ट्रैड, फैक्ट्री लाइसेन्स के विषय में लिया गया बड़ा फैसला! | MSME NEWS

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नई दिल्ली:  दिल्ली के व्यापारियों के लिए एमसीडी ने एक बहुत ही अच्छा फैसला लिया है| इसके अनुसार नॉर्थ एमसीडी ने लोगों के लिए कई तरह के सुधार किए हैं| 

प्रमुख सुधारों में,  दिल्ली के व्यापारियों के लिए ट्रेड, फैक्ट्री तथा हेल्थ लाइसेंस की वैधता की अवधि बढ़ाना है| 

जिन लोगों ने, पहले से ही ट्रेड से संबंधित इस प्रकार के लाइसेंस बनवा रखे हैं, उन्हें अब लाइसेंस को हर साल रिन्यू कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी|

अब यह लाइसेंस 3 साल तक मान्य होंगे| 

इसके अलावा इन लाइसेंस बनवाने के नियमों को भी पहले से काफी सरल बना दिया गया है|

नॉर्थ एमसीडी ने दी यह सुविधा

अब!  एमसीडी की वेबसाइट mcdonline.nic.in पर जाकर 15 से अधिक सेवाओं का ऑनलाइन लाभ उठाया जा सकता है|
लाइसेंस बनवाने के लिए नियमों को भी पहले से काफी सरल बना दिया गया है|

एमसीडी के कमिश्नर ने क्या कहा? 

नॉर्थ एमसीडी कमिश्नर श्री संजय गोयल ने बताया कि व्यापार, फैक्ट्री और स्वास्थ्य लाइसेंस की वैधता एक साल होने के कारण पहले हर साल लाइसेंस को रिन्यू कराने के लिए आवेदन करना पड़ता था| 

उन्होंने यह भी बताया कि अब नॉर्थ एमसीडी ने लोगों को लाइसेंस रिन्यू करवाने के लिए 3 साल तक की अवधि का विकल्प दिया है|

 इससे व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी और उन्हें हर साल रिन्यू कराने के लिए नगर निगम के चक्कर भी नहीं लगाने पड़ेंगे|

 श्री संजय गोयल ने कहा कि लोग नगर निगम की वेबसाइट mcdonline.nic.in पर जाकर अब 15 से भी अधिक सेवाओं का ऑनलाइन लाभ उठा सकते हैं|

एमसीडी के मेयर ने क्या कहा?

नॉर्थ एमसीडी के मेयर श्री राजा इकबाल सिंह ने बताया कि, लोग आवेदन करने के बाद, लाइसेंस स्वीकृत करने में देरी की शिकायत करते थे| 

इन नए सुधारों के अनुसार यदि एक निर्धारित समय सीमा के भीतर नागरिक के आवेदन पर निर्णय नहीं लिया जाता है तो, उनका आवेदन ऑनलाइन सिस्टम पर स्वचालित (automatically) रूप से स्वीकृत हो जाएगा| 

साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि इन सुधारों के अंतर्गत निगम ने लाइसेंस की कॉपी को खत्म करने का निर्णय भी किया है|

नॉर्थ एमसीडी ने हाल ही में फोन के जरिए संपत्ति कर का भुगतान करने के लिए भी एक ऐप लॉन्च किया है| 

एमएसएमई पर मोदी सरकार का एलान 03/07/2021

मोदी सरकार ने किया बड़ा ऐलान, अब! खुदरा और थोक व्‍यापारियों को मिलेगा MSME का दर्जा

मोदी सरकार के इस फैसले से  करीब  2.5 करोड़ से अधिक व्यापारियों को इसका लाभ मिलेगा। 

साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मोदी सरकार एमएसएमई को देश के इकोनॉमिक ग्रोथ का इंजन बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

एमएसएमई के बारे में अधिक जानने के लिए यह  पोस्ट पढ़ें: MSME की सारी जानकारी

नई दिल्‍ली: कोरोना वायरस महामारी की वजह से देश के थोक और खुदरा व्‍यापारियों को हुए नुकसान से उबारने के लिए केंद्र सरकार ने शुक्रवार को एक बड़ा ऐलान किया। 

केंद्र सरकार ने अब! देश के खुदरा और थोक व्‍यापारियों को भी MSME (सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम) में शामिल करने का फैसला किया है। 

एमएसएमई मंत्री श्री नितिन गडकरी ने कहा कि कोविड-19 की दूसरी लहर के कारण आई दिक़्क़तों से खुदरा और थोक व्यापारियों पर पड़े असर को ध्यान में रखते हुए अब! इन्हे MSME के दायरे में लाने का फ़ैसला किया गया है।

गडकरी जी ने यह भी कहा कि प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग के अंतर्गत इस सेक्टर को लाकर आर्थिक सहायता पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। 

अब! खुदरा और थोक व्यापारी भी अपने उद्यम का रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे। इससे उन्‍हें आरबीआई के दिशा-निर्देशों के तहत बैंकों से प्राथमिक क्षेत्र से सस्‍ता ऋण मिलना सुनिश्चित हो जाएगा।

सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्रालय ने थोक और खुदरा व्‍यापार को एमएसएमई में शामिल करने के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। 

सरकार के इस फैसले से लगभग 2.5 करोड़ से अधिक व्यापारियों को इसका लाभ मिलेगा। उन्‍होंने कहा कि मोदी सरकार MSME को देश के इकोनॉमिक ग्रोथ का इंजन बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

खुदरा तथा थोक व्यापार को सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उपक्रमों के दायरे में लाने के सरकार के फैसले को उद्योग संगठनों ने ‘ऐतिहासिक’ करार दिया है। 

उनका कहना है कि इससे खुदरा और थोक व्यापार को भी बैंकों तथा वित्तीय संस्थानों द्वारा प्राथमिकता प्राप्त श्रेणी में ऋण उपलब्ध हो सकेगा। 

उद्योग संगठनों ने इसे ऐतिहासिक फैसला बताते हुए कहा कि इससे महामारी की वजह से मुश्किलों का सामना कर रहे कारोबारी क्षेत्र को बड़ी राहत मिलेगी।

रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (RAI) ने कहा कि इससे खुदरा सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उपक्रमों (एमएसएमई) को अपने पुनरुद्धार, बचाव तथा आगे बढ़ने के लिए जरूरी समर्थन मिल सकेगा। 

RAI के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) श्री कुमार राजगोपालन ने कहा कि इस ऐतिहासिक फैसले का क्षेत्र पर संरचनात्मक असर पड़ेगा। इससे इस क्षेत्र को बेहतर वित्त विकल्प उपलब्ध हो सकेंगे, जिससे यह संगठित हो सकेगा।

कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAT) ने कहा कि इस फैसले के बाद व्यापारी एमएसएमई की श्रेणी में आएंगे और उन्हें बैंकों तथा वित्तीय संस्थानों से प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र के तहत कर्ज जुटाने में मदद मिलेगी। 

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी सी भरतिया तथा महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि इसके अलावा व्यापारियों को विभिन्न अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ मिल सकेंगे, जो एमएसएमई श्रेणी को मिलते रहे हैं। 

साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इससे महामारी से प्रभावित व्यापारी बैंकों से आवश्यक धन जुटाकर अपने कारोबार को बहाल कर सकेंगे।

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