सिबिल स्कोर क्या है, हम इसे कैसे सुधार सकते हैं? | how to improve CIBIL score

107

दोस्तों, इस पोस्ट के माध्यम से हम CIBIL Score क्या होता है?, सिबिल स्कोर किस तरीके से काम करता है?, CIBIL की फुल फॉर्म क्या है? (full form of cibil), हम अपना सिबिल स्कोर किस प्रकार सुधार सकते हैं? (how to improve cibil score) इत्यादि महत्वपूर्ण विषयों के बारे में जानेंगे| 

आइए दोस्तों!  शुरुआत करते हैं सिबिल की फुल फॉर्म के साथ 

CIBIL full form क्या है?

full form of CIBIL: “Credit Information Bureau (India) Limited”

सिबिल स्कोर क्या होता है?

सिबिल एक ऑर्गेनाइजेशन है| इसका मुख्य काम सारे इंडिविजुअल्स तथा business का डेटा मेंटेन करके रखना है| इस डेटा के सहारे यह उनकी credit history मेंटेन करके रखती है| इस डाटा के माध्यम से यह एक सिबिल स्कोर बनाती है|

इस सिबिल स्कोर के माध्यम से, लोन देने वाली संस्थाएं, लोन लेने वाले व्यक्ति  की साख (creditworthiness) चेक करती हैं, कि उसका लेन देन किस प्रकार का है?, क्या उसने भविष्य में किसी लोन में कोई डिफॉल्ट तो नहीं किया है?

संक्षेप में: सिबिल स्कोर के सहारे आसानी से पता चल जाता है कि इस व्यक्ति का लेन-देन में व्यवहार कैसा है?, यदि इसने पिछला कोई loan लिया था, तो क्या उसे टाइम पर चुका दिया था? इत्यादि 

उदाहरण

मान लीजिए, आप किसी bank में लोन लेने के लिए जाते हैं| अब! बैंक आपके बारे में कुछ नहीं जानता| ऐसी स्थिति में, वह आपसे, आपका cibil score लाने के लिए कहेगा|

इस cibil score की rating से bank को यह आसानी से पता चल जाएगा कि आप loan चुकाने में कितना समर्थ हैं|

सिबिल स्कोर की रेंज कितनी होती है?

इसकी रेंज 300 पॉइंट से लेकर 900 पॉइंट तक होती है|

आपका CIBIL Score जितना ज्यादा हाई होगा उतना ही आपको लोन मिलने के चांस अधिक है|  

300 के नीचे: CIBIL score 300 से नीचे होने पर, आपको कोई भी bank तथा financial Department loan नहीं देगा| 

300 से 450 के बीच: यह खतरनाक जॉन से तो बाहर आ गया पर फिर भी कोई भी bank तथा financial Department loan देने से मना कर देगा|

450 से 600 के बीच: यह एक नार्मल रेंज है| इसमें bank आपकी और financial statement देखकर तथा आपके loan का अमाउंट देखकर, निर्णय लेगा कि लोन देना है या नहीं देना| 

600 से 750 के बीच: यह एक अच्छा स्कोर है| इस स्कोर के बाद ज्यादातर bank आपको credit card देने तथा loan देने के लिए राजी हो जाएंगे, परंतु आप rate of interest के लिए मोलभाव करने की स्थिति में नहीं है| 

750 से 900 के बीच: यदि आप का स्कोर 750 से 900 के बीच है तो, इसका मतलब यह है कि आपने एक बहुत ही अच्छा financial track record maintain किया है| इसके द्वारा आप को अधिक से अधिक loan मिलने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं| लगभग 80% से अधिक loan इसी कैटेगरी वालों को दिए जाते हैं| साथ ही साथ आप rate of interest के लिए मोलभाव भी कर सकते हैं| 

इस सिबिल स्कोर के साथ बैंक का आपको बहुत अच्छे-अच्छे ऑफर्स के साथ credit card भी ऑफर करेंगी| 

जितने भी बैंक या लोन देने वाली संस्थाएं हैं| वह अपने यहां का सारा credit data CIBIL (Credit Information Bureau (India) Limited) के साथ साझा करती हैं|

