एग्रीगेटर बिजनेस मॉडल क्या होता है? | Aggregator meaning in Hindi

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दोस्तों इस पोस्ट में हम जानेंगे एग्रीगेटर बिजनेस मॉडल क्या होता है? तथा Aggregator Hindi meaning क्या होता है?

 यदि आप बिज़नेस के क्षेत्र में अधिक से अधिक जानना चाहते हैं तो, आपको यह पोस्ट पूरा पढ़ना चाहिए| 

एग्रीगेटर का हिंदी में क्या अर्थ होता है?

आइए! सबसे पहले हम एग्रीगेटर का हिंदी में अर्थ जानते हैं|

Aggregator meaning in hindi: “समूहक, एग्रीगेटर”

एग्रीगेटर बिजनेस मॉडल क्या होता है? (What is aggregator business model)

जब भी हम “एग्रीगेटर बिजनेस मॉडल” शब्द को सुनते हैं तो हमारे दिमाग में एक ही सवाल आता है कि आखिर ये “aggregator business model” क्या होता है?

तो दोस्तों,  इसे अच्छी तरह समझाने के लिए मैं कुछ बिजनेस एग्रीगेटर मॉडल के उदाहरण देता हूं|

जो भी कंपनियां Aggregator business model को इस्तेमाल करती है उन्हें एग्रीगेटर कहा जाता है|

जैसे कि उबर एक कैब एग्रीगेटर है, ओयो एक होटल रूम एग्रीगेटर है, मेक माय ट्रिप ट्रैवल एग्रीगेटर है| इस तरह के बहुत सारे उदाहरण मौजूद है|

एग्रीगेटर्स या वह बिजनेस कंपनियां एग्रीगेट बिजनेस मॉडल को इस्तेमाल करती हैं|

इसमें उनका लक्ष्य रहता है कि वह आबादी वाला असंगठित क्षेत्र को टारगेट करती है| 

जैसे की: पहले टैक्सी के क्षेत्र में बहुत मांग थी इसके साथ ही यह क्षेत्र असंगठित भी था| 

बहुत से लोग कैब तथा टैक्सी जैसे यातायात के साधनों का इस्तेमाल करते थे| पर कोई एक कंपनी या कोई एक ऐसा बिजनेस नहीं था जो इस सर्विस को प्रोवाइड करता था|

अलग-अलग टैक्सी ड्राइवर इस सर्विस को उपलब्ध करवाते थे| यानी कि इस क्षेत्र में किसी एक कंपनी या एक बिजनेस का नियंत्रण नहीं था| 

फिर UBER ने वर्ल्ड वाइड इस सर्विस को अपने ब्रांड नेम के साथ उपलब्ध करवाया|

अब के मौजूदा समय में यदि किसी को भी कैब चाहिए होती है तो वह ओला या  उबर जैसे एप के द्वारा आसानी से कैब मंगवा सकता है| 

आपने ऊपर एग्रीगेटर का हिंदी मीनिंग भी पढ़ा था| Aggregator के Hindi meaning ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे किसी समूह की बात हो रही हो!

एग्रीगेटर बिजनेस मॉडल की परिभाषा: “एग्रीगेटर ऐसा बिजनेस या ऐसी कंपनियां होती है जो किसी घनी आबादी वाले असंगठित क्षेत्र को संगठित (organized) करती है|” 

Aggregator business model कैसे काम करता है?

aggregator business model working chart image
Aggregator business model

अब आपके दिमाग में यह सवाल आ रहा होगा कि आखिर “एग्रीगेटर बिजनेस मॉडल कैसे काम करता है?” 

जितनी भी कंपनियां aggregator business model को अपनाती हैं वह खुद कोई भी सर्विस उपलब्ध नहीं करवाती हैं बल्कि सर्विस प्रोवाइडर और ग्राहक के बीच में एक पुल का काम करती हैं| या  सर्विस प्रोवाइडर और कस्टमर्स को अपने प्लेटफार्म द्वारा जोड़ती हैं| 

जिन ग्राहकों को सर्विस चाहिए होती है वह aggregator कंपनी के प्लेटफार्म को इस्तेमाल करके सर्विस लेती हैं| 

चलिए!  इसे आसानी से समझने के लिए ओला बिजनेस मॉडल का सहारा लेते हैं|

Taxi aggregator business model

दोस्तों, Ola को कौन नहीं जानता! 

