consumer behavior study tips & tricks | Selling Skills in Hindi

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इस लेख के माध्यम से मैं आपको consumer behaviour को study करने की tips & tricks के बारे में बताऊँगा| इसे समझने से आपके Product Selling Skills में ज़बरदस्त सुधार होगा|

इस आर्टिकल में आपको Product Sell करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? क्या नहीं करना चाहिए? इन सब बातों की जानकारी मिलेगी|

तो चलिए! दोस्तों शुरू करतें हमारी यह पोस्ट – जिसका शीर्षक है- “consumer behavior study tips & tricks

Factors influencing consumer behavior?

इस लेख को पढ़ने के बाद आप यह जान पाओगे की कौन से तथ्य consumer behaviour को प्रभावित करते हैं|

इसके लिए आपको क्या नहीं करना है और क्या करना है? पहले ये जानना बहुत जरूरी है| जिससे की आपको कोई भी Product sale करने में परेशानी नहीं होगी|

Absolutely Don’t?

consumer behaviour की study करने पर हमे पता चलता है की हमे क्या करना चाहिए? और क्या नहीं करना चाहिए?

यह काफी विस्तार से समझाने का विषय है इसलिए  मैं भी इस विषय को समझाने में ज़रा भी कंजूसी नहीं करूँगा|

आपको इन चीज़ों का ध्यान रखना है जो आपको Product sell करने के लिए नहीं करनी है|

यदि आप इन चीज़ों का विशेष रूप से ध्यान रखते हैं तो निश्चित ही आप एक कुशल सैल्समेन  बन सकते हैं|

Product Quality?

consumer behaviour study आपको बताता है की आपको  किसी भी Product की Quality के बारे में Buyer से झूठ नहीं बोलना चाहिए|

आपको किसी भी स्थिति में अपने उत्पाद की विशेषताओं के बारे में Buyer से झूठ नहीं बोलना चाहिए|

यदि आप ऐसा करके अपना माल बेचने की कोशिश करते हैं तो निश्चित ही आप पूर्ण प्रतिभा का इस्तेमाल नहीं कर पाओगे और आपके Product sell की संभावनाए घट जाएंगी|

इसके साथ आपको यह लेख अवश्य पढ़ने चाहिए

प्रोडक्ट बेचने के तरीके

ग्राहक को संतुष्ट करने के तरीके

How to Define Yourself?

कुछ लोग माल बेचते समय अपने Buyer अपने बारे में बहुत सी झूठी जानकारियां देते हैं|

जैसे कि वह उस प्रोडक्ट के Manufacturer हैं या उनकी कंपनी बहुत बड़ी है या इसी तरह के अन्य तरह के झूठ|

जब आपका झूठ पकड़ा जाता है तो आपकी सच्ची बातें भी झूठी लगने लगती हैं तथा आपके Consumer behavior में तुरंत चेंज आ जाता है|

आपको अपना माल बेचते समय अपने बारे में या अपने Business की स्थिति के बारे में कभी भी झूठा बखान नहीं करना है|

जिन बातों को आप बोलना नहीं चाहते उन बातों पर झूठ बोलने से अच्छा है कि उन बातों पर आप चर्चा ही ना करें|

मैं यह बात इसलिए समझा रहा हूं कि यदि आप अपना बखान इस प्रकार से करेंगे तो Buyer भी आपसे इस तरह की अपेक्षा करने लगेगा जो आप पूरी करने में असमर्थ  होगे|

चलिए! यह बात भी मैं उदाहरण के माध्यम से ही समझा देता हूं इससे क्या है ना जल्दी समझ में आ जाती है|

उदाहरण:-

एक बार मैं अपने दोस्त के साथ एक Business Deal करने के लिए गया| 

मेरे दोस्त ने उस Buyer के सामने इतनी बड़ी बड़ी बातें कह दी कि Buyer हमसे माल लेने के लिए तैयार हो गया और हमें एडवांस भी दे रहा था पर हमें वह डील छोड़नी पड़ी|

है ना आश्चर्य की बात! अब सुनिए मेरे दोस्त ने वहां पर क्या वार्तालाप किया| इसके लिए मैं कुछ विषयों को अंकित कर देता हूं|

मेरे दोस्त के कारखाने की उत्पादन क्षमता  200 गद्दे (Mattress) महीना है| वह Buyer के सामने बोला कि

हम हर महीने 5000 गद्दे(MATTRESS) बेचते हैं”

उसने इसके साथ यह भी कहा कि

हमारे यहां से विदेशों में भी गद्दे(MATTRESS) जाते हैं”

जबकि उस समय तक मैं निर्यात के क्षेत्र में नहीं आया था|

मुझे निर्यात करना बहुत बड़ा काम लगता था| उस Buyer ने  हमारे सामने 1000 गद्दे (Mattress) अमेरिका भिजवाने का प्रस्ताव रखा|

यह सुनते ही मैं तो कुछ बहाना बना कर वहाँ से आ गया तथा मेरा दोस्त भी चंद ही मिनटों में बाहर आ गया|

आशा करता हूं इस उदाहरण से आप समझ गए होंगे कि मैं क्या कहना चाहता हूं?