भारत में जितने भी बैंक हैं वह सब अपना credit data सिबिल के साथ शेयर करते हैं| इसमें किसी भी व्यक्ति ने कितना लोन लिया है?, क्या उसे टाइम पर छुपाया है या नहीं, कितने credit card इस्तेमाल कर रहा है?, क्या वह इन credit card की पेमेंट टाइम पर करता है? इत्यादि जानकारी होती है| 

बैंक या लोन देने वाली संस्थाएं, सिबिल की वेबसाइट के द्वारा यह डेटा प्राप्त कर सकते हैं| 

अच्छा सिबिल स्कोर मेंटेन करना कोई बड़ी बात नहीं है! यह कोई भी आसानी से कर सकता है|

इसके लिए बस आपको अपने EMI, credit card के बिल तथा अन्य प्रकार के लोन की पेमेंट टाइम पर करनी हैं|

यानी कि सिबिल स्कोर बेसिकली आपकी repayment history तथा आपके credit card के इस्तेमाल पर निर्भर करता है|

यदि आपको बहुत ज्यादा लोन लेने की आदत है तब भी आपका सिबिल स्कोर कम (low) हो सकता है|

सिबिल स्कोर किन चीजों पर निर्भर करता है?

  • वापस की हुई राशि का इतिहास (repayment history)
  • उच्च ऋण उपयोग (High credit utilization)
  • एकाधिक ऋण पूछताछ (Multiple loan inquiries)
  • कई प्रकार का लोन (Credit Mix)

यदि आप mattress का business करना चाहते हैं तो यह पोस्ट पढ़ें: गद्दे बनाने की फैक्ट्री कैसे लगायें?

सिबिल स्कोर अच्छा करने का क्या फायदा है?

  • इससे आपको लोन जल्दी मिल सकता है| 
  • Lowest interest rate पर loan मिल सकता है|

चलिए दोस्तों! अब बात करते हैं कि हम अपना सिबिल स्कोर कैसे सुधार सकते हैं? (how to improve cibil score?)

अब तक आप जान चुके हैं कि सिबिल स्कोर क्या होता है? तथा किस प्रकार एक अच्छा सिबिल स्कोर आपको लोन लेने में मदद कर सकता है? 

तो दोस्तों,  शुरू करते हैं कि हम अपना सिबिल स्कोर कैसे सुधार सकते हैं? (How to improve cibil score) 

दोस्तों सिबिल स्कोर सुधारने के अलावा, मैं आपको यह भी बताऊंगा कि आप किस प्रकार अपना सिबिल स्कोर मेंटेन करके रख सकते हैं?

सिबिल स्कोर गिरने के क्या कारण होते हैं?

सबसे पहले आपको सिबिल स्कोर गिरने के कारणों को अच्छी तरह जान लेना चाहिए! इसमें आपके इस सवाल “How to improve cibil score?” का आधे से ज्यादा जवाब मिल जाएगा|

