सीमित संसाधन (limited resource) 

ऊपर आपने पढ़ा कि सहकारी समिति को बनाने के लिए 10 लोग चाहिए तथा वह ही धन एकत्र करेंगे| अब ऐसा नहीं हो सकता कि इन दसों लोगों के पास भरपूर मात्रा में धन हो|

इसी कारण से इनके संसाधन सीमित हो जाते हैं| 

क्योंकि सहकारी समिति का निर्माण समाज कल्याण के कामों के लिए होता है, इसलिए सदस्यों द्वारा लगाई गई पूंजी पर वापसी की ब्याज दर भी बहुत कम होती है| इसी वजह से सदस्य ज्यादा से ज्यादा धन लगाने के लिए उत्साहित नहीं होते| 

प्रबंधन में अक्षमता (inefficiency in management)

क्योंकि इसका मुख्य कार्य समाज कल्याण होता है इसलिए इसमें ज्यादा वेतन वाले लोगों को काम पर नहीं रख सकता|

फल स्वरूप प्रबंध के लिए एक्सपर्ट  लोगों का अभाव हो जाता है| 

सदस्य जैसे तैसे करके स्वयं ही समिति को चलाते हैं परंतु वह पेशेवर नहीं होते, इसलिए प्रबंधन में कमी साफ तौर पर दिखाई देती है| 

गोपनीयता की कमी  (lack of secrecy)

सहकारी समिति एक्ट के अनुसार सामान्य जन को कुछ प्रकटीकरण (Disclosure) देने पड़ते हैं| इसी वजह से बिजनेस संबंधित कोई भी बात गुप्त नहीं रह पाती|  

और भाई लोगों! बिजनेस हमेशा छुपे का होता है!

सरकारी नियंत्रण (government control)

सरकार द्वारा इन्हें लाभ दिया जाता है, बदले में सरकार इन पर, अपना कुछ नियंत्रण बना लेती है|

इसी वजह से सरकार द्वारा कुछ नियम निर्देश सहकारी समिति के लिए बना दिए जाते हैं| जिनका इन्हें सख्ती से पालन करना होता है| 

मतभेद (differences of opinion)

इसमें मिनिमम व्यक्तियों की संख्या 10 होती है| यह ज्यादा भी हो सकते हैं| फिलहाल हम 10 लोगों को ही मान कर चलते हैं| 

अब! आप खुद सोचिए,  कि क्या 10 लोगों की हर निर्णय पर एक ही राय बन सकती है?

जवाब है:  नहीं

इसी वजह से सभी सदस्यों में मनमुटाव तथा मतभेद बना रहता है|

यही मतभेद संघर्ष को जन्म देता है| किसी भी बिजनेस को चलाने के लिए एक राय का होना या एकजुटता का होना बहुत जरूरी है| 

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आपने क्या सीखा?

इस पोस्ट के माध्यम से आपने सहकारी समिति क्या होती है? (What is cooperative society in Hindi) सहकारी समिति की विशेषताएं (cooperative society features) सहकारी समिति के लाभ (Advantages of Cooperative Societies), सहकारी समिति के नुकसान (Disadvantages of Cooperative Societies) के विषय में जाना| 

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