“BUYER आपके हाथ से कैसे निकल गया?”

कहने का मतलब ये है की जो काम आप कर सकते हो केवल वही कहना चाहिए|

किसी और का Brand Name बोलना चाहिये ?

आपको अपना माल बेचते समय कभी भी Buyer से किसी भी अन्य ब्रांड का नाम नहीं लेना है|

जैसे ही आप किसी अन्य ब्रांड का नाम लेंगे उसके मन में एक मृगतृष्णा जाग जाएगी कि वह Product कैसा है? और वह आपके consumer का behavior चेंज कर सकता है|

कंपनियां अपने नाम का प्रचार करने के लिए पैसे देती हैं तो आप उस कंपनी के नाम का प्रचार फ्री में क्यों  करोगे?

आपको अपने Product को कभी भी किसी अन्य ब्रांड का नाम लेकर Buyer के सामने तुलनात्मक अध्ययन नहीं करना है|

मैंने बहुत से लोगों को माल बेचते समय यह कहते हुए सुना है कि “हमारा Product तो उस कंपनी की टक्कर का है या उस कंपनी से अच्छा है|”

यह सब बात कहने से और कुछ तो नहीं होता Buyer उस कंपनी का माल देखने के लिए निकल जाता है और आप सोच में पड़ जाते हो कि आपका Buyer आपके हाथ से क्यों निकल गया|

International Business में भी मैं हमेशा यही चीज़ बताता हूं कि Buyer को किसी दूसरे  ब्रांड के बारे में नहीं पता आप ही उसे दूसरे ब्रांड का नाम बता देते हो और फिर यह सोचते हो कि

अरे भाई! इतनी बड़ी दुनिया है हजारों ब्रांड है आप अपने माल की तारीफ़ करिए|

बिना मतलब के Buyer के दिमाग में दूसरा नाम क्यों डाल रहे हो?

आशा करता हूं इस विषय को आप अच्छी तरह समझ गए होंगे की प्रचार के पैसे खर्च होते हैं तो आप किसी का प्रचार फ्री में नहीं करोगे|

जब तक कि आपका खुद का कुछ फायदा ना हो|

इसके साथ आपको यह लेख अवश्य पढ़ने चाहिए:

consumer behaviour study tips & tricks

बेचने की कला को कैसे निखारें?

Final Pricing पर क्या करें?

कोई भी डील फाइनल होने के समय यदि Buyer कोई कीमत आपको बताता है कि वह इतने में आपका उत्पाद खरीदना चाहता है|

वह कीमत इतनी है कि आप उस कीमत में उसको तुरंत  बेच देना चाहते हो तो आपको थोड़ा संयम रखना चाहिए|

क्योंकि एकदम से हां कर देने पर यह डील आप से छूट सकती है क्योंकि Buyer को यह शंका हो सकती है कि उसने आपके माल की कीमत का निर्धारण ज़्यादा कर दिया है|

इससे आपके consumer behaviour में बहुत तेजी से बदलाव आता है|

आपको  इसमें एकदम से हां नहीं करनी है और हां करने में भी इतनी देर नहीं लगानी कि फिर आप वापस से हां करने  की स्थिति में ही ना रहो|

Spelling Mistake Role In Buyer Convincing?

आपको अपने  Buyer से लिखित संवाद स्थापित करते समय वर्तनी का बहुत ध्यान रखना है|

Spelling की गलती पूरे वाक्य का अर्थ बदल सकती है| 

इससे आपके consumer behavior में भी बदलाव आ सकता है|

उदाहरण के माध्यम से मैं आपको एक शब्द के बारे में बताता हूं कि किस प्रकार एक शब्द से पूरे वाक्य का अर्थ बदल जाएगा|

आपको यह शब्द मैं उदाहरण में इसलिए दे रहा हूं ताकि आपको यह बात हमेशा याद रहे|

PROSECUTE की जगह PROSTITUTE लिख देना !!

अब अगर लिखने में कोई इस प्रकार की गलती कर दे तो, उसका ऊपर वाला ही मालिक है!!