  • 1- लोन की किस्त के भुगतान में देरी: इसके कई कारण हो सकते हैं,  जैसे कि: आपके पास में पैसे की तंगी आ जाए, आप किस्त के भुगतान को देना भूल जाएं, आपके बैंक से आपका किसी बात पर विवाद हो जाए (जिसमें धोखाधड़ी, एक्स्ट्रा चार्ज, सालाना फीस मिलाना)  और आप इन डिस्प्यूट के चलते कार्ड की पेमेंट ना करें| 
  • 2- ज्यादा क्रेडिट कार्ड/ पर्सनल लोन: जब आप ज्यादा credit card का इस्तेमाल करते हैं, और अधिक से अधिक खर्चे के लिए credit card का इस्तेमाल करते हैं, तो यह मैसेज जाता है कि इस व्यक्ति के पास पूंजी नहीं है| 
  • 3- लाभ उठाने (Leverage): मान लीजिए आपकी लोन की लिमिट 50 लाख रुपए है, और उसमें आप पहले ही 45 लाख रुपए का लोन ले चुके हैं, ऐसी स्थिति में भी आपके सिबिल स्कोर के गिरने की संभावना है| एक कहावत के माध्यम से आप अच्छी तरह समझ जाएंगे “ आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया” 
  • अन्य मामले (Other factors): जब आप बहुत थोड़े से समय में, जरूरत से ज्यादा लोन की इंक्वायरी करने लगते हैं, तब भी आपकी सिबिल स्कोर गिरने की संभावना बन जाती है| इससे यह मैसेज जाता है कि यह व्यक्ति हमेशा लोन लेने की तलाश में लगा रहता है| 
  • संयुक्त रुप से लिया हुआ लोन ( Joint loan)
  1. संयुक्त रूप से लिए हुए लोन की ठीक प्रकार से रीपेमेंट ना करने पर, जितने भी लोग लोन में भागीदार होंगे उन सब का साथ में सिबिल गिरेगा| 
  2. ठीक ऐसे ही यदि आपने कोई ऐडऑन credit card किसी और के लिए भी निकलवा रखा है तो, यदि उस कार्ड की रीपेमेंट टाइम पर नहीं होगी तो, दोनों व्यक्तियों का सिबिल स्कोर गिरेगा| 
  3. यदि आपने किसी की loan guarantee दे रखी है, और वह व्यक्ति टाइम पर लोन की किस्त अदा नहीं कर रहा, तब उसके साथ-साथ आपका भी CIBIL SCORE गिर जाएगा| 
  4. आपकी company ने कोई लोन लिया है और आप उस कंपनी में कंपनी में पार्टनर/ प्रोपराइटर/डायरेक्टर हैं, या आपने किसी प्रकार की loan guarantee ली है| ऐसी स्थिति में आपकी कंपनी द्वारा ठीक ढंग से लोन का भुगतान न करने पर आपका सिबिल स्कोर भी गिरेगा| 
  • गलत जानकारी द्वारा (inaccurate information):  कभी-कभी ऐसा भी हो जाता है कि आपने किसी लोन का भुगतान कर दिया है, और वह अपडेट नहीं हुआ है|  या आपने किसी भुगतान का सेटलमेंट किया है वह अपडेट ना हुआ हो| ऐसी स्थिति में भी आपका सिबिल स्कोर गिर सकता है| 

चलिए! अब अपने मुख्य टॉपिक “सिबिल स्कोर कैसे सुधारें?-How to improve cibil score” के बारे में पढ़ते हैं|

फैक्ट्री अधिनियम के बारे में जानने के लिए यह पोस्ट पढ़ें: फैक्ट्री act 1948 क्या है?

How to improve cibil score?

  1. अपने सभी लोन के बिल/क्रेडिट कार्ड की पूरी पेमेंट समय पर करें
  2. यदि आप भूल जाते हैं तो ऑटो पे का ऑप्शन ऑन कर लें, परंतु इसके लिए आपके बैंक अकाउंट में हमेशा पर्याप्त बैलेंस रहना चाहिए| 
  3. बैंक या किसी भी वित्तीय संस्थान से, यदि आपका कोई विवाद (Dispute) हो जाता है (मंथली चार्ज, एक्स्ट्रा चार्ज, सालाना फीस इत्यादि) तो इसे जितनी जल्दी हो सके सुलझाने की कोशिश करें
  4. आपकी टोटल credit limit में से credit card तथा अन्य personal loan के खर्चे 20% से ज्यादा नहीं होने चाहिए|

मान लीजिए, आपकी इनकम ₹100000 महीना है| यानी कि ₹50000 की होम loan कीEMI या Unsecured आप आराम से पे कर सकते हैं|  ₹50000 का 20% होता है – ₹10000: यानि की आपके credit card की EMI तथा पर्सनल लोन की EMI ₹10000 से अधिक नहीं होनी चाहिए| 