आज, ओला के द्वारा हम आसानी से एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए टैक्सी ले सकते हैं| जबकि वास्तविकता में ओला के पास अपनी कोई कार नहीं थी| 

ओला ने अलग-अलग टैक्सी ड्राइवर के साथ टाईअप किया की यदि वह टैक्सी ड्राइवर ओला के साथ टाईअप करते हैं तो उन्हें ज्यादा कस्टमर्स मिलेंगे जिससे कि वह ज्यादा आमदनी कर सकेंगे|

साथ ही उसने इन ड्राइवर के साथ यह एग्रीमेंट भी किया कि “वह उन टैक्सी ड्राइवर्स को कस्टमर देगा बदले में कुछ कमीशन लेगा|”

जाने की एग्रीगेटर कोई भी सर्विस खुद प्रोवाइड नहीं करते|

बल्कि वह तो अलग-अलग सर्विस प्रोवाइडर्स के साथ में जोड़कर उन्हें एक ऐसा स्थान मुहैया कराते हैं जहां पर उन्हें आसानी से ग्राहक मिल सके| 

इसके लिए ओला ने यह भी ध्यान दिया कि उसकी सर्विस के प्राइस को यूनिफॉर्म किया| 

यानी कि ऐसा नहीं कि ग्राहक को कहीं दूसरी जगह वह सर्विस कम दाम पर मिल रही हो| 

इस सर्विस को लोगों ने हाथों-हाथ लिया|  इसमें बहुत तेजी से बूम आया जब Jio ने मोबाइल नेटवर्क के क्षेत्र में कदम रखा|

इससे इंटरनेट की पहुंच बहुत लोगों तक बढ़ गई|

अब! इसका फायदा निश्चित ही ओला को बहुत ज्यादा मिला| लोगों ने बहुत अधिक संख्या में ओला के ऐप को डाउनलोड किया| 

इसके बहुत से कारण थे जिसमें एक कारण यह था कि उन्हें अपने घर बैठे ही एक क्लिक में कैब बुक हो जाती है साथ ही उन्हें कोई मोल-भाव नहीं करना पड़ता है| 

Aggregator business कैसे शुरु कर सकते हैं? 

मैं यह तो नहीं कहूंगा कि आप एग्रीगेटर बिजनेस बहुत आसानी से शुरू कर सकते हैं| 

क्योंकि मेरा ऐसा मानना है कि इसमें हो सकता है कि धन कम लगे परंतु इसमें प्लानिंग में बहुत मेहनत लगेगी|

  • सबसे पहले आपको कोई ऐसा क्षेत्र चुन लेना चाहिए जिसमें जनसंख्या अधिक हो तथा वह बिजनेस संगठित ना हो|
  • इसके बाद रिसर्च करनी है कि चुने गए क्षेत्र में कितने कस्टमर्स हैं? उस क्षेत्र की डिमांड क्या है?, 
  • रिसर्च करने के बाद आपको उस क्षेत्र के सर्विस प्रोवाइडर्स के पास जाना है और उनको अपना प्रपोजल देना है| 
  • प्रपोजल में उन्हें आपको बताना है कि किस प्रकार उन्हें फायदा होगा?, साथ ही आपको यह भी बताना है कि “वह आपके इस बिजनेस में पार्टनर होंगे ना कि एंपलाई|” 
  • जब सर्विस प्रोवाइडर आपकी एग्रीगेटर बिजनेस कंपनी के साथ जुड़ने के लिए तैयार हो जाए तब आपको उनसे एक कॉन्टैक्ट फॉर्म साइन करवाना है| इस कॉन्टैक्ट फॉर्म में तय नियम एवं शर्तें दी गई होंगी|
  • सर्विस प्रोवाइडर के कॉन्ट्रैक्ट फॉर्म साइन करने के बाद सर्विस प्रोवाइडर एग्रीगेटर कंपनी का पार्टनर बन जाता है|
  • अब एग्रीगेटर अच्छी तरह अपनी ब्रांडिंग तथा एडवर्टाइजमेंट  करनी चाहिए| 
  • इसके बाद अलग-अलग बिजनेस स्ट्रेटजी का इस्तेमाल करके आप अधिक से अधिक कस्टमर्स को आकर्षित करना है| 

निचोड़/सार 

एग्रीगेटर बिजनेस मॉडल में एक ब्रांड तथा प्लेटफार्म तैयार करते हैं|

इस प्लेटफार्म की मदद से कस्टमर्स तथा सर्विस प्रोवाइडर को आपस में जोड़ा जाता है| 

सर्विस प्रोवाइडर को ग्राहक देने के बदले में कुछ कमीशन लिया जाता है| 

यह win-win सिचुएशन की तरह है| यानी कि एग्रीगेट बिजनेस मॉडल में सबका फायदा होता है| 

निष्कर्ष 

अभी भी बहुत सारे क्षेत्र ऐसे बचे हुए हैं जहां पर एग्रीगेटर बिजनेस मॉडल बिल्कुल फिट बैठता है| 

बस आपको वह क्षेत्र खोजने हैं| इसके लिए आपको थोड़ी सी रिसर्च करनी पड़ेगी कि ऐसी कौन कौन सी सर्विस है जो संगठित होनी चाहिए 

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धन्यवाद

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