ग्राहक को Offer कैसे दें?

Product बेचने के दौरान आपको इस बात का खास ध्यान रखना है कि आप Buyer को क्या-क्या Offer देने  का वादा कर रहे हैं?

आप यह बात ध्यान रखिए कि आप जितने वादे कर रहे हैं उनके अलावा भी Buyer आपसे और बहुत कुछ की उम्मीद करेगा

क्योंकि यह एक प्रकार का मानव स्वभाव है और किसी भी Product को बेचते समय consumer behaviour का ज्ञान होना अत्यंत आवश्यक है|

यह किसी भी उत्पाद को बेचने के संबंध में आपकी कार्यशैली को विकसित करता है|

आप केवल उन्हीं offers को देने का वादा करें जो आप देने में समर्थ हैं ऐसे किसी भी Offer की घोषणा न करें जो आप ना कर पाए|

मैं आपको Buyer की एक अपेक्षा का उदाहरण देता हूं|

उदाहरण:-

  • Buyer को कीमत में 10%  की छूट देता हूं तो वह 20% मांगता है, 25% मांगता है|
  • जब मैं Buyer को गद्दे (Mattress) के साथ एक तकिया(Pillow) फ्री देने का वादा करता हूं  तो Buyer दो तकिए फ्री मांगता है|
  • मैं Buyer को यदि यह कह दूं कि इस गद्दे (Mattress)के साथ बेड(Bed) भी फ्री है तो वह कहेगा कि” मुझे दो बेड (Bed) भी फ्री चाहिए”|

आशा करता हूं कि आप उपरोक्त उदाहरण से मैं क्या समझाना चाहता हूं? यह भली-भांति समझ गए होंगे| 

ग्राहक से जल्दबाजी करनी चाहिए?

जल्दबाज़ी किसी भी consumer behaviour को बिगाड़ सकती है|

कोई भी Business शुरू करने से पहले आपको सारी तैयारी कर लेनी चाहिए उसके बाद ही आपको Buyer से बात करनी चाहिए|

इससे आपका कॉन्फिडेंस लेवल तो बढ़ेगा ही आप Buyer को अच्छी सर्विस भी दे पाएंगे|

किसी भी Business  में जल्दबाजी नुकसानदायक हो सकती है| आप एक-एक चीज को पहले बारीकी से समझ लेना चाहिए|

उसके बाद कोई कदम उठाएं निश्चित ही सफलता आपके कदम चूमेगी| 

Starting Investment कितना करें?

अक्सर लोग शुरुआत में निवेश करने के समय पर बहुत बड़ी गलती कर जाते हैं| बहुत से लोगों का यह मानना है कि काम बहुत बड़े स्तर पर शुरू करना चाहिए|

ज्यादा या कम निवेश अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग मनोवैज्ञानिक प्रभाव डालते हैं|

 ग्राहक अपनी जरूरत का सामान अच्छी क्वालिटी के साथ सस्ते दामों पर खरीदना चाहता है|

 ज्यादा चमक-दमक से ग्राहक के दिमाग पर यह असर भी होता है कि यह सारा अतिरिक्त खर्चा हमसे ही निकालेगा|

 परंतु ज्यों ही आप थोड़े पुराने हो जाते हैं तो ग्राहक का माइंडसेट बदल जाता है|

अब क्रेता यह सोचने लगता है कि इसकी दुकानदारी ज्यादा होती है क्योंकि इसकी क्वालिटी और रेट दोनों ही उम्दा है| 

आपको अपने आसपास आपकी अपनी सोसाइटी में आपके अपने जानने वालों में ऐसे बहुत से उदाहरण मिलेंगे जिन्होंने अपना व्यवसाय बहुत छोटे स्तर से शुरू किया था और अब वे तरक्की के शिखर पर हैं|

इसका मतलब यह है कि यदि आपके पास में पूंजी की अधिकता भी है तब भी आप शुरुआत में थोड़ा निवेश ही करें|

धीरे-धीरे आपको सब चीजों का आकलन करना आ जाएगा तथा काम जमने के बाद आप चाहे उसमें कितनी भी पूंजी का निवेश कर दें आपको नुकसान नहीं लगेगा|

आपको आपका Buyer ही सब चीज़ बता देगा कि आपको 

किस क्वालिटी का माल रखना है?

कितना स्टॉक रखना है?