  1. आप को एक साथ बहुत सारे लोन छोटे समय के लिए नहीं लेने चाहिए| 
  2. credit card के अत्यधिक इस्तेमाल से बचना चाहिए| टोटल सैलरी का केवल 30% हिस्सा ही आपको credit card से खर्च करना चाहिए| कई बार लोग reward point के चक्कर में credit card का ही इस्तेमाल करते हैं| 
  3. आपके ईएमआई की टोटल किस्ते मिलाकर, आपकी सैलरी  से 40% कम होनी चाहिए| 
  4. ज्यादा credit card लेने से बचना चाहिए| 
  5. क्रेडिट कार्ड का बिल आने पर उसका पूरा बिल चुका देना चाहिए, मिनिमम पेमेंट देने से बचना चाहिए| 
  6. यदि कभी आप क्रेडिट कार्ड का पूरा बिल चुकाने में असमर्थ है, तो आपको कम से कम मिनिमम ड्यू अमाउंट तो चुका ही देना चाहिए| 
  7. यदि आपके किसी कार्ड की पेमेंट हिस्ट्री बहुत अच्छी है, और आप उस credit card को बंद करना चाहते हैं| ऐसी स्थिति में! मेरी यह सलाह है कि, यदि उस credit card की सालाना फीस नहीं लगती, तब आपको उसे रख लेना चाहिए, चाहे आप उसे इस्तेमाल ना करें| 
  8. आप सिक्योरिटी के अगेंस्ट लोन ले सकते हैं|  इस लोन को आप सही समय पर चुका दीजिए|  सिक्योरिटी के अगेंस्ट लोन से मेरा मतलब एलआईसी पॉलिसी, फिक्स्ड डिपॉजिट इत्यादि से है|  यह डायरेक्ट इंपैक्ट नहीं डालते परंतु इसका संबंध सिबिल स्कोर से अवश्य होता है| इससे भी आपका सिबिल स्कोर सुधारने में मदद मिलती है| 
  9. आप किसी भी प्रकार से किसी के लोन में गारंटर है तो यह ध्यान रखिए कि उस लोन की टाइम पर रीपेमेंट हो रही है या नहीं| 
  10. सिबिल रिपोर्ट हर साल जरूर चेक करनी चाहिए|
  11. इसमें किसी भी तरह की कोई खामी है, इसमें कोई भी खामी है तो आपको इसे ठीक करवाना चाहिए| किसी भी प्रकार के सिबिल कंज्यूमर डिस्प्यूट के लिए आप ऑनलाइन भी निपटारा कर सकते हैं:  इसके लिए आप इस लिंक को क्लिक करें-  सिबिल कंज्यूमर डिस्प्यूट 

इसके लिए CIBIL उधार दाता से संपर्क करेगा, उधार दाता की सहमति के बाद ही cibil (Credit Information Bureau India Limited)  किसी करेक्शन को ठीक करके इसको अपडेट कर सकता है| 

इसके बाद आपको 6 से 8 महीने तक इंतजार करना है क्योंकि credit score improve  होने में इतना समय लगता है| 

यदि आप आयात-निर्यात व्यवसाय करना चाहते हैं तो यह पोस्ट पढ़ें: import-export business कैसे शुरू करें?

फ्री में अपना सिबिल स्कोर कैसे चेक कर सकते हैं?

Step 1: 

आपको गूगल पर टाइप करना है “check cibil score”

Step 2:  

इसके बाद आपको “Free CIBIL Score and Report | CIBIL” पर क्लिक करना है| 

Step 3:  

आपको इसमें अपना एक अकाउंट बनाना है|

इसके लिए आपको Get now yours पर क्लिक करना है, जैसा की फोटो में दिखाया गया है|

CIBIL registration procedure: how to improve cibil score:

Step 4: 

इसके बाद आपको यह सारी डिटेल भरनी है, जो फोटो में दिखाई गई है|

CIBIL account creation detail

Step 6:  

अब आपका अकाउंट CIBIL की साईट में बन चुका है|

आप फिर से लॉगिन करके अपना सिबिल स्कोर फ्री में देख सकते हैं| 

CIBIL Score calculation

क्रेडिट इनफॉरमेशन ब्यूरो इंडिया लिमिटेड (CIBIL) सिबिल स्कोर कैलकुलेशन करने का पूरा फार्मूला कभी नहीं बताती|

लेकिन इन्होंने चार फैक्टर बताए हैं जिनके ऊपर सिबिल स्कोर कैलकुलेट किया जाता है| 

चलिए दोस्तों!  इन चारों फैक्टर के बारे में पढ़ते हैं तथा समझने की कोशिश करते हैं कि इनका क्या महत्व है? तथा इनके द्वारा आप अपना सिबिल स्कोर कैसे बढ़ा सकते हैं? या कैसे मेंटेन रख सकते हैं? 

