CIN number क्या होता है? | कंपनी का सिन नंबर कैसा दिखता है?

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इस पोस्ट में हम cin number के बारे में जानेंगे| CIN number क्या होता है?, कैसा दिखता है, कैसे मिलेगा इत्यादि|

तो चलिए दोस्तों, शुरू करते है!

CIN Number क्या होता है?

आइए सबसे पहले CIN की full form जानते हैं|

CIN number full form: “Corporate identity number”

जिस प्रकार डायरेक्टर को एक विशेष (exclusive) DIN number दिया जाता है, जिससे कि उसकी आइडेंटिटी अन्य डायरेक्टरों से अलग रहे| 

उसी प्रकार प्रत्येक कंपनी को अलग आइडेंटिफिकेशन नंबर दिया जाता है, जिससे कि एक कंपनी की पहचान दूसरी कंपनी की पहचान से भिन्न रहे| 

यह 21 डिजिट का नंबर होता है| इसी आइडेंटिफिकेशन नंबर को CIN (Corporate identity number) कहते हैं| 

1 NOV 2000 को यह रुल आया था कि हर कंपनी को सिन नंबर जारी किया जाएगा| 

यह सभी प्रकार की कंपनियों के लिए जरूरी होता है| चाहे वह कंपनी पब्लिक लिमिटेड कंपनी, स्मॉल कंपनी,  एकल व्यक्ति कंपनी, प्राइवेट लिमिटेड कंपनी, सेक्शन 8 कंपनी हो| 

Corporate identity number कैसा दिखता है?

CIN number format image

बीच के बॉक्स में दिखाया गया नंबर ही CIN नंबर है| सिम नंबर के द्वारा आप कंपनी के बारे में बहुत सारी इनफार्मेशन जान सकते हैं|

यदि आपके पास में सिम नंबर के अलावा कंपनी की कोई भी डिटेल नहीं है तब भी आप कंपनी के बारे में बहुत सारी जानकारी इकट्ठा कर सकते हैं|

सिम नंबर अक्षरांकीय (alphanumeric) होता है| इसमें अल्फाबेट भी आते हैं तथा इसमें नंबर भी आते हैं| 

इसमें हम उदाहरण के लिए इस दी गई इमेज का इस्तेमाल करेंगे|

आइए! पहले अल्फाबेट के साथ शुरू करते हैं| 

1- Listing Status : “इसमें शुरुआत में L का लिखे होने का अर्थ है  कि वह कंपनी स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड है| यानी कि यहां पर L का अर्थ Listing से है| यदि यहां पर L के स्थान पर U लिखा होता तो, इसका मतलब होता की कंपनी शेयर मार्केट में अन लिस्टेड है|”

2-Industry Code: “इसके बाद इसमें 5 अंक (33350) लिखे हुए हैं| इन नंबरों के द्वारा हमें इंडस्ट्री का कोड पता चलता है|  प्रत्येक इंडस्ट्री का कोई ना कोई कोड अवश्य होता है| इसके द्वारा हमें उस इंडस्ट्री की कैटेगरी का पता चलता है|”

3- State Code: “यहां पर MH का अर्थ महाराष्ट्र से है| यानी कि यह 2 अंक स्टेट के बारे में बताते हैं| यदि यहाँ पर DL लिखा होता तो इसका अर्थ दिल्ली स्टेट होता|”

4- कंपनी गठन का वर्ष (Company incorporation Date: “यहां पर चार अंको द्वारा हमें, कंपनी कौन से साल में बनाई गई है? इसके विषय में पता चलता है|” 

5- Ownership type: “अल्फाबेट से हमें कंपनी के स्वामित्व प्रकार के बारे में पता चलता है| इससे हमें यह पता चलता है कि कंपनी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है या पब्लिक लिमिटेड कंपनी| इसके द्वारा यह हमें कंपनी के प्रकार के बारे में भी संकेत देते हैं| 

6- Registration number: “आखिर के इन बचे हुए अंकों (095761) से हमें कंपनी का रजिस्ट्रेशन नंबर पता चलता है| यह नंबर विशिष्ट (exclusive) नंबर होता है| किन्हीं भी दो कंपनियों का 1 सा रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं हो सकता|”

सिम नंबर से हमें कंपनी के बारे में क्या जानकारियां मिलती है? 

कंपनी के सिन नंबर से हमें निम्न बातें पता चलती है| 

  1. स्टॉक मार्केट में लिस्टेड है या नहीं?
  2. कंपनी का इंडस्ट्री कोड क्या है?
  3. किस स्टेट से कंपनी का संबंध है?
  4. कौन से वर्ष में कंपनी का गठन हुआ है? 
  5. कंपनी के मालिकों की जानकारी|
  6.  कंपनी का रजिस्ट्रेशन नंबर क्या है?

अब आप किसी भी कंपनी का CIN  नंबर देख कर उस कंपनी के बारे में काफी सारी जानकारी हासिल कर सकते हैं| 

CIN नंबर को कंपनी के किस-किस दस्तावेज पर लिख सकते हैं? 

रसीदें और चालान (Receipts & Invoices

नोटिस (Notice)

लेटरहेड (Letterheads)

कारपोरेट कार्य मंत्रालय पोर्टल पर हर ई-फॉर्म (Every e-form on the Ministry of Corporate Affairs (MCA) portal)

वार्षिक रिपोर्ट्स (Annual Reports)

अन्य प्रकाशन (Other publications)

सिन नंबर कैसे मिलेगा? 

जब कंपनी के रजिस्ट्रार ऑफ कंपनी (ROC) द्वारा अनुमोदित और निगमित होने के बाद कॉर्पोरेट आइडेंटिफिकेशन नंबर स्वचालित (automatically) रूप से मिल जाता है।

सिन नंबर को अलग से आवेदन करने की कोई जरूरत नहीं है| 

रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (ROC) एक सरकारी संस्थान है| इसका कार्य कंपनियों को शामिल करने या पंजीकृत करना होता है। यह सभी केंद्र शासित प्रदेशों और भारतीय राज्यों में स्थित है।

कंपनी रजिस्ट्रार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है होता है कि भारत में सभी कंपनियां वैधानिक आवश्यकताओं का अनुपालन (compliance) करती हैं। 

आरओसी के अन्य उद्देश्य

कंपनी के नाम बदलना

कंपनियों का निजी से सार्वजनिक में रूपांतरण

डिफ़ॉल्ट कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई

सिन नंबर कैसे ट्रैक कर सकते हैं?

आप बहुत ही आसानी से अपनी कंपनी की डिटेल कर अपने सिम नंबर के बारे में करंट स्टेटस पता कर सकते हैं|

इसके लिए आपको मिनिस्ट्री ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स की वेबसाइट पर जाना है| 

साथ ही यह भी अवश्य देखें:

DIN नंबर क्या होता है?

शेयर क्या होता है?

आईपीओ क्या होता है?

KPO तथा BPO में क्या अंतर होता है?

उम्मीद करता हूं आपको यह पोस्ट अवश्य ही पसंद आई होगी| 

अगली पोस्ट में फिर मिलेंगे तब तक के लिए नमस्कार 

धन्यवाद 

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