बहुत सारी चीज़ें हैं जो आपको Buyer ही सिखा देगा|

Buyer ही सिखा  देगा से मेरा तात्पर्य यह है कि जब Buyer आपके पास आकर किसी उत्पाद की डिमांड करेगा तब आप आसानी से  समझ सकते हैं कि मार्केट में किस चीज की डिमांड है|

आप उसके अनुसार अपना स्टॉक मेंटेन कर सकते हैं|

Commitment Role in Buyer Satisfaction?

यह किसी भी अच्छी सेल्समैनशिप का सूत्र-धार है| इसके बिना आपकी विक्रय करने की क्षमता में पैनापन  नहीं आ सकता|

यदि आप Buyer से किसी विषय में प्रतिबद्धता जाहिर कर देते हो तो फिर यह आपका नैतिक कर्तव्य है कि वह प्रतिबद्धता आपको हर हाल में पूरी करनी होती है|

इसलिए किसी भी विषय पर प्रतिबद्धता जाहिर करने से पहले आप उस विषय पर अपनी काबिलियत पर ध्यान ज़रूर दें|

कि जो आप कह रहे हैं क्या वह आप पूरा भी कर पायेंगे?

Buyer Convincing में समय का महत्व?

Domestic Business हो या International Business  आपको समय का ध्यान रखना है| समय के संबंध में आपको क्या क्या ध्यान रखना है यह मैं आपको नीचे बता रहा हूं|

  1. Buyer से बात करने का समय – बहुत से लोग यह गलती कर देते हैं कि वह अपने Buyer से किस समय पर बात करनी चाहिए ध्यान ही नहीं देते|
  2. उत्पादन प्रक्रिया – आपको हमेशा अपनी उत्पादन प्रक्रिया के समय का बहुत ध्यान रखना है|
  3. वितरण समय – आपको तय समय में ही उत्पादन प्रक्रिया के साथ-साथ माल को वितरित भी करना है| यह बहुत ही आवश्यक तत्व है| 
  1. अंतरराष्ट्रीय Business में तो यह बहुत ही ज़रूरी चीज़ है| जब आपके यहाँ  दिन के 12:00 बज रहे होंगे तो हो सकता है कि आपके Buyer के देश में रात के 3:00 बज रहे हो| आप लगे रहते हो फोन करने में इससे आपके Buyer पर आपका व्यक्तिगत रूप से बुरा प्रभाव पड़ सकता है| यही बात घरेलू बाज़ार  में भी लागू होती है आपको अपने Buyer से बात करने का समय सुनिश्चित करना चाहिए|
  2. यदि बहुत आवश्यक ना हो तो  बात करने के लिए दिन के 11:00 बजे से लेकर शाम के 6:00 बजे तक का समय बहुत ही आदर्श समय होता है जिसमें आपको दोपहर के भोजन के समय का भी ध्यान रखना है 
  3. शाम को 8:00 बजे के बाद तो बिल्कुल भी Buyer को फोन करने की कोशिश ना करें क्योंकि हो सकता है वह अपनी फैमिली के साथ क्वालिटी टाइम बिता रहा हो|
  4. यह भी हो सकता है कि वह अन्य किसी मनोरंजन में व्यस्त हो| यह सब चीजें आपको जब समझ में आएंगे जब आप भी अपनी फैमिली के लिए पर्याप्त समय देंगे|

केवल Business करना और Business करने में लगे रहने से आपको मानसिक संतुष्टि नहीं मिल सकती|

मानसिक संतुष्टि केवल आपको फैमिली के साथ हंस बोल कर ही मिल सकती है|

Business में तरक्की के लिए स्थिर मन होना बहुत आवश्यक है|

मन से दुःखी आदमी कभी भी अपना शत प्रतिशत नहीं दे सकता| 

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प्यारे दोस्तों, मैं नवीन कुमार एक बिज़नेस ट्रैनर हूँ| अपने इस ब्लॉग के माध्यम से मैं आपको - आयात-निर्यात व्यवसाय (Export-Import Business), व्यापार कानून (Business Laws), बिज़नेस कैसे शुरु करना है?(How to start a business), Business digital marketing, व्यापारिक सहायक उपकरण (Business accessories), Offline Marketing, Business strategy, के बारें में बताऊँगा|| साथ ही साथ मैं आपको Business Motivation भी दूंगा| मेरा सबसे पसंदीदा टॉपिक है- “ग्राहक को कैसे संतुष्ट करें?-How to convince a buyer?" मेरी तमन्ना है की कोई भी बेरोज़गार न रहे!! मेरे पास जो कुछ भी ज्ञान है वह सब मैं आपको बता दूंगा परंतु उसको ग्रहण करना केवल आपके हाथों में है| मेरी ईश्वर से प्रार्थना है की आप सब मित्र खूब तरक्की करें! धन्यवाद !!