अब तक आप यह तो जान चुके हैं कि सिबिल स्कोर 300 से 900 के बीच में होता है|  

300 का सिबिल स्कोर बहुत Low माना जाता है तथा 750 से ऊपर का High माना जाता है| 

यानी कि 300 के नीचे स्कोर वाले की बाद बाद में लिया गया लोन न चुका पाने की बहुत अधिक संभावना है, तथा 750 से ऊपर के स्कोर वाले की बाद में लिए गए लोन को ना चुका पाने की बहुत कम संभावना है| 

MSME के बारे में जानने के लिए यह पोस्ट पढ़ें: MSME की सारी जानकारी

सिबिल स्कोर को महत्व देने वाले कारक 

1- पिछला प्रदर्शन (Past performance)

नौकरी, रिश्ता, यहां तक की कोरोना वायरस के काल में पिछले प्रदर्शन के आधार पर स्टूडेंट्स नंबर दिए जा रहे हैं, तो सिबिल स्कोर में पिछला प्रदर्शन का महत्व तो बनता ही है| 

पिछले प्रदर्शन से मेरा अभिप्राय है, आपकी पिछली लेनदेन की स्थिति से है| इस बिंदु का सिबिल स्कोर को नापने में 30% महत्व है| 

भूतकाल में, यदि आपने, अपने लोन की किस्त में, एक भी किश्त में पेनल्टी लगवाई है तो यह आपके प्रजेंट समय में आपके सिबिल स्कोर को कम कर देगा| 

उदाहरण

आप किसी अनजान व्यक्ति को पैसे उधार नहीं दे सकते, परंतु कोई ऐसा व्यक्ति आपको उसकी गारंटी दे या लोन देने के लिए कहे जिसकी साख आपकी नजरों में बहुत अच्छी हो, तो आप तुरंत लोन दे देंगे, क्योंकि आप जानते हैं कि किसी व्यक्ति विशेष ने किसी के बारे में बताया है तो उसने उसे आजमाने के बाद ही बताया होगा| 

ठीक ऐसा ही! सिबिल स्कोर के साथ होता है|  

जैसा कि मैंने पहले बताया कि सारे बैंक जितना भी आपका लोन का लेनदेन होता है उसकी रिपोर्ट सिबिल के साथ साझा करती हैं, इसी के आधार पर आपकी रिपोर्ट तैयार की जाती है| यदि आपने पिछला लोन का भुगतान समय पर किया है, एक लिमिट में रहकर लोन लिया है, या आप हमेशा लोन की तलाश में नहीं रहते तो आपका सिबिल स्कोर अच्छा बन जाएगा| 

2- लाभ उठाने (Leverage)

सिबिल स्कोर कैलकुलेशन में इसका 25% योगदान है|

अब इसके लिए मैंने आपको बताया कि आपकी इनकम है ₹5000000 सालाना| इस पर आप 25 लाख का लोन ले सकते हैं| 

आपने यह लोन तो लिया ही लिया, साथ में क्रेडिट कार्ड के बिल की ईएमआई बनवाली, पर्सनल लोन ले लिए, तो सिबिल क्या समझेगा? यही ना! की इस बंदे के खर्चे ज्यादा हैं, आमदनी कम है| 

कल को यदि, इसकी वित्तीय स्थिति जरा सी भी चरमरा गई तो यह बेचारा डिफॉल्ट कर जाएगा! 

 ऐसी स्थिति का ध्यान करके भी सिबिल स्कोर की कैलकुलेशन की जाती है| 

3- अवधि तथा लोन के प्रकार (Credit mix and duration)

सिबिल स्कोर कैलकुलेशन में इसका महत्व 25% है| इसके लिए सिक्योर्ड लोन तथा अनसिक्योर्ड लोन दोनों का मिक्सचर अच्छा माना जाता है|

एक ही प्रकार का लोन लेना तथा कम समय के लिए लोन लेना भी आपके सिबिल स्कोर की कैलकुलेशन के काम आता है| 

4- अन्य मामले (other matters)

सिबिल स्कोर कैलकुलेशन में इसका 20% योगदान है|  

इसमें इस प्रकार के विषयों को देखा जाता है- जैसे कि: आपने 1 साल में कितनी बार लोन की इंक्वायरी करी, बैंकों द्वारा आपके लोन को कितनी बार रिजेक्ट किया गया,  कितनी बार आपको क्रेडिट कार्ड देने से मना किया गया इत्यादि| 

FAQs: How to improve cibil score

CIBIL फुल फॉर्म क्या है?

Credit Information Bureau (India) Limited

कितने सिबिल स्कोर पर लोन मिलने के चांस ज्यादा होते हैं?

750 या इसके ऊपर लोन मिलने के चांस ज्यादा होते हैं|

भारत की कौन-कौन सी क्रेडिट ब्यूरो कंपनियां हैं?

1- TransUnion Cibil Limited (ट्रांसयूनियन सिबिल लिमिटेड): इसकी स्थापना सन 2000 में की गई 
2. Experian (एक्स्पेरियन): इसकी स्थापना सन 2006 में की गई (इसको लाइसेंस मिला 2010 में )
2. Equifax (इक्विफैक्स): इसकी स्थापना सन 2010 में की गई
4. CRIF Highmark (क्रीफ हाईमार्क): इसकी स्थापना सन 2010 में की गई

सिबिल स्कोर रिपोर्ट में पैन कार्ड आईडी गलत दिखाता है तो क्या करें?

आप CIBIL वेबसाइट पर इसके लिए आवेदन दे सकते हैं: आवेदन देने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें- क्रेडिट सुधार

सिबिल स्कोर देखकर अकाउंट खोला जाता है क्या?

जी नहीं, सिबिल स्कोर देखकर अकाउंट नहीं खोला जाता, बल्कि सिबिल स्कोर देखकर लोन दिया जाता है|

कैसे नकली ऋण को सिबिल स्कोर कैसे हटाए?

इसके लिए आपको आप ऑनलाइन भी निपटारा कर सकते हैं:  इसके लिए आप इस लिंक को क्लिक करें-  सिबिल कंज्यूमर डिस्प्यूट 

मैंने कभी लोन नहीं लिया और ना ही मेरा क्रेडिट कार्ड है तो मेरा सिबिल स्कोर क्या होगा?

आपके सिबिल स्कोर में आपको NA का ऑप्शन दिखाई दे सकता है| इसके लिए चिंता ना करें आप कोई छोटा-मोटा कोई लोन ले लें| इसके बाद कुछ दिनों में आपका सिबिल स्कोर अपडेट हो जाएगा|

आपने क्या सीखा 

दोस्तों इस पोस्ट के माध्यम से आपने सीखा कि आप किस प्रकार अपना सिबिल स्कोर सुधार सकते हैं? (how to improve cibil score), सिबिल स्कोर की कैलकुलेशन कैसे की जाती है?, CIBIL की फुल फॉर्म क्या है? 

इसके साथ ही यह पोस्ट अवश्य देखें:

business loan कैसे मिलेगा?

बिजनेस के लिए website कैसे बनाये?

company agency business कैसे करें?

फाइनेंशियल मार्केट क्या होता है?

दोस्तों उम्मीद करता हूं आपको यह पोस्ट “सिबिल स्कोर क्या है, हम इसे कैसे सुधार सकते हैं? (how to improve cibil score)”  अवश्य ही पसंद आई होगी|

 business से संबंधित इसी प्रकार की नई पोस्ट में फिर मैं मिलूंगा, तब तक के लिए नमस्कार

धन्यवाद|

Previous articleऑनलाइन पैसे कैसे कमाएं? 2021 | How to earn money online in Hindi
Next articleOnline Promotion: फ्री में Business का ऑनलाइन प्रमोशन कैसे करें?
प्यारे दोस्तों, मैं नवीन कुमार एक बिज़नेस ट्रैनर हूँ| अपने इस ब्लॉग के माध्यम से मैं आपको - आयात-निर्यात व्यवसाय (Export-Import Business), व्यापार कानून (Business Laws), बिज़नेस कैसे शुरु करना है?(How to start a business), Business digital marketing, व्यापारिक सहायक उपकरण (Business accessories), Offline Marketing, Business strategy, के बारें में बताऊँगा|| साथ ही साथ मैं आपको Business Motivation भी दूंगा| मेरा सबसे पसंदीदा टॉपिक है- “ग्राहक को कैसे संतुष्ट करें?-How to convince a buyer?" मेरी तमन्ना है की कोई भी बेरोज़गार न रहे!! मेरे पास जो कुछ भी ज्ञान है वह सब मैं आपको बता दूंगा परंतु उसको ग्रहण करना केवल आपके हाथों में है| मेरी ईश्वर से प्रार्थना है की आप सब मित्र खूब तरक्की करें! धन्यवाद !!